सुनहरा मौका! बिना एग्जाम रेलवे, पुलिस और मर्चेंट नेवी में नौकरी का अवसर! अभी स्क्रीन पर दिए मोबाइल नंबर पर कॉल कीजिए! सोशल मीडिया पर ऐसे विज्ञापनों से बेरोजगारों को फंसाया जा रहा है। हाल ही में ऐसी ही एक गैंग ने सीकर के 5 युवाओं को फंसाकर 90 लाख ठग लिए। ऐसी गैंग को एक्सपोज करने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने 1 महीने तक इन्वेस्टिगेशन किया। विज्ञापनों में दिए मोबाइल नंबर पर खुद को बेरोजगार बताकर कॉल किया। ठगों ने खुद को एसपी और मर्चेंट नेवी अफसर बताकर रिपोर्टर का इंटरव्यू लिया। डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन का दिखावा किया। ऑनलाइन मेडिकल के नाम पर जय हिंद, जय भारत बोलते हुए सैल्यूट करने को कहा। रिपोर्टर ने मेडिकल में खुद को दिव्यांग बताया। इसके बावजूद ठगों ने पुलिस और मर्चेंट नेवी में जॉब की गारंटी दी। बदले में पैसे मांगे। रिपोर्टर ने इनकार किया तो केस करने की धमकी दी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… एक हफ्ते तक 84 मोबाइल नंबरों पर कॉल कर ठगों तक पहुंचे। पड़ताल के दौरान सोशल मीडिया पर कई रील मिली। तीनों रील के आखिरी में मोबाइल नंबर दिए थे। नौकरी के लिए इन नंबरों पर कॉल करने के लिए कहा जा रहा था। रिपोर्टर ने सोशल मीडिया पर बिना एग्जाम रेलवे, पुलिस, नेवी, वन विभाग, राजस्व विभाग में नौकरी दिलाने वाले कई विज्ञापनों की पड़ताल की। 30 नंबर पुलिस में कॉन्स्टेबल, 20 नंबर रेलवे में टीटीई, क्लर्क, 10 नंबर वन विभाग में नौकरी, 14 नंबर मर्चेंट नेवी और 10 मोबाइल नंबर रेवेन्यू विभाग में नौकरी दिलाने वाले विज्ञापनों के थे। केस 1 : विश्वास दिलाने के लिए ऑनलाइन मेडिकल का नाटक ठगों को एक्सपोज करने के लिए रिपोर्टर ने अपना डमी नाम अभिषेक रखकर कॉन्स्टेबल बनने के विज्ञापन में दिए मोबाइल नंबर 9752032785 पर कॉल किया। रिपोर्टर : सर, राजस्थान से बोल रहा हूं। सरकारी नौकरी के लिए कॉल किया था। फर्जी एसपी : हां, बेटा! मैं एसपी संदीप शर्मा बोल रहा हूं। 2025 का लीव वैकेंसी अपडेट हुआ है। 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन की मार्कशीट, आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो वॉट्सऐप पर भेज दीजिए। डॉक्युमेंट चेक करके हमारी टीम बता देगी कि सिलेक्शन होगा या नहीं। जय हिंद, जय भारत (करीब 1 घंटे बाद वापस फर्जी एसपी का कॉल आया) फर्जी एसपी : आपके डॉक्युमेंट चेक कर लिए। अब ऑनलाइन मेडिकल होगा। ( इसके बाद वीडियो कॉल आया। एक व्यक्ति पुलिस अफसर की यूनिफॉर्म में था।) फर्जी एसपी : बेटा! आपके हाथ दिखाओ। सैल्यूट करते हुए जय हिंद-जय भारत बोलो। (फर्जी एसपी के