पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि किसी महिला से अनचाही बात शुरू करने की कोशिश करना कोई अपराध नहीं है। भले ही बातचीत की कोशिश महिला को परेशान कर दे या उसे पसंद न आए। जस्टिस कीर्ति सिंह की कोर्ट रोहतक पीजीआई में मेडिकल स्टूडेंट से छेड़छाड़ की एक घटना में FIR के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने कहा कि यह अपने आप में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत अस्मिता भंग करने जैसा अपराध नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने केस को खारिज कर दिया। जानिए, पूरा मामला क्या है… मामले में कोर्ट ने ये 2 बातें कहीं… सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अमन पाल, राज्य की ओर से बृजेश शर्मा (एएजी, हरियाणा) और पीड़िता की ओर से एडवोकेट अमित राव अदालत में पेश हुए थे।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि किसी महिला से अनचाही बात शुरू करने की कोशिश करना कोई अपराध नहीं है। भले ही बातचीत की कोशिश महिला को परेशान कर दे या उसे पसंद न आए। जस्टिस कीर्ति सिंह की कोर्ट रोहतक पीजीआई में मेडिकल स्टूडेंट से छेड़छाड़ की एक घटना में FIR के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने कहा कि यह अपने आप में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत अस्मिता भंग करने जैसा अपराध नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने केस को खारिज कर दिया। जानिए, पूरा मामला क्या है… मामले में कोर्ट ने ये 2 बातें कहीं… सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अमन पाल, राज्य की ओर से बृजेश शर्मा (एएजी, हरियाणा) और पीड़िता की ओर से एडवोकेट अमित राव अदालत में पेश हुए थे।