हरियाणा के भिवानी-महेंद्रगढ़ से 3 बार के भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह सियासत से रिटायरमेंट का ऐलान करने के बाद से चर्चा में हैं। 17 अक्टूबर को महेंद्रगढ़ जिले में मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा था-इस महीने 70 का हो रहा हूं। बुजुर्गों ने जीवन को 4 पड़ावों में बांटा था। अगले चुनाव तक वो संन्यास के पड़ाव में होंगे, इसलिए अब आगे कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। तब माना गया था कि उम्र के इस पड़ाव की वजह से सांसद राजनीति से संन्यास की बात कह रहे हैं। अब सांसद ने रिटायरमेंट की घोषणा के बाद अपने सियासी जीवन के संघर्ष के किस्से अपनी बेटी सौम्या के साथ शेयर किए हैं। उनकी बेटी अपने पिता का पॉडकास्ट करके फेसबुक पेज पर किस्तों में पोस्ट कर रही हैं। इसमें धर्मबीर ने भजनलाल गुट छोड़कर हुड्डा के साथ आने और बार-बार हलका (क्षेत्र) बदलने से तंग आकर कांग्रेस छोड़ने की वजह बताई। सांसद धर्मबीर सिंह से ज्यादा उनकी बेटी का पॉडकास्ट स्टाइल ज्यादा चर्चा में हैं। पॉडकास्ट में पिता से सवाल करने का स्टाइल है, वो एक मंझे हुए पत्रकार की तरह से है। पॉडकास्ट से चर्चा में आई सांसद धर्मबीर सिंह की बेटी सौम्या सिंह गुरुग्राम में रहती हैं और सांसद पिता के किस्से शूट करने के लिए दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंची थीं। पॉडकास्ट में धर्मबीर ने सुनाए 5 रोचक किस्से.. धर्मबीर सिंह की रिटायरमेंट की पीछे वजह… 16 साल से ब्रेन ट्यूमर का दर्द झेल रहे
धर्मबीर सिंह के रिटायरमेंट का ऐलान करने की खास वजह है। परिवार के अनुसार धर्मबीर सिंह का यह फैसला स्वास्थ्य कारणों के कारण लिया गया बताया जा रहा है। बेटे मोहित चौधरी ने दैनिक भास्कर ऐप को बताया कि पिता 33 साल से शुगर की बीमारी से त्रस्त हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि पिता जी को साल 2009 में ब्रेन ट्यूमर का पता लगा था, जिसकी दवाइयां चल रही हैं। ट्यूमर की सर्जरी इसलिए नहीं हो पाई क्योंकि वो नर्व में रोटेट होता रहता है। इस कारण उनका स्वास्थ्य 4 साल बाद की चुनावी राजनीति के लिए सही नहीं है। मगर, वो सामाजिक जिम्मेदारियां पहले की तरह ही निभाते रहेंगे। भाई भी आजमाया चुके राजनीति में भाग्य
चौधरी धर्मबीर सिंह की रिटायरमेंट की घोषणा के बाद चर्चा छिड़ गई है कि उनकी राजनीतिक विरासत को कौन संभालेगा। क्योंकि उनके भाई राजबीर सिंह उर्फ लाला भी राजनीति में हाथ आजमा चुके हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। दो बार वे तोशाम से बतौर निर्दलीय बंसीलाल परिवार के खिलाफ लड़ चुके हैं, लेकिन दोनों बाद ही हार का सामना करना पड़ा है। साल 2014 के चुनाव के बाद वे कभी चुनावी राजनीति में खुद नहीं आए। विरासत संभालने की तैयारी में बेटा
सांसद धर्मबीर सिंह के बेटे मोहित चौधरी भाजपा में सक्रिय हैं। वे युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं और रेवाड़ी जिले के विशेष आमंत्रित सदस्य भी नामित हैं। मोहित चौधरी ने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से बीए किया है और नोएडा से एलएलबी की है। वहीं, लंदन से मास्टर्स इन इंटरनेशनल ट्रेड की पढ़ाई पूरी की है। सामाजिक कार्यक्रमों में रहती है भागेदारी
