उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु साउथ सांसद तेजस्वी सूर्या पर तंज कसा और सवाल किया कि ‘लोगों से कार कम चलाने की अपील करने वाले सूर्या ने अपनी शादी से पहले नई कार के लिए आवेदन क्यों किया?’ दरअसल, शिवकुमार का यह तंज शहर में ट्रैफिक और सार्वजनिक परिवहन के मुद्दों पर चल रही बहस के बीच आया है। उन्होंने कहा कि नेताओं को पहले अपने व्यवहार का ध्यान रखना चाहिए, फिर दूसरों को सलाह देनी चाहिए। अगर मेट्रो या बस से जा सकते हैं, तो नई कार क्यों?- शिवकुमार शिवकुमार ने कहा कि वे सूर्या का आवेदन पब्लिक कर सकते हैं और पूछा, “अगर मेट्रो या बस से जा सकते हैं, तो नई कार क्यों?” उन्होंने भाजपा के हस्ताक्षर अभियान को राजनीतिक हमला बताया और कहा कि टनल रोड परियोजना निजी नहीं, बल्कि सार्वजनिक प्रयास है। शिवकुमार ने कहा, ‘जब अंडरग्राउंड मेट्रो बन सकती है, तो टनल-सड़क क्यों नहीं? उन्होंने भाजपा को समिति में सदस्य भेज समीक्षा की चुनौती भी दी। अब जानिए क्या हुआ 29 अक्टूबर को बेंगलुरु साउथ सांसद तेजस्वी सूर्या ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से शहर की ट्रैफिक समस्या हल करने के सुझाव दिए। सूर्या ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने वाला टनल रोड प्रोजेक्ट केवल 1,800 कारों को ही ले जा पाएगा, जबकि मेट्रो से उतनी ही लागत में 69,000 लोग यात्रा कर सकते हैं। उन्होंने 300 किमी मेट्रो नेटवर्क, 314 किमी उपनगरीय रेल, शॉर्ट-डिस्टेंस ट्राम और हाई-फ्रीक्वेंसी शटल सेवाओं का प्रस्ताव दिया। सूर्या ने बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन लैंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के गठन और समर्पित अध्यक्ष नियुक्त करने की भी मांग की। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लालबाग के पेड़ अगली सुनवाई तक नहीं काटे जाएंगे। याचिकाकर्ताओं ने टेंडर और DPR पर सवाल उठाए। शिवकुमार ने ‘खाली ट्रंक’ वाले बयान को फंड की कमी बताया, लोगों की कमी नहीं। सूर्या ने टनल प्रोजेक्ट को मैट्रिमोनियल प्रोजेक्ट बताया इससे पहले तेजस्वी सूर्या ने टनल प्रोजेक्ट की आलोचना करते हुए उसे मैट्रिमोनियल प्रोजेक्ट बताया था। ये तंज उन्होंने डी.के. शिवकुमार के उस बयान पर कसा जिसमें शिवकुमार ने परियोजना का बचाव करते हुए कहा कि लोग ज्यादातर अपनी कारों में यात्रा करना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा- आजकल लोग उस लड़के से शादी करने में भी हिचकिचाते हैं जिसके पास कार नहीं होती। शिवकुमार ने यह भी कहा कि सार्वजनिक परिवहन में निवेश करना बिना केंद्रीय सरकार के फंड के संभव नहीं है। उन्होंने कर्नाटक के भाजपा सांसदों से अपील की कि वे केंद्र सरकार से फंड के लिए संपर्क करें। तेजस्वी सूर्या ने शिवकुमार के बयान पर ट्वीट किया तेजस्वी सूर्या ने शिवकुमार के बयान की एक अखबार की कटिंग शेयर करते हुए कहा, इन सभी दिनों मुझे गलतफहमी थी कि टनल परियोजना बेंगलुरु के ट्रैफिक की समस्या हल करने के लिए है। अब उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि यह सामाजिक समस्या – लोगों की उस सोच को हल करने के लिए है कि बिना कार वाला लड़का शादी योग्य नहीं है। मैं कितना मूर्ख था! शिवकुमार से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी सूर्या ने बेंगलुरु में ट्रैफिक को लेकर कहा ऐसा लगता है कि उपमुख्यमंत्री सामाजिक समस्या हल करने के लिए टनल रोड चाहते हैं। वे मानते हैं कि पूरे शहर में लोग कार रखते हैं। लेकिन आरटीओ रिकॉर्ड के अनुसार केवल 12% बेंगलुरु वासियों के पास कार है। बाकी लोगों का क्या? क्या वे शादी नहीं करेंगे या पारिवारिक जीवन नहीं जी पाएंगे? तेजस्वी की आलोचना के जवाब में शिवकुमार ने कहा कि न तो वे और न ही सूर्या टनल रोड के तकनीकी विशेषज्ञ हैं और परियोजना विशेषज्ञों द्वारा ही मूल्यांकन की जा रही है। उन्होंने कहा, तेजस्वी ने कुछ सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि टनल रोड मुख्य रूप से कारों के लिए है और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार चाहते हैं। हमें किसी भी शहरी रेल परियोजना को लागू करने में कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते तेजस्वी केंद्र से फंड सुनिश्चित करें। वह यूनियन मंत्री सोमन्ना की मदद ले सकते हैं। वर्तमान में हमें कुल परियोजना लागत का केवल 10-12% ही मिलता है।
