कर्नाटक में भाजपा अध्यक्ष के बीवाई विजयेंद्र के खिलाफ राज्य के कुछ विधायकों और नेताओं ने असंतोष जाहिर करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। हालांकि, पार्टी हाईकमान ने उन्हें हटाने से इनकार करते हुए विजयपुरा के विधायक को नोटिस जारी किया है। विजयेंद्र, पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे हैं। पार्टी हाईकमान ने शिकायत करने वाले नेताओं को फटकार लगाते हुए विजयेंद्र के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई से इनकार किया है। पार्टी ने विजयपुरा के विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतमल को नोटिस जारी कर कहा कि आप अनुशासन भंग नहीं कर सकते। नोटिस का 72 घंटे में जवाब मांगा गया है। पूर्व CM को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग
शिकायत करने वाले नेताओं की मांग है कि विजयेंद्र को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाकर पूर्व CM और सांसद बसवराज बोम्मई को कमान दी जाए। ये नेता बोम्मई से मिलकर अपनी बात रख चुके हैं। हालांकि, बोम्मई ने पार्टी हाईकमान के फैसले के साथ रहने की बात कही है। लोकसभा चुनाव के बाद से ही विजयेंद्र का विरोध
सूत्रों के मुताबिक विजयेंद्र को हटाने की कवायद लोकसभा चुनाव के बाद से ही शुरू हो गई थी। हालांकि, पार्टी ने इस पर अब जाकर ध्यान दिया और शिकायत करने वालों को ही नोटिस जारी कर दिया। इन नेताओं ने शिकायत की
विजयेंद्र कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे हैं। उनके खिलाफ विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल, बीपी हरीश, पूर्व विधायक कुमार बंगारप्पा और पूर्व केंद्रीय मंत्री जीएम सिद्धेश्वरा समेत कई नेताओं ने कर्नाटक के प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल से शिकायत की थी। नड्डा से भी मिल चुका विरोधी खेमा
दावा किया जा रहा है कि पूर्व मंत्री और विधायक रमेश जारकीहोली लगातार मीडिया में विजयेंद्र और उनके पिता येदियुरप्पा के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। वे कुछ नेताओं के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिल चुके हैं। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि उन्हें पार्टी नेताओं ने फटकार लगाई है। विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग हुई थी
पिछले हफ्ते भाजपा विधायक सुरेश गौड़ा ने कहा था कि विजयेंद्र प्रभावी तरीके से पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने बागी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा- पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की आलोचना करना अनुचित है। अगर पार्टी के नेता ही उनके खिलाफ नकारात्मक बयान देंगे तो इससे कार्यकर्ता कमजोर पड़ेंगे। येदियुरप्पा ने राज्य में भाजपा को सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बागियों को सार्वजनिक बयान देने के बजाय पार्टी प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखनी चाहिए। दक्षिण में कर्नाटक पार्टी का सबसे मजबूत किला
कर्नाटक दक्षिण का एकमात्र राज्य है, जहां भाजपा मजबूत है। ऐसे में पार्टी हाईकमान यहां किसी भी प्रकार की गुटबाजी नहीं चाहता। विद्रोह करने वाले नेताओं ने पार्टी हाईकमान से मिलने का समय मांगा था, लेकिन पार्टी ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा के मंत्री अनिल विज को पार्टी हाईकमान का नोटिस, 3 दिन में जवाब मांगा; मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ बयानबाजी का मामला हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के खिलाफ बयानबाजी करने पर अनिल विज को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पार्टी ने उनसे 3 दिन में जवाब मांगा है। हालांकि बाद में उनके PA अभिकांत वत्स ने बताया कि विज बेंगलुरु गए हैं। वह आज शाम 6:30 बजे बेंगलुरु से वापस आएंगे। इसके बाद विज नोटिस का जवाब दे सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ एक्शन लेगी भाजपा?: फोन टैपिंग के आरोपों से नाराज हाईकमान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा को अनुशासनहीनता का नोटिस भेजा है। किरोड़ी के फोन टैपिंग के बयान को पार्टी ने अनुशासनहीनता माना है। किरोड़ी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। नोटिस को लेकर किरोड़ी बोले- मैं पार्टी का अनुशासित सिपाही, नोटिस मिलते ही तय समय में जवाब भेज दूंगा। पूरी खबर पढ़ें…
