करनाल में कुंजपुरा में फूड एंड सप्लाई विभाग में 68 लाख रुपए के गेहूं गबन में गिरफ्तार इंस्पेक्टर अशोक शर्मा को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। इसी बीच एक डायरी का पन्ना सुर्खियों में आया है। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता डिपो होल्डर विकास शर्मा की ओर से यह सबूत के तौर पर पुलिस व विभागीय अधिकारियों को दिया गया है। दैनिक भास्कर एप इस डायरी के पन्नों की पुष्टि नहीं करता है। दावा है कि इस पर आरोपी इंस्पेक्टर ने लेन-देन का हिसाब लिखा है। इस पन्ने पर कई नामों के आगे रकम लिखी है। कुल मिलाकर साढ़े 30 लाख रुपए के हिसाब-किताब का जिक्र है। इस पन्ने पर 50 हजार से 9 लाख रुपए तक का लेन-देन लिखा हुआ है। ये सभी एंट्रियां अगस्त महीने की ही हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि शिकायतकर्ता को यह पन्ना कहां और कैसे मिला। दूसरी तरफ अभी पुलिस ने इस डायरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कुंजपुरा थाने के एसएचओ विक्रांत ने कहा कि अभी आरोपी को 3 दिन के रिमांड पर लिया है। पूछताछ होगी, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अभी डायरी का कोई पेज सामने आने जैसी बात नहीं है। मंगलवार को किया था गिरफ्तार
फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर अशोक शर्मा को मंगलवार को कुंजपुरा पुलिस ने शाहबाद से गिरफ्तार किया था। आरोपी पर सरकारी स्टॉक में रखे थैलों से गेहूं निकालकर बाजार में बेचने का आरोप है। मामले का खुलासा खराजपुर गांव के विकास शर्मा की लिखित शिकायत पर हुआ। उन्होंने करनाल के डीसी, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक और विभाग के महानिदेशक को पत्र लिखा था। जिसके बाद सीएम फ्लाइंग की टीम ने छापेमारी की और धोखाधड़ी का पूरा खेल सामने आया। अभी खुले में रखे गेहूं में गबन मिला, स्टॉक की भी जांच होगी
अभी तक कुंजपुरा मंडी में खुले में रखे गेहूं के चट्ठों की ही जांच चल रही है। इसके बाद कवर्ड गोदाम में रखे गेहूं की भी वेरिफिकेशन होगी। इसके लिए 10 सदस्यीय जांच कमेटी बनी है, जिसने अपनी पहली रिपोर्ट 5 सितंबर को दी। जिसके आधार पर कार्रवाई होगी। कवर्ड गोदाम के स्टॉक को लेकर भी शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि इसमें रखे थैलों का वजन कम है। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे खुला गबन का मामला… मार्च में अशोक शर्मा को कुंजपुरा मंडी का चार्ज मिला
शिकायतकर्ता विकास शर्मा के मुताबिक इस साल मार्च में इंस्पेक्टर अशोक शर्मा को वर्ष 2025-26 के लिए कुंजपुरा मंडी में गेहूं खरीद की जिम्मेदारी दी थी। इस दौरान गोदाम में रखे 50 किलो वाले बैगों के अंदर सिर्फ 20-25 किलो गेहूं भरा गया। बाकी गेहूं मार्केट में बेचकर मुनाफा कमा लिया गया। उन्होंने विभाग को सबूत के तौर पर गोदाम के 32, 34, 35 नंबर चट्ठा और गेट के सामने वाले तीसरे चट्ठे की जानकारी दी। जांच के दौरान आरोप सही पाए गए और इंस्पेक्टर अशोक कुमार व उपनिरीक्षक संदीप कुमार को सस्पेंड कर दिया गया। दूसरी बार शिकायत दी तो हजारों कट्टे गायब मिले
शिकायतकर्ता ने बताया कि 1 अगस्त 2025 को जब उन्होंने दोबारा शिकायत की तो जांच में यह सामने आया कि गोदाम से करीब 4400 कट्टे कम हैं और एक पूरा चट्ठा ही गायब है। इस शिकायत के बाद मुख्यालय ने जांच कमेटी गठित की। जिसने गेहूं को कुंजपुरा से करनाल शिफ्ट कराया। हर चट्ठे में कट्टे कम पाए गए और रिपोर्ट तैयार की गई। हजारों कट्टे कम निकले और इस खुलासे ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। रिटायरमेंट से पहले विदेश जाने की आशंका
शिकायतकर्ता विकास शर्मा ने अपनी शिकायत में यह भी लिखा था कि आरोपी इंस्पेक्टर की रिटायरमेंट कुछ ही महीनों में होने वाली है और वह रिटायरमेंट से पहले विदेश भी भागने की फिराक में है। ऐसे में अगर समय रहते कार्रवाई न हुई तो सरकार को करोड़ों का नुकसान होगा। मार्केट में बेचे गए गेहूं की कीमत 68 लाख आंकी
डीएफएससी करनाल अनिल कुमार के अनुसार, अप्रैल से 10 जून के बीच करीब 2427 क्विंटल गेहूं मार्केट में बेच दिया गया। जिसकी कीमत 68 लाख से ज्यादा बैठती है। जांच में सामने आया कि कई बैगों में 10 किलो तो कई में 15 किलो तक कम गेहूं था। जब 34 चट्ठों की जांच हुई तो 4902 बैग कम मिले। फंसा तो फरार हुआ, पुलिस ने शाहबाद से दबोचा आरोपी
