सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने झारखंड सरकार और भाजपा नेता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले झारखंड के चाईबासा में अपने एक भाषण के दौरान राहुल ने अमित शाह को हत्यारा बताया था। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता नवीन झा ने उन पर शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में मानहानि का केस किया था। सुनवाई के दौरान राहुल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि कई न्यायिक फैसलों में कहा गया है कि केवल पीड़ित व्यक्ति ही आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत किसी तीसरे पक्ष की ओर से दायर की गई थी। मानहानि मामले में ऐसा करना स्वीकार्य नहीं है। सिंघवी ने पूछा- यदि आप पीड़ित व्यक्ति नहीं हैं, तो शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रॉक्सी कैसे ले सकते हैं? 2018 में भी राहुल ने शाह को कहा था हत्यारा 2018 में भी चाईबासा में हुए कांग्रेस के अधिवेशन में राहुल ने कहा था, ‘भाजपा में कोई भी हत्यारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है। उस वक्त शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर थे। राहुल के इस बयान के बाद भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रताप कटियार ने चाईबासा के CJM कोर्ट में केस दर्ज कराया था। रांची के MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर हुआ था मामला चाईबासा में दायर मामले को सुनवाई के लिए रांची के MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। बाद में चाईबासा में MP-MLA कोर्ट शुरू होने के बाद इसे फिर से चाईबासा ट्रांसफर कर दिया गया था। यहीं सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से दायर याचिका को जस्टिस ऋषि कुमार ने खारिज करते हुए हाजिर होने का नोटिस दिया है। 2014 से 2022 तक राहुल पर दर्ज हुए मानहानि केस…
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने झारखंड सरकार और भाजपा नेता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले झारखंड के चाईबासा में अपने एक भाषण के दौरान राहुल ने अमित शाह को हत्यारा बताया था। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता नवीन झा ने उन पर शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में मानहानि का केस किया था। सुनवाई के दौरान राहुल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि कई न्यायिक फैसलों में कहा गया है कि केवल पीड़ित व्यक्ति ही आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत किसी तीसरे पक्ष की ओर से दायर की गई थी। मानहानि मामले में ऐसा करना स्वीकार्य नहीं है। सिंघवी ने पूछा- यदि आप पीड़ित व्यक्ति नहीं हैं, तो शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रॉक्सी कैसे ले सकते हैं? 2018 में भी राहुल ने शाह को कहा था हत्यारा 2018 में भी चाईबासा में हुए कांग्रेस के अधिवेशन में राहुल ने कहा था, ‘भाजपा में कोई भी हत्यारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है। उस वक्त शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर थे। राहुल के इस बयान के बाद भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रताप कटियार ने चाईबासा के CJM कोर्ट में केस दर्ज कराया था। रांची के MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर हुआ था मामला चाईबासा में दायर मामले को सुनवाई के लिए रांची के MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। बाद में चाईबासा में MP-MLA कोर्ट शुरू होने के बाद इसे फिर से चाईबासा ट्रांसफर कर दिया गया था। यहीं सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से दायर याचिका को जस्टिस ऋषि कुमार ने खारिज करते हुए हाजिर होने का नोटिस दिया है। 2014 से 2022 तक राहुल पर दर्ज हुए मानहानि केस…