हिमाचल के धर्मशाला स्थित गवर्नमेंट कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्रोफेसर समेत 4 आरोपियों पर FIR दर्ज कर दी है। मृतक छात्रा ने मरने से पहले एक वीडियो में प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न और 3 लड़कियों पर रैगिंग का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता पिता ने कॉलेज के प्रोफेसर अशोक कुमार पर छात्रा से अशोभनीय हरकतें और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए, जिसके चलते वो गहरे सदमे में चली गई थी। वह लगातार भयभीत रहने लगी और उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। परिजनों के अनुसार, छात्रा का विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराया गया, लेकिन 26 दिसंबर को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी की नाजुक हालत के चलते वे पहले शिकायत दर्ज नहीं करा सके। अब सिलसिलेवार रूप में जानें पूरा मामला… प्रोफेसर ने आरोपों को बताया निराधार वहीं, गवर्नमेंट कॉलेज धर्मशाला के प्रोफेसर अशोक कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि छात्रा पिछले सत्र में उनके पास पढ़ती थी, जबकि मौजूदा सत्र में वह किसी अन्य प्रोफेसर के अधीन थी। छात्र संगठनों में उबाल मामले के सामने आने के बाद छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। संगठनों ने निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा कॉलेज प्रशासन की भूमिका की भी जांच की मांग की है। मामले में शिमला के रिज पर सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। रवि ने कहा- पिता की शिकायत के बावजूद इस मामले की FIR नहीं की गई। उन्होंने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की। पुलिस हर पहलू पर जांच में जुटी: ASP एएसपी कांगड़ा अशोक रतन ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपों, मेडिकल रिकॉर्ड, वीडियो बयान और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 115(2), 3(5) तथा हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत केस पंजीकृत किया है। —————- यह खबर भी पढ़ें धर्मशाला में मृत छात्रा के घर उमड़ी भीड़:भाई बोला-प्रोफेसर ने क्लॉस से बाहर निकाला, बहन डिप्रेशन में गई, पुलिस-कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल धर्मशाला के एक सरकारी कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा के मौत मामले में परिजनों ने पुलिस और कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। मृतक छात्रा के भाई आर्यन ने बताया कि, उनकी बहन एक नंबर से परीक्षा में रह गई थी। (पूरी खबर पढे़)
हिमाचल के धर्मशाला स्थित गवर्नमेंट कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्रोफेसर समेत 4 आरोपियों पर FIR दर्ज कर दी है। मृतक छात्रा ने मरने से पहले एक वीडियो में प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न और 3 लड़कियों पर रैगिंग का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता पिता ने कॉलेज के प्रोफेसर अशोक कुमार पर छात्रा से अशोभनीय हरकतें और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए, जिसके चलते वो गहरे सदमे में चली गई थी। वह लगातार भयभीत रहने लगी और उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। परिजनों के अनुसार, छात्रा का विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराया गया, लेकिन 26 दिसंबर को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी की नाजुक हालत के चलते वे पहले शिकायत दर्ज नहीं करा सके। अब सिलसिलेवार रूप में जानें पूरा मामला… प्रोफेसर ने आरोपों को बताया निराधार वहीं, गवर्नमेंट कॉलेज धर्मशाला के प्रोफेसर अशोक कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि छात्रा पिछले सत्र में उनके पास पढ़ती थी, जबकि मौजूदा सत्र में वह किसी अन्य प्रोफेसर के अधीन थी। छात्र संगठनों में उबाल मामले के सामने आने के बाद छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। संगठनों ने निष्पक्ष और समयबद्ध जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा कॉलेज प्रशासन की भूमिका की भी जांच की मांग की है। मामले में शिमला के रिज पर सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। रवि ने कहा- पिता की शिकायत के बावजूद इस मामले की FIR नहीं की गई। उन्होंने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की। पुलिस हर पहलू पर जांच में जुटी: ASP एएसपी कांगड़ा अशोक रतन ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपों, मेडिकल रिकॉर्ड, वीडियो बयान और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 115(2), 3(5) तथा हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत केस पंजीकृत किया है। —————- यह खबर भी पढ़ें धर्मशाला में मृत छात्रा के घर उमड़ी भीड़:भाई बोला-प्रोफेसर ने क्लॉस से बाहर निकाला, बहन डिप्रेशन में गई, पुलिस-कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल धर्मशाला के एक सरकारी कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा के मौत मामले में परिजनों ने पुलिस और कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। मृतक छात्रा के भाई आर्यन ने बताया कि, उनकी बहन एक नंबर से परीक्षा में रह गई थी। (पूरी खबर पढे़)