दिल्ली में एक बुजुर्ग नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) कपल को 17 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 15 करोड़ रुपए की ठगी की गई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ठगों ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताकर कहा था- आपके खाते में ब्लैक मनी है। अब उनके पैसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जरिए वापस किए जाएंगे और पुलिस को इसकी जानकारी दे दी गई है। बुजुर्ग कपल ने शनिवार को दिल्ली पुलिस में FIR दर्ज कराई। पीड़ित कपल डॉ. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा करीब 48 साल तक अमेरिका में रहे और संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़े रहे। रिटायरमेंट के बाद 2015 में वे भारत लौटे थे और तब से ग्रेटर कैलाश-2 में रह रहे हैं। 77 साल की डॉ. इंदिरा तनेजा ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर से आपत्तिजनक कॉल की गई हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि उनके बैंक खातों में काला धन पाया गया है और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है। पूरा मामला सिलसिलेवार जानें… ठगों ने कहा था- आपका पैसा RBI के जरिए वापस आ जाएगा 10 जनवरी को मामला तब सामने आया, जब ठगों ने बुजुर्ग कपल को स्थानीय पुलिस थाने जाने को कहा। कपल के मुताबिक, ठगों ने उनसे कहा कि अब उनके पैसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जरिए वापस किए जाएंगे और पुलिस को इसकी जानकारी दे दी गई है। डॉ. इंदिरा तनेजा वीडियो कॉल पर रहते हुए पुलिस थाने पहुंचीं और ठगों की पुलिसकर्मियों से बात भी कराई। महिला के मुताबिक, कॉल करने वालों ठगों ने पुलिस से भी बदतमीजी से बात की। पुलिस थाने पहुंचने के बाद ही डॉ. इंदिरा तनेजा को ठगी का पूरा अंदाजा हुआ और यह साफ हुआ कि पैसे लौटाने का दावा पूरी तरह झूठा था। दिल्ली पुलिस-IFSO जांच में जुटी दंपती अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवाने के बाद गहरे सदमे में है। पीड़ित डॉ. इंदिरा ने बताया कि पुलिस के पास जाने के बाद ही उन्हें ठगी का पता चला। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और वकील की मौजूदगी में विस्तृत शिकायत देने के लिए समय मांगा। दिल्ली पुलिस ने कपल की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए जांच स्पेशल सेल की साइबर यूनिट- इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) को सौंप दी गई है।IFSO यूनिट ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। बुजुर्गों को शिकार बना रहे हैं स्कैमर्स ——————————- डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पूर्व CJI चंद्रचूड़ के नाम पर डिजिटल अरेस्ट:मुंबई में बुजुर्ग महिला से 3.71 करोड़ ठगे; सूरत से एक आरोपी गिरफ्तार मुंबई में 68 साल की एक महिला से 3.71 करोड़ रुपए की ठगी हो गई। आरोपियों ने खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों का कर्मचारी बताया था। इन लोगों ने नकली ऑनलाइन कोर्ट सुनवाई भी की, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ बताया था। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली में एक बुजुर्ग नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) कपल को 17 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 15 करोड़ रुपए की ठगी की गई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ठगों ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताकर कहा था- आपके खाते में ब्लैक मनी है। अब उनके पैसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जरिए वापस किए जाएंगे और पुलिस को इसकी जानकारी दे दी गई है। बुजुर्ग कपल ने शनिवार को दिल्ली पुलिस में FIR दर्ज कराई। पीड़ित कपल डॉ. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा करीब 48 साल तक अमेरिका में रहे और संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़े रहे। रिटायरमेंट के बाद 2015 में वे भारत लौटे थे और तब से ग्रेटर कैलाश-2 में रह रहे हैं। 77 साल की डॉ. इंदिरा तनेजा ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर से आपत्तिजनक कॉल की गई हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि उनके बैंक खातों में काला धन पाया गया है और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है। पूरा मामला सिलसिलेवार जानें… ठगों ने कहा था- आपका पैसा RBI के जरिए वापस आ जाएगा 10 जनवरी को मामला तब सामने आया, जब ठगों ने बुजुर्ग कपल को स्थानीय पुलिस थाने जाने को कहा। कपल के मुताबिक, ठगों ने उनसे कहा कि अब उनके पैसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जरिए वापस किए जाएंगे और पुलिस को इसकी जानकारी दे दी गई है। डॉ. इंदिरा तनेजा वीडियो कॉल पर रहते हुए पुलिस थाने पहुंचीं और ठगों की पुलिसकर्मियों से बात भी कराई। महिला के मुताबिक, कॉल करने वालों ठगों ने पुलिस से भी बदतमीजी से बात की। पुलिस थाने पहुंचने के बाद ही डॉ. इंदिरा तनेजा को ठगी का पूरा अंदाजा हुआ और यह साफ हुआ कि पैसे लौटाने का दावा पूरी तरह झूठा था। दिल्ली पुलिस-IFSO जांच में जुटी दंपती अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवाने के बाद गहरे सदमे में है। पीड़ित डॉ. इंदिरा ने बताया कि पुलिस के पास जाने के बाद ही उन्हें ठगी का पता चला। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और वकील की मौजूदगी में विस्तृत शिकायत देने के लिए समय मांगा। दिल्ली पुलिस ने कपल की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए जांच स्पेशल सेल की साइबर यूनिट- इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) को सौंप दी गई है।IFSO यूनिट ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। बुजुर्गों को शिकार बना रहे हैं स्कैमर्स ——————————- डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पूर्व CJI चंद्रचूड़ के नाम पर डिजिटल अरेस्ट:मुंबई में बुजुर्ग महिला से 3.71 करोड़ ठगे; सूरत से एक आरोपी गिरफ्तार मुंबई में 68 साल की एक महिला से 3.71 करोड़ रुपए की ठगी हो गई। आरोपियों ने खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों का कर्मचारी बताया था। इन लोगों ने नकली ऑनलाइन कोर्ट सुनवाई भी की, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ बताया था। पूरी खबर पढ़ें…