हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पहला बजट कैसा होगा? जैसा माना जा रहा था, लगभग वैसा ही रहा। महिलाओं को 2100 रुपए प्रतिमाह देने वाली लाडो लक्ष्मी योजना के अलावा कोई दूसरी बड़ी गेमचेंजर स्कीम का ऐलान नहीं किया गया। बजट से CM सैनी ने यह मैसेज दे दिया कि लोकलुभावन स्कीम्स की बजाय सरकार का फोकस इस बात पर है कि राज्य विकास की पटरी पर तेजी से आगे कैसे बढ़े? इसकी वजह भी साफ है- निकट भविष्य में कोई चुनावी मजबूरी नहीं है। लाडो लक्ष्मी योजना से जुड़ी अनाउंसमेंट के पीछे संदेश देने की राजनीति है। BJP ने संकल्प-पत्र में इसका वादा किया था। महिला वोटरों से ऐसा ही वादा कांग्रेस ने 2022 में हिमाचल और आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब में किया था। पंजाब में 3 साल बाद भी वादा पूरा नहीं हुआ वहीं हिमाचल में कांग्रेस सरकार एक विशेष इलाके में ही इसे लागू कर पाई है। इसी साल बिहार विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले हरियाणा में BJP सरकार ने पहले ही बजट में वादा पूरा करके वोटरों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि उसकी कथनी और करनी में अंतर नहीं है। सैनी सरकार ने बजट में किस पर कितना ध्यान दिया और किसे नजर अंदाज किया? आइए 10 सवालों के जरिए समझते हैं… सवाल 1 : सरकार का सबसे ज्यादा फोकस किस पर रहा
एजुकेशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ। प्रदेश के कुल 2 लाख 5 हजार 17 करोड़ के बजट का तकरीबन एक चौथाई हिस्सा इन्हीं 3 सेक्टरों के लिए रखा गया। हरियाणा का आधे से ज्यादा हिस्सा NCR में आता है और सरकार मानती है कि प्रदेश को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए इन एरिया पर फोकस जरूरी है। CM सैनी ने खुद बजट भाषण में एग्रीकल्चर को अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी और एजुकेशन–हेल्थ को दोनों बाजुओं की तरह बताया। दरअसल, सरकार का फोकस एजुकेशन-हेल्थ से जुड़े मौजूदा ढांचे को बेहतर बनाने पर है। दिल्ली से लगते इलाकों में मेट्रो के साथ-साथ हाईवे नेटवर्क को मजबूत बनाना भी उसकी प्रायोरिटी में है। सवाल 2. महिलाओं का कितना ध्यान रखा गया?
क्या सैनी सरकार महिलाओं को 2100 रुपए प्रतिमाह देगी? अगर हां तो इसका फायदा किस-किसको मिलेगा? बजट से पहले यही सवाल चर्चा में थे। हरियाणा में लगातार तीसरी बार BJP की सरकार बनवाने में सबसे बड़ा रोल महिलाओं का ही रहा। अब CM सैनी ने बजट में इस योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान तो कर दिया, लेकिन ये नहीं बता पाए कि स्कीम का लाभ किस-किस को मिलेगा? कब से मिलेगा? सदन में सैनी की घोषणा के तुरंत बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खड़े होकर इसका क्राइटेरिया भी पूछा। इस पर सैनी ने कहा कि क्राइटेरिया बनवा रहे हैं। यानि फिलहाल सत्तापक्ष भी ये स्पष्ट नहीं कर पा रहा कि इस स्कीम की लाभार्थी महिलाएं कौन होंगी? सवाल 3. युवाओं और खेल–खिलाड़ियों का कितना ध्यान रखा?
