मोहम्मद जमीर हसन।
आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती को भारत की सबसे आधुनिक, हरित और ‘जनता की राजधानी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य सुशासन, पारदर्शिता और सतत विकास को एक साथ दिखाने वाला शहर बनाना है। इसी क्रम में राजधानी में तीन अनोखी इमारतों का निर्माण किया जा रहा है जो कि बेहद खास और भारत की पहली ऐसी इमारत होगी। ये इमारतें विधानसभा, हाईकोर्ट और प्रशासनिक टॉवर हैं।
इन तीनों इमारतों की अपनी-अपनी खासियत है
अमरावती का प्रशासनिक परिसर
नई राजधानी के प्रशासनिक परिसर की खासियत यह है कि यहां 5 टावरों वाला सचिवालय क्षेत्र बनाया जा रहा है, जिनमें विभागीय भवन 50 मंजिल तक ऊंचे होंगे। एपीसीआरडीए के आयुक्त के. कन्ना बाबू ने बताया कि यह भारत की सबसे आधुनिक, हरित और पारदर्शी राजधानी होगी, जहां नागरिक शासन के साझेदार बनेंगे। उनका कहना है कि लक्ष्य इसे देश की अन्य राजधानियों के लिए एक मॉडल सिटी बनाना है। विधानसभा भवन
अमरावती में बन रहा विधानसभा भवन अपने अनोखे डिजाइन के कारण चर्चा में है। यह 250 मीटर ऊंचे शिखरनुमा भवन के रूप में बन रहा है, जिसका आकार कोहिनूर से प्रेरित है। सदियों पहले अमरावती से 35 किलोमीटर दूर गुंटूर के पास कोहिनूर मिला था। निर्माण पूरा होने पर यह भारत का सबसे ऊंचा विधानसभा भवन होगा। इसकी ऊपरी मंजिलों पर जनता के लिए ऑब्जर्वेशन डेक और विजिटर्स गैलरी की सुविधा होगी, जबकि पारदर्शी कांच की दीवारों से नागरिक विधानसभा की कार्यवाही देख सकेंगे। हाईकोर्ट भवन
नई राजधानी का हाईकोर्ट भवन अपने डिजाइन में प्राचीन बौद्ध स्तूपों से प्रेरित है। आठ मंजिला यह इमारत करीब 20.32 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली होगी। भीतर का ढांचा वृत्ताकार और केंद्रित रूप में बनाया जा रहा है, जो न्याय की पारदर्शिता और समानता का प्रतीक माना जा रहा है।
मोहम्मद जमीर हसन।
आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती को भारत की सबसे आधुनिक, हरित और ‘जनता की राजधानी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य सुशासन, पारदर्शिता और सतत विकास को एक साथ दिखाने वाला शहर बनाना है। इसी क्रम में राजधानी में तीन अनोखी इमारतों का निर्माण किया जा रहा है जो कि बेहद खास और भारत की पहली ऐसी इमारत होगी। ये इमारतें विधानसभा, हाईकोर्ट और प्रशासनिक टॉवर हैं।
इन तीनों इमारतों की अपनी-अपनी खासियत है
अमरावती का प्रशासनिक परिसर
नई राजधानी के प्रशासनिक परिसर की खासियत यह है कि यहां 5 टावरों वाला सचिवालय क्षेत्र बनाया जा रहा है, जिनमें विभागीय भवन 50 मंजिल तक ऊंचे होंगे। एपीसीआरडीए के आयुक्त के. कन्ना बाबू ने बताया कि यह भारत की सबसे आधुनिक, हरित और पारदर्शी राजधानी होगी, जहां नागरिक शासन के साझेदार बनेंगे। उनका कहना है कि लक्ष्य इसे देश की अन्य राजधानियों के लिए एक मॉडल सिटी बनाना है। विधानसभा भवन
अमरावती में बन रहा विधानसभा भवन अपने अनोखे डिजाइन के कारण चर्चा में है। यह 250 मीटर ऊंचे शिखरनुमा भवन के रूप में बन रहा है, जिसका आकार कोहिनूर से प्रेरित है। सदियों पहले अमरावती से 35 किलोमीटर दूर गुंटूर के पास कोहिनूर मिला था। निर्माण पूरा होने पर यह भारत का सबसे ऊंचा विधानसभा भवन होगा। इसकी ऊपरी मंजिलों पर जनता के लिए ऑब्जर्वेशन डेक और विजिटर्स गैलरी की सुविधा होगी, जबकि पारदर्शी कांच की दीवारों से नागरिक विधानसभा की कार्यवाही देख सकेंगे। हाईकोर्ट भवन
नई राजधानी का हाईकोर्ट भवन अपने डिजाइन में प्राचीन बौद्ध स्तूपों से प्रेरित है। आठ मंजिला यह इमारत करीब 20.32 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली होगी। भीतर का ढांचा वृत्ताकार और केंद्रित रूप में बनाया जा रहा है, जो न्याय की पारदर्शिता और समानता का प्रतीक माना जा रहा है।