सोमवार को बिहार दौरे पर पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार और RSS पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘महात्मा गांधी ने माय एक्सपेरिमेंटस् विथ ट्रुथ लिखा था। मोदी जी शायद माय एक्सपेरिमेंटस् विथ लाइज लिखेंगे।’ शेयर बाजार में भारी गिरावट पर राहुल ने कहा, ‘अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रम्प ने शेयर बाजार की धज्जियां उड़ी दी है। आज मार्केट धराशाई हो गया है।’ RSS पर हमला बोलते हुए कहा, ‘देश के संविधान में सावरकर की सोच नहीं है। इसमें महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और अंबेडकर जैसे लोगों की सोच है। आज इस देश में आदिवासी, दलित सेकंड सिटिजन है।’ राहुल गांधी पटना में संविधान सुरक्षा सम्मेलन में पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने बेगूसराय में कांग्रेस की पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा में हिस्सा लिया। कन्हैया कुमार के साथ एक किलोमीटर पैदल यात्रा की।’ 5 पॉइंट में राहुल के 38 मिनट का भाषण 1. NDA सरकार अडानी-अंबानी को फायदा पहुंचा रही राहुल गांधी ने बिहार की नीतीश सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ‘बिहार में नीतीश सरकार जो काम कर रही है, उससे अडाणी-अंबानी को फायदा हो रहा है। हमारी सरकार आई तो हम लोगों के लिए काम करेंगे।’ 2. जातीय गणना कराने का वादा किया राहुल ने कहा है, ‘देश में अगर आप दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, EBC और महिला हो तो आप सेकेंड क्लास सिटीजन हैं। ये मैं ऐसे ही नहीं बोल रहा हूं। पढ़ लिखकर बोल रहा हूं। तेलंगाना में हमने जातीय गणना करवाई। उनका पूरा का पूरा डेटा हमारे पास है। इससे हम आपको आपका हक दिलवा सकते हैं। मोहन भागवत कहते हैं, जातीय गणना नहीं होनी चाहिए। अगर आपको चोट लगती है तो डॉक्टर कहता है कि एक्स-रे करो। इससे कुछ नुकसान नहीं होता। वहीं एक्स-रे हम कर रहे हैं।’ 3. मजदूरी करने वाले 90 फीसदी दलित-आदिवासी राहुल ने कहा, ‘अगर आप मजदूरों की लिस्ट निकालो, घर में काम करने वालों की लिस्ट निकालो तो 90 फीसदी दलित, आदिवासी, गरीब हैं। तेलंगाना का पूरा का पूरा डेटा हमारे हाथ में है, जो मोदी जी आपको नहीं देना चाहते हैं। मैंने मोदी जी को संसद में सामने से बोला कि ये जो 50 फीसदी आरक्षण की फेक दीवार बना रखी है, जो आप नहीं तोड़ेंगे तो हम तोड़ कर रहेंगे। 10-15 लोग हैं, जिन्होंने पूरे कॉरपोरेट सेक्टर को पकड़ के रखा है।’ ‘अंबानी-अडाणी ने कब्जा कर रखा है। जीएसटी आप देते हो, और कर्जा माफ उनका होता है। पूरे सिस्टम ने आपको घेर के रखा हुआ है। इसलिए आप सांस नहीं ले पाते हो। दलितों, पिछड़ों को बैंक लोन नहीं देती है। जहां उनको ट्रेनिंग देने की जरूरत है, वहां सवर्ण बैठे हैं।’ 4. पार्टी में हमने दलितों-पिछड़ों को हक दिया राहुल गांधी ने कहा, ‘पहले हमारे जिलाध्यक्षों की लिस्ट में 2 तिहाई अपर कास्ट के लोग थे, लेकिन अब हमने दो तिहाई दलित-गरीबों को शामिल किया है। पार्टी में हमने सबको हक देने का फैसला किया है। बिहार के नेताओं से हमने साफ कहा है कि आपका काम यहां के गरीब लोगों को प्रतिनिधित्व देना है। उनके बीच रहकर काम करें। दलितों को राजनीति में लाकर बिहार का चेहरा बदलना चाहते हैं।’ 5. अपनी गलतियों को स्वीकारा कांग्रेस नेता ने बिहार को लेकर अपनी पिछली गलतियों को स्वीकार करते हुए कहा, ‘जिस गति और मजबूती से हमें काम करना चाहिए था, नहीं किया। अपनी गलतियों से सीखा हूं। अब गरीब जातियों को एक साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।’ मंच पर लगे देखो-देखो शेर आया के नारे राहुल के मंच पर पहुंचते ही समर्थकों ने ‘देखो-देखो कौन आया, शेर आया’ के नारे लगाए गए। राहुल को गदा और गौतम बुद्ध की तस्वीर देकर सम्मानित किया गया। ‘नमक सत्याग्रह आंदोलन की 95वीं वर्षगांठ’ पर यह कार्यक्रम पटना के SKM में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में नमक सत्याग्रह, नोनिया समाज और अमर शहीद बुद्धु नोनिया के योगदान के साथ ही शहीद प्रजापति रामचंद्र जी विद्यार्थी का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और वर्तमान में अति पिछड़ा समाज की दशा और भारतीय संविधान पर बात हुई। कार्यक्रम का मकसद अति पिछड़ा और दलित को साधना है। बेगूसराय में 1 KM की पदयात्रा इससे पहले राहुल गांधी बेगूसराय में कन्हैया कुमार की यात्रा में बेगूसराय पहुंचे थे। बेगूसराय में पदयात्रा महज 24 मिनट में खत्म हो गई। वे कन्हैया कुमार की ‘पलायन रोको और नौकरी दो’ यात्रा में 1 किमी पैदल चले। राहुल बेगूसराय में नुक्कड़ सभा को भी संबोधित करने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर सभा कैंसिल कर दी गई। पदयात्रा की 3 तस्वीरें…. तय समय से 4 मिनट पहले ही रवाना, 10 हजार लोग जुटे राहुल गांधी का बेगूसराय में 11 बजे से लेकर 11:45 बजे तक कार्यक्रम तय था। इस दौरान उन्हें पदयात्रा में शामिल होने के साथ ही नुक्कड़ सभा को भी संबोधित करना था, लेकिन राहुल तय समय से 4 मिनट पहले ही 11.41 बजे पटना के लिए रवाना हो गए। कपस्या चौक टाउनशिप गेट के पास होने वाली नुक्कड सभा क्यों रद्द की गई, अभी तक इसकी वजह सामने नहीं आ पाई है। राहुल की पदयात्रा के दौरान करीब 10 हजार लोग मौजूद थे। राहुल गांधी को 6-7 डेलीगेट्स से मिलाने का भी प्लान था, लेकिन भारी भीड़ के कारण वो नहीं मिल सके। राहुल गांधी एक दिन के बिहार दौरे पर सोमवार सुबह 10 बजे पटना पहुंचे। एयरपोर्ट के बाहर निकलकर पार्टी के नेताओं से मुलाकात की थी। राहुल गांधी का 4 महीने में यह तीसरा बिहार दौरा है। राहुल गांधी के बिहार दौरे से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाइए…
सोमवार को बिहार दौरे पर पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार और RSS पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘महात्मा गांधी ने माय एक्सपेरिमेंटस् विथ ट्रुथ लिखा था। मोदी जी शायद माय एक्सपेरिमेंटस् विथ लाइज लिखेंगे।’ शेयर बाजार में भारी गिरावट पर राहुल ने कहा, ‘अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रम्प ने शेयर बाजार की धज्जियां उड़ी दी है। आज मार्केट धराशाई हो गया है।’ RSS पर हमला बोलते हुए कहा, ‘देश के संविधान में सावरकर की सोच नहीं है। इसमें महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और अंबेडकर जैसे लोगों की सोच है। आज इस देश में आदिवासी, दलित सेकंड सिटिजन है।’ राहुल गांधी पटना में संविधान सुरक्षा सम्मेलन में पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने बेगूसराय में कांग्रेस की पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा में हिस्सा लिया। कन्हैया कुमार के साथ एक किलोमीटर पैदल यात्रा की।’ 5 पॉइंट में राहुल के 38 मिनट का भाषण 1. NDA सरकार अडानी-अंबानी को फायदा पहुंचा रही राहुल गांधी ने बिहार की नीतीश सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ‘बिहार में नीतीश सरकार जो काम कर रही है, उससे अडाणी-अंबानी को फायदा हो रहा है। हमारी सरकार आई तो हम लोगों के लिए काम करेंगे।’ 2. जातीय गणना कराने का वादा किया राहुल ने कहा है, ‘देश में अगर आप दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, EBC और महिला हो तो आप सेकेंड क्लास सिटीजन हैं। ये मैं ऐसे ही नहीं बोल रहा हूं। पढ़ लिखकर बोल रहा हूं। तेलंगाना में हमने जातीय गणना करवाई। उनका पूरा का पूरा डेटा हमारे पास है। इससे हम आपको आपका हक दिलवा सकते हैं। मोहन भागवत कहते हैं, जातीय गणना नहीं होनी चाहिए। अगर आपको चोट लगती है तो डॉक्टर कहता है कि एक्स-रे करो। इससे कुछ नुकसान नहीं होता। वहीं एक्स-रे हम कर रहे हैं।’ 