कहे अनुसार रिपोर्टर ने हाथ दिखाए। सैल्यूट करते हुए जय हिंद-जय भारत कहा) यूनिफॉर्म किट, फॉर्म फीस के नाम पर मांगे पैसे ( फिर फर्जी एसपी का कॉल आया) फर्जी एसपी : अभिषेक बेटा! आपको और आपकी फैमिली को बहुत-बहुत बधाई। आपका सिलेक्शन हो गया है। मैंने आपको बेटा समझ कर सिलेक्शन करवाया है। शिकायत का मौका मत देना। रिपोर्टर : सर! अब आगे क्या प्रोसेस रहेगा। फर्जी एसपी : दो अधिकारी आपके घर आएंगे। उनको अच्छे से चाय-नाश्ता करवाना। रिस्पेक्ट से बात करना। ट्रेनिंग पर 35 हजार सैलरी मिलेगी, ट्रेनिंग के बाद 45 हजार। आपका आईडी कार्ड, शूज, यूनिफॉर्म के साथ पूरा किट हमारी टीम लेकर जाएगी। टीम ये किट आपके घर के पास वाले थाने में जमा कराकर आएगी। आपको ऑनलाइन 2120 रुपए जॉइनिंग फीस जमा करानी होगी। इसमें 2 हजार रुपए हमारी टीम जब आपके घर आएगी तो रिफंड कर देगी। सिर्फ 120 रुपए लगेंगे। यह फीस वॉट्सऐप पर भेजे बार कोड पर पेटीएम करनी होगी। पैसे देने से मना किया तो कार्रवाई की धमकी दी रिपोर्टर : सर! पापा ऑनलाइन पैसे देने से मना कर रहे हैं। कह रहे हैं कि आपको मिलकर या विभाग के ऑफिशियल अकाउंट में पैसे जमा करा देते हैं। फर्जी एसपी: बेटा! नियम फॉलो करना पड़ता है। मैं रिश्वत के पैसे नहीं ले रहा हूं। प्रॉमिस करता हूं,आपके साथ धोखा नहीं होगा। आप पैसे नहीं दोगे, तो सीट कैंसिल कर दूंगा। फिर दूसरे बच्चे को लूंगा। रिपोर्टर : सर! कई बार ठगी हो जाती है। मैं मिलकर ही पैसे दे सकता हूं। फर्जी एसपी : बेटा! हजार-दो हजार के लिए तुम मर नहीं जाओगे। एक आईपीएस तुम्हारे सामने बच्चों की कसम खा रहा है, फिर भी नहीं मान रहे। तुम यह समझो कि तुमने नौकरी के लिए 2 हजार भगवान की पेटी में दान कर दिए। रिपोर्टर : मैं ऑनलाइन पैसे नहीं भेज सकता। फर्जी एसपी : मैं तुम्हारे सभी डॉक्युमेंट ब्लॉक करवा रहा हूं। राजस्थान पुलिस को मेल करके धारा 177 में एफआईआर दर्ज करवा रहा हूं। दूसरे ठग ने कॉल करके धमकाया (कुछ मिनट बाद एक दूसरे ठग ने फोन किया) दूसरा ठग : मैं राजस्थान से आईपीएस राकेश अस्थाना बोल रहा हूं। अभी आपकी मेरे पास शिकायत आई है। सुबह भी शिकायत आई थी। आपने जो डॉक्युमेंट वेरिफाई करवाए, वहां पैसे क्यों नहीं दे रहे? पहले पैसे ऑनलाइन दिल्ली के एसपी को पैसे भेज दो। फिर धोखाधड़ी हो, तो मुझसे आकर मिल लेना। जल्दी पैसे भेजो, नहीं तो तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करूंगा। केस 2 : रिपोर्टर ने दिव्यांग बनकर अप्लाई किया, दो घंटे में बना दिया कॉन्स्टेबल रिपोर्टर ने कॉन्स्टेबल भर्ती से जुड़े विज्ञापन में दिए गए एक और मोबाइल नंबर 9752032785 पर कॉल किया। (एक घंटे बाद फर्जी एसपी