उज्जैन के नागदा में एक युवक ने फांसी लगा ली। ये देख उसके पिता इलाके में गश्त कर रहे नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी के पास दौड़ते हुए पहुंचे। उन्होंने टीआई को बेटे के फंदे से झूलने की बात कही। टीआई गवरी तुरंत मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा तोड़ा और युवक को फंदे से नीचे उतारा। परिजन युवक को मृत समझकर विलाप कर रहे थे। इधर, टीआई ने युवक को सीपीआर देना शुरू किया। कुछ ही सेकंड में उसके शरीर में हलचल होने लगी। पुलिस युवक को अस्पताल ले गई। हालात सामान्य होने पर अस्पताल से युवक को छुट्टी दे दी गई है। इस घटना के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने टीआई 10 हजार रुपए से पुरस्कृत देने के आदेश जारी किए हैं। डॉक्टर बोले- सीपीआर से बची युवक की जान
घटना नागदा में जनमेजय मार्ग स्थित पानी की टंकी के पास सोमवार रात करीब डेढ़ बजे की है। थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी युवक के पिता उनके पास पहुंचे थे। टीआई बिना देरी किए युवक के घर पहुंच गए। उन्होंने अपनी पुलिस ट्रेनिंग के दौरान सिखाई गई सीपीआर तकनीक का उपयोग किया। युवक की सांसें लौटी तो अपने वाहन से उसे एमपी-13 अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने तत्काल जांच कर उपचार शुरू किया और बताया कि समय पर सीपीआर मिलने के कारण युवक की जान बच गई। युवक की जान बचाने में नगर सुरक्षा समिति के राजेश मोरवाल ने भी पुलिस का सहयोग किया। ऑक्सीजन लेवल कम था और बीपी बढ़ा
हॉस्पिटल के संचालक डॉ प्रमोद बाथम ने बताया युवक को जब लाया गया तब तो थोड़ा अनकॉन्शियस था। उसका ऑक्सीजन लेवल कम आ रहा था, बीपी थोड़ा बढ़ा हुआ था। प्राथमिक उपचार के दौरान उसे ऑक्सीजन लगाई गई और थोड़ी देर निगरानी में रखने बाद वो ठीक हो गया और उसके परिजन उसे साथ ले गए। पहले कर चुका है मरने की कोशिश
युवक ने फांसी अपने पारिवारिक कारणों से लगाई थी। इसके पहले भी वह 2 बार अलग-अलग तरीके जान देने की कोशिश कर चुका है। युवक की उम्र 20 वर्ष है। इसके पिता निजी कंपनी में कार्यरत हैं। कड़क हो गया था शरीर
पुलिस थाना प्रभारी अमृत लाल गवरी ने बताया की जब वो युवक को बचाने पहुंचे तब तक उसका शरीर कड़क पड़ चुका था। फिर भी कोशिश की उसकी जान बचाने में और कामयाबी मिली। युवक को 2-3 से तीन मिनिट तक सीपीआर दिया। इसके बाद नजदीक के अस्पताल युवक को पहुंचा दिया गया।
युवक के स्वस्थ होने के बाद थाना प्रभारी गवरी ने उसकी काउंसलिंग भी की और उसे समझाकर घर भेजा। पहले भी सिपाही की बचा चुके हैं जान
थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने बताया कि 6 माह पहले भी वे सीपीआर देकर एक अधीनस्थ सिपाही की जान बचा चुके हैं । जब वे अपने साथी जवान ड्राइवर के साथ जा रहे थे तब बायपास पर एक्सीडेंट हो गया था। उसी दौरान खुद गवरी घायल थे। लेकिन फिर भी सीपीआर देकर भारत नाम के सिपाही को सीपीआर देकर उसकी जान बचाई थी। डीजीपी ने 10 हजार का इनाम देने की घोषणा मंगलवार को पुलिस थाना नागदा के स्टाफ ने थाना प्रभारी का फूल मालाओं के साथ स्वागत सरकार किया। वहीं पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने की इनाम की घोषणा। थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी 10 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) के बारे में जानिए…
