बिहार विधानसभा चुनाव से पहले NDA के नेता गठबंधन की मजबूती का दावा कर रहे हैं। वहीं खगड़िया में चिराग की पार्टी से सांसद राजेश वर्मा और नीतीश की पार्टी से विधायक डॉ. संजीव सिंह के बीच तकरार बढ़ गई है। परबत्ता से विधायक डॉ. संजीव सिंह ने सांसद का नाम लिए बिना उनके लिए चिरकुट, चोर, गीदड़ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। मीडिया से बात करते हुए संजीव सिंह ने कहा कि ‘जिले में मैंने दो-दो पावर स्टेशन और मेडिकल कॉलेज बनवाया है। कुछ चिरकुट लोग इसका क्रेडिट ले रहे हैं।’ ‘दूध के दांत अभी नहीं टूटे हैं। सप्लायर सब बन गया है। चुनाव के समय में पैर पकड़ते थे। चूहे की तरह थे, आज गीदड़ बन गए हैं। गीदड़ से ज्यादा लेवल नहीं है उनका। वैसे लोग सावधान हो जाए। मैं आमने-सामने की लड़ाई लड़ सकता हूं।’ ‘मेरे काम के आड़े आए तो रोड पर ला दूंगा’ JDU विधायक ने कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा, ‘गठबंधन में रहते हुए भी मैं नहीं चाहता हूं कि ऐसे लोग हमारे चुनाव में आए। इन लोगों से मैं दूरी बनाऊंगा। अभी नया-नया बने नहीं है कि कमीशनखोरी शुरू कर दी है। इन सबको मैं उजागर करूंगा।’ ‘मैं राजनीति के साथ लोकनीति करता हूं। परबत्ता की आवाज को मैं गिरने नहीं दूंगा। जो भी मेरे काम के आड़े आएगा, उसे मैं छोड़ूगा नहीं। रोड पर ला दूंगा।’ शस्त्र उठाने का समय अब खत्म हो गया है वहीं, जेडीयू विधायक के बयान पर राजेश वर्मा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि, ‘जनता मालिक है। अगर उनको इतना ही अंहकार है तो एकबार इतिहास को देख ले। रावण के घमंड को एक वानर से तोड़ा था। आप क्या हैं?’ ‘वो गाली देते नजर आते हैं। समुदाय विशेष को गाली देते हैं। आज वो शस्त्र उठाने की बात करते हैं। अब शस्त्र नहीं, शास्त्र उठाया जाता है। यह 2005 के पहले का बिहार नहीं है। जो शास्त्र उठाकर राजनीति करते थे, उनका समय खत्म हो गया है। ऐसे जो भी लोग बचे हैं, उनका भी समय समाप्त हो जाएगा।’ क्षेत्रीय मामला है, NDA की सेहत पर नहीं पड़ेगा असर BJP प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि पक्ष हो या विपक्ष, दोनों को भाषा की मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए। बिहार की बदनामी नहीं हो ऐसी भाषा का प्रयोग हर दल को करना चाहिए। NDA पूरी तरह से एकजुट है। किसी को ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। यह क्षेत्रीय मामला है। इससे NDA की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। इनकी लड़ाई में बिहार का विकास बाधित हो रहा- कांग्रेस NDA विधायक-सांसद की तू-तू मैं-मैं को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता ज्ञान रंजन ने कहा कि NDA घटक दलों में विवाद, लड़ाई-झगड़ा, मतभेद में विचार की कमी और सीटों के लिए सिर फुटव्वल आम बात हो गई। अपने आप को बड़ा और ज्यादा मजबूत साबित करने के लिए नूराकुश्ती खेल बिहार इलेक्शन तक चलेगा। जनता सबकुछ देख रही है। इस वजह से बिहार का विकास डिरेल हो गया है। RJD प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि NDA के सांसद और विधायक में क्रेडिट लेने की होड़ मची हुई