इंदौर में दशहरा पर इस बार परंपरा से हटकर रावण की बहन शूर्पणखा और उसकी सेना का भी दहन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को दहन से पहले शूर्पणखा और उसकी सेना के पुतलों को ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस के रूप में पूरे शहर में घुमाया जाएगा। इसके बाद दम्हा लक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में दहन होगा। आयोजकों के मुताबिक शूर्पणखा की सेना में इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या करने वाली पत्नी सोनम के पोस्टर भी होंगे। इसके साथ ही अपने पतियों की कातिल या उन्हें मरने के लिए मजबूर करने वाली महिलाओं के पोस्टर भी होंगे। पीड़ित परिवारों को आयोजन में शामिल होने का बुलावा भी भेजा गया है। इस आयोजन में राजा रघुवंशी हत्याकांड के पीड़ित परिवार और रघुवंशी समाज के लोग भी शामिल होंगे। आयोजन का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। पूरे कार्यक्रम का आयोजन ‘पौरुष’ नाम की संस्था की ओर से किया जा रहा है, जो पुरुषों के अधिकारों और उनके हितों के लिए काम करती है। संस्था ने महिला आरोपियों के पुतलों का दिया ऑर्डर
इस आयोजन के लिए संस्था ‘पौरुष’ ने शूर्पणखा और चर्चित हत्याकांड की महिला आरोपियों के छोटे पुतलों का ऑर्डर दिया है। रावण के पुतले बनाने वाले 25 सालों के अनुभवी निर्माता के लिए भी यह अपने आप में एक अनोखा और चुनौतीपूर्ण ऑर्डर है। निर्माता ने बताया कि यह पुतला नवरात्रि के दौरान ही तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि यह महिला पात्र (शूर्पणखा) का पुतला है, इसलिए इसके आकार, बनावट और प्रस्तुति में विशेष बातों का ध्यान रखना पड़ेगा। इसके बाद, जिसे जैसी भावना से देखना है, देखे। संस्था हर साल 40-50 बड़े पुतले बनाती है
संस्था पौरुष के अध्यक्ष अशोक दशोरा और उनकी टीम गुरुवार देर शाम रावण निर्माण स्थल पर पहुंचे और कार्य की प्रगति जानी। पुतला निर्माता कालू भैया ने बताया कि उनकी 10 लोगों की टीम 25 सालों से रावण के पुतले बना रही है। हर साल 300 से ज्यादा ग्राहक मध्यम और बड़े आकार के पुतले मंगवाते हैं। अब वे हर साल लगभग 40-50 बड़े रावण के पुतले ही बना रहे हैं। पुतलों की कीमत आकार, डिजाइन, वस्त्र और सजावट के आधार पर तय होती है, जबकि पटाखों की व्यवस्था आयोजक समितियां करती हैं। निर्माता केवल पुतले बनाकर देते हैं, पटाखे लगवाने में समिति की मदद करते हैं। शूर्पणखा के पुतले को लेकर पहली बार उत्सुकता
कालू भैया ने कहा, शूर्पणखा का यह पहला ऑर्डर है, इसलिए यह हमारे लिए भी खास है। अलग तरह का महिला पात्र होने के कारण इसे बनाना आसान नहीं है, लेकिन नवरात्रि के खत्म होने से दो-तीन दिन पहले तक हम इसे तैयार कर देंगे। महिला पुतले बनाने में विशेष सावधानी बरती जाती है। हम शूर्पणखा को वैसा ही बनाएंगे जैसा उसे उस काल में दर्शाया गया है। उसकी खूबसूरती उसके चेहरे के भावों में ही छिपी है। जानिए इंदौर में रावण के पुतलों का बाजार
पिछले कुछ सालों में इंदौर के मालवा मिल, जंजीरावाला चौराहा, दशहरा मैदान, राजकुमार ब्रिज रोड जैसे क्षेत्रों में रेडीमेड रावण पुतले बनाने का काम तेजी से बढ़ा है। इस बार अच्छी बारिश हुई है, लेकिन पुतला निर्माताओं के पास समय कम है। अब 1 फीट से लेकर 61 फीट तक के पुतले बनाए जा रहे हैं, जिनकी प्री-बुकिंग की जाती है। बच्चों के लिए छोटे पुतलों की भी काफी मांग है, जिससे इस परंपरा का क्रेज और बढ़ गया है। उद्देश्य पुतले की ऊंचाई नहीं, सामाजिक संदेश
अशोक दशोरा ने बताया कि शूर्पणखा के पुतले की कीमत क्या होगी, यह तो बनने के बाद ही तय होगा, लेकिन हम इसे हर हाल में करेंगे। इंदौर में हर साल यह ट्रेंड होता जा रहा है कि किसका रावण सबसे बड़ा और ऊंचा है। मुख्य दशहरा मैदान पर तो रावण की ऊंचाई 101 फीट तक पहुंच चुकी है। ऐसे में शूर्पणखा का पुतला भले ही छोटा हो, लेकिन इसका संदेश बड़ा होगा। संस्था के मिलिंद अग्रवाल ने कहा, यह आयोजन किसी खुशी का प्रतीक नहीं है, बल्कि समाज में व्याप्त विकृतियों और विसंगतियों के प्रति चेतावनी है। ‘पुरुष बचाओ’ की मुहिम शुरू करने की मांग
‘न्याय की आवाज’ महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष और मानव अधिकार संगठन की राष्ट्रीय महासचिव सविता मालवीय ने भी इस आयोजन का समर्थन करते हुए एक वीडियो बयान जारी किया। उन्होंने कहा, अब देश में कुछ महिलाएं पति को फंसा रही हैं, उनकी हत्या कर रही हैं या आत्महत्या के लिए मजबूर कर रही हैं। सविता ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार ‘बेटी बचाओ’ के साथ-साथ ‘पुरुष बचाओ, भाई बचाओ, बेटा बचाओ’ जैसे अभियान भी चलाए। उन्होंने ‘पुरुष आयोग’ के गठन की भी मांग की, ताकि झूठे मामलों में फंसे निर्दोष पुरुषों को न्याय मिल सके। वह जघन्य हत्याकांड, जिनकी वजह से शूर्पणखा दहन हो रहा 1. राजा रघुवंशी हत्याकांड: हनीमून पर पत्नी सोनम ने हत्या कराई
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी सोनम से 11 मई को शादी हुई। 21 मई को राजा-सोनम शिलॉन्ग पहुंचे। 23 मई को परिवार से आखिरी बार बात की। 2 जून को राजा का शव मिला। इस हत्या का ताना-बाना सोनम 16 मई को ही बुन चुकी थी। इसमें उसके साथ बॉयफ्रेंड राज और उसके साथी भी शामिल थे। सेल्फी लेने के बहाने बुलाया और पति की सांसें छीन ली
23 मई को शिलॉन्ग में राजा और सोनम के साथ विशाल और आकाश भी मेन रोड से करीब 200 मीटर अंदर की ओर बने सेल्फी पॉइंट पर पहुंचे। यहां सोनम के इशारे पर विशाल चौहान ने राजा के सिर के पिछले हिस्से में डाव से वार कर दिया। जब कन्फर्म हो गया कि राजा मर चुका है तो तीनों ने 4 फीट ऊंची लोहे की जालियों से उठाकर उसे नीचे खाई में फेंक दिया। 2. देवास का प्रवीण पटेल मर्डर केस; पत्नी पर हत्या का आरोप
देवास जिले के ग्राम सन्नौड का रहने वाला प्रवीण पटेल (28) 19 अक्टूबर 2024 को घर से लापता हो गया था। करीब एक महीने बाद उसका कंकाल नाले में मिला था। प्रवीण की हत्या को उसकी मां राजा रघुवंशी की हत्या की तरह बता रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पत्नी ने ही प्रवीण की हत्या की है। हालांकि पुलिस इसे हादसा बता रही है। प्रवीण पटेल शादी के 2 महीने बाद 19 अक्टूबर को करवाचौथ मनाने के लिए ग्राम सन्नौड से टोंकखुर्द जिले में स्थित अपनी ससुराल कनेरिया जाने की बात कहकर घर से निकला था। घर से निकलने के बाद उसी रात उसका फोन बंद हो गया। इसके बाद परिवार ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। प्रवीण पटेल का कंकाल 28 नवंबर को इंदौर-सन्नौड के बीच नाले में मिला। पुलिस ने प्रवीण की मौत बाइक अनियंत्रित होकर नाले में गिरने से होना बताया, लेकिन प्रवीण पटेल की मां रंजना पटेल ने अपनी बहू हंसा पटेल सहित उसके परिवार के 13 लोगों पर अपने बेटे प्रवीण पटेल की हत्या करने का आरोप लगाया। 3. मेरठ हत्याकांड: बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर पति को मार डाला
लंदन से लौटकर मेरठ आए मर्चेंट नेवी के पूर्व अफसर सौरभ कुमार राजपूत की उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने 3 मार्च, 2025 की रात को हत्या कर दी थी। इस काम में उसका साथ बॉयफ्रेंड साहिल शुक्ला उर्फ मोहित ने दिया था। पहले खाने में दवा मिलाकर बेहोश किया। फिर बेडरूम में सोते समय पति के सीने में मुस्कान ने ही पहला चाकू मारा था। मौत के बाद लाश को बाथरूम में ले गए थे। वहां साहिल ने दोनों हाथ और सिर काटकर धड़ से अलग किया था। बॉडी को ठिकाने लगाने के लिए प्लास्टिक के ड्रम में टुकड़े डाले। फिर उसमें सीमेंट का घोल भर दिया था। इस कत्ल से पर्दा तब हटा, जब 18 मार्च को सौरभ का छोटा भाई राहुल अपने भाई के घर पहुंचा था। यहां उसने मुस्कान को एक लड़के (साहिल) के साथ घूमते देखा था। पूर्व मंत्री व विधायक उषा ठाकुर की एंट्री, दिया समर्थन
विधायक उषा ठाकुर ने कहा की ये वे महिलाएं हैं जिनकी वृत्ति है रावण जैसी। संस्था ने जो फैसला लिया है वह सही है। संस्था ने बिलकुल ठीक किया है। मातृशक्ति जब इस प्रकार के अपराधों में लिपट हो जाएगी तो धरती मां का तो संतुलन बिगड़ जाएगा। वह विश्व के निर्मात्री शक्ति है।ऐसी अपराधी महिलाओं का पुतला जालना चाहिए और बाकी सभी मात्र शक्ति से प्रार्थना है कि वह अपने सात्विकता का नैतिकता का संवेदना का विस्तार करें। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में शूर्पणखा के रूप में सोनम-मुस्कान दहन होगा विजयादशमी पर रावण दहन की परंपरा है, लेकिन इंदौर में इस बार परंपरा से हटकर रावण की बहन शूर्पणखा और उसकी सेना का भी दहन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को दहन से पहले शूर्पणखा और उसकी सेना के पुतलों को ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस के रूप में पूरे शहर में घुमाया जाएगा। इसके बाद दम्हा लक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में दहन होगा। एक एंथम भी बनाया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
इंदौर में दशहरा पर इस बार परंपरा से हटकर रावण की बहन शूर्पणखा और उसकी सेना का भी दहन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को दहन से पहले शूर्पणखा और उसकी सेना के पुतलों को ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस के रूप में पूरे शहर में घुमाया जाएगा। इसके बाद दम्हा लक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में दहन होगा। आयोजकों के मुताबिक शूर्पणखा की सेना में इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या करने वाली पत्नी सोनम के पोस्टर भी होंगे। इसके साथ ही अपने पतियों की कातिल या उन्हें मरने के लिए मजबूर करने वाली महिलाओं के पोस्टर भी होंगे। पीड़ित परिवारों को आयोजन में शामिल होने का बुलावा भी भेजा गया है। इस आयोजन में राजा रघुवंशी हत्याकांड के पीड़ित परिवार और रघुवंशी समाज के लोग भी शामिल होंगे। आयोजन का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। पूरे कार्यक्रम का आयोजन ‘पौरुष’ नाम की संस्था की ओर से किया जा रहा है, जो पुरुषों के अधिकारों और उनके हितों के लिए काम करती है। संस्था ने महिला आरोपियों के पुतलों का दिया ऑर्डर
इस आयोजन के लिए संस्था ‘पौरुष’ ने शूर्पणखा और चर्चित हत्याकांड की महिला आरोपियों के छोटे पुतलों का ऑर्डर दिया है। रावण के पुतले बनाने वाले 25 सालों के अनुभवी निर्माता के लिए भी यह अपने आप में एक अनोखा और चुनौतीपूर्ण ऑर्डर है। निर्माता ने बताया कि यह पुतला नवरात्रि के दौरान ही तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि यह महिला पात्र (शूर्पणखा) का पुतला है, इसलिए इसके आकार, बनावट और प्रस्तुति में विशेष बातों का ध्यान रखना पड़ेगा। इसके बाद, जिसे जैसी भावना से देखना है, देखे। संस्था हर साल 40-50 बड़े पुतले बनाती है
संस्था पौरुष के अध्यक्ष अशोक दशोरा और उनकी टीम गुरुवार देर शाम रावण निर्माण स्थल पर पहुंचे और कार्य की प्रगति जानी। पुतला निर्माता कालू भैया ने बताया कि उनकी 10 लोगों की टीम 25 सालों से रावण के पुतले बना रही है। हर साल 300 से ज्यादा ग्राहक मध्यम और बड़े आकार के पुतले मंगवाते हैं। अब वे हर साल लगभग 40-50 बड़े रावण के पुतले ही बना रहे हैं। पुतलों की कीमत आकार, डिजाइन, वस्त्र और सजावट के आधार पर तय होती है, जबकि पटाखों की व्यवस्था आयोजक समितियां करती हैं। निर्माता केवल पुतले बनाकर देते हैं, पटाखे लगवाने में समिति की मदद करते हैं। शूर्पणखा के पुतले को लेकर पहली बार उत्सुकता
कालू भैया ने कहा, शूर्पणखा का यह पहला ऑर्डर है, इसलिए यह हमारे लिए भी खास है। अलग तरह का महिला पात्र होने के कारण इसे बनाना आसान नहीं है, लेकिन नवरात्रि के खत्म होने से दो-तीन दिन पहले तक हम इसे तैयार कर देंगे। महिला पुतले बनाने में विशेष सावधानी बरती जाती है। हम शूर्पणखा को वैसा ही बनाएंगे जैसा उसे उस काल में दर्शाया गया है। उसकी खूबसूरती उसके चेहरे के भावों में ही छिपी है। जानिए इंदौर में रावण के पुतलों का बाजार
पिछले कुछ सालों में इंदौर के मालवा मिल, जंजीरावाला चौराहा, दशहरा मैदान, राजकुमार ब्रिज रोड जैसे क्षेत्रों में रेडीमेड रावण पुतले बनाने का काम तेजी से बढ़ा है। इस बार अच्छी बारिश हुई है, लेकिन पुतला निर्माताओं के पास समय कम है। अब 1 फीट से लेकर 61 फीट तक के पुतले बनाए जा रहे हैं, जिनकी प्री-बुकिंग की जाती है। बच्चों के लिए छोटे पुतलों की भी काफी मांग है, जिससे इस परंपरा का क्रेज और बढ़ गया है। उद्देश्य पुतले की ऊंचाई नहीं, सामाजिक संदेश
अशोक दशोरा ने बताया कि शूर्पणखा के पुतले की कीमत क्या होगी, यह तो बनने के बाद ही तय होगा, लेकिन हम इसे हर हाल में करेंगे। इंदौर में हर साल यह ट्रेंड होता जा रहा है कि किसका रावण सबसे बड़ा और ऊंचा है। मुख्य दशहरा मैदान पर तो रावण की ऊंचाई 101 फीट तक पहुंच चुकी है। ऐसे में शूर्पणखा का पुतला भले ही छोटा हो, लेकिन इसका संदेश बड़ा होगा। संस्था के मिलिंद अग्रवाल ने कहा, यह आयोजन किसी खुशी का प्रतीक नहीं है, बल्कि समाज में व्याप्त विकृतियों और विसंगतियों के प्रति चेतावनी है। ‘पुरुष बचाओ’ की मुहिम शुरू करने की मांग
‘न्याय की आवाज’ महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष और मानव अधिकार संगठन की राष्ट्रीय महासचिव सविता मालवीय ने भी इस आयोजन का समर्थन करते हुए एक वीडियो बयान जारी किया। उन्होंने कहा, अब देश में कुछ महिलाएं पति को फंसा रही हैं, उनकी हत्या कर रही हैं या आत्महत्या के लिए मजबूर कर रही हैं। सविता ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार ‘बेटी बचाओ’ के साथ-साथ ‘पुरुष बचाओ, भाई बचाओ, बेटा बचाओ’ जैसे अभियान भी चलाए। उन्होंने ‘पुरुष आयोग’ के गठन की भी मांग की, ताकि झूठे मामलों में फंसे निर्दोष पुरुषों को न्याय मिल सके। वह जघन्य हत्याकांड, जिनकी वजह से शूर्पणखा दहन हो रहा 1. राजा रघुवंशी हत्याकांड: हनीमून पर पत्नी सोनम ने हत्या कराई
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी सोनम से 11 मई को शादी हुई। 21 मई को राजा-सोनम शिलॉन्ग पहुंचे। 23 मई को परिवार से आखिरी बार बात की। 2 जून को राजा का शव मिला। इस हत्या का ताना-बाना सोनम 16 मई को ही बुन चुकी थी। इसमें उसके साथ बॉयफ्रेंड राज और उसके साथी भी शामिल थे। सेल्फी लेने के बहाने बुलाया और पति की सांसें छीन ली
