दमोह में सतरिया गांव के पैर धुलाई कांड में एक नया वीडियो सामने आया है। इसमें कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा पीड़ित युवक के चाचा से मानव मल खाने की बात कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। इसे बीजेपी ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का अपमान बताया है। वहीं, विधायक कुशवाहा ने कहा है कि उन्हें नहीं पता, किसने क्या वीडियो बनाकर वायरल किया है। कुशवाहा ने दावा किया कि उन्होंने युवक के चाचा के कान में कहा था, “तुम डरो नहीं, हम सब तुम्हारे साथ हैं।” पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे कांग्रेस विधायक
दरअसल, बीते मंगलवार को कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर पीड़ित युवक से मिलने गया था। इसमें सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, दतिया विधायक फूलसिंह बरैया और जबलपुर के पूर्व विधायक विनय सक्सेना शामिल थे। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित युवक के परिजन से बातचीत की। पूछा कि क्या उन्हें कोई डरा-धमका रहा है। इस पर युवक के चाचा ने कहा कि उन्हें कोई धमकी नहीं मिली है। इस घटनाक्रम में किसी की गलती नहीं है। यह सुनकर विधायक कुशवाहा चाचा के पास आकर बोले, ‘अगली बार गंदगी (मानव मल) खा लेना।’ उन्होंने यह शब्द दोहराए और चाचा को आगे बढ़ा दिया। मौके पर मौजूद किसी शख्स ने इसका वीडियो बना लिया। बाद में इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। बीजेपी बोली- जीतू पटवारी, राहुल गांधी माफी मांगें
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा- यह कांग्रेस की असंवेदनशीलता है। इसका प्रमाण वीडियो में स्पष्ट नजर आता है। कांग्रेस विधायक पीड़ित परिवार का मल खाने जैसे अपमानजनक शब्दों से तिरस्कार कर रहे हैं। डॉ. मोहन यादव की सरकार उन्हें न्याय दिला रही है और कांग्रेस उनके जख्मों पर नमक छिड़क रही है। जीतू पटवारी, राहुल गांधी को ओबीसी समाज के अपमान पर माफी मांगनी चाहिए। चाचा ने कुछ भी बोलने से किया इनकार
पीड़ित युवक के चाचा से विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा के शब्दों पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें कोई धमका या डरा नहीं रहा है। वे बेवजह किसी को दोषी नहीं ठहरा सकते। कांग्रेस ने वीडियो को एडिटेड बताया
वहीं, कांग्रेस ने इस वीडियो को एडिटेड बताते हुए बीजेपी पर पलटवार किया है। पार्टी के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा- ओबीसी की भलाई के लिए बीजेपी कुछ नहीं कर रही, उल्टा हम पर आरोप लगा रही है। सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। जो हुआ, कोर्ट के आदेश पर हुआ। जनता को पता चल चुका है कि बीजेपी पिछड़ा वर्ग की हिमायती नहीं है। युवक के पैर धुलवाने का वीडियो हुआ था वायरल
दरअसल, दमोह के सतरिया गांव में मीम पोस्ट को लेकर हुए विवाद में एक युवक से दूसरे युवक के पैर धुलवाए गए थे। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सतरिया गांव में पंचायत ने शराबबंदी लागू की है। कुछ दिन पहले गांव का अनुज उर्फ अन्नू पांडे शराब बेचते और पीते पकड़ा गया था। गांव के ही दूसरे युवक ने अन्नू का एआई जेनरेटेड वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो जूते की माला पहना नजर आ रहा था। इस पर गांव के कुछ लोग आक्रोशित हो गए थे। विवाद बढ़ता देख युवक ने पोस्ट डिलीट कर दी। सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली, लेकिन बात नहीं बनी। 10 अक्टूबर को पंचायत बुलाई गई। वीडियो शेयर करने वाले युवक से सवाल-जवाब हुए। उसे शराब बेचने वाले युवक अन्नू के पैर धोकर, वही पानी पीने की सजा सुनाई गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक ने भरी सभा में अन्नू के पैर धोए, फिर वही पानी पीया था। पैर धुलवाने वाला बोला- हमारा गुरु-शिष्य का रिश्ता