का कॉल आया) फर्जी एसपी : बेटा! आपको और आपके परिवार को बधाई। कॉन्स्टेबल के पद पर सिलेक्शन हो गया है। आपका सिलेक्शन घर के पास वाले थाने में हुआ है। रिपोर्टर : सर! आगे क्या करना होगा? फर्जी एसपी : जयपुर में 1 महीने की ट्रेनिंग होगी। वहां रहना-खाना सब फ्री। ट्रेनिंग पर 35 हजार सैलरी मिलेगी, ट्रेनिंग के बाद 45 हजार। कल हमारी टीम आईकार्ड, वर्दी, शूज, डॉक्युमेंट लेकर आपके घर आएगी। रिपोर्टर: सर! दिक्कत है। एक पैर से दिव्यांग हूं। चल नहीं पाता हूं। फर्जी एसपी : कोई बात नहीं बेटा! एक टेस्ट करवा कर ओके करवा देंगे। रिपोर्टर : थैंक्स सर! 2 हजार मांगे, नहीं दिए तो कहा 500 ही दे दो फर्जी एसपी : आप मुझसे प्रॉमिस करो, ईमानदारी से नौकरी करोगे। रिश्वत नहीं लोगे। मैं तुम्हारी फाइल बना रहा हूं। इसकी गवर्नमेंट फीस 2 हजार रुपए लगेगी। ऑनलाइन भेज दो। रिपोर्टर : सर! पापा ने ऑनलाइन पेमेंट के लिए मना किया है। फर्जी एसपी : बेटा! हम रिश्वत नहीं लेते। यह फीस गृह मंत्रालय जाती है। पापा पैसे नहीं दे रहे हैं, तो दोस्त से उधार लेकर जमा करा दो। सिर्फ एक सीट बची है। पूरे पैसे नहीं दे सकते तो आधे पैसे अभी भेज दाे और आधे बाद दे देना। रिपोर्टर : मैं नहीं दे सकता। फर्जी एसपी : आखिरी ऑप्शन दे रहा हूं। 500 रुपए ही भेज दो। केस 3 : 2 दिन में मर्चेंट नेवी में नौकरी का झांसा रिपोर्टर ने मर्चेंट नेवी में नौकरी का विज्ञापन देखकर वहां दिए मोबाइल नंबर 8482884309 पर कॉल किया। अनिता नाम की एक युवती ने फाेन उठाया। नाम, स्टेट और क्वालिफिकेशन के बारे में पूछा। पहले दो केस की तरह यहां भी वॉट्सऐप पर डॉक्युमेंट मांगे। कहा- डॉक्युमेंट चेक करके वापस रिप्लाई करेंगे कि सिलेक्शन हो गया नहीं। रिपोर्टर ने डॉक्युमेंट भेज दिए। (एक दिन बाद फोन आया) फर्जी मर्चेंट ऑफिसर : आपका सिलेक्शन हो गया है। रिपोर्टर : थैंक्स! मेरा जॉब प्रोफाइल क्या रहेगा? फर्जी मर्चेंट ऑफिसर : मर्चेंट नेवी में अलग-अलग डिपार्टमेंट में जॉब है। आपकी जॉब कॉमर्शियल शिप में रहेगी। यह जॉब इंडिया में भी कर सकते हो और विदेश में भी। इंडिया में 25 हजार सैलरी मिलेगी। 6 से 9 महीने बाद प्रमोशन के साथ सैलरी डबल हो जाएगी। आपको हमारी कंपनी की तरफ से कॉल लेटर आएगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन फीस के 800 रुपए ऑनलाइन भेजने होंगे। इसके बाद मुंबई में आपकी ट्रेनिंग होगी। वहां रहना-खाना सब फ्री होगा। रिपोर्टर : कोई एग्जाम या मेडिकल तो नहीं देना होगा? फर्जी मर्चेंट ऑफिसर : नहीं, आप फीस भर दो। नौकरी लग जाएगी। रिपोर्टर : मैम! एक प्रॉब्लम है। कुछ समय पहले एक्सीडेंट हुआ था। दोनों पैरों में फ्रैक्चर है। मैं चल