महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने हाल ही में लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण जैसे मामलों के खिलाफ कानून बनाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा की अध्यक्षता में बनाई गई है। इस पर मौजूदा बीजेपी सरकार में केंद्रीय मंत्री और NDA सहयोगी दल के नेता रामदास अठावले ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा- धर्मांतरण रोकने के लिए प्रावधान होने चाहिए, लेकिन समाज और धर्मों के बीच तालमेल बनाए रखना भी जरूरी है। अठावले बोले- लव जिहाद कहना गलत केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि अंतरधार्मिक शादियों को लव जिहाद कहना गलत है। वही, उन्होंने जबरन धर्मांतरण को रोकने की जरूरत भी बताई। हालांकि, अठावले पहले लव जिहाद कानून के समर्थन में थे, लेकिन अब उनका कहना है कि अगर हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़के के बीच शादी होती है तो धर्मांतरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा अगर कोई हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़का आपसी सहमति से शादी करते हैं, तो इसे लव जिहाद नहीं कहा जाना चाहिए, लेकिन जबरन धर्मांतरण गलत है। पीएम मोदी के लिए सब एक समान- अठावले अठावले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव करते हुए कहा कि वह सभी समुदायों के हित के लिए काम करते हैं और उनकी योजनाओं का लाभ सभी को मिलता है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी सभी को एक समान मानते हैं। उनकी नीतियों का लाभ मुसलमानों को भी मिलता है। वह कट्टरपंथी मुसलमानों के खिलाफ हैं, न कि पूरे समुदाय के खिलाफ। पैनल में वरिष्ठ अधिकारी शामिल 7 सदस्यीय कमेटी के पैनल में महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामले, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायता और गृह जैसे प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। कमेटी जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद की मामले में शिकायतों को कैसे निपटाया जाए, यह सुझाव देगी। इसके अलावा यह दूसरे राज्यों में लागू कानूनों की स्टडी करेगी और इस आधार पर कानूनी सलाह देगी। महाराष्ट्र की रहने वाली श्रद्धा वाकर की उसके बॉयफ्रेंड आफताब पूनावाला ने 2022 में दिल्ली में हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए थे। भाजपा ने इस मामले के बाद राज्य में लव जिहाद का मुद्दा उठाया था। सुप्रिया सुले बोलीं- शादी या प्रेम निजी इच्छा इस मामले पर महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी NCP शरद पवार की लीडर सुप्रिया सुले ने कहा- शादी या प्रेम निजी इच्छा है। मैं सरकार से निवेदन करती हूं कि यह असल मुद्दों पर ध्यान दें। मोदी जी अभी अमेरिका से वापस लौटे हैं। अमेरिका ने हम पर नए टैरिफ लगा दिए हैं, जिसका प्रभाव हमारे देश पर पड़ेगा। ऐसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए। फडणवीस ने कहा था- एक लाख से अधिक शिकायतें मिलीं अक्टूबर, 2024 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था- एक दशक पहले हम सोचते थे कि लव जिहाद की बात इक्का-दुक्का घटना है, लेकिन एक लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं। इनमें हिंदू महिलाओं को दूसरे धर्मों के पुरुषों के साथ भागकर शादी करने का झांसा दिया गया। कानून में कितने साल सजा का प्रावधान धर्म परिवर्तन के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को जान या संपत्ति का भय दिखाता है, बल का प्रयोग करता, शादी का दबाव बनाता है तो उसे भी आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा भुगतान करना होता है। लेकिन सभी राज्यों में सजा के प्रावधान अलग- अलग हैं। यूपी सरकार ने 2021 में कानून पारित किया था सरकार इस बिल को पहली बार 2021 में लेकर आई थी। अब इसमें संशोधन किया गया है। पहले अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान था। कानून लागू होने से लेकर अप्रैल, 2023 तक 427 केस दर्ज हुए थे। इनमें से 65 नाबालिग लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। सबसे ज्यादा केस बरेली में दर्ज हुए थे। —————————– ये खबर भी पढ़ें…. महाराष्ट्र लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी में:7 मेंबर्स का पैनल बनाया; दूसरे राज्यों के कानून की स्टडी कर सरकार को सुझाव देगा महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण जैसे मामलों के खिलाफ कानून बनाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा की अध्यक्षता में बनाई गई है। पढ़ें पूरी खबर
महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने हाल ही में लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण जैसे मामलों के खिलाफ कानून बनाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा की अध्यक्षता में बनाई गई है। इस पर मौजूदा बीजेपी सरकार में केंद्रीय मंत्री और NDA सहयोगी दल के नेता रामदास अठावले ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा- धर्मांतरण रोकने के लिए प्रावधान होने चाहिए, लेकिन समाज और धर्मों के बीच तालमेल बनाए रखना भी जरूरी है। अठावले बोले- लव जिहाद कहना गलत केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि अंतरधार्मिक शादियों को लव जिहाद कहना गलत है। वही, उन्होंने जबरन धर्मांतरण को रोकने की जरूरत भी बताई। हालांकि, अठावले पहले लव जिहाद कानून के समर्थन में थे, लेकिन अब उनका कहना है कि अगर हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़के के बीच शादी होती है तो धर्मांतरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा अगर कोई हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़का आपसी सहमति से शादी करते हैं, तो इसे लव जिहाद नहीं कहा जाना चाहिए, लेकिन जबरन धर्मांतरण गलत है। पीएम मोदी के लिए सब एक समान- अठावले अठावले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव करते हुए कहा कि वह सभी समुदायों के हित के लिए काम करते हैं और उनकी योजनाओं का लाभ सभी को मिलता है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी सभी को एक समान मानते हैं। उनकी नीतियों का लाभ मुसलमानों को भी मिलता है। वह कट्टरपंथी मुसलमानों के खिलाफ हैं, न कि पूरे समुदाय के खिलाफ। पैनल में वरिष्ठ अधिकारी शामिल 7 सदस्यीय कमेटी के पैनल में महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामले, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायता और गृह जैसे प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। कमेटी जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद की मामले में शिकायतों को कैसे निपटाया जाए, यह सुझाव देगी। इसके अलावा यह दूसरे राज्यों में लागू कानूनों की स्टडी करेगी और इस आधार पर कानूनी सलाह देगी। महाराष्ट्र की रहने वाली श्रद्धा वाकर की उसके बॉयफ्रेंड आफताब पूनावाला ने 2022 में दिल्ली में हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए थे। भाजपा ने इस मामले के बाद राज्य में लव जिहाद का मुद्दा उठाया था। सुप्रिया सुले बोलीं- शादी या प्रेम निजी इच्छा इस मामले पर महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी NCP शरद पवार की लीडर सुप्रिया सुले ने कहा- शादी या प्रेम निजी इच्छा है। मैं सरकार से निवेदन करती हूं कि यह असल मुद्दों पर ध्यान दें। मोदी जी अभी अमेरिका से वापस लौटे हैं। अमेरिका ने हम पर नए टैरिफ लगा दिए हैं, जिसका प्रभाव हमारे देश पर पड़ेगा। ऐसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए। फडणवीस ने कहा था- एक लाख से अधिक शिकायतें मिलीं अक्टूबर, 2024 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था- एक दशक पहले हम सोचते थे कि लव जिहाद की बात इक्का-दुक्का घटना है, लेकिन एक लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं। इनमें हिंदू महिलाओं को दूसरे धर्मों के पुरुषों के साथ भागकर शादी करने का झांसा दिया गया। कानून में कितने साल सजा का प्रावधान धर्म परिवर्तन के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को जान या संपत्ति का भय दिखाता है, बल का प्रयोग करता, शादी का दबाव बनाता है तो उसे भी आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा भुगतान करना होता है। लेकिन सभी राज्यों में सजा के प्रावधान अलग- अलग हैं। यूपी सरकार ने 2021 में कानून पारित किया था सरकार इस बिल को पहली बार 2021 में लेकर आई थी। अब इसमें संशोधन किया गया है। पहले अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान था। कानून लागू होने से लेकर अप्रैल, 2023 तक 427 केस दर्ज हुए थे। इनमें से 65 नाबालिग लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। सबसे ज्यादा केस बरेली में दर्ज हुए थे। —————————– ये खबर भी पढ़ें…. महाराष्ट्र लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी में:7 मेंबर्स का पैनल बनाया; दूसरे राज्यों के कानून की स्टडी कर सरकार को सुझाव देगा महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण जैसे मामलों के खिलाफ कानून बनाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा की अध्यक्षता में बनाई गई है। पढ़ें पूरी खबर