नाबालिग लड़कियों को नशीला पदार्थ देकर बंधक बनाना, उन्हें पीट-पीटकर जानवरों जैसा व्यवहार करना और फिर उनकी शक्ल-सूरत देखकर 2.5 लाख रुपए तक में सौदा कर देना। यह है जयपुर के एक फार्महाउस में चल रहे मानव तस्करी रैकेट की कहानी। जहां एनजीओ की आड़ में मासूम जिंदगियों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी। इस काले कारोबार का भंडाफोड़ तब हुआ जब कानपुर (यूपी) की एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने हिम्मत दिखाई। मौका पाकर वह फार्महाउस से भागने में कामयाब रही। मंगलवार (8 अप्रैल) को बस्सी थाना पुलिस ने छापा मारा तो वहां एक महिला सलमा (40) बदहाल हालत में मिली, जिसे एक साल से बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस ने मास्टरमाइंड गायत्री विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है। उसकी गैंग बच्चियों को किडनैप कर जयपुर लाते थे। गायत्री फर्जी दस्तावेज बनवाकर जबरन शादियां करवाती थीं। जो लड़कियां किसी कारण से रिजेक्ट हो जातीं, उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। आसपास रहने वाले लोग गायत्री को बेसहारा महिलाओं की मसीहा मानते थे। फार्महाउस में अक्सर शादी-ब्याह के कार्यक्रम होते रहते थे। लोग इसे धर्म का काम समझते थे, लेकिन पर्दे के पीछे मासूम जिंदगियों की तस्करी का खेल चल रहा था। गैंग कैसे बच्चियों को जयपुर लाकर उनकी सौदेबाजी करती थी? पढ़िए भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में… 20 हजार की नौकरी के लालच में जयपुर पहुंची, 1 साल से थी बंधक सलमा (40) कोलकाता में बस स्टॉप और रेलवे स्टेशन पर भीख मांगती थी। बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए वो नौकरी तलाश रही थी। बीते साल अप्रैल-मई में ही वो गैंग के संपर्क में आई। गैंग ने उसे जयपुर में 20,000 महीने की नौकरी, रहना-खाना फ्री का लालच दिया। झांसे में आई सलमा ने तुरंत हां कह दी। गैंग के गुर्गे उसे जयपुर की गायत्री विश्वकर्मा के पास सुजानपुरा स्थित उसके फार्म हाउस पर छोड़ गए। विरोध करने पर खूब पीटा गया। कमरे में बंद कर दिया। गायत्री ने कई बार उसका सौदा कराने की कोशिश की। लेकिन रंग सांवला और उम्र ज्यादा होने के कारण किसी ने उसे पसंद नहीं किया। ऐसे में गायत्री ने उसे बंधक बनाकर रखना शुरू कर दिया। 8 अप्रैल को पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसकी हालत देखकर हैरान रह गई। मैले कुचले कपड़ों में सलमा ठीक से बात भी नहीं कर पा रही थी। उसका वजन घटकर 35 किलो रह गया था। बस्सी थानाधिकारी अभिजीत पाटिल ने बताया कि वह बार-बार यही बोल रही थी- आप मेरे बाबू (बेटे) जैसे दिखते हो, मुझे ट्रेन में बिठाकर कोलकाता छोड़ दो, मेरे बच्चे अकेले हैं, मैंने उन्हें साल भर से देखा नहीं है। दोस्ती कर किया सौदा, दो बार लगी बोली गायत्री के इस पूरे खेल का पर्दाफाश कानपुर उत्तर प्रदेश से किडनैप कर लाई गई नाबालिग (16) की हिम्मत से हो पाया। नाबालिग के पिता को शराब की लत थी। घर में रोज मारपीट करता था। इसी दौरान उसका संपर्क गैंग के सौरभ और सुमन से हुआ। दोनों ने उसे बहलाना-फुसलाना शुरू कर दिया। दोस्त बनाकर उसे गिफ्ट दिए। मार्च में सौरभ ने उसे शॉपिंग कराने का लालच दिया। झांसे में आई नाबालिग उसके साथ चली गई। इस दौरान सौरभ ने उसे नशीला पदार्थ खिलाया। जब आंख खुली तो वह घर से 500 किलोमीटर दूर जयपुर में सुजानपुरा में उसी फार्म हाउस में कैद थी जहां सलमा बीते एक साल से प्रताड़ना झेल रही थी। सौरभ और सुमन ने उसे 1.30 लाख रुपए लेकर गायत्री को बेच दिया था। गायत्री ने उसका फर्जी आधार कार्ड तैयार किया। करीब 16-17 दिन पहले 2.50 लाख रुपए में सौदा कर जबरन शादी करवा दी। लेकिन कुछ दिन बाद ही शादी करने वाला परिवार उसे वापिस बदहाल हालत में गायत्री के पास छोड़ गया। गायत्री उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बेसुध रखती थी। 