सरकार ने युवाओं के लिए सीधे किसी नई बड़ी भर्ती की घोषणा नहीं की लेकिन मिशन-2047 के तहत 50 लाख नौकरियां देने का दावा जरूर किया। बजट में ‘इंटरनेशनल रोजगार’ का जिक्र किया गया। ऐसे में ये स्पष्ट नहीं है कि क्या पिछली बार की तरह प्रदेश के युवाओं को इस दफा भी मजदूरी वगैरह करने के लिए विदेश भेजा जाएगा या सरकार की प्लानिंग कुछ और है। बजट में SC, OBC और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के युवाओं को सरकारी भर्ती की एग्जाम फीस में 50% तक की छूट देने का प्रस्ताव रखा गया। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बार-बार फीस भी जमा नहीं करानी पड़ेगी। खेल और खिलाड़ी हरियाणा की पहचान रहे हैं। बजट में भी इसकी छाप नजर आई। सीएम ने खिलाड़ियों के लिए हेल्थ बीमा, नई स्कॉलरशिप स्कीम, बेहतर प्रदर्शन करने पर 50 लाख रुपए तक के इनाम के साथ-साथ एकेडमी खोलने के लिए स्पोर्ट्सपर्सन को सस्ती दरों पर 5 करोड़ तक का लोन दिलाने की बात कही। सवाल 4. इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए क्या किया?
बजट में इंडस्ट्री पर खास जोर रहा और इसके लिए पिछली बार की तुलना में 303% अधिक बजट देने का दावा किया गया। इसकी वजह भी है। दरअसल, हरियाणा की कुल जीडीपी में बड़ा हिस्सा इंडस्ट्री से आता है। प्रदेश में 4 नए औद्योगिक पार्क, नई IMT, MSMEs को वित्तीय मदद, स्टार्टअप्स के लिए विशेष फंडिंग की बात कही गई। अवैध तरीके से चल रही इंडस्ट्री को रेगुलर करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। जाहिर है कि अगर इंडस्ट्री बढ़ेगी तो नई लेबर भी आएगी। इसलिए बजट में राई, मानेसर और बावल इंडस्ट्रियल एरिया में श्रमिकों के लिए रेजिडेंस बनाने का जिक्र किया गया। सवाल 5. किसानों का कितना ध्यान रखा गया?
मुख्यमंत्री सैनी ने अपने बजट की शुरुआत एग्रीकल्चर सेक्टर से की और इसे अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी समान बताया। हालांकि किसानों के लिए सीधे किसी बड़े लाभ का कोई ऐलान नहीं हुआ। केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली सालाना 6 हजार रुपए की किसान सम्मान निधि में भी सरकार ने अपनी तरफ से कोई बढ़ोतरी नहीं की। क्रॉस डायवर्सिफिकेशन को बढ़ावा देने के लिए ग्रांट जरूर थोड़ा बढ़ाई गई। एग्रीकल्चर से जुड़े उत्पादों का निर्यात बढ़ाने के लिए हिसार एयरपोर्ट पर कार्गो गोदाम बनाने की बात भी कही गई। सवाल 6. कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बजट में क्या?
प्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की मांग कर रहे कर्मचारियों को केंद्र की तर्ज पर यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) देने की घोषणा की गई। इसका लाभ हरियाणा सरकार के तकरीबन 2 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। इसके लिए कमेटी बना दी गई। पेंशनरों को होमलोन और हेल्थ बीमा में छूट मिलेगी। महंगाई भत्ता 4% बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग और विधुर पेंशन को लेकर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा गया। सवाल 7. विधायकों के लिए क्या घोषणा हुई?