नहीं पाता हूं। फर्जी मर्चेंट ऑफिसर : मैं एक बार अपने सीनियर ऑफिसर से बात करके आपको बताती हूं। (15 मिनट बाद फिर से फोन आया) फर्जी मर्चेंट ऑफिसर : मैंने सीनियर से पूछ लिया है। मेडिकल में सिर्फ आंखें चेक होती हैं। आप चल नहीं पाते हो तो कोई दिक्कत नहीं। नौकरी लग जाएगी। फीस ऑनलाइन जमा करवा दे। (रिपोर्टर ने इस बार भी ठगों को रुपए ट्रांसफर नहीं किए) केस 4 : कम सैलरी के लिए कहा तो बोले- रिश्वत भी तो मिलेगी रिपोर्टर ने सोशल मीडिया पर वन विभाग का विज्ञापन देखकर मोबाइल नंबर 9935042654 और रेलवे का विज्ञापन देखकर 9179266837 नंबर पर कॉल किया। दोनों ही नंबर पर डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन की बात कहकर 10वीं-12वीं की मार्कशीट, आधार और पासपोर्ट साइज फोटो मांगे। कहा- डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन करने के बाद आपको दोबारा फोन करेंगे। पहले पढ़िए फर्जी रेलवे पुलिस एसपी ने क्या कहा… फर्जी एसपी : मैं एसपी राम पांडे बोल रहा हूं। आपका डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन क्लियर हो गया है। रेलवे डिपार्टमेंट में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर सिलेक्शन है। 35 से 40 हजार रुपए सैलरी मिलेगी। 3 हजार रुपए जॉइनिंग फीस जमा करानी होगी। जैसे ही फीस जमा कराएंगे, गृह मंत्रालय से हमारी टीम आपके घर आकर जॉइनिंग किट देगी। टीम आपको रेलवे स्टेशन लेकर जाएगी और डयूटी जॉइन कराएगी। रिपोर्टर : सर सैलरी बहुत कम है। फर्जी एसपी : रिश्वत की कमाई भी होगी। लोग आपको वर्दी में देखकर सैल्यूट भी करेंगे। अब पढ़िए फर्जी वन विभाग ऑफिसर ने क्या कहा फर्जी वन विभाग ऑफिसर : वन विभाग में बतौर फील्ड ऑफिसर आपका डायरेक्ट सिलेक्शन हो रहा है। सैलरी 30 से 40 हजार रुपए होगी। रहना-खाना फ्री। आपके घर के पास के वन विभाग ऑफिस में जॉब होगी। नौकरी के लिए 2 हजार रुपए जॉइनिंग फीस देनी होगी। रिपोर्टर : सर, सैलरी बहुत कम है, रिश्वत की कमाई भी होगी क्या? फर्जी वन विभाग ऑफिसर : कैसी बात कर रहे हैं, आप बहुत पैसा कमाएंगे। ठगों की गैंग इस तरह हो गई एक्सपोज फर्जी सरकारी नौकरी दिलाने की यह खबर भी पढ़िए… फर्जी IAS बनकर अक्षय की फिल्म की तर्ज पर ठगी:राजस्थान विधानसभा में 58 पदों पर भर्ती निकाली, ठगों ने डॉक्टर बनकर मेडिकल तक कराए राजस्थान में फर्जी भर्ती निकालकर 14 युवाओं से सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी कर ली गई। जयपुर की मुरलीपुरा पुलिस ने गैंग के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करने वाला ये ठग फर्जी IAS बनकर पीड़ित युवकों के इंटरव्यू लेता था। पूरी खबर पढ़िए…