23 मई को शिलॉन्ग में राजा और सोनम के साथ विशाल और आकाश भी मेन रोड से करीब 200 मीटर अंदर की ओर बने सेल्फी पॉइंट पर पहुंचे। यहां सोनम के इशारे पर विशाल चौहान ने राजा के सिर के पिछले हिस्से में डाव से वार कर दिया। जब कन्फर्म हो गया कि राजा मर चुका है तो तीनों ने 4 फीट ऊंची लोहे की जालियों से उठाकर उसे नीचे खाई में फेंक दिया। 2. देवास का प्रवीण पटेल मर्डर केस; पत्नी पर हत्या का आरोप
देवास जिले के ग्राम सन्नौड का रहने वाला प्रवीण पटेल (28) 19 अक्टूबर 2024 को घर से लापता हो गया था। करीब एक महीने बाद उसका कंकाल नाले में मिला था। प्रवीण की हत्या को उसकी मां राजा रघुवंशी की हत्या की तरह बता रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पत्नी ने ही प्रवीण की हत्या की है। हालांकि पुलिस इसे हादसा बता रही है। प्रवीण पटेल शादी के 2 महीने बाद 19 अक्टूबर को करवाचौथ मनाने के लिए ग्राम सन्नौड से टोंकखुर्द जिले में स्थित अपनी ससुराल कनेरिया जाने की बात कहकर घर से निकला था। घर से निकलने के बाद उसी रात उसका फोन बंद हो गया। इसके बाद परिवार ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। प्रवीण पटेल का कंकाल 28 नवंबर को इंदौर-सन्नौड के बीच नाले में मिला। पुलिस ने प्रवीण की मौत बाइक अनियंत्रित होकर नाले में गिरने से होना बताया, लेकिन प्रवीण पटेल की मां रंजना पटेल ने अपनी बहू हंसा पटेल सहित उसके परिवार के 13 लोगों पर अपने बेटे प्रवीण पटेल की हत्या करने का आरोप लगाया। 3. मेरठ हत्याकांड: बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर पति को मार डाला
लंदन से लौटकर मेरठ आए मर्चेंट नेवी के पूर्व अफसर सौरभ कुमार राजपूत की उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने 3 मार्च, 2025 की रात को हत्या कर दी थी। इस काम में उसका साथ बॉयफ्रेंड साहिल शुक्ला उर्फ मोहित ने दिया था। पहले खाने में दवा मिलाकर बेहोश किया। फिर बेडरूम में सोते समय पति के सीने में मुस्कान ने ही पहला चाकू मारा था। मौत के बाद लाश को बाथरूम में ले गए थे। वहां साहिल ने दोनों हाथ और सिर काटकर धड़ से अलग किया था। बॉडी को ठिकाने लगाने के लिए प्लास्टिक के ड्रम में टुकड़े डाले। फिर उसमें सीमेंट का घोल भर दिया था। इस कत्ल से पर्दा तब हटा, जब 18 मार्च को सौरभ का छोटा भाई राहुल अपने भाई के घर पहुंचा था। यहां उसने मुस्कान को एक लड़के (साहिल) के साथ घूमते देखा था। पूर्व मंत्री व विधायक उषा ठाकुर की एंट्री, दिया समर्थन
विधायक उषा ठाकुर ने कहा की ये वे महिलाएं हैं जिनकी वृत्ति है रावण जैसी। संस्था ने जो फैसला लिया है वह सही है। संस्था ने बिलकुल ठीक किया है। मातृशक्ति जब इस प्रकार के अपराधों में लिपट हो जाएगी तो धरती मां का तो संतुलन बिगड़ जाएगा। वह विश्व के निर्मात्री शक्ति है।ऐसी अपराधी महिलाओं का पुतला जालना चाहिए और बाकी सभी मात्र शक्ति से प्रार्थना है कि वह अपने सात्विकता का नैतिकता का संवेदना का विस्तार करें। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में शूर्पणखा के रूप में सोनम-मुस्कान दहन होगा विजयादशमी पर रावण दहन की परंपरा है, लेकिन इंदौर में इस बार परंपरा से हटकर रावण की बहन शूर्पणखा और उसकी सेना का भी दहन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को दहन से पहले शूर्पणखा और उसकी सेना के पुतलों को ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस के रूप में पूरे शहर में घुमाया जाएगा। इसके बाद दम्हा लक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में दहन होगा। एक एंथम भी बनाया गया है। पूरी खबर पढ़ें…