राज्य के विधायकों को अब अपने इलाके में विकास से जुड़े काम करवाने के लिए 5-5 करोड़ रुपए मिलेंगे। सीएम सैनी सदन में इससे जुड़ा ऐलान करने के बाद विपक्ष की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे। इस दौरान कुछ विपक्षी सदस्यों ने टीका-टिप्पणी भी की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एमएलए क्षेत्र विकास निधि के तहत यह रकम लेने के लिए MLA को कुछ शर्तों का पालन करना होगा। हरियाणा में विधायकों को यह रकम पहले भी मिलती रही है। अब इसे बढ़ाया गया है। सवाल 8. नए मंत्रियों के महकमों–इलाकों पर फोकस
बजट में उन मंत्रियों को ज्यादा हिस्सा मिला जो या तो कांग्रेस के किसी बड़े चेहरे को हराकर विधानसभा पहुंचे या किसी न किसी बड़े घराने से संबंधित हैं। इनमें राव नरबीर, आरती राव, श्रुति चौधरी और गौरव गौतम शामिल हैं। पूर्व CM बंसीलाल की पोती श्रुति और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत की बेटी आरती के परिवारों का राज्य की राजनीति में अपना अलग स्थान है। वहीं राव नरबीर की पहुंच सीधे अमित शाह तक है। गौरव गौतम ने कांग्रेस के दिग्गज भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समधी करण सिंह दलाल को हराया था। बजट में जिन इलाकों को सबसे कम तरजीह मिली, उनमें रोहतक और फतेहाबाद जिला शामिल है। 6 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में फतेहाबाद की तीनों सीटों पर BJP हार गई थी। रोहतक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का इलाका है। सवाल 9. कोई नई स्कीम नहीं, पुरानी को एलोकेशन
नायब सैनी ने अपने इस पहले बजट में किसी ऐसी बड़ी स्कीम का ऐलान नहीं किया जिसे गेमचेंजर कहा जा सके। पहले से चल रही ज्यादातर योजनाओं के लिए बजट बढ़ाया गया। बजट के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ऐसी ही कुछ योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाने भी साधे। सवाल 10. मनोहर से कितना अलग है नायब का बजट?
2024 में तत्कालीन सीएम मनोहर लाल खट्टर ने जब अपना आखिरी बजट पेश किया था तो उनके सामने राज्य में लगातार तीसरी बार BJP की सरकार बनवाने की चुनौती थी। इसके बावजूद किसी बड़ी लोकलुभावन स्कीम का ऐलान नहीं किया गया। अब यह नायब सैनी सरकार का पहला बजट रहा। 6 महीने पहले विधानसभा और इसी मार्च महीने में नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी के एकतरफा प्रदर्शन के बाद सैनी के सामने लोकलुभावन स्कीम देने जैसी कोई मजबूरी नहीं थी। यही कारण है कि उन्होंने लाडो लक्ष्मी योजना के अलावा कोई बड़ी योजना शुरू नहीं की। ——————– हरियाणा बजट से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… हरियाणा में पहली बार 2 लाख करोड़ से ज्यादा बजट, महिलाओं को ₹2100, खिलाड़ियों-विधायकों को 5-5 करोड़, 50 लाख नौकरी, शहरों में मल्टीलेवल पार्किंग बनेंगी हरियाणा के CM नायब सैनी ने सोमवार को राज्य के इतिहास में पहली बार 2 लाख 5 हजार 17 करोड़ का बजट पेश किया। प्रदेश में अब तक का यह सबसे ज्यादा बजट है। CM ने 80 पेज का बजट भाषण पढ़ा। जिसमें 161 पॉइंट्स थे। CM का बजट भाषण 2 घंटे 57 मिनट चला। पूरी खबर पढ़ें… CM ने सबसे ज्यादा बजट खुद को दिया, शिक्षा-स्वास्थ्य मंत्रियों पर अपने से लगभग आधा खर्च; विज के मंत्रालय घटे लेकिन पैसा बढ़ाया हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 2025-26 के लिए 2 लाख 5 हजार करोड़ का बजट पेश किया है। यह पिछले बार के मुकाबले करीब साढ़े 16 हजार करोड़ ज्यादा है। इसी के साथ CM ने अपने मंत्रियों