6 अप्रैल को फिर से डील होनी थी। लेकिन इस दौरान नाबालिग होश में थी। उसने विरोध किया। गायत्री के पास एक साल से बंधक बनी सलमा ने विरोध में उस नाबालिग का साथ दिया। इस बीच मौका पाकर नाबालिग वहां से भाग निकली। गांव की बलराम गोशाला पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ। पकड़े न जाए इसलिए एक दो दिन में ही बेच देते गायत्री ने पुलिस के सामने कबूल किया है कि वह पिछले 7-8 सालों में 1500 से ज्यादा लड़कियों का सौदा कर चुकी है। उसकी गैंग यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में नेटवर्क है। गायत्री ने पूछताछ में बताया कि वह किडनैप कर लाई लड़कियों को एक-दो दिन से ज्यादा नहीं रखती थी। तुरंत 2-2.5 लाख में बेच देती थी। कोई विरोध नहीं करे इसलिए अपने फार्महाउस पर ही बंधक बनाकर नशे में रखती थी। शिकायतों के बाद बदला अड्डा गायत्री पहले कानोता थाना क्षेत्र में जबरन शादियां कराने का काम करती थी। लेकिन कुछ सौदेबाजी में विवाद होने पर मामला थाने तक पहुंच गया था। जिसके बाद उसने बस्सी थाना क्षेत्र में दुधली-सुजानपुरा रोड पर 600 वर्ग गज का फार्म हाउस अपना ठिकाना बनाया था। गांव वाले बोले- हम तो समझते थे धर्म का काम हो रहा गायत्री ने अपने नाम से ही एक गायत्री सर्व समाज फाउंडेशन बना रखा था। उसके बारे में जब हमने गांव वालों से बात की तो उन्होंने बताया कि उस फार्म हाउस में अक्सर शादी-ब्याह के कार्यक्रम होते रहते थे। हम लोग इसे धर्म का काम समझते थे कि चलो किसी का घर ही बस रहा है। सभी लड़कियां बाहर राज्यों की होती थी। अक्सर फार्म हाउस पर गाड़ियां और लोग नजर आते थे। कितनी बार शादी के बैंड-बाजे गांव के अंदर से ही निकलते थे। एनजीओ की आड़ में ये औरत इतना शर्मनाक काम कर रही है, इसकी किसी को भी भनक नहीं थी किराए पर लिया फार्म हाउस जब भास्कर टीम उस फार्म हाउस पर पहुंची तो मैन गेट पर अंदर से ताला जड़ा हुआ था। गेट के बाहर गायत्री के फाउंडेशन का पोस्टर चस्पा था जिस पर सर्व समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन की जानकारी दी हुई थी। दिए गए नंबर पर कॉल करने पर नंबर बंद आ रहे थे। आवाज लगाई तो केयरटेकर गीता निकलकर बाहर आई। जब हमने पूछा कि यहां क्या-क्या एक्टिविटी होती थी, तो बोली- हमें नहीं मालूम। हम तो केवल यहां घर का कामकाज संभालते हैं। बस्सी थानाधिकारी अभिजीत पाटिल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय दंड संहिता की POCSO, अपहरण और मानव तस्करी समेत कई गंभीर धाराएं लगी हैं। नाबालिग के परिजनों ने उत्तर प्रदेश में अपने थाना क्षेत्र में किडनैपिंग की रिपोर्ट लिखाई थी, इसलिए प्राथमिक पूछताछ वहीं से की जा रही है। पुलिस गिरोह की गतिविधियों की जांच कर रही है। —– लड़कियों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी ये खबर पढ़िए… जयपुर में NGO ने 2.50 लाख में बच्ची को बेचा:नशे की डोज देकर लड़कियों की कराते थे शादी; फेसबुक से करते थे संपर्क, चार गिरफ्तार जयपुर के NGO में नाबालिग लड़कियों को बेच रहा था। आरोपी फेसबुक के जरिए नाबालिग लड़कियों के परिवारों को शादी का झांसा देकर फंसाते थे। पूरी खबर पढ़िए…