3. मजदूरी करने वाले 90 फीसदी दलित-आदिवासी राहुल ने कहा, ‘अगर आप मजदूरों की लिस्ट निकालो, घर में काम करने वालों की लिस्ट निकालो तो 90 फीसदी दलित, आदिवासी, गरीब हैं। तेलंगाना का पूरा का पूरा डेटा हमारे हाथ में है, जो मोदी जी आपको नहीं देना चाहते हैं। मैंने मोदी जी को संसद में सामने से बोला कि ये जो 50 फीसदी आरक्षण की फेक दीवार बना रखी है, जो आप नहीं तोड़ेंगे तो हम तोड़ कर रहेंगे। 10-15 लोग हैं, जिन्होंने पूरे कॉरपोरेट सेक्टर को पकड़ के रखा है।’ ‘अंबानी-अडाणी ने कब्जा कर रखा है। जीएसटी आप देते हो, और कर्जा माफ उनका होता है। पूरे सिस्टम ने आपको घेर के रखा हुआ है। इसलिए आप सांस नहीं ले पाते हो। दलितों, पिछड़ों को बैंक लोन नहीं देती है। जहां उनको ट्रेनिंग देने की जरूरत है, वहां सवर्ण बैठे हैं।’ 4. पार्टी में हमने दलितों-पिछड़ों को हक दिया राहुल गांधी ने कहा, ‘पहले हमारे जिलाध्यक्षों की लिस्ट में 2 तिहाई अपर कास्ट के लोग थे, लेकिन अब हमने दो तिहाई दलित-गरीबों को शामिल किया है। पार्टी में हमने सबको हक देने का फैसला किया है। बिहार के नेताओं से हमने साफ कहा है कि आपका काम यहां के गरीब लोगों को प्रतिनिधित्व देना है। उनके बीच रहकर काम करें। दलितों को राजनीति में लाकर बिहार का चेहरा बदलना चाहते हैं।’ 5. अपनी गलतियों को स्वीकारा कांग्रेस नेता ने बिहार को लेकर अपनी पिछली गलतियों को स्वीकार करते हुए कहा, ‘जिस गति और मजबूती से हमें काम करना चाहिए था, नहीं किया। अपनी गलतियों से सीखा हूं। अब गरीब जातियों को एक साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।’ मंच पर लगे देखो-देखो शेर आया के नारे राहुल के मंच पर पहुंचते ही समर्थकों ने ‘देखो-देखो कौन आया, शेर आया’ के नारे लगाए गए। राहुल को गदा और गौतम बुद्ध की तस्वीर देकर सम्मानित किया गया। ‘नमक सत्याग्रह आंदोलन की 95वीं वर्षगांठ’ पर यह कार्यक्रम पटना के SKM में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में नमक सत्याग्रह, नोनिया समाज और अमर शहीद बुद्धु नोनिया के योगदान के साथ ही शहीद प्रजापति रामचंद्र जी विद्यार्थी का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और वर्तमान में अति पिछड़ा समाज की दशा और भारतीय संविधान पर बात हुई। कार्यक्रम का मकसद अति पिछड़ा और दलित को साधना है। बेगूसराय में 1 KM की पदयात्रा इससे पहले राहुल गांधी बेगूसराय में कन्हैया कुमार की यात्रा में बेगूसराय पहुंचे थे। बेगूसराय में पदयात्रा महज 24 मिनट में खत्म हो गई। वे कन्हैया कुमार की ‘पलायन रोको और नौकरी दो’ यात्रा में 1 किमी पैदल चले। राहुल बेगूसराय में नुक्कड़ सभा को भी संबोधित करने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर सभा कैंसिल कर दी गई। पदयात्रा की 3 तस्वीरें…. तय समय से 4 मिनट पहले ही रवाना, 10 हजार लोग जुटे राहुल गांधी का बेगूसराय में 11 बजे से लेकर 11:45 बजे तक कार्यक्रम तय था। इस दौरान उन्हें पदयात्रा में शामिल होने के साथ ही नुक्कड़ सभा को भी संबोधित करना था, लेकिन राहुल तय समय से 4 मिनट पहले ही 11.41 बजे पटना के लिए रवाना हो गए। कपस्या चौक टाउनशिप गेट के पास होने वाली नुक्कड सभा क्यों रद्द की गई, अभी तक इसकी वजह सामने नहीं आ पाई है। राहुल की पदयात्रा के दौरान करीब 10 हजार लोग मौजूद थे। राहुल गांधी को 6-7 डेलीगेट्स से मिलाने का भी प्लान था, लेकिन भारी भीड़ के कारण वो नहीं मिल सके। राहुल गांधी एक दिन के बिहार दौरे पर सोमवार सुबह 10 बजे पटना पहुंचे। एयरपोर्ट के बाहर निकलकर पार्टी के नेताओं से मुलाकात की थी। राहुल गांधी का 4 महीने में यह तीसरा बिहार दौरा है। राहुल गांधी के बिहार दौरे से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाइए…