हरियाणा में मानसून की विदाई के बाद अब कुछ दिनों तक दिन का तापमान बढ़ेगा। हालांकि रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। 25 सितंबर तक मौसम में उतार-चढ़ाव की स्थिति रहेगी। वहीं, कई जिलों में अभी भी खेतों में बरसाती पानी भरा हुआ है, जिसके चलते फसलें खराब हो रही हैं। सरकार के आदेश पर रेवेन्यू पटवारी फील्ड में उतरे हैं और सर्वे कर रहे हैं, ताकि फसलों में हुए नुकसान का आकलन किया जा सके। उधर, हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदनलाल खीचड़ ने बताया कि राजस्थान के ऊपर एक एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से उत्तर- पश्चिमी खुश्क हवाएं चलेंगी। इससे हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील, लेकिन खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे बीच-बीच में हल्के बादल आने की भी संभावना है। 25 सितंबर तक मौसम ऐसे ही रहेगा। सबसे गर्म जिला रहा पलवल
शनिवार को हरियाणा में सबसे गर्म जिला पलवल रहा, जहां 36.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सबसे कम तापमान पानीपत के उझा क्षेत्र के आसपास रहा, जहां 32.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। उधर, हिसार, भिवानी, मेवात, जींद, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र समेत कई जिलों में बरसाती पानी में फसलें अभी भी डूबी हुई हैं। रेवेन्यू पटवारी खेतों में जाकर सर्वे कर रहे हैं और फसल नुकसान को पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं। प्रदेश में हुई 568.4 एमएम बारिश
प्रदेश में 20 सितंबर तक औसतन 411.7 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 568.4 एमएम बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 43 प्रतिशत ज्यादा है। सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर में 1116.9 एमएम दर्ज की गई है जबकि सबसे कम बारिश सिरसा में 346.6 एमएम दर्ज की गई है। करंट लगने से हुई बिजली कर्मचारी की मौत
इससे पहले शनिवार को हरियाणा में किसी भी जिले में बारिश तो नहीं हुई, लेकिन नूंह में टूटे विद्युत तार को ठीक करने गए बिजली कर्मचारी वीरेंद्र की करंट लगने से मौत हो गई। दरअसल, ट्रांसफॉर्मर के नीचे बारिश का पानी भरा हुआ था। जब कर्मचारी पानी में उतरकर ट्रांसफॉर्मर के पास पहुंचा, तो वह करंट की चपेट में आ गया।
हरियाणा में मानसून की विदाई के बाद अब कुछ दिनों तक दिन का तापमान बढ़ेगा। हालांकि रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। 25 सितंबर तक मौसम में उतार-चढ़ाव की स्थिति रहेगी। वहीं, कई जिलों में अभी भी खेतों में बरसाती पानी भरा हुआ है, जिसके चलते फसलें खराब हो रही हैं। सरकार के आदेश पर रेवेन्यू पटवारी फील्ड में उतरे हैं और सर्वे कर रहे हैं, ताकि फसलों में हुए नुकसान का आकलन किया जा सके। उधर, हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदनलाल खीचड़ ने बताया कि राजस्थान के ऊपर एक एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से उत्तर- पश्चिमी खुश्क हवाएं चलेंगी। इससे हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील, लेकिन खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे बीच-बीच में हल्के बादल आने की भी संभावना है। 25 सितंबर तक मौसम ऐसे ही रहेगा। सबसे गर्म जिला रहा पलवल
शनिवार को हरियाणा में सबसे गर्म जिला पलवल रहा, जहां 36.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सबसे कम तापमान पानीपत के उझा क्षेत्र के आसपास रहा, जहां 32.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। उधर, हिसार, भिवानी, मेवात, जींद, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र समेत कई जिलों में बरसाती पानी में फसलें अभी भी डूबी हुई हैं। रेवेन्यू पटवारी खेतों में जाकर सर्वे कर रहे हैं और फसल नुकसान को पोर्टल पर अपलोड कर रहे हैं। प्रदेश में हुई 568.4 एमएम बारिश
प्रदेश में 20 सितंबर तक औसतन 411.7 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 568.4 एमएम बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 43 प्रतिशत ज्यादा है। सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर में 1116.9 एमएम दर्ज की गई है जबकि सबसे कम बारिश सिरसा में 346.6 एमएम दर्ज की गई है। करंट लगने से हुई बिजली कर्मचारी की मौत
इससे पहले शनिवार को हरियाणा में किसी भी जिले में बारिश तो नहीं हुई, लेकिन नूंह में टूटे विद्युत तार को ठीक करने गए बिजली कर्मचारी वीरेंद्र की करंट लगने से मौत हो गई। दरअसल, ट्रांसफॉर्मर के नीचे बारिश का पानी भरा हुआ था। जब कर्मचारी पानी में उतरकर ट्रांसफॉर्मर के पास पहुंचा, तो वह करंट की चपेट में आ गया।