मोहित चौधरी अब पिता की जगह सामाजिक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए दिखाई देते हैं। पिछले 2 चुनाव से मोहित चौधरी अपने पिता के चुनाव में सक्रिय भूमिका अदा कर रहे हैं। हालांकि, साल 2024 के लोकसभा चुनाव में तो चौधरी धर्मबीर सिंह ने बेटे की टिकट के लिए पैरवी की थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें ही मैदान में उतार दिया था। 42 साल से राजनीति में, बंसीलाल की 3 पीढ़ियों के सामने चुनाव लड़े 4 बच्चों के पिता हैं धर्मबीर सिंह
सांसद धर्मबीर सिंह 4 बच्चों के पिता हैं। इनमें बड़ी बेटी सलोनी, दूसरे नंबर की सौम्या हैं। बेटों में मोहित चौधरी और परमबीर हैं। परमबीर स्पेशल चाइल्ड हैं, जो किसी राजनीतिक कार्यक्रमों में दिखाई नहीं देते, वो घर पर ही परिवार के साथ रहते हैं। सौम्या ने पीयू चंडीगढ़ से एमए साइकॉलोजी की
सांसद धर्मबीर सिंह की बेटी ने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से साल 2010 में एमए साइकॉलोजी किया। हालांकि, साल 2009 में ही उनकी शादी हो गई थी। इसके बाद सौम्या ने साल 2017 से 2020 गुरुग्राम के ही एक कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की है। सौम्या सिंह की शादी पानीपत के टैक्सटाइल के कारोबारी संदीप जागलान से हुई है। उनके 2 बच्चे हैं। फिलहाल वे परिवार के साथ गुरुग्राम में रहती हैं।
हरियाणा के भिवानी-महेंद्रगढ़ से 3 बार के भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह सियासत से रिटायरमेंट का ऐलान करने के बाद से चर्चा में हैं। 17 अक्टूबर को महेंद्रगढ़ जिले में मीडिया से बातचीत में सांसद ने कहा था-इस महीने 70 का हो रहा हूं। बुजुर्गों ने जीवन को 4 पड़ावों में बांटा था। अगले चुनाव तक वो संन्यास के पड़ाव में होंगे, इसलिए अब आगे कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। तब माना गया था कि उम्र के इस पड़ाव की वजह से सांसद राजनीति से संन्यास की बात कह रहे हैं। अब सांसद ने रिटायरमेंट की घोषणा के बाद अपने सियासी जीवन के संघर्ष के किस्से अपनी बेटी सौम्या के साथ शेयर किए हैं। उनकी बेटी अपने पिता का पॉडकास्ट करके फेसबुक पेज पर किस्तों में पोस्ट कर रही हैं। इसमें धर्मबीर ने भजनलाल गुट छोड़कर हुड्डा के साथ आने और बार-बार हलका (क्षेत्र) बदलने से तंग आकर कांग्रेस छोड़ने की वजह बताई। सांसद धर्मबीर सिंह से ज्यादा उनकी बेटी का पॉडकास्ट स्टाइल ज्यादा चर्चा में हैं। पॉडकास्ट में पिता से सवाल करने का स्टाइल है, वो एक मंझे हुए पत्रकार की तरह से है। पॉडकास्ट से चर्चा में आई सांसद धर्मबीर सिंह की बेटी सौम्या सिंह गुरुग्राम में रहती हैं और सांसद पिता के किस्से शूट करने के लिए दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंची थीं। पॉडकास्ट में धर्मबीर ने सुनाए 5 रोचक किस्से.. धर्मबीर सिंह की रिटायरमेंट की पीछे वजह… 16 साल से ब्रेन ट्यूमर का दर्द झेल रहे
