हिमाचल में मंडी के धर्मपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वह तीन दिन से आमरण अनशन पर हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू और PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज उनका हालचाल जाना। बता दें कि मंडी-धर्मपुर हाईवे-003 के चौड़ीकरण का काम अंतिम चरण में है। स्थानीय जनता और विधायक चंद्रशेखर ने सड़क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। चंद्रशेखर ने बताया कि अवैज्ञानिक कटिंग की वजह से उनके विधानसभा में करीब 400 लोगों के घर गिर चुके है। हर वक्त घर गिरने का डर सता रहा उन्होंने कहा कि जगह-जगह डंगे गिर रहे हैं। सड़क का पानी और मलबा लोगों की जमीन में जा रहा है। बारिश में लोग बेचैन हैं। उन्हें हर वक्त घर गिरने का डर सता रहा है। घटिया निर्माण कार्य के कारण बंद सड़क की वजह से बीते दिनों कई युवा प्रतियोगी परीक्षा देने को देरी से पहुंचे। कई मरीजों की रास्ते में मौत हो चुकी है। नितिन गडकरी ही समाधान निकाल सकते हैं- चंद्रशेखर चंद्रशेखर ने बताया कि दो साल से निरंतर NHAI अधिकारियों और सड़क बनाने वाली कंपनी से बात कर रहे हैं। मगर इनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। इसलिए, मजबूरी में आमरण अनशन का रास्ता चुनना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अब केवल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ही इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। 3 साल में प्रोजेक्ट का मात्र 40 प्रतिशत काम हुआ है। बजट भी 40 प्रतिशत ही खर्च किया गया है।
हिमाचल में मंडी के धर्मपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वह तीन दिन से आमरण अनशन पर हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू और PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज उनका हालचाल जाना। बता दें कि मंडी-धर्मपुर हाईवे-003 के चौड़ीकरण का काम अंतिम चरण में है। स्थानीय जनता और विधायक चंद्रशेखर ने सड़क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। चंद्रशेखर ने बताया कि अवैज्ञानिक कटिंग की वजह से उनके विधानसभा में करीब 400 लोगों के घर गिर चुके है। हर वक्त घर गिरने का डर सता रहा उन्होंने कहा कि जगह-जगह डंगे गिर रहे हैं। सड़क का पानी और मलबा लोगों की जमीन में जा रहा है। बारिश में लोग बेचैन हैं। उन्हें हर वक्त घर गिरने का डर सता रहा है। घटिया निर्माण कार्य के कारण बंद सड़क की वजह से बीते दिनों कई युवा प्रतियोगी परीक्षा देने को देरी से पहुंचे। कई मरीजों की रास्ते में मौत हो चुकी है। नितिन गडकरी ही समाधान निकाल सकते हैं- चंद्रशेखर चंद्रशेखर ने बताया कि दो साल से निरंतर NHAI अधिकारियों और सड़क बनाने वाली कंपनी से बात कर रहे हैं। मगर इनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। इसलिए, मजबूरी में आमरण अनशन का रास्ता चुनना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अब केवल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ही इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। 3 साल में प्रोजेक्ट का मात्र 40 प्रतिशत काम हुआ है। बजट भी 40 प्रतिशत ही खर्च किया गया है।