नाबालिग लड़कियों को नशीला पदार्थ देकर बंधक बनाना, उन्हें पीट-पीटकर जानवरों जैसा व्यवहार करना और फिर उनकी शक्ल-सूरत देखकर 2.5 लाख रुपए तक में सौदा कर देना। यह है जयपुर के एक फार्महाउस में चल रहे मानव तस्करी रैकेट की कहानी। जहां एनजीओ की आड़ में मासूम जिंदगियों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी। इस काले कारोबार का भंडाफोड़ तब हुआ जब कानपुर (यूपी) की एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने हिम्मत दिखाई। मौका पाकर वह फार्महाउस से भागने में कामयाब रही। मंगलवार (8 अप्रैल) को बस्सी थाना पुलिस ने छापा मारा तो वहां एक महिला सलमा (40) बदहाल हालत में मिली, जिसे एक साल से बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस ने मास्टरमाइंड गायत्री विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है। उसकी गैंग बच्चियों को किडनैप कर जयपुर लाते थे। गायत्री फर्जी दस्तावेज बनवाकर जबरन शादियां करवाती थीं। जो लड़कियां किसी कारण से रिजेक्ट हो जातीं, उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। आसपास रहने वाले लोग गायत्री को बेसहारा महिलाओं की मसीहा मानते थे। फार्महाउस में अक्सर शादी-ब्याह के कार्यक्रम होते रहते थे। लोग इसे धर्म का काम समझते थे, लेकिन पर्दे के पीछे मासूम जिंदगियों की तस्करी का खेल चल रहा था। गैंग कैसे बच्चियों को जयपुर लाकर उनकी सौदेबाजी करती थी? पढ़िए भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में… 20 हजार की नौकरी के लालच में जयपुर पहुंची, 1 साल से थी बंधक सलमा (40) कोलकाता में बस स्टॉप और रेलवे स्टेशन पर भीख मांगती थी। बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए वो नौकरी तलाश रही थी। बीते साल अप्रैल-मई में ही वो गैंग के संपर्क में आई। गैंग ने उसे जयपुर में 20,000 महीने की नौकरी, रहना-खाना फ्री का लालच दिया। झांसे में आई सलमा ने तुरंत हां कह दी। गैंग के गुर्गे उसे जयपुर की गायत्री विश्वकर्मा के पास सुजानपुरा स्थित उसके फार्म हाउस पर छोड़ गए। विरोध करने पर खूब पीटा गया। कमरे में बंद कर दिया। गायत्री ने कई बार उसका सौदा कराने की कोशिश की। लेकिन रंग सांवला और उम्र ज्यादा होने के कारण किसी ने उसे पसंद नहीं किया। ऐसे में गायत्री ने उसे बंधक बनाकर रखना शुरू कर दिया। 8 अप्रैल को पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसकी हालत देखकर हैरान रह गई। मैले कुचले कपड़ों में सलमा ठीक से बात भी नहीं कर पा रही थी। उसका वजन घटकर 35 किलो रह गया था। बस्सी थानाधिकारी अभिजीत पाटिल ने बताया कि वह बार-बार यही बोल रही थी- आप मेरे बाबू (बेटे) जैसे दिखते हो, मुझे ट्रेन में बिठाकर कोलकाता छोड़ दो, मेरे बच्चे अकेले हैं, मैंने उन्हें साल भर से देखा नहीं है। दोस्ती कर किया सौदा, दो बार लगी बोली गायत्री के इस पूरे खेल का पर्दाफाश कानपुर उत्तर प्रदेश से किडनैप कर लाई गई नाबालिग (16) की हिम्मत से हो पाया। नाबालिग के पिता को शराब की लत थी। घर में रोज मारपीट करता था। इसी दौरान उसका संपर्क गैंग के सौरभ और सुमन से हुआ। दोनों ने उसे बहलाना-फुसलाना शुरू कर दिया। दोस्त बनाकर उसे गिफ्ट दिए। मार्च में सौरभ ने उसे शॉपिंग कराने का लालच दिया। झांसे में आई नाबालिग उसके साथ चली गई। इस दौरान सौरभ ने उसे नशीला पदार्थ खिलाया। जब आंख खुली तो वह घर से 500 किलोमीटर दूर जयपुर में सुजानपुरा में उसी फार्म हाउस में कैद थी जहां सलमा बीते एक साल से प्रताड़ना झेल रही थी। सौरभ और सुमन ने उसे 1.30 लाख रुपए लेकर गायत्री को बेच दिया था। गायत्री ने उसका फर्जी आधार कार्ड तैयार किया। करीब 16-17 दिन पहले 2.50 लाख रुपए में सौदा कर जबरन शादी करवा दी। लेकिन कुछ दिन बाद ही शादी करने वाला परिवार उसे वापिस बदहाल हालत में गायत्री के पास छोड़ गया। गायत्री उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बेसुध रखती थी। 6 अप्रैल को फिर से डील होनी थी। लेकिन इस दौरान नाबालिग होश में थी। उसने विरोध किया। गायत्री के पास एक साल से बंधक बनी सलमा ने विरोध में उस नाबालिग का साथ दिया। इस बीच मौका पाकर नाबालिग वहां से भाग निकली। गांव की बलराम गोशाला पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ। पकड़े न जाए इसलिए एक दो दिन में ही बेच देते गायत्री ने पुलिस के सामने कबूल किया है कि वह पिछले 7-8 सालों में 1500 से ज्यादा लड़कियों का सौदा कर चुकी है। उसकी गैंग यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में नेटवर्क है। गायत्री ने पूछताछ में बताया कि वह किडनैप कर लाई लड़कियों को एक-दो दिन से ज्यादा नहीं रखती थी। तुरंत 2-2.5 लाख में बेच देती थी। कोई विरोध नहीं करे इसलिए अपने फार्महाउस पर ही बंधक बनाकर नशे में रखती थी। शिकायतों के बाद बदला अड्डा गायत्री पहले कानोता थाना क्षेत्र में जबरन शादियां कराने का काम करती थी। लेकिन कुछ सौदेबाजी में विवाद होने पर मामला थाने तक पहुंच गया था। जिसके बाद उसने बस्सी थाना क्षेत्र में दुधली-सुजानपुरा रोड पर 600 वर्ग गज का फार्म हाउस अपना ठिकाना बनाया था। गांव वाले बोले- हम तो समझते थे धर्म का काम हो रहा गायत्री ने अपने नाम से ही एक गायत्री सर्व समाज फाउंडेशन बना रखा था। उसके बारे में जब हमने गांव वालों से बात की तो उन्होंने बताया कि उस फार्म हाउस में अक्सर शादी-ब्याह के कार्यक्रम होते रहते थे। हम लोग इसे धर्म का काम समझते थे कि चलो किसी का घर ही बस रहा है। सभी लड़कियां बाहर राज्यों की होती थी। अक्सर फार्म हाउस पर गाड़ियां और लोग नजर आते थे। कितनी बार शादी के बैंड-बाजे गांव के अंदर से ही निकलते थे। एनजीओ की आड़ में ये औरत इतना शर्मनाक काम कर रही है, इसकी किसी को भी भनक नहीं थी किराए पर लिया फार्म हाउस जब भास्कर टीम उस फार्म हाउस पर पहुंची तो मैन गेट पर अंदर से ताला जड़ा हुआ था। गेट के बाहर गायत्री के फाउंडेशन का पोस्टर चस्पा था जिस पर सर्व समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन की जानकारी दी हुई थी। दिए गए नंबर पर कॉल करने पर नंबर बंद आ रहे थे। आवाज लगाई तो केयरटेकर गीता निकलकर बाहर आई। जब हमने पूछा कि यहां क्या-क्या एक्टिविटी होती थी, तो बोली- हमें नहीं मालूम। हम तो केवल यहां घर का कामकाज संभालते हैं। बस्सी थानाधिकारी अभिजीत पाटिल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय दंड संहिता की POCSO, अपहरण और मानव तस्करी समेत कई गंभीर धाराएं लगी हैं। नाबालिग के परिजनों ने उत्तर प्रदेश में अपने थाना क्षेत्र में किडनैपिंग की रिपोर्ट लिखाई थी, इसलिए प्राथमिक पूछताछ वहीं से की जा रही है। पुलिस गिरोह की गतिविधियों की जांच कर रही है। —– लड़कियों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी ये खबर पढ़िए… जयपुर में NGO ने 2.50 लाख में बच्ची को बेचा:नशे की डोज देकर लड़कियों की कराते थे शादी; फेसबुक से करते थे संपर्क, चार गिरफ्तार जयपुर के NGO में नाबालिग लड़कियों को बेच रहा था। आरोपी फेसबुक के जरिए नाबालिग लड़कियों के परिवारों को शादी का झांसा देकर फंसाते थे। पूरी खबर पढ़िए…