उज्जैन में लैंड पुलिंग योजना के विरोध में किसान इकट्ठा हो रहे हैं। अब तक 2000 ट्रैक्टर-ट्रॉली और 5000 से अधिक किसान शहर में पहुंच चुके हैं। इस आंदोलन में 10 हजार किसानों के पहुंचने का अनुमान है। किसान सिंहस्थ में स्थायी सिटी बसाने के लिए लैंड पुलिंग का विरोध कर रहे हैं। साथ ही 15 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो गांवों से दूध, सब्जी की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। सिंहस्थ क्षेत्र से जुड़े 17 गांवों सहित अन्य क्षेत्र के किसान आगर रोड स्थित सामाजिक न्याय परिसर पहुंच रहे हैं। किसानों के इस आंदोलन को भाजपा नेता और पूर्व मंत्री पारस जैन ने समर्थन दिया है। हालांकि कुछ देर बाद वे लौट गए। आंदोलन का आव्हान भारतीय किसान संघ जिला उज्जैन मालवा प्रांत ने किया है। सरकार इंदौर और उज्जैन के करीब एक लाख बीघा जमीन की लैंड पुलिंग कर रही है। आंदोलन की 5 तस्वीरें… ‘सरकार ने अब तक बात नहीं की’
संघ प्रचारक और भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने कहा कि सरकार जल्दबाजी में गलती कर रही है। उसकी मंशा है कि किसानों से जमीन खींचकर परमानेंट स्ट्रक्चर तैयार कर देंगे। किसान संघ इसका विरोध कर रहा है। सिंहस्थ हजारों सालों से चल रहा है, तब ये केंद्र-राज्य की सरकारें नहीं थीं। वहां सुविधाएं बनाओ मगर अस्थाई। ताकि किसान 11 साल उसका उपयोग करे और एक साल सिंहस्थ को दें। विरोध का मूल विषय यही है। मिश्र बोले- सरकार को इतनी सी बात समझ नहीं आ रही
मोहिनी मोहन मिश्र ने कहा, संत साधना के लिए आ रहे हैं। उन्हें आराम की जरूरत नहीं। लाखों श्रद्धालुओं के लिए खुला मैदान होना चाहिए। 1500-1800 किसान प्रभावित हैं। उनसे बात करो। प्रशासन के उन लोगों से बात कर रहे, जो दो, चार, 10 साल बाद यहां से भाग जाएगा। यहां का किसान हजारों साल से जमीन दे रहा है। आपको थोड़ा मुआवजा देना पड़ता है। सिंहस्थ ऐसा बने, सुविधाएं बढ़िया बनें, जमीन 11 साल किसान उपयोग में लें एक साल सिंहस्थ को दे दें। इतनी सी बात समझ में नहीं आ रही। किसानों का प्याज, सोयाबीन का विषय है। वह हमसे बात करें, हम उनसे क्यों करें
मोदी-शाह से बात करने पर मिश्र ने कहा- वह हमसे बात करेंगे हम उनसे बात क्यों करें। जमीन हमारे पास है। सिंहस्थ हम चला रहे हैं। ये केंद्र और राज्य की सरकार नहीं थी, तब से सिंहस्थ चल रहा है। हमें बात करने में कोई ऐतराज नहीं है। उन्हें आने दीजिए। न्याय पालिका को संज्ञान लेना चाहिए। कहीं पराली जल गया तो संज्ञान लेते हैं। संत-सामाजिक संगठन हमारे साथ है। सरकार को साथ आना पड़ेगा। सामाजिक न्याय परिसर से शुरू होगी रैली
रैली सामाजिक न्याय परिसर से शुरू होगी और आगर रोड, चामुंडा माता चौराहा, तरणताल होते हुए कोठी क्षेत्र स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी। यहां सभा होगी और ज्ञापन सौंपा जाएगा। किसान नेता करेंगे सभा को संबोधित
यहां आयोजित सभा को संघ प्रचारक एवं भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र, किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, प्रांत मंत्री भरत सिंह बेस सहित अन्य किसान नेता संबोधित करेंगे। किसान संघ के भारत बेस ने बताया कि उज्जैन और इंदौर की करीब एक लाख बीघा जमीन की लैंड पुलिंग होना है। किसानों की मांगें… वाहन रैली के दौरान यातायात डायवर्सन इससे पहले भी किसान कर चुके प्रदर्शन… पानी में खड़े होकर किसानों का प्रदर्शन, किया चक्काजाम: उज्जैन में सिंहस्थ के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध; कहा- स्थायी जमीन नहीं देंगे उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व के लिए स्थायी कुंभ नगरी बनाने के विरोध में किसानों ने चक्रतीर्थ श्मशान घाट में पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। आगर रोड पर चक्काजाम भी किया। पढ़ें पूरी खबर…
