बेमौसम बारिश से मध्य प्रदेश में फसलें बर्बाद हो गईं। इससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। अब बिजली विभाग ने किसानों को नई परेशानी में डाल दिया। बिजली विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि किसानों को एक दिन में 10 घंटे से ज्यादा बिजली दी तो ऑपरेटर की सैलरी कटेगी। यानी खेत सूखे रहें या किसान भूखे, बिजली अब टाइम टेबल से मिलेगी। ये आदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चीफ जनरल मैनेजर एके जैन ने निकाला है। इसकी कॉपी भोपाल और ग्वालियर के साथ सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, रायसेन, हरदा, विदिशा, अशोकनगर, गुना, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी और दतिया के महाप्रबंधकों को भेजी गई है। बता दें, सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक नवंबर को कहा था कि ‘घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि और औद्योगिक श्रेणी (शासकीय कनेक्शन को छोड़कर) उपभोक्ताओं को तीन माह या उससे अधिक के बकाया बिल पर सरचार्ज राशि में छूट दी जाएगी।’ इसके एक दिन बाद बिजली कंपनी ने नया आदेश दे दिया। इसे कांग्रेस ने भाजपा सरकार का दोगलापन बताया है। जेई से लेकर जीएम तक की सैलरी कटेगी
बिजली कंपनी के आदेश में लिखा है- यदि किसी कृषि फीडर पर 10 घंटे से अधिक बिजली दी जाती है तो इसे नियम के खिलाफ माना जाएगा। संबंधित ऑपरेटर की एक दिन की सैलरी काटी जाएगी। यदि कंट्रोल रूम द्वारा किसी कृषि फीडर पर 2 दिन लगातार 10 घंटे से अधिक बिजली दी जाती है तो संबंधित जूनियर इंजीनियर का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। लगातार 5 दिन तक ऐसा होने पर एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की 1 दिन की सैलरी काटी जाएगी। यदि 7 दिन तक प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक आपूर्ति पाई जाती है, तो उपमहाप्रबंधक (DGM) या महाप्रबंधक (GM) का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। कार्रवाई की रिपोर्ट हेडक्वार्टर भेजी जाएगी
आदेश में लिखा है कि यदि कहीं मिट्टी की नमी, खराब मौसम या तकनीकी कारणों से लोड बढ़ता है तो भी आपूर्ति 10 घंटे से अधिक नहीं की जानी चाहिए। कृषि फीडर मीटरों के समय रीडिंग के आधार पर प्रतिदिन 15 मिनट तक की त्रुटि सीमा निर्धारित की गई है। इससे अधिक बिजली देने पर इसे नियम उल्लंघन माना जाएगा। सभी अधीक्षण अभियंताओं, एक्जीक्यूटिव, असिस्टेंट और जूनियर इंजीनियरों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा। उल्लंघन की रिपोर्ट हेडक्वार्टर को भेजी जाएगी। कांग्रेस ने कहा- किसानों को परेशान करना है
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राहुल शर्मा ने इस आदेश की कॉपी X पर शेयर करते हुए लिखा- यह आदेश ध्यान से पढ़िए। भाजपा के नेता भाषण में कहते हैं- पर्याप्त बिजली देंगे और आदेश दे रहे हैं कि 10 घंटे से ज्यादा बिजली यदि किसी कर्मचारी ने दी तो तनख्वाह काट लेंगे। दोहरा चरित्र और दोगलेपन की सारी सीमाएं लांघती हुई भाजपा की ये सरकार। लगता है कि मोहन यादव जी ने कसम खा ली है कि किसानों को हर तरह से परेशान करना है? सरकार ने दी है बकाया बिल चुकाने पर छूट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक नवंबर को कहा था- उपभोक्ता बकाया राशि को एकमुश्त या छह किस्तों में चुका सकते हैं। योजना में सरचार्ज पर अधिकतम छूट एक करोड़ रुपए तक दी जा सकती है। उन्होंने यह बात एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी, अरेरा कॉलोनी से ऊर्जा विभाग की समाधान योजना 2025-26 का शुभारंभ करते हुए कही थी। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई, एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक अविनाश लवानिया और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बिजली कंपनी ने दी सफाई