पैर धोने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। मामले के तूल पकड़ते ही अन्नू पांडे ने शनिवार को एक वीडियो जारी किया था। इसमें कहा- जो वीडियो सामने आया है, उसे ओबीसी समाज के लोग राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं। ऐसा कुछ नहीं है। हमारा गुरु शिष्य का रिश्ता है, इसी के कारण उसने खुद अपनी इच्छा से हमारे पैर धोए थे। अन्नू ने वीडियो में आगे कहा है कि अगर कुशवाहा समाज को हमारे पैर धुलवाने से दिक्कत हो रही है तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं। पीड़ित युवक का वीडियो- वे हमारे पारिवारिक गुरु
शनिवार को ही पीड़ित युवक ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। इसमें कहा- कुछ लोग इसे सामाजिक मुद्दा बना रहे हैं। मैंने गलती की थी और उसके लिए माफी भी मांगी है, जिनके पैर मैंने धोए, वे हमारे पारिवारिक गुरु हैं इसलिए मैंने ऐसा किया। युवक ने इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाने की अपील की है। साथ ही कलेक्टर, एसपी, थाना प्रभारी से वीडियो हटाने और किसी पर भी कार्रवाई न करने को कहा था। खबर पर आप अपनी राय यहां दे सकते हैं… मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… पैर धोने वाले युवक ने घर से बाहर जाना किया बंद दमोह के सतरिया गांव में पैर धुलवाकर पानी पिलाने की घटना सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम गांव में डेरा जमाए हुए हैं। माहौल भी शांत है। अधिकारी गांव में मौजूद हैं और लोगों से जनसंवाद कर रहे हैं। इस बीच, पीड़ित युवक पपुरुषोत्तम सोत्तम कुशवाहा ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। पढ़ें पूरी खबर… दमोह में युवक से पैर धुलवाने का वीडियो, हाईकोर्ट सख्त दमोह में ओबीसी वर्ग के एक युवक के पैर धुलवाकर पानी पिलवाने के मामले को लेकर एमपी हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने दमोह पुलिस और जिला प्रशासन को आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई करने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि जातीय भेदभाव और मानवीय गरिमा का बड़ा उल्लंघन हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…
दमोह में सतरिया गांव के पैर धुलाई कांड में एक नया वीडियो सामने आया है। इसमें कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा पीड़ित युवक के चाचा से मानव मल खाने की बात कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। इसे बीजेपी ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का अपमान बताया है। वहीं, विधायक कुशवाहा ने कहा है कि उन्हें नहीं पता, किसने क्या वीडियो बनाकर वायरल किया है। कुशवाहा ने दावा किया कि उन्होंने युवक के चाचा के कान में कहा था, “तुम डरो नहीं, हम सब तुम्हारे साथ हैं।” पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे कांग्रेस विधायक
दरअसल, बीते मंगलवार को कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर पीड़ित युवक से मिलने गया था। इसमें सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, दतिया विधायक फूलसिंह बरैया और जबलपुर के पूर्व विधायक विनय सक्सेना शामिल थे। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित युवक के परिजन से बातचीत की। पूछा कि क्या उन्हें कोई डरा-धमका रहा है। इस पर युवक के चाचा ने कहा कि उन्हें कोई धमकी नहीं मिली है। इस घटनाक्रम में किसी की गलती नहीं है। यह सुनकर विधायक कुशवाहा चाचा के पास आकर बोले, ‘अगली बार गंदगी (मानव मल) खा लेना।’ उन्होंने यह शब्द दोहराए और चाचा को आगे बढ़ा दिया। मौके पर मौजूद किसी शख्स ने इसका वीडियो बना लिया। बाद में इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। बीजेपी बोली- जीतू पटवारी, राहुल गांधी माफी मांगें
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा- यह कांग्रेस की असंवेदनशीलता है। इसका प्रमाण वीडियो में स्पष्ट नजर आता है। कांग्रेस विधायक पीड़ित परिवार का मल खाने जैसे अपमानजनक शब्दों से तिरस्कार कर रहे हैं। डॉ. मोहन यादव की सरकार उन्हें न्याय दिला रही है और कांग्रेस उनके जख्मों पर नमक छिड़क रही है। जीतू पटवारी, राहुल गांधी को ओबीसी समाज के अपमान पर माफी मांगनी चाहिए। चाचा ने कुछ भी बोलने से किया इनकार
पीड़ित युवक के चाचा से विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा के शब्दों पर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें कोई धमका या डरा नहीं रहा है। वे बेवजह किसी को दोषी नहीं ठहरा सकते। कांग्रेस ने वीडियो को एडिटेड बताया
वहीं, कांग्रेस ने इस वीडियो को एडिटेड बताते हुए बीजेपी पर पलटवार किया है। पार्टी के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा- ओबीसी की भलाई के लिए बीजेपी कुछ नहीं कर रही, उल्टा हम पर आरोप लगा रही है। सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। जो हुआ, कोर्ट के आदेश पर हुआ। जनता को पता चल चुका है कि बीजेपी पिछड़ा वर्ग की हिमायती नहीं है। युवक के पैर धुलवाने का वीडियो हुआ था वायरल
दरअसल, दमोह के सतरिया गांव में मीम पोस्ट को लेकर हुए विवाद में एक युवक से दूसरे युवक के पैर धुलवाए गए थे। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सतरिया गांव में पंचायत ने शराबबंदी लागू की है। कुछ दिन पहले गांव का अनुज उर्फ अन्नू पांडे शराब बेचते और पीते पकड़ा गया था। गांव के ही दूसरे युवक ने अन्नू का एआई जेनरेटेड वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो जूते की माला पहना नजर आ रहा था। इस पर गांव के कुछ लोग आक्रोशित हो गए थे। विवाद बढ़ता देख युवक ने पोस्ट डिलीट कर दी। सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली, लेकिन बात नहीं बनी। 10 अक्टूबर को पंचायत बुलाई गई। वीडियो शेयर करने वाले युवक से सवाल-जवाब हुए। उसे शराब बेचने वाले युवक अन्नू के पैर धोकर, वही पानी पीने की सजा सुनाई गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक ने भरी सभा में अन्नू के पैर धोए, फिर वही पानी पीया था। पैर धुलवाने वाला बोला- हमारा गुरु-शिष्य का रिश्ता
पैर धोने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। मामले के तूल पकड़ते ही अन्नू पांडे ने शनिवार को एक वीडियो जारी किया था। इसमें कहा- जो वीडियो सामने आया है, उसे ओबीसी समाज के लोग राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं। ऐसा कुछ नहीं है। हमारा गुरु शिष्य का रिश्ता है, इसी के कारण उसने खुद अपनी इच्छा से हमारे पैर धोए थे। अन्नू ने वीडियो में आगे कहा है कि अगर कुशवाहा समाज को हमारे पैर धुलवाने से दिक्कत हो रही है तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं। पीड़ित युवक का वीडियो- वे हमारे पारिवारिक गुरु
शनिवार को ही पीड़ित युवक ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। इसमें कहा- कुछ लोग इसे सामाजिक मुद्दा बना रहे हैं। मैंने गलती की थी और उसके लिए माफी भी मांगी है, जिनके पैर मैंने धोए, वे हमारे पारिवारिक गुरु हैं इसलिए मैंने ऐसा किया। युवक ने इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाने की अपील की है। साथ ही कलेक्टर, एसपी, थाना प्रभारी से वीडियो हटाने और किसी पर भी कार्रवाई न करने को कहा था। खबर पर आप अपनी राय यहां दे सकते हैं… मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… पैर धोने वाले युवक ने घर से बाहर जाना किया बंद दमोह के सतरिया गांव में पैर धुलवाकर पानी पिलाने की घटना सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम गांव में डेरा जमाए हुए हैं। माहौल भी शांत है। अधिकारी गांव में मौजूद हैं और लोगों से जनसंवाद कर रहे हैं। इस बीच, पीड़ित युवक पपुरुषोत्तम सोत्तम कुशवाहा ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। पढ़ें पूरी खबर… दमोह में युवक से पैर धुलवाने का वीडियो, हाईकोर्ट सख्त दमोह में ओबीसी वर्ग के एक युवक के पैर धुलवाकर पानी पिलवाने के मामले को लेकर एमपी हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने दमोह पुलिस और जिला प्रशासन को आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई करने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि जातीय भेदभाव और मानवीय गरिमा का बड़ा उल्लंघन हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…