गुजरात के जामनगर में बुधवार रात इंडियन एयरफोर्स का जगुआर फाइटर जेट ट्रेनिंग उड़ान के दौरान क्रैश हो गया था। इस हादसे में हरियाणा रेवाड़ी में रहने वाले 28 साल के फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव शहीद हो गए। सिद्धार्थ की 10 दिन पहले ही सगाई हुई थी। नवंबर में उनकी शादी होने वाली थी। कुछ दिन पहले ही वे अपने परिवार से मिलने रेवाड़ी आए थे और 31 मार्च को ड्यूटी पर लौटे थे। सिद्धार्थ का पार्थिव शरीर आज शुक्रवार सुबह रेवाड़ी पहुंचेगा। यहां पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। दरअसल, आखिरी समय में सिद्धार्थ यादव और उनके को-पायलट ने प्लेन की दिशा बदलकर लोगों की जान बचाई। इससे बड़ा हादसा टल गया। को-पायलट का अस्पताल में इलाज चल रहा है, लेकिन सिद्धार्थ इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। फाइटर प्लेन क्रैश की तस्वीरें… गुजरात के जामनगर में रात 9 बजे दुर्घटना हुई थी
2 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे जामनगर शहर से 12 किमी दूर सुवारडा गांव के पास यह दुर्घटना हुई। चश्मदीदों के मुताबिक, विमान जमीन से टकराया और उसमें आग लग गई। मलबा दूर तक फैल गया। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचना दी। सिद्धार्थ के दादा-परदादा भी फौज में थे
फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव एक फौजी परिवार से थे। उनके परदादा ब्रिटिश काल में पायलट ट्रेनिंग ग्रुप बंगाल इंजीनियर्स में थे। दादा पैरामिलिट्री फोर्सेस में और पिता सुजीत यादव इंडियन एयरफोर्स में रह चुके हैं। बाद में उनके पिता LIC के साथ जुड़ गए। सिद्धार्थ इस परिवार की चौथी पीढ़ी थे जो वर्दी पहनकर देश की सेवा कर रहे थे। 2016 में NDA की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने तीन साल की ट्रेनिंग की और फिर फाइटर पायलट बने। दो साल की सेवा के बाद उन्हें फ्लाइट लेफ्टिनेंट का पद मिला। पिता ने कहा- सिद्धार्थ हमेशा से देश की सेवा करने का सपना देखता था
सिद्धार्थ की मौत से पूरा परिवार और शहर शोक में डूब गया है। उनके पिता सुजीत यादव ने कहा- सिद्धार्थ हमेशा से उड़ान भरने और देश की सेवा करने का सपना देखता था। वह पढ़ाई में भी बहुत होशियार था। मेरे पिता और दादा भी सेना में थे। मैं खुद वायुसेना में रहा हूं। हम हमेशा उस पर गर्व करते थे और आज भी है, लेकिन यह भी दुख की बात है कि वह मेरा इकलौता बेटा था। एयरफोर्स ने कहा- आखिरी समय में सूजबूझ और बहादुरी दिखाई
वायुसेना के अनुसार, यह जगुआर फाइटर जेट जामनगर एयरफील्ड से नाइट मिशन पर रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान पायलट्स ने तकनीकी खराबी महसूस की। IAF ने बताया कि पायलट्स ने खराबी को समझते हुए इजेक्शन की प्रक्रिया शुरू की। साथ ही तय किया कि प्लेन से आबादी वाले इलाके को नुकसान न पहुंचे। इस दौरान एक पायलट शहीद हो गए, जबकि को-पायलट का इलाज चल रहा है। फाइटर जेट क्रैश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… MP के शिवपुरी में एयरफोर्स का फाइटर प्लेन क्रैश: खेत में गिरते ही मिराज-2000 में आग लगी; हादसे के 7 घंटे बाद भी जल रही मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में बहरेटा सानी गांव के पास 6 फरवरी को एयरफोर्स का टू सीटर फाइटर प्लेन मिराज-2000 क्रैश हुआ था। प्लेन में दो पायलट थे। हादसे से पहले दोनों पायलटों ने खुद को इजेक्ट (बचकर निकले) कर लिया था। विमान में पायलट विक्रांत जाधव और विंग कमांडर विराज भोला सवार थे। पूरी खबर पढ़ें…