के विभागों का बजट भी बढ़ा दिया है। पूरी खबर पढ़ें… एक रुपए में 31 पैसे वेतन-ब्याज-पेंशन पर खर्च, GST के बाद शराब और डीजल-पेट्रोल से सबसे ज्यादा कमाई; जानिए, अपने पैसे का हिसाब हरियाणा सरकार के बजट के आंकड़ों ने अगर आपका दिमाग चकरा दिया है और ये आंकड़े आपकी समझ से बाहर हैं तो हम आपको इन्हें आसान भाषा में समझा देते हैं। सरकार कमाई कैसे करती है, खर्च कैसे करती है, बजट कैसे बनाती है, आपके लिए बजट में क्या है और पैसा जाता कहां है…इसमें ये सब आप आसानी से समझ जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पहला बजट कैसा होगा? जैसा माना जा रहा था, लगभग वैसा ही रहा। महिलाओं को 2100 रुपए प्रतिमाह देने वाली लाडो लक्ष्मी योजना के अलावा कोई दूसरी बड़ी गेमचेंजर स्कीम का ऐलान नहीं किया गया। बजट से CM सैनी ने यह मैसेज दे दिया कि लोकलुभावन स्कीम्स की बजाय सरकार का फोकस इस बात पर है कि राज्य विकास की पटरी पर तेजी से आगे कैसे बढ़े? इसकी वजह भी साफ है- निकट भविष्य में कोई चुनावी मजबूरी नहीं है। लाडो लक्ष्मी योजना से जुड़ी अनाउंसमेंट के पीछे संदेश देने की राजनीति है। BJP ने संकल्प-पत्र में इसका वादा किया था। महिला वोटरों से ऐसा ही वादा कांग्रेस ने 2022 में हिमाचल और आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब में किया था। पंजाब में 3 साल बाद भी वादा पूरा नहीं हुआ वहीं हिमाचल में कांग्रेस सरकार एक विशेष इलाके में ही इसे लागू कर पाई है। इसी साल बिहार विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले हरियाणा में BJP सरकार ने पहले ही बजट में वादा पूरा करके वोटरों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि उसकी कथनी और करनी में अंतर नहीं है। सैनी सरकार ने बजट में किस पर कितना ध्यान दिया और किसे नजर अंदाज किया? आइए 10 सवालों के जरिए समझते हैं… सवाल 1 : सरकार का सबसे ज्यादा फोकस किस पर रहा
एजुकेशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ। प्रदेश के कुल 2 लाख 5 हजार 17 करोड़ के बजट का तकरीबन एक चौथाई हिस्सा इन्हीं 3 सेक्टरों के लिए रखा गया। हरियाणा का आधे से ज्यादा हिस्सा NCR में आता है और सरकार मानती है कि प्रदेश को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए इन एरिया पर फोकस जरूरी है। CM सैनी ने खुद बजट भाषण में एग्रीकल्चर को अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी और एजुकेशन–हेल्थ को दोनों बाजुओं की तरह बताया। दरअसल, सरकार का फोकस एजुकेशन-हेल्थ से जुड़े मौजूदा ढांचे को बेहतर बनाने पर है। दिल्ली से लगते इलाकों में मेट्रो के साथ-साथ हाईवे नेटवर्क को मजबूत बनाना भी उसकी प्रायोरिटी में है। सवाल 2. महिलाओं का कितना ध्यान रखा गया?
क्या सैनी सरकार महिलाओं को 2100 रुपए प्रतिमाह देगी? अगर हां तो इसका फायदा किस-किसको मिलेगा? बजट से पहले यही सवाल चर्चा में थे। हरियाणा में लगातार तीसरी बार BJP की सरकार बनवाने में सबसे बड़ा रोल महिलाओं का ही रहा। अब CM सैनी ने बजट में इस योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान तो कर दिया, लेकिन ये नहीं बता पाए कि स्कीम का लाभ किस-किस को मिलेगा? कब से मिलेगा? सदन में सैनी की घोषणा के तुरंत बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खड़े होकर इसका क्राइटेरिया भी पूछा। इस पर सैनी ने कहा कि क्राइटेरिया बनवा रहे हैं। यानि फिलहाल सत्तापक्ष भी ये स्पष्ट नहीं कर पा रहा कि इस स्कीम की लाभार्थी महिलाएं कौन होंगी? सवाल 3. युवाओं और खेल–खिलाड़ियों का कितना ध्यान रखा?
