बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग करने वाले हरियाणा के 2 शूटरों का यूपी के गाजियाबाद में एनकाउंटर कर दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई पर परिवारवालों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कार्रवाई को फेक बताते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। सोनीपत में परिवार का कहना है कि उनका बेटा अरुण ऐसा नहीं था। उसे घर से उसका दोस्त बुलाकर ले गया था। वह हरिद्वार जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन पुलिस ने उसे मार डाला। बता दें कि हरियाणा STF, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और UP की STF ने गाजियाबाद में बुधवार शाम को दोनों शूटरों का एनकाउंटर किया। बदमाशों की पहचान गांव काहनी (रोहतक) के निवासी रविंद्र और मयूर विहार (सोनीपत) के रहने वाले अरुण के रूप में हुई। पुलिस ने अनुसार, ये रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के गैंग के थे। दोनों पर एक-एक लाख रुपए का इनाम था। रोहित गोदारा के नाम से एक पोस्ट वायरल कर बदला लेने की धमकी दी गई है। हालांकि, भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता। अरूण के भाई के पुलिस कार्रवाई पर 2 सवाल… अब पढ़िए, अरुण की मां ने क्या-क्या कहा… कर्ज लेकर मकान बनाया
मां सविता ने बताया कि छह महीने पहले ही उन्होंने 10-12 लाख रुपए का कर्ज लेकर नया मकान बनाया है, लेकिन उसमें अभी तक दरवाजे-खिड़की भी नहीं लग पाए। घर में बिजली का कनेक्शन और फिटिंग तक अधूरी है। अरुण अपनी मां से कहा करता था कि मेहनत करके कर्ज उतार देंगे। गांव का मकान बेचकर शहर में प्लॉट खरीदा था और कुछ भैंसें भी बेचनी पड़ीं। बेटियों के गहने गिरवी रखे गए। बड़ा बेटा अंकुर अमेजन में नौकरी करता है और शादीशुदा है। पिता राजेंद्र सिंह फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड हैं, जबकि मां सविता पहले लोगों के घरों में बर्तन साफ करती थी और अब फैक्ट्री में काम करती हैं। पिता बोले- बेटे के साथ अन्याय हुआ है
रोते हुए पिता राजेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार रात दो पुलिसकर्मी घर आए और परिवार से जानकारी ली। जब परिवार ने पूछा तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि उनके बेटे की नौकरी की वेरिफिकेशन के लिए आए हैं। लेकिन रात करीब साढ़े 11 बजे उन्हें बेटे की मौत की खबर मिली तो परिवार में मातम छा गया। बेटे की मौत की खबर सुनते ही राजेंद्र का मुंह का निवाला नीचे गिर गया। पहले तो मां-बाप को विश्वास ही नहीं हुआ और बोले कि अरुण हरिद्वार गया हुआ है और लौटकर आएगा। लेकिन जब मोबाइल फोन में एनकाउंटर की तस्वीर देखी तो राजेंद्र ने पहचान लिया और कहा- हां, यही मेरा बेटा है। रोते हुए राजेंद्र कहते रहे कि उनका बेटा कभी गलत काम नहीं कर सकता। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि बेटे के साथ अन्याय हुआ है। परिवार का कहना है कि अरुण को कोई दोस्त बहला-फुसलाकर साथ ले गया था। रविंद्र का है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस ने बताया कि दोनों अपराधी 12 सितंबर 2025 को उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के सिविल लाइन क्षेत्र में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग की वारदात में वांछित थे। उनकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित था। जांच में सामने आया कि रविन्द्र के खिलाफ हरियाणा के विभिन्न थानों में पांच संगीन मुकदमे दर्ज हैं। 20 दिसंबर 2024 को उसने फतेहाबाद में पुलिस एस्कॉर्ट गार्ड पर हमला कर अपराधी रवि जागसी को छुड़ाने की कोशिश की थी। इस मामले में उस पर गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अरुण के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह कुख्यात अपराधियों से जुड़ा हुआ था और कई मामलों में संदिग्ध रहा है। गैंगस्टर ने फायरिंग की वजह बताई, चेतावनी दी… शूटरों के मारे जाने पर गोदारा की पोस्ट आई…
बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग करने वाले हरियाणा के 2 शूटरों का यूपी के गाजियाबाद में एनकाउंटर कर दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई पर परिवारवालों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कार्रवाई को फेक बताते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। सोनीपत में परिवार का कहना है कि उनका बेटा अरुण ऐसा नहीं था। उसे घर से उसका दोस्त बुलाकर ले गया था। वह हरिद्वार जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन पुलिस ने उसे मार डाला। बता दें कि हरियाणा STF, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और UP की STF ने गाजियाबाद में बुधवार शाम को दोनों शूटरों का एनकाउंटर किया। बदमाशों की पहचान गांव काहनी (रोहतक) के निवासी रविंद्र और मयूर विहार (सोनीपत) के रहने वाले अरुण के रूप में हुई। पुलिस ने अनुसार, ये रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के गैंग के थे। दोनों पर एक-एक लाख रुपए का इनाम था। रोहित गोदारा के नाम से एक पोस्ट वायरल कर बदला लेने की धमकी दी गई है। हालांकि, भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता। अरूण के भाई के पुलिस कार्रवाई पर 2 सवाल… अब पढ़िए, अरुण की मां ने क्या-क्या कहा… कर्ज लेकर मकान बनाया
मां सविता ने बताया कि छह महीने पहले ही उन्होंने 10-12 लाख रुपए का कर्ज लेकर नया मकान बनाया है, लेकिन उसमें अभी तक दरवाजे-खिड़की भी नहीं लग पाए। घर में बिजली का कनेक्शन और फिटिंग तक अधूरी है। अरुण अपनी मां से कहा करता था कि मेहनत करके कर्ज उतार देंगे। गांव का मकान बेचकर शहर में प्लॉट खरीदा था और कुछ भैंसें भी बेचनी पड़ीं। बेटियों के गहने गिरवी रखे गए। बड़ा बेटा अंकुर अमेजन में नौकरी करता है और शादीशुदा है। पिता राजेंद्र सिंह फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड हैं, जबकि मां सविता पहले लोगों के घरों में बर्तन साफ करती थी और अब फैक्ट्री में काम करती हैं। पिता बोले- बेटे के साथ अन्याय हुआ है
रोते हुए पिता राजेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार रात दो पुलिसकर्मी घर आए और परिवार से जानकारी ली। जब परिवार ने पूछा तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि उनके बेटे की नौकरी की वेरिफिकेशन के लिए आए हैं। लेकिन रात करीब साढ़े 11 बजे उन्हें बेटे की मौत की खबर मिली तो परिवार में मातम छा गया। बेटे की मौत की खबर सुनते ही राजेंद्र का मुंह का निवाला नीचे गिर गया। पहले तो मां-बाप को विश्वास ही नहीं हुआ और बोले कि अरुण हरिद्वार गया हुआ है और लौटकर आएगा। लेकिन जब मोबाइल फोन में एनकाउंटर की तस्वीर देखी तो राजेंद्र ने पहचान लिया और कहा- हां, यही मेरा बेटा है। रोते हुए राजेंद्र कहते रहे कि उनका बेटा कभी गलत काम नहीं कर सकता। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि बेटे के साथ अन्याय हुआ है। परिवार का कहना है कि अरुण को कोई दोस्त बहला-फुसलाकर साथ ले गया था। रविंद्र का है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस ने बताया कि दोनों अपराधी 12 सितंबर 2025 को उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के सिविल लाइन क्षेत्र में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग की वारदात में वांछित थे। उनकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित था। जांच में सामने आया कि रविन्द्र के खिलाफ हरियाणा के विभिन्न थानों में पांच संगीन मुकदमे दर्ज हैं। 20 दिसंबर 2024 को उसने फतेहाबाद में पुलिस एस्कॉर्ट गार्ड पर हमला कर अपराधी रवि जागसी को छुड़ाने की कोशिश की थी। इस मामले में उस पर गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अरुण के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह कुख्यात अपराधियों से जुड़ा हुआ था और कई मामलों में संदिग्ध रहा है। गैंगस्टर ने फायरिंग की वजह बताई, चेतावनी दी… शूटरों के मारे जाने पर गोदारा की पोस्ट आई…