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि असामाजिक तत्वों के प्रभाव में निर्धारित घंटे एवं घोषित समयानुसार से अधिक विद्युत प्रदान किए जाने से कृषि फीडरों पर विद्युत से होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही घरेलू फीडरों पर 24X7 विद्युत प्रदाय किए जाने में भी बाधा उत्पन्न होती है। इन घंटों से अधिक आपूर्ति के लिए संबंधित अधिकारियों पर कुछ दंड के प्रावधान किए गए हैं। इन्हीं प्रावधानों के अंतर्गत कहा है कि यदि विद्युत प्रदाय के घंटों में किसी कारण से वृद्धि होती है तो इसके परिणाम बिजली कंपनी के आर्थिक समंकों में गिरावट के रूप में दर्ज होते हैं। इससे एक ओर जहां तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में वृद्धि होती है, दूसरी ओर इन आर्थिक समंकों में गिरावट होने से विद्युत वितरण के क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं एवं निर्माण कार्यों की पात्रता की शर्तें बदल जाती हैं और कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ये खबर भी पढ़ें… रीवा महाराज समेत कई कारोबारियों का बिजली बिल शून्य रीवा के महाराज पुष्पराज सिंह समेत कई कारोबारियों को लगातार 6 महीने तक जीरो बिल मिला, जबकि दो पंखे-बल्ब जलाने वाले जवान को 67 हजार का बिल थमा दिया गया। मामला तब सामने आया, जब महाराजा के नाम से जारी दो बिजली कनेक्शनों के बिल सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। जांच शुरू होने के बाद कंपनी के एई रविंद्र कौशल सहित अन्य कर्मचारियों को भी हटा दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
बेमौसम बारिश से मध्य प्रदेश में फसलें बर्बाद हो गईं। इससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। अब बिजली विभाग ने किसानों को नई परेशानी में डाल दिया। बिजली विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि किसानों को एक दिन में 10 घंटे से ज्यादा बिजली दी तो ऑपरेटर की सैलरी कटेगी। यानी खेत सूखे रहें या किसान भूखे, बिजली अब टाइम टेबल से मिलेगी। ये आदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चीफ जनरल मैनेजर एके जैन ने निकाला है। इसकी कॉपी भोपाल और ग्वालियर के साथ सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, रायसेन, हरदा, विदिशा, अशोकनगर, गुना, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी और दतिया के महाप्रबंधकों को भेजी गई है। बता दें, सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक नवंबर को कहा था कि ‘घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि और औद्योगिक श्रेणी (शासकीय कनेक्शन को छोड़कर) उपभोक्ताओं को तीन माह या उससे अधिक के बकाया बिल पर सरचार्ज राशि में छूट दी जाएगी।’ इसके एक दिन बाद बिजली कंपनी ने नया आदेश दे दिया। इसे कांग्रेस ने भाजपा सरकार का दोगलापन बताया है। जेई से लेकर जीएम तक की सैलरी कटेगी
बिजली कंपनी के आदेश में लिखा है- यदि किसी कृषि फीडर पर 10 घंटे से अधिक बिजली दी जाती है तो इसे नियम के खिलाफ माना जाएगा। संबंधित ऑपरेटर की एक दिन की सैलरी काटी जाएगी। यदि कंट्रोल रूम द्वारा किसी कृषि फीडर पर 2 दिन लगातार 10 घंटे से अधिक बिजली दी जाती है तो संबंधित जूनियर इंजीनियर का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। लगातार 5 दिन तक ऐसा होने पर एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की 1 दिन की सैलरी काटी जाएगी। यदि 7 दिन तक प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक आपूर्ति पाई जाती है, तो उपमहाप्रबंधक (DGM) या महाप्रबंधक (GM) का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। कार्रवाई की रिपोर्ट हेडक्वार्टर भेजी जाएगी