कर्नाटक में भाजपा अध्यक्ष के बीवाई विजयेंद्र के खिलाफ राज्य के कुछ विधायकों और नेताओं ने असंतोष जाहिर करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। हालांकि, पार्टी हाईकमान ने उन्हें हटाने से इनकार करते हुए विजयपुरा के विधायक को नोटिस जारी किया है। विजयेंद्र, पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे हैं। पार्टी हाईकमान ने शिकायत करने वाले नेताओं को फटकार लगाते हुए विजयेंद्र के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई से इनकार किया है। पार्टी ने विजयपुरा के विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतमल को नोटिस जारी कर कहा कि आप अनुशासन भंग नहीं कर सकते। नोटिस का 72 घंटे में जवाब मांगा गया है। पूर्व CM को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग
शिकायत करने वाले नेताओं की मांग है कि विजयेंद्र को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाकर पूर्व CM और सांसद बसवराज बोम्मई को कमान दी जाए। ये नेता बोम्मई से मिलकर अपनी बात रख चुके हैं। हालांकि, बोम्मई ने पार्टी हाईकमान के फैसले के साथ रहने की बात कही है। लोकसभा चुनाव के बाद से ही विजयेंद्र का विरोध
सूत्रों के मुताबिक विजयेंद्र को हटाने की कवायद लोकसभा चुनाव के बाद से ही शुरू हो गई थी। हालांकि, पार्टी ने इस पर अब जाकर ध्यान दिया और शिकायत करने वालों को ही नोटिस जारी कर दिया। इन नेताओं ने शिकायत की
विजयेंद्र कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे हैं। उनके खिलाफ विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल, बीपी हरीश, पूर्व विधायक कुमार बंगारप्पा और पूर्व केंद्रीय मंत्री जीएम सिद्धेश्वरा समेत कई नेताओं ने कर्नाटक के प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल से शिकायत की थी। नड्डा से भी मिल चुका विरोधी खेमा
दावा किया जा रहा है कि पूर्व मंत्री और विधायक रमेश जारकीहोली लगातार मीडिया में विजयेंद्र और उनके पिता येदियुरप्पा के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। वे कुछ नेताओं के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिल चुके हैं। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि उन्हें पार्टी नेताओं ने फटकार लगाई है। विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग हुई थी
पिछले हफ्ते भाजपा विधायक सुरेश गौड़ा ने कहा था कि विजयेंद्र प्रभावी तरीके से पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने बागी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा- पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की आलोचना करना अनुचित है। अगर पार्टी के नेता ही उनके खिलाफ नकारात्मक बयान देंगे तो इससे कार्यकर्ता कमजोर पड़ेंगे। येदियुरप्पा ने राज्य में भाजपा को सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बागियों को सार्वजनिक बयान देने के बजाय पार्टी प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखनी चाहिए। दक्षिण में कर्नाटक पार्टी का सबसे मजबूत किला
कर्नाटक दक्षिण का एकमात्र राज्य है, जहां भाजपा मजबूत है। ऐसे में पार्टी हाईकमान यहां किसी भी प्रकार की गुटबाजी नहीं चाहता। विद्रोह करने वाले नेताओं ने पार्टी हाईकमान से मिलने का समय मांगा था, लेकिन पार्टी ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा के मंत्री अनिल विज को पार्टी हाईकमान का नोटिस, 3 दिन में जवाब मांगा; मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ बयानबाजी का मामला हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के खिलाफ बयानबाजी करने पर अनिल विज को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पार्टी ने उनसे 3 दिन में जवाब मांगा है। हालांकि बाद में उनके PA अभिकांत वत्स ने बताया कि विज बेंगलुरु गए हैं। वह आज शाम 6:30 बजे बेंगलुरु से वापस आएंगे। इसके बाद विज नोटिस का जवाब दे सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ एक्शन लेगी भाजपा?: फोन टैपिंग के आरोपों से नाराज हाईकमान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा को अनुशासनहीनता का नोटिस भेजा है। किरोड़ी के फोन टैपिंग के बयान को पार्टी ने अनुशासनहीनता माना है। किरोड़ी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। नोटिस को लेकर किरोड़ी बोले- मैं पार्टी का अनुशासित सिपाही, नोटिस मिलते ही तय समय में जवाब भेज दूंगा। पूरी खबर पढ़ें…