हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज (गुरुवार) दिल्ली में 16वें वित्त आयोग चेयरमैन डॉ.अरविंद पनगढ़िया से मुलाकात की। सीएम ने हिमाचल की आर्थिक स्थिति को देखते हुए रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बढ़ाने और संतुलित रखने की मांग की। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों को मिलने वाली आर्थिक सहायता का मामला भी उठाया, क्योंकि 15वें वित्त आयोग में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के बजट में कटौती की गई थी। सीएम ने राज्य के फॉरेस्ट कवर के हिसाब से वित्तीय संसाधनों का बंटवारा करने का आग्रह किया। इसके लिए, लाहौल स्पीति के बर्फ से ढके क्षेत्र को भी फॉरेस्ट कवर में गिनने की मांग रखी। इस बर्फीले क्षेत्र का राज्य के जंगलों और नदियों में पानी को बनाने में अहम योगदान रहता है। सीएम ने वित्त आयोग चेयरमैन से आपदा इंडेक्स में भी बदलाव का आग्रह किया, क्योंकि इस इंडेक्स के अनुसार, आपदा के वक्त बहुत कम राहत राशि मिलती है। सीएम सुक्खू ने कहा, केंद्र सरकार मैदानी राज्यों और हिमाचल को एक किलोमीटर सड़क बनाने को मात्र 75 हजार रुपए देती है। हिमाचल में 75 हजार रुपए से 10 मीटर सड़क भी नहीं बन पाती। इसलिए आपदा इंडेक्स को बदलना जरूरी है। अप्रैल 2026 से लागू होनी है नए वित्त आयोग की सिफारिशें
बता दें कि अप्रैल 2026 में नए वित्त आयोग की सिफारिशें अगले पांच साल के लिए लागू होनी है। मोदी सरकार ने डॉ. पनगढ़िया को 16वें वित्त आयोग का चेयरमैन बना रखा है। वित्त आयोग की रिपोर्ट को लोकसभा के इसी शीतकालीन सत्र में रखा जाएगा। इसलिए, हिमाचल सीएम तीन बार वित्त आयोग के समक्ष हिमाचल के हकों की पैरवी कर चुके हैं। RDG को संतुलित रखने की मांग
सीएम सुक्खू बार-बार विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों का तर्क देते हुए वित्त आयोग से अतिरिक्त बजट देने की मांग उठाते रहे हैं। 15वें वित्त आयोग में साल 2021-22 में हिमाचल को रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) में 10249 करोड़ रुपए मिले थे। साल 2022-23 में कम होकर 9377 करोड़, 2023-24 में 8058 करोड़, 2024-25 में 6258 करोड़ और मौजूदा वित्त वर्ष में केवल 3257 करोड़ रुपए मिलेंगे। इसी वजह से सीएम ने RDG को संतुलित रखने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्रियों से भी कर सकते हैं मुलाकात
सीएम सुक्खू आज भी दिल्ली में है। उनका केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी, जितेंद्र सिंह और अश्विनी वैष्णव से मुलाकात का कार्यक्रम है। अगले कल सीएम कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज आएंगे और यहां पर रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत करेंगे।
हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज (गुरुवार) दिल्ली में 16वें वित्त आयोग चेयरमैन डॉ.अरविंद पनगढ़िया से मुलाकात की। सीएम ने हिमाचल की आर्थिक स्थिति को देखते हुए रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बढ़ाने और संतुलित रखने की मांग की। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों को मिलने वाली आर्थिक सहायता का मामला भी उठाया, क्योंकि 15वें वित्त आयोग में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के बजट में कटौती की गई थी। सीएम ने राज्य के फॉरेस्ट कवर के हिसाब से वित्तीय संसाधनों का बंटवारा करने का आग्रह किया। इसके लिए, लाहौल स्पीति के बर्फ से ढके क्षेत्र को भी फॉरेस्ट कवर में गिनने की मांग रखी। इस बर्फीले क्षेत्र का राज्य के जंगलों और नदियों में पानी को बनाने में अहम योगदान रहता है। सीएम ने वित्त आयोग चेयरमैन से आपदा इंडेक्स में भी बदलाव का आग्रह किया, क्योंकि इस इंडेक्स के अनुसार, आपदा के वक्त बहुत कम राहत राशि मिलती है। सीएम सुक्खू ने कहा, केंद्र सरकार मैदानी राज्यों और हिमाचल को एक किलोमीटर सड़क बनाने को मात्र 75 हजार रुपए देती है। हिमाचल में 75 हजार रुपए से 10 मीटर सड़क भी नहीं बन पाती। इसलिए आपदा इंडेक्स को बदलना जरूरी है। अप्रैल 2026 से लागू होनी है नए वित्त आयोग की सिफारिशें
बता दें कि अप्रैल 2026 में नए वित्त आयोग की सिफारिशें अगले पांच साल के लिए लागू होनी है। मोदी सरकार ने डॉ. पनगढ़िया को 16वें वित्त आयोग का चेयरमैन बना रखा है। वित्त आयोग की रिपोर्ट को लोकसभा के इसी शीतकालीन सत्र में रखा जाएगा। इसलिए, हिमाचल सीएम तीन बार वित्त आयोग के समक्ष हिमाचल के हकों की पैरवी कर चुके हैं। RDG को संतुलित रखने की मांग
सीएम सुक्खू बार-बार विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों का तर्क देते हुए वित्त आयोग से अतिरिक्त बजट देने की मांग उठाते रहे हैं। 15वें वित्त आयोग में साल 2021-22 में हिमाचल को रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) में 10249 करोड़ रुपए मिले थे। साल 2022-23 में कम होकर 9377 करोड़, 2023-24 में 8058 करोड़, 2024-25 में 6258 करोड़ और मौजूदा वित्त वर्ष में केवल 3257 करोड़ रुपए मिलेंगे। इसी वजह से सीएम ने RDG को संतुलित रखने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्रियों से भी कर सकते हैं मुलाकात
सीएम सुक्खू आज भी दिल्ली में है। उनका केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी, जितेंद्र सिंह और अश्विनी वैष्णव से मुलाकात का कार्यक्रम है। अगले कल सीएम कांगड़ा के टांडा मेडिकल कॉलेज आएंगे और यहां पर रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत करेंगे।