आदेश में लिखा है कि यदि कहीं मिट्टी की नमी, खराब मौसम या तकनीकी कारणों से लोड बढ़ता है तो भी आपूर्ति 10 घंटे से अधिक नहीं की जानी चाहिए। कृषि फीडर मीटरों के समय रीडिंग के आधार पर प्रतिदिन 15 मिनट तक की त्रुटि सीमा निर्धारित की गई है। इससे अधिक बिजली देने पर इसे नियम उल्लंघन माना जाएगा। सभी अधीक्षण अभियंताओं, एक्जीक्यूटिव, असिस्टेंट और जूनियर इंजीनियरों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा। उल्लंघन की रिपोर्ट हेडक्वार्टर को भेजी जाएगी। कांग्रेस ने कहा- किसानों को परेशान करना है
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राहुल शर्मा ने इस आदेश की कॉपी X पर शेयर करते हुए लिखा- यह आदेश ध्यान से पढ़िए। भाजपा के नेता भाषण में कहते हैं- पर्याप्त बिजली देंगे और आदेश दे रहे हैं कि 10 घंटे से ज्यादा बिजली यदि किसी कर्मचारी ने दी तो तनख्वाह काट लेंगे। दोहरा चरित्र और दोगलेपन की सारी सीमाएं लांघती हुई भाजपा की ये सरकार। लगता है कि मोहन यादव जी ने कसम खा ली है कि किसानों को हर तरह से परेशान करना है? सरकार ने दी है बकाया बिल चुकाने पर छूट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक नवंबर को कहा था- उपभोक्ता बकाया राशि को एकमुश्त या छह किस्तों में चुका सकते हैं। योजना में सरचार्ज पर अधिकतम छूट एक करोड़ रुपए तक दी जा सकती है। उन्होंने यह बात एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी, अरेरा कॉलोनी से ऊर्जा विभाग की समाधान योजना 2025-26 का शुभारंभ करते हुए कही थी। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई, एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक अविनाश लवानिया और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बिजली कंपनी ने दी सफाई
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि असामाजिक तत्वों के प्रभाव में निर्धारित घंटे एवं घोषित समयानुसार से अधिक विद्युत प्रदान किए जाने से कृषि फीडरों पर विद्युत से होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही घरेलू फीडरों पर 24X7 विद्युत प्रदाय किए जाने में भी बाधा उत्पन्न होती है। इन घंटों से अधिक आपूर्ति के लिए संबंधित अधिकारियों पर कुछ दंड के प्रावधान किए गए हैं। इन्हीं प्रावधानों के अंतर्गत कहा है कि यदि विद्युत प्रदाय के घंटों में किसी कारण से वृद्धि होती है तो इसके परिणाम बिजली कंपनी के आर्थिक समंकों में गिरावट के रूप में दर्ज होते हैं। इससे एक ओर जहां तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में वृद्धि होती है, दूसरी ओर इन आर्थिक समंकों में गिरावट होने से विद्युत वितरण के क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं एवं निर्माण कार्यों की पात्रता की शर्तें बदल जाती हैं और कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ये खबर भी पढ़ें… रीवा महाराज समेत कई कारोबारियों का बिजली बिल शून्य रीवा के महाराज पुष्पराज सिंह समेत कई कारोबारियों को लगातार 6 महीने तक जीरो बिल मिला, जबकि दो पंखे-बल्ब जलाने वाले जवान को 67 हजार का बिल थमा दिया गया। मामला तब सामने आया, जब महाराजा के नाम से जारी दो बिजली कनेक्शनों के बिल सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। जांच शुरू होने के बाद कंपनी के एई रविंद्र कौशल सहित अन्य कर्मचारियों को भी हटा दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…