सुनहरा मौका! बिना एग्जाम रेलवे, पुलिस और मर्चेंट नेवी में नौकरी का अवसर! अभी स्क्रीन पर दिए मोबाइल नंबर पर कॉल कीजिए! सोशल मीडिया पर ऐसे विज्ञापनों से बेरोजगारों को फंसाया जा रहा है। हाल ही में ऐसी ही एक गैंग ने सीकर के 5 युवाओं को फंसाकर 90 लाख ठग लिए। ऐसी गैंग को एक्सपोज करने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने 1 महीने तक इन्वेस्टिगेशन किया। विज्ञापनों में दिए मोबाइल नंबर पर खुद को बेरोजगार बताकर कॉल किया। ठगों ने खुद को एसपी और मर्चेंट नेवी अफसर बताकर रिपोर्टर का इंटरव्यू लिया। डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन का दिखावा किया। ऑनलाइन मेडिकल के नाम पर जय हिंद, जय भारत बोलते हुए सैल्यूट करने को कहा। रिपोर्टर ने मेडिकल में खुद को दिव्यांग बताया। इसके बावजूद ठगों ने पुलिस और मर्चेंट नेवी में जॉब की गारंटी दी। बदले में पैसे मांगे। रिपोर्टर ने इनकार किया तो केस करने की धमकी दी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… एक हफ्ते तक 84 मोबाइल नंबरों पर कॉल कर ठगों तक पहुंचे। पड़ताल के दौरान सोशल मीडिया पर कई रील मिली। तीनों रील के आखिरी में मोबाइल नंबर दिए थे। नौकरी के लिए इन नंबरों पर कॉल करने के लिए कहा जा रहा था। रिपोर्टर ने सोशल मीडिया पर बिना एग्जाम रेलवे, पुलिस, नेवी, वन विभाग, राजस्व विभाग में नौकरी दिलाने वाले कई विज्ञापनों की पड़ताल की। 30 नंबर पुलिस में कॉन्स्टेबल, 20 नंबर रेलवे में टीटीई, क्लर्क, 10 नंबर वन विभाग में नौकरी, 14 नंबर मर्चेंट नेवी और 10 मोबाइल नंबर रेवेन्यू विभाग में नौकरी दिलाने वाले विज्ञापनों के थे। केस 1 : विश्वास दिलाने के लिए ऑनलाइन मेडिकल का नाटक ठगों को एक्सपोज करने के लिए रिपोर्टर ने अपना डमी नाम अभिषेक रखकर कॉन्स्टेबल बनने के विज्ञापन में दिए मोबाइल नंबर 9752032785 पर कॉल किया। रिपोर्टर : सर, राजस्थान से बोल रहा हूं। सरकारी नौकरी के लिए कॉल किया था। फर्जी एसपी : हां, बेटा! मैं एसपी संदीप शर्मा बोल रहा हूं। 2025 का लीव वैकेंसी अपडेट हुआ है। 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन की मार्कशीट, आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो वॉट्सऐप पर भेज दीजिए। डॉक्युमेंट चेक करके हमारी टीम बता देगी कि सिलेक्शन होगा या नहीं। जय हिंद, जय भारत (करीब 1 घंटे बाद वापस फर्जी एसपी का कॉल आया) फर्जी एसपी : आपके डॉक्युमेंट चेक कर लिए। अब ऑनलाइन मेडिकल होगा। ( इसके बाद वीडियो कॉल आया। एक व्यक्ति पुलिस अफसर की यूनिफॉर्म में था।) फर्जी एसपी : बेटा! आपके हाथ दिखाओ। सैल्यूट करते हुए जय हिंद-जय भारत बोलो। (फर्जी एसपी के कहे अनुसार रिपोर्टर ने हाथ दिखाए। सैल्यूट करते हुए जय हिंद-जय भारत कहा) यूनिफॉर्म किट, फॉर्म फीस के नाम पर मांगे पैसे ( फिर फर्जी एसपी का कॉल आया) फर्जी एसपी : अभिषेक बेटा! आपको और आपकी फैमिली को बहुत-बहुत बधाई। आपका सिलेक्शन हो गया है। मैंने आपको बेटा समझ कर सिलेक्शन करवाया है। शिकायत का मौका मत देना। रिपोर्टर : सर! अब आगे क्या प्रोसेस रहेगा। फर्जी एसपी : दो अधिकारी आपके घर आएंगे। उनको अच्छे से चाय-नाश्ता करवाना। रिस्पेक्ट से बात करना। ट्रेनिंग पर 35 हजार सैलरी मिलेगी, ट्रेनिंग के बाद 45 हजार। आपका आईडी कार्ड, शूज, यूनिफॉर्म के साथ पूरा किट हमारी टीम लेकर जाएगी। टीम ये किट आपके घर के पास वाले थाने में जमा कराकर आएगी। आपको ऑनलाइन 2120 रुपए जॉइनिंग फीस जमा करानी होगी। इसमें 2 हजार रुपए हमारी टीम जब आपके घर आएगी तो रिफंड कर देगी। सिर्फ 120 रुपए लगेंगे। यह फीस वॉट्सऐप पर भेजे बार कोड पर पेटीएम करनी होगी। पैसे देने से मना किया तो कार्रवाई की धमकी दी रिपोर्टर : सर! पापा ऑनलाइन पैसे देने से मना कर रहे हैं। कह रहे हैं कि आपको मिलकर या विभाग के ऑफिशियल अकाउंट में पैसे जमा करा देते हैं। फर्जी एसपी: बेटा! नियम फॉलो करना पड़ता है। मैं रिश्वत के पैसे नहीं ले रहा हूं। प्रॉमिस करता हूं,आपके साथ धोखा नहीं होगा। आप पैसे नहीं दोगे, तो सीट कैंसिल कर दूंगा। फिर दूसरे बच्चे को लूंगा। रिपोर्टर : सर! कई बार ठगी हो जाती है। मैं मिलकर ही पैसे दे सकता हूं। फर्जी एसपी : बेटा! हजार-दो हजार के लिए तुम मर नहीं जाओगे। एक आईपीएस तुम्हारे सामने बच्चों की कसम खा रहा है, फिर भी नहीं मान रहे। तुम यह समझो कि तुमने नौकरी के लिए 2 हजार भगवान की पेटी में दान कर दिए। रिपोर्टर : मैं ऑनलाइन पैसे नहीं भेज सकता। फर्जी एसपी : मैं तुम्हारे सभी डॉक्युमेंट ब्लॉक करवा रहा हूं। राजस्थान पुलिस को मेल करके धारा 177 में एफआईआर दर्ज करवा रहा हूं। दूसरे ठग ने कॉल करके धमकाया (कुछ मिनट बाद एक दूसरे ठग ने फोन किया) दूसरा ठग : मैं राजस्थान से आईपीएस राकेश अस्थाना बोल रहा हूं। अभी आपकी मेरे पास शिकायत आई है। सुबह भी शिकायत आई थी। आपने जो डॉक्युमेंट वेरिफाई करवाए, वहां पैसे क्यों नहीं दे रहे? पहले पैसे ऑनलाइन दिल्ली के एसपी को पैसे भेज दो। फिर धोखाधड़ी हो, तो मुझसे आकर मिल लेना। जल्दी पैसे भेजो, नहीं तो तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करूंगा। केस 2 : रिपोर्टर ने दिव्यांग बनकर अप्लाई किया, दो घंटे में बना दिया कॉन्स्टेबल रिपोर्टर ने कॉन्स्टेबल भर्ती से जुड़े विज्ञापन में दिए गए एक और मोबाइल नंबर 9752032785 पर कॉल किया। (एक घंटे बाद फर्जी एसपी