है। इससे स्पष्ट होता है कि इन लोगों को जनता से कोई मतलब नहीं है। BJP कहीं न कहीं चिराग पासवान को हनुमान के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है। JDU के अंदर इससे बेचैनी है। फ्लोर टेस्ट के दौरान विधायक के नाराजगी की बात आई थी 12 फरवरी 2024 को जदयू-बीजेपी गठबंधन वाली नीतीश सरकार का फ्लोर टेस्ट था। इस दौरान परतबत्ता विधायक संजीव सिंह के सरकार और पार्टी से नाराजगी की बात सामने आई थी। वो अचानक गायब हो गए थे। आशंका थी कि वो फ्लोर टेस्ट में पार्टी के खिलाफ जाकर मतदान कर सकते थे। हालांकि फ्लोर टेस्ट से पहले डॉ. संजीव कुमार सिंह को नवादा में पुलिस और प्रशासन ने डिटेन किया था। बताया गया था कि विधायक झारखंड के रास्ते बिहार की सीमा में एंट्री कर रहे थे, उसी दौरान उन्हें नवादा जिला प्रशासन ने बिहार-झारखंड बॉर्डर पर रजौली में रोक लिया था। —————————————– इसे भी पढ़िए…. निशांत के JDU जॉइन करने जैसी कोई बात नहीं:राहुल गांधी रिसर्च का विषय; संजय झा बोले– इंडिया अलायंस को साथ लाना मेंढक तोलने जैसा संजय झा। उम्र 57 साल। अभी JDU से राज्यसभा सांसद हैं। 2012 तक BJP में हुआ करते थे, बीते 13 सालों से JDU में हैं। फिलहाल JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं। कहते हैं, दोनों बार जब नीतीश कुमार बीजेपी से दूर हुए, उन्हें वापस लाने का काम संजय ने ही किया। उन्होंने दैनिक भास्कर (डिजिटल) के बिहार-झारखंड के स्टेट एडिटर अक्षय बाजपेयी से तमाम मुद्दों पर बेबाकी से बातचीत की। पढ़िए और देखिए ये इंटरव्यू।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले NDA के नेता गठबंधन की मजबूती का दावा कर रहे हैं। वहीं खगड़िया में चिराग की पार्टी से सांसद राजेश वर्मा और नीतीश की पार्टी से विधायक डॉ. संजीव सिंह के बीच तकरार बढ़ गई है। परबत्ता से विधायक डॉ. संजीव सिंह ने सांसद का नाम लिए बिना उनके लिए चिरकुट, चोर, गीदड़ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। मीडिया से बात करते हुए संजीव सिंह ने कहा कि ‘जिले में मैंने दो-दो पावर स्टेशन और मेडिकल कॉलेज बनवाया है। कुछ चिरकुट लोग इसका क्रेडिट ले रहे हैं।’ ‘दूध के दांत अभी नहीं टूटे हैं। सप्लायर सब बन गया है। चुनाव के समय में पैर पकड़ते थे। चूहे की तरह थे, आज गीदड़ बन गए हैं। गीदड़ से ज्यादा लेवल नहीं है उनका। वैसे लोग सावधान हो जाए। मैं आमने-सामने की लड़ाई लड़ सकता हूं।’ ‘मेरे काम के आड़े आए तो रोड पर ला दूंगा’ JDU विधायक ने कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा, ‘गठबंधन में रहते हुए भी मैं नहीं चाहता हूं कि ऐसे लोग हमारे चुनाव में आए। इन लोगों से मैं दूरी बनाऊंगा। अभी नया-नया बने नहीं है कि कमीशनखोरी शुरू कर दी है। इन सबको मैं उजागर करूंगा।’ ‘मैं राजनीति के साथ लोकनीति करता हूं। परबत्ता की आवाज को मैं गिरने नहीं दूंगा। जो भी मेरे काम के आड़े आएगा, उसे मैं छोड़ूगा नहीं। रोड पर ला दूंगा।’ शस्त्र उठाने का समय अब खत्म हो गया है वहीं, जेडीयू विधायक के बयान पर राजेश वर्मा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि, ‘जनता मालिक है। अगर उनको इतना ही अंहकार है तो एकबार इतिहास को देख ले। रावण के घमंड को एक वानर से तोड़ा था। आप क्या हैं?’ ‘वो गाली देते नजर आते हैं। समुदाय विशेष को गाली देते हैं। आज वो शस्त्र उठाने की बात करते हैं। अब शस्त्र नहीं, शास्त्र उठाया जाता है। यह 2005 के पहले का बिहार नहीं है। जो शास्त्र उठाकर राजनीति करते थे, उनका समय खत्म हो गया है। ऐसे जो भी लोग बचे हैं, उनका भी समय समाप्त हो जाएगा।’ क्षेत्रीय मामला है, NDA की सेहत पर नहीं पड़ेगा असर BJP प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि पक्ष हो या विपक्ष, दोनों को भाषा की मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए। बिहार की बदनामी नहीं हो ऐसी भाषा का प्रयोग हर दल को करना चाहिए। NDA पूरी तरह से एकजुट है। किसी को ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। यह क्षेत्रीय मामला है। इससे NDA की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। इनकी लड़ाई में बिहार का विकास बाधित हो रहा- कांग्रेस NDA विधायक-सांसद की तू-तू मैं-मैं को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता ज्ञान रंजन ने कहा कि NDA घटक दलों में विवाद, लड़ाई-झगड़ा, मतभेद में विचार की कमी और सीटों के लिए सिर फुटव्वल आम बात हो गई। अपने आप को बड़ा और ज्यादा मजबूत साबित करने के लिए नूराकुश्ती खेल बिहार इलेक्शन तक चलेगा। जनता सबकुछ देख रही है। इस वजह से बिहार का विकास डिरेल हो गया है। RJD प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि NDA के सांसद और विधायक में क्रेडिट लेने की होड़ मची हुई है। इससे स्पष्ट होता है कि इन लोगों को जनता से कोई मतलब नहीं है। BJP कहीं न कहीं चिराग पासवान को हनुमान के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है। JDU के अंदर इससे बेचैनी है। फ्लोर टेस्ट के दौरान विधायक के नाराजगी की बात आई थी 12 फरवरी 2024 को जदयू-बीजेपी गठबंधन वाली नीतीश सरकार का फ्लोर टेस्ट था। इस दौरान परतबत्ता विधायक संजीव सिंह के सरकार और पार्टी से नाराजगी की बात सामने आई थी। वो अचानक गायब हो गए थे। आशंका थी कि वो फ्लोर टेस्ट में पार्टी के खिलाफ जाकर मतदान कर सकते थे। हालांकि फ्लोर टेस्ट से पहले डॉ. संजीव कुमार सिंह को नवादा में पुलिस और प्रशासन ने डिटेन किया था। बताया गया था कि विधायक झारखंड के रास्ते बिहार की सीमा में एंट्री कर रहे थे, उसी दौरान उन्हें नवादा जिला प्रशासन ने बिहार-झारखंड बॉर्डर पर रजौली में रोक लिया था। —————————————– इसे भी पढ़िए…. निशांत के JDU जॉइन करने जैसी कोई बात नहीं:राहुल गांधी रिसर्च का विषय; संजय झा बोले– इंडिया अलायंस को साथ लाना मेंढक तोलने जैसा संजय झा। उम्र 57 साल। अभी JDU से राज्यसभा सांसद हैं। 2012 तक BJP में हुआ करते थे, बीते 13 सालों से JDU में हैं। फिलहाल JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं। कहते हैं, दोनों बार जब नीतीश कुमार बीजेपी से दूर हुए, उन्हें वापस लाने का काम संजय ने ही किया। उन्होंने दैनिक भास्कर (डिजिटल) के बिहार-झारखंड के स्टेट एडिटर अक्षय बाजपेयी से तमाम मुद्दों पर बेबाकी से बातचीत की। पढ़िए और देखिए ये इंटरव्यू।