सरकार ने युवाओं के लिए सीधे किसी नई बड़ी भर्ती की घोषणा नहीं की लेकिन मिशन-2047 के तहत 50 लाख नौकरियां देने का दावा जरूर किया। बजट में ‘इंटरनेशनल रोजगार’ का जिक्र किया गया। ऐसे में ये स्पष्ट नहीं है कि क्या पिछली बार की तरह प्रदेश के युवाओं को इस दफा भी मजदूरी वगैरह करने के लिए विदेश भेजा जाएगा या सरकार की प्लानिंग कुछ और है। बजट में SC, OBC और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के युवाओं को सरकारी भर्ती की एग्जाम फीस में 50% तक की छूट देने का प्रस्ताव रखा गया। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बार-बार फीस भी जमा नहीं करानी पड़ेगी। खेल और खिलाड़ी हरियाणा की पहचान रहे हैं। बजट में भी इसकी छाप नजर आई। सीएम ने खिलाड़ियों के लिए हेल्थ बीमा, नई स्कॉलरशिप स्कीम, बेहतर प्रदर्शन करने पर 50 लाख रुपए तक के इनाम के साथ-साथ एकेडमी खोलने के लिए स्पोर्ट्सपर्सन को सस्ती दरों पर 5 करोड़ तक का लोन दिलाने की बात कही। सवाल 4. इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए क्या किया?
बजट में इंडस्ट्री पर खास जोर रहा और इसके लिए पिछली बार की तुलना में 303% अधिक बजट देने का दावा किया गया। इसकी वजह भी है। दरअसल, हरियाणा की कुल जीडीपी में बड़ा हिस्सा इंडस्ट्री से आता है। प्रदेश में 4 नए औद्योगिक पार्क, नई IMT, MSMEs को वित्तीय मदद, स्टार्टअप्स के लिए विशेष फंडिंग की बात कही गई। अवैध तरीके से चल रही इंडस्ट्री को रेगुलर करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। जाहिर है कि अगर इंडस्ट्री बढ़ेगी तो नई लेबर भी आएगी। इसलिए बजट में राई, मानेसर और बावल इंडस्ट्रियल एरिया में श्रमिकों के लिए रेजिडेंस बनाने का जिक्र किया गया। सवाल 5. किसानों का कितना ध्यान रखा गया?
मुख्यमंत्री सैनी ने अपने बजट की शुरुआत एग्रीकल्चर सेक्टर से की और इसे अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी समान बताया। हालांकि किसानों के लिए सीधे किसी बड़े लाभ का कोई ऐलान नहीं हुआ। केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली सालाना 6 हजार रुपए की किसान सम्मान निधि में भी सरकार ने अपनी तरफ से कोई बढ़ोतरी नहीं की। क्रॉस डायवर्सिफिकेशन को बढ़ावा देने के लिए ग्रांट जरूर थोड़ा बढ़ाई गई। एग्रीकल्चर से जुड़े उत्पादों का निर्यात बढ़ाने के लिए हिसार एयरपोर्ट पर कार्गो गोदाम बनाने की बात भी कही गई। सवाल 6. कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बजट में क्या?
प्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की मांग कर रहे कर्मचारियों को केंद्र की तर्ज पर यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) देने की घोषणा की गई। इसका लाभ हरियाणा सरकार के तकरीबन 2 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। इसके लिए कमेटी बना दी गई। पेंशनरों को होमलोन और हेल्थ बीमा में छूट मिलेगी। महंगाई भत्ता 4% बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग और विधुर पेंशन को लेकर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा गया। सवाल 7. विधायकों के लिए क्या घोषणा हुई?