उज्जैन के नागदा में एक युवक ने फांसी लगा ली। ये देख उसके पिता इलाके में गश्त कर रहे नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी के पास दौड़ते हुए पहुंचे। उन्होंने टीआई को बेटे के फंदे से झूलने की बात कही। टीआई गवरी तुरंत मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा तोड़ा और युवक को फंदे से नीचे उतारा। परिजन युवक को मृत समझकर विलाप कर रहे थे। इधर, टीआई ने युवक को सीपीआर देना शुरू किया। कुछ ही सेकंड में उसके शरीर में हलचल होने लगी। पुलिस युवक को अस्पताल ले गई। हालात सामान्य होने पर अस्पताल से युवक को छुट्टी दे दी गई है। इस घटना के बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने टीआई 10 हजार रुपए से पुरस्कृत देने के आदेश जारी किए हैं। डॉक्टर बोले- सीपीआर से बची युवक की जान
घटना नागदा में जनमेजय मार्ग स्थित पानी की टंकी के पास सोमवार रात करीब डेढ़ बजे की है। थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी युवक के पिता उनके पास पहुंचे थे। टीआई बिना देरी किए युवक के घर पहुंच गए। उन्होंने अपनी पुलिस ट्रेनिंग के दौरान सिखाई गई सीपीआर तकनीक का उपयोग किया। युवक की सांसें लौटी तो अपने वाहन से उसे एमपी-13 अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने तत्काल जांच कर उपचार शुरू किया और बताया कि समय पर सीपीआर मिलने के कारण युवक की जान बच गई। युवक की जान बचाने में नगर सुरक्षा समिति के राजेश मोरवाल ने भी पुलिस का सहयोग किया। ऑक्सीजन लेवल कम था और बीपी बढ़ा
हॉस्पिटल के संचालक डॉ प्रमोद बाथम ने बताया युवक को जब लाया गया तब तो थोड़ा अनकॉन्शियस था। उसका ऑक्सीजन लेवल कम आ रहा था, बीपी थोड़ा बढ़ा हुआ था। प्राथमिक उपचार के दौरान उसे ऑक्सीजन लगाई गई और थोड़ी देर निगरानी में रखने बाद वो ठीक हो गया और उसके परिजन उसे साथ ले गए। पहले कर चुका है मरने की कोशिश
युवक ने फांसी अपने पारिवारिक कारणों से लगाई थी। इसके पहले भी वह 2 बार अलग-अलग तरीके जान देने की कोशिश कर चुका है। युवक की उम्र 20 वर्ष है। इसके पिता निजी कंपनी में कार्यरत हैं। कड़क हो गया था शरीर
पुलिस थाना प्रभारी अमृत लाल गवरी ने बताया की जब वो युवक को बचाने पहुंचे तब तक उसका शरीर कड़क पड़ चुका था। फिर भी कोशिश की उसकी जान बचाने में और कामयाबी मिली। युवक को 2-3 से तीन मिनिट तक सीपीआर दिया। इसके बाद नजदीक के अस्पताल युवक को पहुंचा दिया गया।
युवक के स्वस्थ होने के बाद थाना प्रभारी गवरी ने उसकी काउंसलिंग भी की और उसे समझाकर घर भेजा। पहले भी सिपाही की बचा चुके हैं जान
थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने बताया कि 6 माह पहले भी वे सीपीआर देकर एक अधीनस्थ सिपाही की जान बचा चुके हैं । जब वे अपने साथी जवान ड्राइवर के साथ जा रहे थे तब बायपास पर एक्सीडेंट हो गया था। उसी दौरान खुद गवरी घायल थे। लेकिन फिर भी सीपीआर देकर भारत नाम के सिपाही को सीपीआर देकर उसकी जान बचाई थी। डीजीपी ने 10 हजार का इनाम देने की घोषणा मंगलवार को पुलिस थाना नागदा के स्टाफ ने थाना प्रभारी का फूल मालाओं के साथ स्वागत सरकार किया। वहीं पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने की इनाम की घोषणा। थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी 10 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) के बारे में जानिए…