धर्मबीर सिंह के रिटायरमेंट का ऐलान करने की खास वजह है। परिवार के अनुसार धर्मबीर सिंह का यह फैसला स्वास्थ्य कारणों के कारण लिया गया बताया जा रहा है। बेटे मोहित चौधरी ने दैनिक भास्कर ऐप को बताया कि पिता 33 साल से शुगर की बीमारी से त्रस्त हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि पिता जी को साल 2009 में ब्रेन ट्यूमर का पता लगा था, जिसकी दवाइयां चल रही हैं। ट्यूमर की सर्जरी इसलिए नहीं हो पाई क्योंकि वो नर्व में रोटेट होता रहता है। इस कारण उनका स्वास्थ्य 4 साल बाद की चुनावी राजनीति के लिए सही नहीं है। मगर, वो सामाजिक जिम्मेदारियां पहले की तरह ही निभाते रहेंगे। भाई भी आजमाया चुके राजनीति में भाग्य
चौधरी धर्मबीर सिंह की रिटायरमेंट की घोषणा के बाद चर्चा छिड़ गई है कि उनकी राजनीतिक विरासत को कौन संभालेगा। क्योंकि उनके भाई राजबीर सिंह उर्फ लाला भी राजनीति में हाथ आजमा चुके हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। दो बार वे तोशाम से बतौर निर्दलीय बंसीलाल परिवार के खिलाफ लड़ चुके हैं, लेकिन दोनों बाद ही हार का सामना करना पड़ा है। साल 2014 के चुनाव के बाद वे कभी चुनावी राजनीति में खुद नहीं आए। विरासत संभालने की तैयारी में बेटा
सांसद धर्मबीर सिंह के बेटे मोहित चौधरी भाजपा में सक्रिय हैं। वे युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं और रेवाड़ी जिले के विशेष आमंत्रित सदस्य भी नामित हैं। मोहित चौधरी ने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से बीए किया है और नोएडा से एलएलबी की है। वहीं, लंदन से मास्टर्स इन इंटरनेशनल ट्रेड की पढ़ाई पूरी की है। सामाजिक कार्यक्रमों में रहती है भागेदारी
मोहित चौधरी अब पिता की जगह सामाजिक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए दिखाई देते हैं। पिछले 2 चुनाव से मोहित चौधरी अपने पिता के चुनाव में सक्रिय भूमिका अदा कर रहे हैं। हालांकि, साल 2024 के लोकसभा चुनाव में तो चौधरी धर्मबीर सिंह ने बेटे की टिकट के लिए पैरवी की थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें ही मैदान में उतार दिया था। 42 साल से राजनीति में, बंसीलाल की 3 पीढ़ियों के सामने चुनाव लड़े 4 बच्चों के पिता हैं धर्मबीर सिंह
सांसद धर्मबीर सिंह 4 बच्चों के पिता हैं। इनमें बड़ी बेटी सलोनी, दूसरे नंबर की सौम्या हैं। बेटों में मोहित चौधरी और परमबीर हैं। परमबीर स्पेशल चाइल्ड हैं, जो किसी राजनीतिक कार्यक्रमों में दिखाई नहीं देते, वो घर पर ही परिवार के साथ रहते हैं। सौम्या ने पीयू चंडीगढ़ से एमए साइकॉलोजी की
सांसद धर्मबीर सिंह की बेटी ने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से साल 2010 में एमए साइकॉलोजी किया। हालांकि, साल 2009 में ही उनकी शादी हो गई थी। इसके बाद सौम्या ने साल 2017 से 2020 गुरुग्राम के ही एक कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की है। सौम्या सिंह की शादी पानीपत के टैक्सटाइल के कारोबारी संदीप जागलान से हुई है। उनके 2 बच्चे हैं। फिलहाल वे परिवार के साथ गुरुग्राम में रहती हैं।