हरियाणा के कैथल में गुरुवार को कोर्ट ने एक SHO को एक घंटे के लिए लॉकअप में भेज दिया। एसएचओ इंस्पेक्टर राजेश कुमार एक मर्डर केस में गवाही के लिए पेश नहीं हो रहे थे। कोर्ट ने जमानती से लेकर गैर जमानती वारंट तक जारी किए लेकिन एसएचओ फिर भी नहीं आए। इसके बाद कोर्ट ने कैथल के SP को उनकी सैलरी अटैच कर और गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने को कहा। इसके बाद गुरुवार को SHO गवाही देने आए तो कोर्ट में उस वक्त किसी दूसरे केस की सुनवाई चल रही थी। एडिशनल सेशन जज मोहित अग्रवाल की कोर्ट ने करीब साढ़े 10 बजे SHO को हिरासत में लेकर लॉकअप में रखने को कहा। इसके बाद साढ़े 11 बजे उन्हें फिर कोर्ट में पेश किया गया और उनकी गवाही दर्ज की गई, इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। जिस इंस्पेक्टर राजेश कुमार को लॉकअप में रखा गया, वह इस वक्त सिरसा के बड़ागुढ़ा थाने में SHO तैनात हैं। पहले जानिए क्यों एसएचओ को कोर्ट आना पड़ा… अब जानिए कैथल कोर्ट में क्या-क्या हुआ…. इस केस में कोर्ट में अब तक क्या-क्या हुआ 48 तारीखों के बाद हाईकोर्ट पहुंचे थे परिजन : मनीष हत्याकांड के इस पूरे मामले में अभी तक 48 तारीखें लग चुकी हैं। न्याय में लगातार हो रही देरी पर मनीष के परिजनों ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिस पर 10 दिसंबर 2024 को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया था। 10 जून, 2025 तक मामले को निपटाने के थे आदेश : पुलिस के मुताबिक, हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि मामले को 10 जून 2025 तक निपटा दिया जाए। मगर, कैथल कोर्ट में एडिशनल सेशन जज विवेक यादव के छुट्टी पर जाने की वजह से यह केस 4 जून को एडिशनल सेशन जज मोहित अग्रवाल की कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद अब इस मामले की सुनवाई हुई।
हरियाणा के कैथल में गुरुवार को कोर्ट ने एक SHO को एक घंटे के लिए लॉकअप में भेज दिया। एसएचओ इंस्पेक्टर राजेश कुमार एक मर्डर केस में गवाही के लिए पेश नहीं हो रहे थे। कोर्ट ने जमानती से लेकर गैर जमानती वारंट तक जारी किए लेकिन एसएचओ फिर भी नहीं आए। इसके बाद कोर्ट ने कैथल के SP को उनकी सैलरी अटैच कर और गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने को कहा। इसके बाद गुरुवार को SHO गवाही देने आए तो कोर्ट में उस वक्त किसी दूसरे केस की सुनवाई चल रही थी। एडिशनल सेशन जज मोहित अग्रवाल की कोर्ट ने करीब साढ़े 10 बजे SHO को हिरासत में लेकर लॉकअप में रखने को कहा। इसके बाद साढ़े 11 बजे उन्हें फिर कोर्ट में पेश किया गया और उनकी गवाही दर्ज की गई, इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। जिस इंस्पेक्टर राजेश कुमार को लॉकअप में रखा गया, वह इस वक्त सिरसा के बड़ागुढ़ा थाने में SHO तैनात हैं। पहले जानिए क्यों एसएचओ को कोर्ट आना पड़ा… अब जानिए कैथल कोर्ट में क्या-क्या हुआ…. इस केस में कोर्ट में अब तक क्या-क्या हुआ 48 तारीखों के बाद हाईकोर्ट पहुंचे थे परिजन : मनीष हत्याकांड के इस पूरे मामले में अभी तक 48 तारीखें लग चुकी हैं। न्याय में लगातार हो रही देरी पर मनीष के परिजनों ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिस पर 10 दिसंबर 2024 को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया था। 10 जून, 2025 तक मामले को निपटाने के थे आदेश : पुलिस के मुताबिक, हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि मामले को 10 जून 2025 तक निपटा दिया जाए। मगर, कैथल कोर्ट में एडिशनल सेशन जज विवेक यादव के छुट्टी पर जाने की वजह से यह केस 4 जून को एडिशनल सेशन जज मोहित अग्रवाल की कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद अब इस मामले की सुनवाई हुई।