हिंद महासागर में चीन लगातार अपना दबदबा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसी बीच भारत ने अपनी समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। हरियाणा के गुरुग्राम में अरावली पहाड़ियों के बीच प्रदेश का पहला नेवी बेस तैयार किया गया है। इसका नाम INS अरावली रखा गया है। आज इसे औपचारिक रूप से नेवी में शामिल किया जाएगा। कुछ ही देर में इसका उद्घाटन होगा। इस समारोह की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी करेंगे। खास बात ये भी है कि भारतीय सेना के सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए इसरो के सैटेलाइट जीसैट-7 आर से पहले INS अरावली की शुरुआत हो रही है। INS अरावली के शुरू होने के बाद हिंद महासागर में दुश्मन देशों की हर हलचल पर रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। यह बेस सेकेंडों में समुद्र में मौजूद हर शिप की लोकेशन और मूवमेंट का डेटा नेवी तक पहुंचाएगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह बेस कम्युनिकेशन, कंट्रोल और मेरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (MDA) के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया है। इससे यह नौसेना के सूचना एवं संचार नेटवर्क को और मजबूत करेगा। 5 पॉइंट में पढ़िए भारत के लिए क्यों खास है INS अरावली… आईएनएस अरावली के लोगो की 2 खास बातें… नेवी ने गुरुग्राम को ही क्यों चुना गया… ———————————- चीन ने भारत को 9 जगहों से घेरा:भारत भी उल्टा जाल बुन रहा; हिंद महासागर में मची वर्चस्व की जंग में कौन आगे भारत का ‘आंगन’ कहे जाने वाले हिंद महासागर में चीन ने कम से कम 9 पॉइंट पर अपने पैर जमा लिए हैं। वो बंदरगाह, नेवल बेस, हवाई पट्टी और अपने शिप्स के ठिकाने बना रहा है। विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने भी माना कि ये भारत के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि भारत ने भी उल्टा जाल बुनना शुरू कर दिया है। (पूरी खबर पढ़ें)
हिंद महासागर में चीन लगातार अपना दबदबा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसी बीच भारत ने अपनी समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। हरियाणा के गुरुग्राम में अरावली पहाड़ियों के बीच प्रदेश का पहला नेवी बेस तैयार किया गया है। इसका नाम INS अरावली रखा गया है। आज इसे औपचारिक रूप से नेवी में शामिल किया जाएगा। कुछ ही देर में इसका उद्घाटन होगा। इस समारोह की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी करेंगे। खास बात ये भी है कि भारतीय सेना के सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए इसरो के सैटेलाइट जीसैट-7 आर से पहले INS अरावली की शुरुआत हो रही है। INS अरावली के शुरू होने के बाद हिंद महासागर में दुश्मन देशों की हर हलचल पर रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। यह बेस सेकेंडों में समुद्र में मौजूद हर शिप की लोकेशन और मूवमेंट का डेटा नेवी तक पहुंचाएगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह बेस कम्युनिकेशन, कंट्रोल और मेरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (MDA) के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया है। इससे यह नौसेना के सूचना एवं संचार नेटवर्क को और मजबूत करेगा। 5 पॉइंट में पढ़िए भारत के लिए क्यों खास है INS अरावली… आईएनएस अरावली के लोगो की 2 खास बातें… नेवी ने गुरुग्राम को ही क्यों चुना गया… ———————————- चीन ने भारत को 9 जगहों से घेरा:भारत भी उल्टा जाल बुन रहा; हिंद महासागर में मची वर्चस्व की जंग में कौन आगे भारत का ‘आंगन’ कहे जाने वाले हिंद महासागर में चीन ने कम से कम 9 पॉइंट पर अपने पैर जमा लिए हैं। वो बंदरगाह, नेवल बेस, हवाई पट्टी और अपने शिप्स के ठिकाने बना रहा है। विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने भी माना कि ये भारत के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि भारत ने भी उल्टा जाल बुनना शुरू कर दिया है। (पूरी खबर पढ़ें)