शहडोल के बुढ़ार थाना इलाके में अवैध कोयला खदान धंस गई। इसमें दबकर पति-पत्नी की मौत हो गई। उनकी पहचान ओमकार यादव उर्फ भौतु (40) और उसकी पत्नी पार्वती यादव (36) के रूप में हुई है। हादसा रविवार शाम करीब 7 बजे धनगवां गांव में हुआ। खनन माफिया ने इसे छिपाने का प्रयास किया। जब ग्रामीणों ने हंगामा किया, तब मामला सामने आया। जानकारी मिलते ही कलेक्टर डॉ. केदार सिंह और एसपी रामजी श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। देर रात जेसीबी की मदद से दोनों शवों को बाहर निकाला जा सका। पांच बेटियां हैं, बेटे की सर्पदंश से मौत हो गई थी
ओमकार और पार्वती धनगवां के अहिरान मोहल्ला के रहने वाले थे। उनकी पांच बेटियां- ममता यादव (18), रजनी यादव (15), शशि यादव (11), उर्मिला यादव (9) और शिवानी यादव (2) हैं। करीब 6 महीने पहले बेटे रवींद्र यादव की सात साल की उम्र में सांप के काटने से मौत हो गई थी। दंपती का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। मुखाग्नि बड़ी बेटी ममता ने दी। खदान में 5 मजदूर काम कर रहे थे
बुढ़ार थाना प्रभारी संजय जायसवाल ने बताया- मामला धनगवां के चुनहा गढ़ई क्षेत्र में कोयले की अवैध खदान का है। हादसे के वक्त यहां पांच मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से बुदु मिश्रा, रीटू बैगा और कृष्णा यादव को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। इससे पहले ग्रामीणों ने खदान में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई थी। इस पर अधिकारियों ने जेसीबी से खुदाई कराई। हालांकि, दंपती के अलावा कोई और शव नहीं मिला। ग्रामीण बोले- लंबे समय से चल रहा अवैध खनन
ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी को बताया कि गांव में पिछले कई महीनों से कोयले की अवैध खदानें चल रही हैं। हर दिन कई मजदूर सुरंग के अंदर घुसकर कोयला निकालने का काम करते हैं। इसकी शिकायत कई बार स्थानीय अधिकारियों को दी गई, लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों के अनुसार, जिस खदान में हादसा हुआ, वह सोन नदी से लगी है। यह एक किलोमीटर में फैली है। यहां हर दिन 70 से ज्यादा लोग कोयले का अवैध खनन करते हैं। फिर समूह बनाकर 3000 रुपए प्रति ट्रैक्टर-ट्रॉली के रेट से कोयला बेचते हैं। एक समूह 5 मजदूरों का होता है। कोयला बेचकर मिले पैसे आपस में बांट लेते हैं। जेसीबी से ध्वस्त कीं इलाके की सभी खदानें
ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने ऐसी सभी खदानों को बंद करने के निर्देश दिए। तुरंत एक्शन में आते हुए प्रशासनिक अमले ने जेसीबी की मदद से खदानों को बंद करने का काम शुरू कर दिया। खदान के मुहाने पर बनी झोपड़ी में दिखे पुलिसवाले
दैनिक भास्कर की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो जेसीबी उन खदानों को बंद करती मिली, जिनसे कोयला नहीं निकल रहा है। जहां से कोयला निकल रहा है, उनको बंद नहीं किया गया। पास ही बनी एक झोपड़ी में ASI अमृत लाल परस्ते, कॉन्स्टेबल आकाश कुमार और गिरीश कुमार कुछ लोगों के साथ बैठे नजर आए। भास्कर की टीम को देखते ही वो हड़बड़ाहट में उठे और वहां से निकल गए। खबर पर आप अपनी राय यहां दे सकते हैं… ये खबर भी पढ़ें… अडानी की कंपनी की 5 बसें, 3 ट्रक जलाए सिंगरौली में सड़क हादसे में दो युवकों की मौत के बाद बवाल हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने 5 बसों और 3 ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। एक बस और एक ट्रक में तोड़फोड़ भी की है। हालात को देखते हुए 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौके पर तैनात किए गए। खुद कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला और एसपी मनीष खत्री भी मौके पर पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर…
शहडोल के बुढ़ार थाना इलाके में अवैध कोयला खदान धंस गई। इसमें दबकर पति-पत्नी की मौत हो गई। उनकी पहचान ओमकार यादव उर्फ भौतु (40) और उसकी पत्नी पार्वती यादव (36) के रूप में हुई है। हादसा रविवार शाम करीब 7 बजे धनगवां गांव में हुआ। खनन माफिया ने इसे छिपाने का प्रयास किया। जब ग्रामीणों ने हंगामा किया, तब मामला सामने आया। जानकारी मिलते ही कलेक्टर डॉ. केदार सिंह और एसपी रामजी श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। देर रात जेसीबी की मदद से दोनों शवों को बाहर निकाला जा सका। पांच बेटियां हैं, बेटे की सर्पदंश से मौत हो गई थी
ओमकार और पार्वती धनगवां के अहिरान मोहल्ला के रहने वाले थे। उनकी पांच बेटियां- ममता यादव (18), रजनी यादव (15), शशि यादव (11), उर्मिला यादव (9) और शिवानी यादव (2) हैं। करीब 6 महीने पहले बेटे रवींद्र यादव की सात साल की उम्र में सांप के काटने से मौत हो गई थी। दंपती का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। मुखाग्नि बड़ी बेटी ममता ने दी। खदान में 5 मजदूर काम कर रहे थे
बुढ़ार थाना प्रभारी संजय जायसवाल ने बताया- मामला धनगवां के चुनहा गढ़ई क्षेत्र में कोयले की अवैध खदान का है। हादसे के वक्त यहां पांच मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से बुदु मिश्रा, रीटू बैगा और कृष्णा यादव को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। इससे पहले ग्रामीणों ने खदान में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई थी। इस पर अधिकारियों ने जेसीबी से खुदाई कराई। हालांकि, दंपती के अलावा कोई और शव नहीं मिला। ग्रामीण बोले- लंबे समय से चल रहा अवैध खनन
ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी को बताया कि गांव में पिछले कई महीनों से कोयले की अवैध खदानें चल रही हैं। हर दिन कई मजदूर सुरंग के अंदर घुसकर कोयला निकालने का काम करते हैं। इसकी शिकायत कई बार स्थानीय अधिकारियों को दी गई, लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों के अनुसार, जिस खदान में हादसा हुआ, वह सोन नदी से लगी है। यह एक किलोमीटर में फैली है। यहां हर दिन 70 से ज्यादा लोग कोयले का अवैध खनन करते हैं। फिर समूह बनाकर 3000 रुपए प्रति ट्रैक्टर-ट्रॉली के रेट से कोयला बेचते हैं। एक समूह 5 मजदूरों का होता है। कोयला बेचकर मिले पैसे आपस में बांट लेते हैं। जेसीबी से ध्वस्त कीं इलाके की सभी खदानें
ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने ऐसी सभी खदानों को बंद करने के निर्देश दिए। तुरंत एक्शन में आते हुए प्रशासनिक अमले ने जेसीबी की मदद से खदानों को बंद करने का काम शुरू कर दिया। खदान के मुहाने पर बनी झोपड़ी में दिखे पुलिसवाले
दैनिक भास्कर की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो जेसीबी उन खदानों को बंद करती मिली, जिनसे कोयला नहीं निकल रहा है। जहां से कोयला निकल रहा है, उनको बंद नहीं किया गया। पास ही बनी एक झोपड़ी में ASI अमृत लाल परस्ते, कॉन्स्टेबल आकाश कुमार और गिरीश कुमार कुछ लोगों के साथ बैठे नजर आए। भास्कर की टीम को देखते ही वो हड़बड़ाहट में उठे और वहां से निकल गए। खबर पर आप अपनी राय यहां दे सकते हैं… ये खबर भी पढ़ें… अडानी की कंपनी की 5 बसें, 3 ट्रक जलाए सिंगरौली में सड़क हादसे में दो युवकों की मौत के बाद बवाल हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने 5 बसों और 3 ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। एक बस और एक ट्रक में तोड़फोड़ भी की है। हालात को देखते हुए 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौके पर तैनात किए गए। खुद कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला और एसपी मनीष खत्री भी मौके पर पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर…