देश में 21% सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) राजनीतिक परिवारों से हैं। वहीं, राज्यों में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा नेता राजनीतिक परिवार से हैं। जहां 604 सांसदों, विधायकों और एमएलसी में से 141 (23%) राजनीतिक परिवार से हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है, जहां 403 में से 129 (32%) राजनीतिक परिवार से हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक एडीआर ने 5 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को छोड़कर लगभग 4,092 में से 4,123 मौजूदा सांसदों, विधायकों व एमएलसी के हलफनामे की जांच की है। कांग्रेस में 32%, भाजपा के 18% सांसद सियासी परिवारों से
रिपोर्ट बताती है कि 2009, 2014, 2019 के मुकाबले आपराधिक नेताओं का अनुपात लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला सांसद-विधायकों में 28% ने हलफनामों में आपराधिक केस की घोषणा की है। जिसमें से 15% के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास जैसे आरोप हैं। राष्ट्रीय दलों में कांग्रेस के 32% मौजूदा सांसद, विधायक और एमएलसी राजनीतिक परिवार से हैं। इसके बाद भाजपा के 18% है। वहीं, माकपा में 8% सांसद, विधायक और एमएलसी नेता परिवार से हैं। वंशवाद का असर लोकतंत्र पर
एडीआर की रिपोर्ट बताती है कि वंशवाद का असर देश की राजनीति और लोकतंत्र पर गहरा पड़ता है। इससे नए और योग्य नेताओं को आगे आने का मौका कम मिलता है। जबकि राजनीतिक दलों को टिकट देते समय पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता देनी चाहिए। देश के 47% मंत्रियों पर क्रिमिनल केस देशभर के 302 मंत्री (करीब 47%) खुद पर आपराधिक केस होने की बात स्वीकार कर चुके हैं। इनमें 174 मंत्री ऐसे हैं, जिन पर हत्या, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आरोप हैं। वहीं, केंद्र सरकार के 72 मंत्रियों में से 29 (40%) ने आपराधिक केस होने की बात मानी है। ADR ने यह भी कहा कि जिन शपथ पत्रों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है, वे 2020 से 2025 के बीच चुनावों के दौरान दाखिल हुए थे। इन मामलों की स्थिति बदल भी सकती है। केंद्र सरकार ने हाल ही में एक प्रस्ताव रखा था, जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक मामलों में 30 दिन की गिरफ्तारी के बाद पद से हटाने की बात कही गई थी। 11 राज्यों में 60% मंत्री क्रिमिनल आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और पुडुचेरी में 60 प्रतिशत से ज्यादा मंत्री आपराधिक मामलों में आरोपी हैं। दूसरी ओर हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड और उत्तराखंड के किसी भी मंत्री पर कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं है। 643 मंत्रियों की संपत्ति का विश्लेषण इन 643 मंत्रियों की कुल संपत्ति ₹23,929 करोड़ है। औसतन हर मंत्री के पास ₹37.21 करोड़ रुपए की संपत्ति है। 30 में से 11 विधानसभाओं में अरबपति मंत्री हैं। कर्नाटक में सबसे ज्यादा 8 अरबपति मंत्री हैं, आंध्र प्रदेश में 6 और महाराष्ट्र में 4 हैं। केंद्र सरकार में 72 मंत्रियों में से 6 मंत्री (8%) अरबपति हैं। पार्टीवार अरबपति मंत्री देश की 143 महिला सांसदों-विधायकों पर आपराधिक मामले ADR ने कुछ समय पहले महिला सांसद और विधायकों को लेकर रिपोर्ट जारी की थी है। इसमें सामने आया था कि देश की कुल 512 महिला सांसदों और विधायकों में से 28% यानी 143 पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें से 78 (15%) पर हत्या, किडनैपिंग जैसे गंभीर आरोप हैं। वहीं, 17 महिला नेताओं ने अपने चुनावी हलफनामों में अरबपति (100 करोड़ या उससे अधिक संपत्ति) होने का दावा किया है। पूरी खबर पढ़ें… ………………………… ADR रिपोर्ट से जुड़ीं ये खबर भी पढ़ें… देश के आधे सांसदों-विधायकों पर क्रिमिनल केस: महिलाओं से जुड़े अपराध वाले राज्यों में पश्चिम बंगाल सबसे आगे, आंध्र दूसरे नंबर पर केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद में 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया है। इस विधेयक में प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार होकर 30 दिन तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें पद से हटाया जा सकेगा। वर्तमान में स्थिति यह है कि देशभर में 45% विधायक और 46% सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें…
देश में 21% सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) राजनीतिक परिवारों से हैं। वहीं, राज्यों में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा नेता राजनीतिक परिवार से हैं। जहां 604 सांसदों, विधायकों और एमएलसी में से 141 (23%) राजनीतिक परिवार से हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है, जहां 403 में से 129 (32%) राजनीतिक परिवार से हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक एडीआर ने 5 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को छोड़कर लगभग 4,092 में से 4,123 मौजूदा सांसदों, विधायकों व एमएलसी के हलफनामे की जांच की है। कांग्रेस में 32%, भाजपा के 18% सांसद सियासी परिवारों से
रिपोर्ट बताती है कि 2009, 2014, 2019 के मुकाबले आपराधिक नेताओं का अनुपात लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला सांसद-विधायकों में 28% ने हलफनामों में आपराधिक केस की घोषणा की है। जिसमें से 15% के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास जैसे आरोप हैं। राष्ट्रीय दलों में कांग्रेस के 32% मौजूदा सांसद, विधायक और एमएलसी राजनीतिक परिवार से हैं। इसके बाद भाजपा के 18% है। वहीं, माकपा में 8% सांसद, विधायक और एमएलसी नेता परिवार से हैं। वंशवाद का असर लोकतंत्र पर
एडीआर की रिपोर्ट बताती है कि वंशवाद का असर देश की राजनीति और लोकतंत्र पर गहरा पड़ता है। इससे नए और योग्य नेताओं को आगे आने का मौका कम मिलता है। जबकि राजनीतिक दलों को टिकट देते समय पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता देनी चाहिए। देश के 47% मंत्रियों पर क्रिमिनल केस देशभर के 302 मंत्री (करीब 47%) खुद पर आपराधिक केस होने की बात स्वीकार कर चुके हैं। इनमें 174 मंत्री ऐसे हैं, जिन पर हत्या, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आरोप हैं। वहीं, केंद्र सरकार के 72 मंत्रियों में से 29 (40%) ने आपराधिक केस होने की बात मानी है। ADR ने यह भी कहा कि जिन शपथ पत्रों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है, वे 2020 से 2025 के बीच चुनावों के दौरान दाखिल हुए थे। इन मामलों की स्थिति बदल भी सकती है। केंद्र सरकार ने हाल ही में एक प्रस्ताव रखा था, जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक मामलों में 30 दिन की गिरफ्तारी के बाद पद से हटाने की बात कही गई थी। 11 राज्यों में 60% मंत्री क्रिमिनल आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और पुडुचेरी में 60 प्रतिशत से ज्यादा मंत्री आपराधिक मामलों में आरोपी हैं। दूसरी ओर हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड और उत्तराखंड के किसी भी मंत्री पर कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं है। 643 मंत्रियों की संपत्ति का विश्लेषण इन 643 मंत्रियों की कुल संपत्ति ₹23,929 करोड़ है। औसतन हर मंत्री के पास ₹37.21 करोड़ रुपए की संपत्ति है। 30 में से 11 विधानसभाओं में अरबपति मंत्री हैं। कर्नाटक में सबसे ज्यादा 8 अरबपति मंत्री हैं, आंध्र प्रदेश में 6 और महाराष्ट्र में 4 हैं। केंद्र सरकार में 72 मंत्रियों में से 6 मंत्री (8%) अरबपति हैं। पार्टीवार अरबपति मंत्री देश की 143 महिला सांसदों-विधायकों पर आपराधिक मामले ADR ने कुछ समय पहले महिला सांसद और विधायकों को लेकर रिपोर्ट जारी की थी है। इसमें सामने आया था कि देश की कुल 512 महिला सांसदों और विधायकों में से 28% यानी 143 पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें से 78 (15%) पर हत्या, किडनैपिंग जैसे गंभीर आरोप हैं। वहीं, 17 महिला नेताओं ने अपने चुनावी हलफनामों में अरबपति (100 करोड़ या उससे अधिक संपत्ति) होने का दावा किया है। पूरी खबर पढ़ें… ………………………… ADR रिपोर्ट से जुड़ीं ये खबर भी पढ़ें… देश के आधे सांसदों-विधायकों पर क्रिमिनल केस: महिलाओं से जुड़े अपराध वाले राज्यों में पश्चिम बंगाल सबसे आगे, आंध्र दूसरे नंबर पर केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद में 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया है। इस विधेयक में प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार होकर 30 दिन तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें पद से हटाया जा सकेगा। वर्तमान में स्थिति यह है कि देशभर में 45% विधायक और 46% सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें…