पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस शनिवार को हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद पहुंचे। राज्यपाल हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार से भी मिले। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को फोन नंबर उपलब्ध कराया गया है, जिससे लोग मुझसे सीधे बात करने के लिए स्वतंत्र महसूस करें। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की टीम भी मुर्शिदाबाद पहुंची। NCW की अध्यक्ष विजया रहाटकर गुरुवार को कोलकाता पहुंची थीं। 11 अप्रैल को हुई हिंसा के दौरान मारे गए बाप-बेटे के परिवार से मिलने के बाद, विजया रहाटकर ने कहा था, ‘ये लोग इतने दर्द में हैं कि मैं अभी बोल नहीं पा रही हूं। मेरे पास उनके दर्द को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं।’ वहीं, पश्चिम बंगाल BJP विधायक अग्निमित्र पॉल ने कहा- मुर्शिदाबाद में जो हुआ वह आंखें खोलने वाला था। जिहादी सनातनी लोगों के घर, दुकानें और मंदिर जला रहे हैं। क्या यह सीरिया, अफगानिस्तान या पाकिस्तान है? पॉल ने जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी की मांग की। उन्होंने कहा- लोगों को पता होना चाहिए कि वास्तव में क्या हुआ था और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इसमें क्या भूमिका थी। NCW के मुर्शिदाबाद दौरे की तस्वीरें… ममता ने राज्यपाल से दौरा स्थगित करने का अनुरोध किया था 17 अप्रैल को CM ममता बनर्जी ने राज्यपाल से दौरा स्थगित करने का अनुरोध किया था। ममता ने कहा- ‘मैं गैर-स्थानीय लोगों से अनुरोध करूंगी कि वे अभी मुर्शिदाबाद का दौरा न करें। राज्यपाल से कुछ और दिन प्रतीक्षा करने की अपील करूंगी।’ उधर, विश्व हिंदू परिषद (VHP) हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रही है। VHP कार्यकर्ता शनिवार को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करेंगे। VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि देश भर के हर जिला मुख्यालय में जिलाधिकारियों को ज्ञापन देकर मांग करेंगे कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार करे। ममता सरकार ने कहा- सब नियंत्रण में हैं 17 अप्रैल को जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस राजा बसु चौधरी की बेंच नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई की। केंद्र की ओर से पेश हुए वकील ने संवेदनशीलता को देखते हुए मुर्शिदाबाद में CAPF (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) की तैनाती बढ़ाने की मांग रखी थी। वहीं, ममता सरकार ने एक रिपोर्ट पेश की। इसमें ममता सरकार ने दावा किया कि हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद जिले में स्थिति अब नियंत्रण में हैं। कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अन्य सभी पक्षों को चेतावनी दी कि कोई भी भड़काऊ बयानबाजी न करे। कोर्ट ने कहा, “कृपया कोई भी भड़काऊ भाषण न दें। यह निर्देश सिर्फ किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए है।” 16 अप्रैल को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इमामों की बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा- मुर्शिदाबाद में हुआ दंगा प्री प्लांड था। इसमें भाजपा, BSF और सेंट्रल एजेंसीज की मिलीभगत थी। बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश में बुलाकर ये दंगे करवाए गए। मुर्शिदाबाद हिंसा कार्टूनिस्ट मंसूर नकवी के नजरिए से… हिंसा में बांग्लादेशी कनेक्शन वक्फ कानून के विरोध के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा में बांग्लादेशी कनेक्शन सामने आया। न्यूज एजेंसी PTI ने बताया कि मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में बांग्लादेशी कट्टरपंथी शामिल थे, जिन्हें एक राजनीतिक दल के स्थानीय नेताओं की मदद मिली थी। बांग्लादेश के दो कट्टरपंथी संगठन- जमात-उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के सदस्यों ने इसे अंजाम दिया था। पश्चिम बंगाल के अलावा दूसरे राज्यों में भी हिंसा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का ऐलान, 87 दिन चलेगा प्रदर्शन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के ‘वक्फ बचाव अभियान’ का पहला फेज 11 अप्रैल से शुरू होकर 7 जुलाई यानी 87 दिन तक चलेगा। इसमें वक्फ कानून के विरोध में 1 करोड़ हस्ताक्षर कराए जाएंगे, जो PM मोदी को भेजे जाएंगे। इसके बाद अगले फेज की रणनीति तय की जाएगी। ————————————– बंगाल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मिथुन बोले- ममता बनर्जी बंगाली हिंदुओं के लिए खतरा: उन्होंने सांप्रदायिक तनाव बढ़ाया; CM ने कहा था- मुर्शिदाबाद हिंसा भाजपा-BSF की मिलीभगत पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून हिंसा विवाद के बीच भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने कहा- ममता बनर्जी बंगाली हिंदुओं के लिए खतरा बन चुकी हैं। बंगाली हिंदू बेघर हैं, राहत शिविरों में खिचड़ी खाने को मजबूर हैं। उनका क्या दोष है। साथ ही उन्होंने कहा- राज्य में भाजपा नहीं, ममता बनर्जी ने सांप्रदायिक तनाव बढ़ाया है। वो समुदायों के बीच अशांति पैदा कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस शनिवार को हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद पहुंचे। राज्यपाल हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार से भी मिले। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को फोन नंबर उपलब्ध कराया गया है, जिससे लोग मुझसे सीधे बात करने के लिए स्वतंत्र महसूस करें। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की टीम भी मुर्शिदाबाद पहुंची। NCW की अध्यक्ष विजया रहाटकर गुरुवार को कोलकाता पहुंची थीं। 11 अप्रैल को हुई हिंसा के दौरान मारे गए बाप-बेटे के परिवार से मिलने के बाद, विजया रहाटकर ने कहा था, ‘ये लोग इतने दर्द में हैं कि मैं अभी बोल नहीं पा रही हूं। मेरे पास उनके दर्द को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं।’ वहीं, पश्चिम बंगाल BJP विधायक अग्निमित्र पॉल ने कहा- मुर्शिदाबाद में जो हुआ वह आंखें खोलने वाला था। जिहादी सनातनी लोगों के घर, दुकानें और मंदिर जला रहे हैं। क्या यह सीरिया, अफगानिस्तान या पाकिस्तान है? पॉल ने जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी की मांग की। उन्होंने कहा- लोगों को पता होना चाहिए कि वास्तव में क्या हुआ था और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इसमें क्या भूमिका थी। NCW के मुर्शिदाबाद दौरे की तस्वीरें… ममता ने राज्यपाल से दौरा स्थगित करने का अनुरोध किया था 17 अप्रैल को CM ममता बनर्जी ने राज्यपाल से दौरा स्थगित करने का अनुरोध किया था। ममता ने कहा- ‘मैं गैर-स्थानीय लोगों से अनुरोध करूंगी कि वे अभी मुर्शिदाबाद का दौरा न करें। राज्यपाल से कुछ और दिन प्रतीक्षा करने की अपील करूंगी।’ उधर, विश्व हिंदू परिषद (VHP) हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रही है। VHP कार्यकर्ता शनिवार को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करेंगे। VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि देश भर के हर जिला मुख्यालय में जिलाधिकारियों को ज्ञापन देकर मांग करेंगे कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार करे। ममता सरकार ने कहा- सब नियंत्रण में हैं 17 अप्रैल को जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस राजा बसु चौधरी की बेंच नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई की। केंद्र की ओर से पेश हुए वकील ने संवेदनशीलता को देखते हुए मुर्शिदाबाद में CAPF (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) की तैनाती बढ़ाने की मांग रखी थी। वहीं, ममता सरकार ने एक रिपोर्ट पेश की। इसमें ममता सरकार ने दावा किया कि हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद जिले में स्थिति अब नियंत्रण में हैं। कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अन्य सभी पक्षों को चेतावनी दी कि कोई भी भड़काऊ बयानबाजी न करे। कोर्ट ने कहा, “कृपया कोई भी भड़काऊ भाषण न दें। यह निर्देश सिर्फ किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए है।” 16 अप्रैल को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इमामों की बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा- मुर्शिदाबाद में हुआ दंगा प्री प्लांड था। इसमें भाजपा, BSF और सेंट्रल एजेंसीज की मिलीभगत थी। बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश में बुलाकर ये दंगे करवाए गए। मुर्शिदाबाद हिंसा कार्टूनिस्ट मंसूर नकवी के नजरिए से… हिंसा में बांग्लादेशी कनेक्शन वक्फ कानून के विरोध के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा में बांग्लादेशी कनेक्शन सामने आया। न्यूज एजेंसी PTI ने बताया कि मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में बांग्लादेशी कट्टरपंथी शामिल थे, जिन्हें एक राजनीतिक दल के स्थानीय नेताओं की मदद मिली थी। बांग्लादेश के दो कट्टरपंथी संगठन- जमात-उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के सदस्यों ने इसे अंजाम दिया था। पश्चिम बंगाल के अलावा दूसरे राज्यों में भी हिंसा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का ऐलान, 87 दिन चलेगा प्रदर्शन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के ‘वक्फ बचाव अभियान’ का पहला फेज 11 अप्रैल से शुरू होकर 7 जुलाई यानी 87 दिन तक चलेगा। इसमें वक्फ कानून के विरोध में 1 करोड़ हस्ताक्षर कराए जाएंगे, जो PM मोदी को भेजे जाएंगे। इसके बाद अगले फेज की रणनीति तय की जाएगी। ————————————– बंगाल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मिथुन बोले- ममता बनर्जी बंगाली हिंदुओं के लिए खतरा: उन्होंने सांप्रदायिक तनाव बढ़ाया; CM ने कहा था- मुर्शिदाबाद हिंसा भाजपा-BSF की मिलीभगत पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून हिंसा विवाद के बीच भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने कहा- ममता बनर्जी बंगाली हिंदुओं के लिए खतरा बन चुकी हैं। बंगाली हिंदू बेघर हैं, राहत शिविरों में खिचड़ी खाने को मजबूर हैं। उनका क्या दोष है। साथ ही उन्होंने कहा- राज्य में भाजपा नहीं, ममता बनर्जी ने सांप्रदायिक तनाव बढ़ाया है। वो समुदायों के बीच अशांति पैदा कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…