का कॉल आया) फर्जी एसपी : बेटा! आपको और आपके परिवार को बधाई। कॉन्स्टेबल के पद पर सिलेक्शन हो गया है। आपका सिलेक्शन घर के पास वाले थाने में हुआ है। रिपोर्टर : सर! आगे क्या करना होगा? फर्जी एसपी : जयपुर में 1 महीने की ट्रेनिंग होगी। वहां रहना-खाना सब फ्री। ट्रेनिंग पर 35 हजार सैलरी मिलेगी, ट्रेनिंग के बाद 45 हजार। कल हमारी टीम आईकार्ड, वर्दी, शूज, डॉक्युमेंट लेकर आपके घर आएगी। रिपोर्टर: सर! दिक्कत है। एक पैर से दिव्यांग हूं। चल नहीं पाता हूं। फर्जी एसपी : कोई बात नहीं बेटा! एक टेस्ट करवा कर ओके करवा देंगे। रिपोर्टर : थैंक्स सर! 2 हजार मांगे, नहीं दिए तो कहा 500 ही दे दो फर्जी एसपी : आप मुझसे प्रॉमिस करो, ईमानदारी से नौकरी करोगे। रिश्वत नहीं लोगे। मैं तुम्हारी फाइल बना रहा हूं। इसकी गवर्नमेंट फीस 2 हजार रुपए लगेगी। ऑनलाइन भेज दो। रिपोर्टर : सर! पापा ने ऑनलाइन पेमेंट के लिए मना किया है। फर्जी एसपी : बेटा! हम रिश्वत नहीं लेते। यह फीस गृह मंत्रालय जाती है। पापा पैसे नहीं दे रहे हैं, तो दोस्त से उधार लेकर जमा करा दो। सिर्फ एक सीट बची है। पूरे पैसे नहीं दे सकते तो आधे पैसे अभी भेज दाे और आधे बाद दे देना। रिपोर्टर : मैं नहीं दे सकता। फर्जी एसपी : आखिरी ऑप्शन दे रहा हूं। 500 रुपए ही भेज दो। केस 3 : 2 दिन में मर्चेंट नेवी में नौकरी का झांसा रिपोर्टर ने मर्चेंट नेवी में नौकरी का विज्ञापन देखकर वहां दिए मोबाइल नंबर 8482884309 पर कॉल किया। अनिता नाम की एक युवती ने फाेन उठाया। नाम, स्टेट और क्वालिफिकेशन के बारे में पूछा। पहले दो केस की तरह यहां भी वॉट्सऐप पर डॉक्युमेंट मांगे। कहा- डॉक्युमेंट चेक करके वापस रिप्लाई करेंगे कि सिलेक्शन हो गया नहीं। रिपोर्टर ने डॉक्युमेंट भेज दिए। (एक दिन बाद फोन आया) फर्जी मर्चेंट ऑफिसर : आपका सिलेक्शन हो गया है। रिपोर्टर : थैंक्स! मेरा जॉब प्रोफाइल क्या रहेगा? फर्जी मर्चेंट ऑफिसर : मर्चेंट नेवी में अलग-अलग डिपार्टमेंट में जॉब है। आपकी जॉब कॉमर्शियल शिप में रहेगी। यह जॉब इंडिया में भी कर सकते हो और विदेश में भी। इंडिया में 25 हजार सैलरी मिलेगी। 6 से 9 महीने बाद प्रमोशन के साथ सैलरी डबल हो जाएगी। आपको हमारी कंपनी की तरफ से कॉल लेटर आएगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन फीस के 800 रुपए ऑनलाइन भेजने होंगे। इसके बाद मुंबई में आपकी ट्रेनिंग होगी। वहां रहना-खाना सब फ्री होगा। रिपोर्टर : कोई एग्जाम या मेडिकल तो नहीं देना होगा? फर्जी मर्चेंट ऑफिसर : नहीं, आप फीस भर दो। नौकरी लग जाएगी। रिपोर्टर : मैम! एक प्रॉब्लम है। कुछ समय पहले एक्सीडेंट हुआ था। दोनों पैरों में फ्रैक्चर है। मैं