गुजरात के जामनगर में बुधवार रात इंडियन एयरफोर्स का जगुआर फाइटर जेट ट्रेनिंग उड़ान के दौरान क्रैश हो गया था। इस हादसे में हरियाणा रेवाड़ी में रहने वाले 28 साल के फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव शहीद हो गए। सिद्धार्थ की 10 दिन पहले ही सगाई हुई थी। नवंबर में उनकी शादी होने वाली थी। कुछ दिन पहले ही वे अपने परिवार से मिलने रेवाड़ी आए थे और 31 मार्च को ड्यूटी पर लौटे थे। सिद्धार्थ का पार्थिव शरीर आज शुक्रवार सुबह रेवाड़ी पहुंचेगा। यहां पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। दरअसल, आखिरी समय में सिद्धार्थ यादव और उनके को-पायलट ने प्लेन की दिशा बदलकर लोगों की जान बचाई। इससे बड़ा हादसा टल गया। को-पायलट का अस्पताल में इलाज चल रहा है, लेकिन सिद्धार्थ इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। फाइटर प्लेन क्रैश की तस्वीरें… गुजरात के जामनगर में रात 9 बजे दुर्घटना हुई थी
2 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे जामनगर शहर से 12 किमी दूर सुवारडा गांव के पास यह दुर्घटना हुई। चश्मदीदों के मुताबिक, विमान जमीन से टकराया और उसमें आग लग गई। मलबा दूर तक फैल गया। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रशासन को सूचना दी। सिद्धार्थ के दादा-परदादा भी फौज में थे
फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव एक फौजी परिवार से थे। उनके परदादा ब्रिटिश काल में पायलट ट्रेनिंग ग्रुप बंगाल इंजीनियर्स में थे। दादा पैरामिलिट्री फोर्सेस में और पिता सुजीत यादव इंडियन एयरफोर्स में रह चुके हैं। बाद में उनके पिता LIC के साथ जुड़ गए। सिद्धार्थ इस परिवार की चौथी पीढ़ी थे जो वर्दी पहनकर देश की सेवा कर रहे थे। 2016 में NDA की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने तीन साल की ट्रेनिंग की और फिर फाइटर पायलट बने। दो साल की सेवा के बाद उन्हें फ्लाइट लेफ्टिनेंट का पद मिला। पिता ने कहा- सिद्धार्थ हमेशा से देश की सेवा करने का सपना देखता था
सिद्धार्थ की मौत से पूरा परिवार और शहर शोक में डूब गया है। उनके पिता सुजीत यादव ने कहा- सिद्धार्थ हमेशा से उड़ान भरने और देश की सेवा करने का सपना देखता था। वह पढ़ाई में भी बहुत होशियार था। मेरे पिता और दादा भी सेना में थे। मैं खुद वायुसेना में रहा हूं। हम हमेशा उस पर गर्व करते थे और आज भी है, लेकिन यह भी दुख की बात है कि वह मेरा इकलौता बेटा था। एयरफोर्स ने कहा- आखिरी समय में सूजबूझ और बहादुरी दिखाई
वायुसेना के अनुसार, यह जगुआर फाइटर जेट जामनगर एयरफील्ड से नाइट मिशन पर रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान पायलट्स ने तकनीकी खराबी महसूस की। IAF ने बताया कि पायलट्स ने खराबी को समझते हुए इजेक्शन की प्रक्रिया शुरू की। साथ ही तय किया कि प्लेन से आबादी वाले इलाके को नुकसान न पहुंचे। इस दौरान एक पायलट शहीद हो गए, जबकि को-पायलट का इलाज चल रहा है। फाइटर जेट क्रैश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… MP के शिवपुरी में एयरफोर्स का फाइटर प्लेन क्रैश: खेत में गिरते ही मिराज-2000 में आग लगी; हादसे के 7 घंटे बाद भी जल रही मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में बहरेटा सानी गांव के पास 6 फरवरी को एयरफोर्स का टू सीटर फाइटर प्लेन मिराज-2000 क्रैश हुआ था। प्लेन में दो पायलट थे। हादसे से पहले दोनों पायलटों ने खुद को इजेक्ट (बचकर निकले) कर लिया था। विमान में पायलट विक्रांत जाधव और विंग कमांडर विराज भोला सवार थे। पूरी खबर पढ़ें…