पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को आज मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। न्यायिक दंडाधिकारी सुनील कुमार की कोर्ट में सुनवाई करते हुए मामले को सत्र न्यायालय में कमिट कर दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को सत्र न्यायालय में होगी। यहां पर भी ज्योति को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही पेश किया जाएगा। इससे पहले ज्योति की 16 सितंबर को कोर्ट में पेशी हुई थी, जहां उसके वकील कुमार मुकेश को चार्जशीट सौंपी गई थी। पहले जानिए क्यों सेशन कोर्ट में ट्रांसफर हुआ केस?
ज्योति मामले में जो धाराएं लगी हैं उसके कारण सेशन कोर्ट में ही आगे की कार्यवाही होगी। अभी तक यह केस ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के यहां चल रहा है। पुलिस ने 15 अगस्त से पहले इस केस में चार्जशीट रिपोर्ट जमा करवाई थी। 2500 पेजों की रिपोर्ट में पुलिस ने कई बड़े खुलासे किए थे। मगर पुलिस ने कोर्ट में वकील को पूरी चार्जशीट कॉपी से इन्कार कर दिया था। इसके बाद संशोधित चार्जशीट करीब एक महीने बाद वकील को 16 सितंबर को दी गई। बताया जा रहा है कि इस चार्जशीट में पाक एजेंटों से बातचीत का कुछ हिस्सा नहीं है। हालांकि वकील कुमार मुकेश का कहना है कि वह इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। अधूरी चार्जशीट का आरोप
कुमार मुकेश ने बताया था कि पुलिस ने अधूरी चार्जशीट सौंपी थी। पुलिस ने कोर्ट में एप्लिकेशन दायर कर पूरी चार्जशीट नहीं देने की बात कही थी, जिसे कोर्ट ने मान लिया था। पुलिस का कहना था कि इसमें संवेदनशील चीजें हैं जो सार्वजनिक नहीं की जा सकती। इसके बाद वकील को सीडी में चार्जशीट की कॉपी सौंपी गई। आईएसआई एजेंटों से बातचीत का रिकॉर्ड छिपाने का आरोप
सूत्रों से पता चला है कि पुलिस ने वकील को जो चार्जशीट दी है, उसमें दानिश सहित कई आईएसआई एजेंटों के साथ बातचीत का रिकॉर्ड नहीं दिया है। पुलिस ने दानिश और ज्योति के बीच क्या और किस तरह का रिश्ता है, इसको चार्जशीट में छिपाया है। ज्योति के वकील पूरी चार्जशीट की स्टडी कर रहे हैं और इसके बाद वह रिविजन पिटिशन कोर्ट में लगाएंगे। इसलिए एक महीने तक लटका चार्जशीट का मामला 3 महीने में बनाई चार्जशीट
इस केस में हिसार के एसपी शशांक कुमार सावन ने SIT का गठन किया था। इस SIT में डीएसपी सुनील, इंस्पेक्टर निर्मला, साइबर सेल इंचार्ज अमित, स्पेशल स्टाफ से एसआई सतपाल शामिल रहे। पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार, SIT ने 3 महीने की कड़ी मेहनत के बाद जरूरी सबूत जुटाए। इसके बाद 2500 पेजों की चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में सब्मिट की गई। पुलिस सोर्सेज से चार्जशीट को लेकर 5 अहम खुलासे हुए..
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को आज मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। न्यायिक दंडाधिकारी सुनील कुमार की कोर्ट में सुनवाई करते हुए मामले को सत्र न्यायालय में कमिट कर दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को सत्र न्यायालय में होगी। यहां पर भी ज्योति को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही पेश किया जाएगा। इससे पहले ज्योति की 16 सितंबर को कोर्ट में पेशी हुई थी, जहां उसके वकील कुमार मुकेश को चार्जशीट सौंपी गई थी। पहले जानिए क्यों सेशन कोर्ट में ट्रांसफर हुआ केस?
ज्योति मामले में जो धाराएं लगी हैं उसके कारण सेशन कोर्ट में ही आगे की कार्यवाही होगी। अभी तक यह केस ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के यहां चल रहा है। पुलिस ने 15 अगस्त से पहले इस केस में चार्जशीट रिपोर्ट जमा करवाई थी। 2500 पेजों की रिपोर्ट में पुलिस ने कई बड़े खुलासे किए थे। मगर पुलिस ने कोर्ट में वकील को पूरी चार्जशीट कॉपी से इन्कार कर दिया था। इसके बाद संशोधित चार्जशीट करीब एक महीने बाद वकील को 16 सितंबर को दी गई। बताया जा रहा है कि इस चार्जशीट में पाक एजेंटों से बातचीत का कुछ हिस्सा नहीं है। हालांकि वकील कुमार मुकेश का कहना है कि वह इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। अधूरी चार्जशीट का आरोप
कुमार मुकेश ने बताया था कि पुलिस ने अधूरी चार्जशीट सौंपी थी। पुलिस ने कोर्ट में एप्लिकेशन दायर कर पूरी चार्जशीट नहीं देने की बात कही थी, जिसे कोर्ट ने मान लिया था। पुलिस का कहना था कि इसमें संवेदनशील चीजें हैं जो सार्वजनिक नहीं की जा सकती। इसके बाद वकील को सीडी में चार्जशीट की कॉपी सौंपी गई। आईएसआई एजेंटों से बातचीत का रिकॉर्ड छिपाने का आरोप
सूत्रों से पता चला है कि पुलिस ने वकील को जो चार्जशीट दी है, उसमें दानिश सहित कई आईएसआई एजेंटों के साथ बातचीत का रिकॉर्ड नहीं दिया है। पुलिस ने दानिश और ज्योति के बीच क्या और किस तरह का रिश्ता है, इसको चार्जशीट में छिपाया है। ज्योति के वकील पूरी चार्जशीट की स्टडी कर रहे हैं और इसके बाद वह रिविजन पिटिशन कोर्ट में लगाएंगे। इसलिए एक महीने तक लटका चार्जशीट का मामला 3 महीने में बनाई चार्जशीट
इस केस में हिसार के एसपी शशांक कुमार सावन ने SIT का गठन किया था। इस SIT में डीएसपी सुनील, इंस्पेक्टर निर्मला, साइबर सेल इंचार्ज अमित, स्पेशल स्टाफ से एसआई सतपाल शामिल रहे। पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार, SIT ने 3 महीने की कड़ी मेहनत के बाद जरूरी सबूत जुटाए। इसके बाद 2500 पेजों की चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में सब्मिट की गई। पुलिस सोर्सेज से चार्जशीट को लेकर 5 अहम खुलासे हुए..