चल नहीं पाता हूं। फर्जी मर्चेंट ऑफिसर : मैं एक बार अपने सीनियर ऑफिसर से बात करके आपको बताती हूं। (15 मिनट बाद फिर से फोन आया) फर्जी मर्चेंट ऑफिसर : मैंने सीनियर से पूछ लिया है। मेडिकल में सिर्फ आंखें चेक होती हैं। आप चल नहीं पाते हो तो कोई दिक्कत नहीं। नौकरी लग जाएगी। फीस ऑनलाइन जमा करवा दे। (रिपोर्टर ने इस बार भी ठगों को रुपए ट्रांसफर नहीं किए) केस 4 : कम सैलरी के लिए कहा तो बोले- रिश्वत भी तो मिलेगी रिपोर्टर ने सोशल मीडिया पर वन विभाग का विज्ञापन देखकर मोबाइल नंबर 9935042654 और रेलवे का विज्ञापन देखकर 9179266837 नंबर पर कॉल किया। दोनों ही नंबर पर डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन की बात कहकर 10वीं-12वीं की मार्कशीट, आधार और पासपोर्ट साइज फोटो मांगे। कहा- डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन करने के बाद आपको दोबारा फोन करेंगे। पहले पढ़िए फर्जी रेलवे पुलिस एसपी ने क्या कहा… फर्जी एसपी : मैं एसपी राम पांडे बोल रहा हूं। आपका डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन क्लियर हो गया है। रेलवे डिपार्टमेंट में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर सिलेक्शन है। 35 से 40 हजार रुपए सैलरी मिलेगी। 3 हजार रुपए जॉइनिंग फीस जमा करानी होगी। जैसे ही फीस जमा कराएंगे, गृह मंत्रालय से हमारी टीम आपके घर आकर जॉइनिंग किट देगी। टीम आपको रेलवे स्टेशन लेकर जाएगी और डयूटी जॉइन कराएगी। रिपोर्टर : सर सैलरी बहुत कम है। फर्जी एसपी : रिश्वत की कमाई भी होगी। लोग आपको वर्दी में देखकर सैल्यूट भी करेंगे। अब पढ़िए फर्जी वन विभाग ऑफिसर ने क्या कहा फर्जी वन विभाग ऑफिसर : वन विभाग में बतौर फील्ड ऑफिसर आपका डायरेक्ट सिलेक्शन हो रहा है। सैलरी 30 से 40 हजार रुपए होगी। रहना-खाना फ्री। आपके घर के पास के वन विभाग ऑफिस में जॉब होगी। नौकरी के लिए 2 हजार रुपए जॉइनिंग फीस देनी होगी। रिपोर्टर : सर, सैलरी बहुत कम है, रिश्वत की कमाई भी होगी क्या? फर्जी वन विभाग ऑफिसर : कैसी बात कर रहे हैं, आप बहुत पैसा कमाएंगे। ठगों की गैंग इस तरह हो गई एक्सपोज फर्जी सरकारी नौकरी दिलाने की यह खबर भी पढ़िए… फर्जी IAS बनकर अक्षय की फिल्म की तर्ज पर ठगी:राजस्थान विधानसभा में 58 पदों पर भर्ती निकाली, ठगों ने डॉक्टर बनकर मेडिकल तक कराए राजस्थान में फर्जी भर्ती निकालकर 14 युवाओं से सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी कर ली गई। जयपुर की मुरलीपुरा पुलिस ने गैंग के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करने वाला ये ठग फर्जी IAS बनकर पीड़ित युवकों के इंटरव्यू लेता था। पूरी खबर पढ़िए…