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु साउथ सांसद तेजस्वी सूर्या पर तंज कसा और सवाल किया कि ‘लोगों से कार कम चलाने की अपील करने वाले सूर्या ने अपनी शादी से पहले नई कार के लिए आवेदन क्यों किया?’ दरअसल, शिवकुमार का यह तंज शहर में ट्रैफिक और सार्वजनिक परिवहन के मुद्दों पर चल रही बहस के बीच आया है। उन्होंने कहा कि नेताओं को पहले अपने व्यवहार का ध्यान रखना चाहिए, फिर दूसरों को सलाह देनी चाहिए। अगर मेट्रो या बस से जा सकते हैं, तो नई कार क्यों?- शिवकुमार शिवकुमार ने कहा कि वे सूर्या का आवेदन पब्लिक कर सकते हैं और पूछा, “अगर मेट्रो या बस से जा सकते हैं, तो नई कार क्यों?” उन्होंने भाजपा के हस्ताक्षर अभियान को राजनीतिक हमला बताया और कहा कि टनल रोड परियोजना निजी नहीं, बल्कि सार्वजनिक प्रयास है। शिवकुमार ने कहा, ‘जब अंडरग्राउंड मेट्रो बन सकती है, तो टनल-सड़क क्यों नहीं? उन्होंने भाजपा को समिति में सदस्य भेज समीक्षा की चुनौती भी दी। अब जानिए क्या हुआ 29 अक्टूबर को बेंगलुरु साउथ सांसद तेजस्वी सूर्या ने उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से शहर की ट्रैफिक समस्या हल करने के सुझाव दिए। सूर्या ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने वाला टनल रोड प्रोजेक्ट केवल 1,800 कारों को ही ले जा पाएगा, जबकि मेट्रो से उतनी ही लागत में 69,000 लोग यात्रा कर सकते हैं। उन्होंने 300 किमी मेट्रो नेटवर्क, 314 किमी उपनगरीय रेल, शॉर्ट-डिस्टेंस ट्राम और हाई-फ्रीक्वेंसी शटल सेवाओं का प्रस्ताव दिया। सूर्या ने बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन लैंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के गठन और समर्पित अध्यक्ष नियुक्त करने की भी मांग की। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लालबाग के पेड़ अगली सुनवाई तक नहीं काटे जाएंगे। याचिकाकर्ताओं ने टेंडर और DPR पर सवाल उठाए। शिवकुमार ने ‘खाली ट्रंक’ वाले बयान को फंड की कमी बताया, लोगों की कमी नहीं। सूर्या ने टनल प्रोजेक्ट को मैट्रिमोनियल प्रोजेक्ट बताया इससे पहले तेजस्वी सूर्या ने टनल प्रोजेक्ट की आलोचना करते हुए उसे मैट्रिमोनियल प्रोजेक्ट बताया था। ये तंज उन्होंने डी.के. शिवकुमार के उस बयान पर कसा जिसमें शिवकुमार ने परियोजना का बचाव करते हुए कहा कि लोग ज्यादातर अपनी कारों में यात्रा करना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा- आजकल लोग उस लड़के से शादी करने में भी हिचकिचाते हैं जिसके पास कार नहीं होती। शिवकुमार ने यह भी कहा कि सार्वजनिक परिवहन में निवेश करना बिना केंद्रीय सरकार के फंड के संभव नहीं है। उन्होंने कर्नाटक के भाजपा सांसदों से अपील की कि वे केंद्र सरकार से फंड के लिए संपर्क करें। तेजस्वी सूर्या ने शिवकुमार के बयान पर ट्वीट किया तेजस्वी सूर्या ने शिवकुमार के बयान की एक अखबार की कटिंग शेयर करते हुए कहा, इन सभी दिनों मुझे गलतफहमी थी कि टनल परियोजना बेंगलुरु के ट्रैफिक की समस्या हल करने के लिए है। अब उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि यह सामाजिक समस्या – लोगों की उस सोच को हल करने के लिए है कि बिना कार वाला लड़का शादी योग्य नहीं है। मैं कितना मूर्ख था! शिवकुमार से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी सूर्या ने बेंगलुरु में ट्रैफिक को लेकर कहा ऐसा लगता है कि उपमुख्यमंत्री सामाजिक समस्या हल करने के लिए टनल रोड चाहते हैं। वे मानते हैं कि पूरे शहर में लोग कार रखते हैं। लेकिन आरटीओ रिकॉर्ड के अनुसार केवल 12% बेंगलुरु वासियों के पास कार है। बाकी लोगों का क्या? क्या वे शादी नहीं करेंगे या पारिवारिक जीवन नहीं जी पाएंगे? तेजस्वी की आलोचना के जवाब में शिवकुमार ने कहा कि न तो वे और न ही सूर्या टनल रोड के तकनीकी विशेषज्ञ हैं और परियोजना विशेषज्ञों द्वारा ही मूल्यांकन की जा रही है। उन्होंने कहा, तेजस्वी ने कुछ सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि टनल रोड मुख्य रूप से कारों के लिए है और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार चाहते हैं। हमें किसी भी शहरी रेल परियोजना को लागू करने में कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते तेजस्वी केंद्र से फंड सुनिश्चित करें। वह यूनियन मंत्री सोमन्ना की मदद ले सकते हैं। वर्तमान में हमें कुल परियोजना लागत का केवल 10-12% ही मिलता है।