उज्जैन में लैंड पुलिंग योजना के विरोध में किसान इकट्ठा हो रहे हैं। अब तक 2000 ट्रैक्टर-ट्रॉली और 5000 से अधिक किसान शहर में पहुंच चुके हैं। इस आंदोलन में 10 हजार किसानों के पहुंचने का अनुमान है। किसान सिंहस्थ में स्थायी सिटी बसाने के लिए लैंड पुलिंग का विरोध कर रहे हैं। साथ ही 15 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो गांवों से दूध, सब्जी की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। सिंहस्थ क्षेत्र से जुड़े 17 गांवों सहित अन्य क्षेत्र के किसान आगर रोड स्थित सामाजिक न्याय परिसर पहुंच रहे हैं। किसानों के इस आंदोलन को भाजपा नेता और पूर्व मंत्री पारस जैन ने समर्थन दिया है। हालांकि कुछ देर बाद वे लौट गए। आंदोलन का आव्हान भारतीय किसान संघ जिला उज्जैन मालवा प्रांत ने किया है। सरकार इंदौर और उज्जैन के करीब एक लाख बीघा जमीन की लैंड पुलिंग कर रही है। आंदोलन की 5 तस्वीरें… ‘सरकार ने अब तक बात नहीं की’
संघ प्रचारक और भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने कहा कि सरकार जल्दबाजी में गलती कर रही है। उसकी मंशा है कि किसानों से जमीन खींचकर परमानेंट स्ट्रक्चर तैयार कर देंगे। किसान संघ इसका विरोध कर रहा है। सिंहस्थ हजारों सालों से चल रहा है, तब ये केंद्र-राज्य की सरकारें नहीं थीं। वहां सुविधाएं बनाओ मगर अस्थाई। ताकि किसान 11 साल उसका उपयोग करे और एक साल सिंहस्थ को दें। विरोध का मूल विषय यही है। मिश्र बोले- सरकार को इतनी सी बात समझ नहीं आ रही
मोहिनी मोहन मिश्र ने कहा, संत साधना के लिए आ रहे हैं। उन्हें आराम की जरूरत नहीं। लाखों श्रद्धालुओं के लिए खुला मैदान होना चाहिए। 1500-1800 किसान प्रभावित हैं। उनसे बात करो। प्रशासन के उन लोगों से बात कर रहे, जो दो, चार, 10 साल बाद यहां से भाग जाएगा। यहां का किसान हजारों साल से जमीन दे रहा है। आपको थोड़ा मुआवजा देना पड़ता है। सिंहस्थ ऐसा बने, सुविधाएं बढ़िया बनें, जमीन 11 साल किसान उपयोग में लें एक साल सिंहस्थ को दे दें। इतनी सी बात समझ में नहीं आ रही। किसानों का प्याज, सोयाबीन का विषय है। वह हमसे बात करें, हम उनसे क्यों करें
मोदी-शाह से बात करने पर मिश्र ने कहा- वह हमसे बात करेंगे हम उनसे बात क्यों करें। जमीन हमारे पास है। सिंहस्थ हम चला रहे हैं। ये केंद्र और राज्य की सरकार नहीं थी, तब से सिंहस्थ चल रहा है। हमें बात करने में कोई ऐतराज नहीं है। उन्हें आने दीजिए। न्याय पालिका को संज्ञान लेना चाहिए। कहीं पराली जल गया तो संज्ञान लेते हैं। संत-सामाजिक संगठन हमारे साथ है। सरकार को साथ आना पड़ेगा। सामाजिक न्याय परिसर से शुरू होगी रैली
रैली सामाजिक न्याय परिसर से शुरू होगी और आगर रोड, चामुंडा माता चौराहा, तरणताल होते हुए कोठी क्षेत्र स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी। यहां सभा होगी और ज्ञापन सौंपा जाएगा। किसान नेता करेंगे सभा को संबोधित
यहां आयोजित सभा को संघ प्रचारक एवं भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र, किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, प्रांत मंत्री भरत सिंह बेस सहित अन्य किसान नेता संबोधित करेंगे। किसान संघ के भारत बेस ने बताया कि उज्जैन और इंदौर की करीब एक लाख बीघा जमीन की लैंड पुलिंग होना है। किसानों की मांगें… वाहन रैली के दौरान यातायात डायवर्सन इससे पहले भी किसान कर चुके प्रदर्शन… पानी में खड़े होकर किसानों का प्रदर्शन, किया चक्काजाम: उज्जैन में सिंहस्थ के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध; कहा- स्थायी जमीन नहीं देंगे उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व के लिए स्थायी कुंभ नगरी बनाने के विरोध में किसानों ने चक्रतीर्थ श्मशान घाट में पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। आगर रोड पर चक्काजाम भी किया। पढ़ें पूरी खबर…