राज्य के विधायकों को अब अपने इलाके में विकास से जुड़े काम करवाने के लिए 5-5 करोड़ रुपए मिलेंगे। सीएम सैनी सदन में इससे जुड़ा ऐलान करने के बाद विपक्ष की तरफ देखकर मुस्कुराने लगे। इस दौरान कुछ विपक्षी सदस्यों ने टीका-टिप्पणी भी की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एमएलए क्षेत्र विकास निधि के तहत यह रकम लेने के लिए MLA को कुछ शर्तों का पालन करना होगा। हरियाणा में विधायकों को यह रकम पहले भी मिलती रही है। अब इसे बढ़ाया गया है। सवाल 8. नए मंत्रियों के महकमों–इलाकों पर फोकस
बजट में उन मंत्रियों को ज्यादा हिस्सा मिला जो या तो कांग्रेस के किसी बड़े चेहरे को हराकर विधानसभा पहुंचे या किसी न किसी बड़े घराने से संबंधित हैं। इनमें राव नरबीर, आरती राव, श्रुति चौधरी और गौरव गौतम शामिल हैं। पूर्व CM बंसीलाल की पोती श्रुति और केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत की बेटी आरती के परिवारों का राज्य की राजनीति में अपना अलग स्थान है। वहीं राव नरबीर की पहुंच सीधे अमित शाह तक है। गौरव गौतम ने कांग्रेस के दिग्गज भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समधी करण सिंह दलाल को हराया था। बजट में जिन इलाकों को सबसे कम तरजीह मिली, उनमें रोहतक और फतेहाबाद जिला शामिल है। 6 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में फतेहाबाद की तीनों सीटों पर BJP हार गई थी। रोहतक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का इलाका है। सवाल 9. कोई नई स्कीम नहीं, पुरानी को एलोकेशन
नायब सैनी ने अपने इस पहले बजट में किसी ऐसी बड़ी स्कीम का ऐलान नहीं किया जिसे गेमचेंजर कहा जा सके। पहले से चल रही ज्यादातर योजनाओं के लिए बजट बढ़ाया गया। बजट के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ऐसी ही कुछ योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाने भी साधे। सवाल 10. मनोहर से कितना अलग है नायब का बजट?
2024 में तत्कालीन सीएम मनोहर लाल खट्टर ने जब अपना आखिरी बजट पेश किया था तो उनके सामने राज्य में लगातार तीसरी बार BJP की सरकार बनवाने की चुनौती थी। इसके बावजूद किसी बड़ी लोकलुभावन स्कीम का ऐलान नहीं किया गया। अब यह नायब सैनी सरकार का पहला बजट रहा। 6 महीने पहले विधानसभा और इसी मार्च महीने में नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी के एकतरफा प्रदर्शन के बाद सैनी के सामने लोकलुभावन स्कीम देने जैसी कोई मजबूरी नहीं थी। यही कारण है कि उन्होंने लाडो लक्ष्मी योजना के अलावा कोई बड़ी योजना शुरू नहीं की। ——————– हरियाणा बजट से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… हरियाणा में पहली बार 2 लाख करोड़ से ज्यादा बजट, महिलाओं को ₹2100, खिलाड़ियों-विधायकों को 5-5 करोड़, 50 लाख नौकरी, शहरों में मल्टीलेवल पार्किंग बनेंगी हरियाणा के CM नायब सैनी ने सोमवार को राज्य के इतिहास में पहली बार 2 लाख 5 हजार 17 करोड़ का बजट पेश किया। प्रदेश में अब तक का यह सबसे ज्यादा बजट है। CM ने 80 पेज का बजट भाषण पढ़ा। जिसमें 161 पॉइंट्स थे। CM का बजट भाषण 2 घंटे 57 मिनट चला। पूरी खबर पढ़ें… CM ने सबसे ज्यादा बजट खुद को दिया, शिक्षा-स्वास्थ्य मंत्रियों पर अपने से लगभग आधा खर्च; विज के मंत्रालय घटे लेकिन पैसा बढ़ाया हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 2025-26 के लिए 2 लाख 5 हजार करोड़ का बजट पेश किया है। यह पिछले बार के मुकाबले करीब साढ़े 16 हजार करोड़ ज्यादा है। इसी के साथ CM ने अपने मंत्रियों के विभागों का बजट भी बढ़ा दिया है। पूरी खबर पढ़ें… एक रुपए में 31 पैसे वेतन-ब्याज-पेंशन पर खर्च, GST के बाद शराब और डीजल-पेट्रोल से सबसे ज्यादा कमाई; जानिए, अपने पैसे का हिसाब हरियाणा सरकार के बजट के आंकड़ों ने अगर आपका दिमाग चकरा दिया है और ये आंकड़े आपकी समझ से बाहर हैं तो हम आपको इन्हें आसान भाषा में समझा देते हैं। सरकार कमाई कैसे करती है, खर्च कैसे करती है, बजट कैसे बनाती है, आपके लिए बजट में क्या है और पैसा जाता कहां है…इसमें ये सब आप आसानी से समझ जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…