केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर, 2025 को कुरुक्षेत्र में नए लागू आपराधिक कानूनों पर आधारित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इस आयोजन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की। प्रदर्शनी एवं उद्घाटन समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यह महत्वपूर्ण प्रदर्शनी 4–5 दिनों तक चले, ताकि एडवोकेट, छात्र, पेरेंट्स और आम नागरिक इसमें शामिल होकर आपराधिक न्याय प्रणाली में हुए बदलावों को समझ सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नए कानूनों पर व्याख्यान और पैनल चर्चा का आयोजन किया जाए, जिसमें कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। प्रदर्शनी में वास्तविक जीवन के उदाहरण दिखेंगे बैठक में सीएम ने कहा, प्रदर्शनी में वास्तविक जीवन के उदाहरणों को भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए जहां इन कानूनों के लागू होने के बाद जघन्य अपराधों का अति शीघ्र समाधान किया गया हो। इससे लोगों को इन सुधारों के सकारात्मक प्रभाव को देखने में मदद मिलेगी। इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शनी का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के माध्यम से भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों के बारे में नागरिकों को जागरूक और शिक्षित करना है। बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 2024 में 1,36,269 केस दर्ज हुए
हरियाणा में तीनों नए कानूनों के तहत 2024 में प्रदेश में कुल 1,36,269 मुकदमे दर्ज हुए। यह 2023 की तुलना में 16,216 कम है, जिससे प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में 14.62% की कमी आई है। इन तीन नए कानूनों में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम शामिल हैं। नए कानून में केस दर्ज करने, जांच रिपोर्ट पेश करने, कोर्ट में सुनवाई और फैसले की अवधि तय होने से पीड़ितों को पहले की अपेक्षा जल्द न्याय मिलेगा। नए कानूनों के बाद ये हो रहे बदलाव.. FIR का डेटा CCTNS पर अपलोड
प्रदेश के सभी पुलिस थानों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) से जोड़ा जा चुका है, और FIR भी CCTNS द्वारा ही लिखी जा रही हैं। प्रदेश में नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 का स्कोर प्रति डेशबोर्ड 100 फीसदी है। साल 2024 में प्रदेश में 1431 महिलाओं से रेप, 112 से रेप की कोशिश और 1431 महिलाओं से छेड़खानी की शिकायतें दर्ज हुई हैं। रेप पीड़िता की मर्जी से होंगे बयान
अब रेप या छेड़खानी की पीड़िता की मर्जी के अनुसार पुलिस खुद उसके पास जाकर बयान दर्ज करने लगी है। नए कानून में विदेश में बैठे गैंगस्टर या अपराधियों पर कोर्ट में पेशी के बगैर केस चलाने और सजा सुनाने का अधिकार है। पुलिस वॉट्सऐप पर समन भेज रही है, जिससे सरकारी खर्च में कमी आएगी।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर, 2025 को कुरुक्षेत्र में नए लागू आपराधिक कानूनों पर आधारित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इस आयोजन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की। प्रदर्शनी एवं उद्घाटन समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यह महत्वपूर्ण प्रदर्शनी 4–5 दिनों तक चले, ताकि एडवोकेट, छात्र, पेरेंट्स और आम नागरिक इसमें शामिल होकर आपराधिक न्याय प्रणाली में हुए बदलावों को समझ सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नए कानूनों पर व्याख्यान और पैनल चर्चा का आयोजन किया जाए, जिसमें कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। प्रदर्शनी में वास्तविक जीवन के उदाहरण दिखेंगे बैठक में सीएम ने कहा, प्रदर्शनी में वास्तविक जीवन के उदाहरणों को भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए जहां इन कानूनों के लागू होने के बाद जघन्य अपराधों का अति शीघ्र समाधान किया गया हो। इससे लोगों को इन सुधारों के सकारात्मक प्रभाव को देखने में मदद मिलेगी। इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शनी का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के माध्यम से भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों के बारे में नागरिकों को जागरूक और शिक्षित करना है। बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 2024 में 1,36,269 केस दर्ज हुए
हरियाणा में तीनों नए कानूनों के तहत 2024 में प्रदेश में कुल 1,36,269 मुकदमे दर्ज हुए। यह 2023 की तुलना में 16,216 कम है, जिससे प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में 14.62% की कमी आई है। इन तीन नए कानूनों में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम शामिल हैं। नए कानून में केस दर्ज करने, जांच रिपोर्ट पेश करने, कोर्ट में सुनवाई और फैसले की अवधि तय होने से पीड़ितों को पहले की अपेक्षा जल्द न्याय मिलेगा। नए कानूनों के बाद ये हो रहे बदलाव.. FIR का डेटा CCTNS पर अपलोड
प्रदेश के सभी पुलिस थानों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) से जोड़ा जा चुका है, और FIR भी CCTNS द्वारा ही लिखी जा रही हैं। प्रदेश में नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 का स्कोर प्रति डेशबोर्ड 100 फीसदी है। साल 2024 में प्रदेश में 1431 महिलाओं से रेप, 112 से रेप की कोशिश और 1431 महिलाओं से छेड़खानी की शिकायतें दर्ज हुई हैं। रेप पीड़िता की मर्जी से होंगे बयान
अब रेप या छेड़खानी की पीड़िता की मर्जी के अनुसार पुलिस खुद उसके पास जाकर बयान दर्ज करने लगी है। नए कानून में विदेश में बैठे गैंगस्टर या अपराधियों पर कोर्ट में पेशी के बगैर केस चलाने और सजा सुनाने का अधिकार है। पुलिस वॉट्सऐप पर समन भेज रही है, जिससे सरकारी खर्च में कमी आएगी।