DSP राजीव कुमार ने बताया कि डीएफएससी करनाल की शिकायत पर पुलिस ने गबन की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। आरोपी गायब हो गया था। मंगलवार को अशोक शर्मा को शाहबाद से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को 10 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। रिमांड के दौरान आरोपी से गहनता से पूछताछ की जाएगी। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में क्या-क्या खुलासे किए… विभागीय अधिकारियों की सफाई
डीएफएससी अनिल कुमार ने कहा कि कुंजपुरा सेंटर पर गबन का खुलासा सीएम फ्लाइंग की जांच के बाद हुआ। टीम ने स्टॉक चेक किया तो बैगों में कम वजन पाया गया। इसके बाद मुख्यालय की कमेटी ने भी पुष्टि कर दी कि 4902 बैग गायब हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी को पहले ही निलंबित किया जा चुका था और अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच करेगी।
करनाल में कुंजपुरा में फूड एंड सप्लाई विभाग में 68 लाख रुपए के गेहूं गबन में गिरफ्तार इंस्पेक्टर अशोक शर्मा को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। इसी बीच एक डायरी का पन्ना सुर्खियों में आया है। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता डिपो होल्डर विकास शर्मा की ओर से यह सबूत के तौर पर पुलिस व विभागीय अधिकारियों को दिया गया है। दैनिक भास्कर एप इस डायरी के पन्नों की पुष्टि नहीं करता है। दावा है कि इस पर आरोपी इंस्पेक्टर ने लेन-देन का हिसाब लिखा है। इस पन्ने पर कई नामों के आगे रकम लिखी है। कुल मिलाकर साढ़े 30 लाख रुपए के हिसाब-किताब का जिक्र है। इस पन्ने पर 50 हजार से 9 लाख रुपए तक का लेन-देन लिखा हुआ है। ये सभी एंट्रियां अगस्त महीने की ही हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि शिकायतकर्ता को यह पन्ना कहां और कैसे मिला। दूसरी तरफ अभी पुलिस ने इस डायरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कुंजपुरा थाने के एसएचओ विक्रांत ने कहा कि अभी आरोपी को 3 दिन के रिमांड पर लिया है। पूछताछ होगी, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अभी डायरी का कोई पेज सामने आने जैसी बात नहीं है। मंगलवार को किया था गिरफ्तार
फूड एंड सप्लाई इंस्पेक्टर अशोक शर्मा को मंगलवार को कुंजपुरा पुलिस ने शाहबाद से गिरफ्तार किया था। आरोपी पर सरकारी स्टॉक में रखे थैलों से गेहूं निकालकर बाजार में बेचने का आरोप है। मामले का खुलासा खराजपुर गांव के विकास शर्मा की लिखित शिकायत पर हुआ। उन्होंने करनाल के डीसी, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक और विभाग के महानिदेशक को पत्र लिखा था। जिसके बाद सीएम फ्लाइंग की टीम ने छापेमारी की और धोखाधड़ी का पूरा खेल सामने आया। अभी खुले में रखे गेहूं में गबन मिला, स्टॉक की भी जांच होगी
अभी तक कुंजपुरा मंडी में खुले में रखे गेहूं के चट्ठों की ही जांच चल रही है। इसके बाद कवर्ड गोदाम में रखे गेहूं की भी वेरिफिकेशन होगी। इसके लिए 10 सदस्यीय जांच कमेटी बनी है, जिसने अपनी पहली रिपोर्ट 5 सितंबर को दी। जिसके आधार पर कार्रवाई होगी। कवर्ड गोदाम के स्टॉक को लेकर भी शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि इसमें रखे थैलों का वजन कम है। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे खुला गबन का मामला… मार्च में अशोक शर्मा को कुंजपुरा मंडी का चार्ज मिला
शिकायतकर्ता विकास शर्मा के मुताबिक इस साल मार्च में इंस्पेक्टर अशोक शर्मा को वर्ष 2025-26 के लिए कुंजपुरा मंडी में गेहूं खरीद की जिम्मेदारी दी थी। इस दौरान गोदाम में रखे 50 किलो वाले बैगों के अंदर सिर्फ 20-25 किलो गेहूं भरा गया। बाकी गेहूं मार्केट में बेचकर मुनाफा कमा लिया गया। उन्होंने विभाग को सबूत के तौर पर गोदाम के 32, 34, 35 नंबर चट्ठा और गेट के सामने वाले तीसरे चट्ठे की जानकारी दी। जांच के दौरान आरोप सही पाए गए और इंस्पेक्टर अशोक कुमार व उपनिरीक्षक संदीप कुमार को सस्पेंड कर दिया गया। दूसरी बार शिकायत दी तो हजारों कट्टे गायब मिले
शिकायतकर्ता ने बताया कि 1 अगस्त 2025 को जब उन्होंने दोबारा शिकायत की तो जांच में यह सामने आया कि गोदाम से करीब 4400 कट्टे कम हैं और एक पूरा चट्ठा ही गायब है। इस शिकायत के बाद मुख्यालय ने जांच कमेटी गठित की। जिसने गेहूं को कुंजपुरा से करनाल शिफ्ट कराया। हर चट्ठे में कट्टे कम पाए गए और रिपोर्ट तैयार की गई। हजारों कट्टे कम निकले और इस खुलासे ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। रिटायरमेंट से पहले विदेश जाने की आशंका
शिकायतकर्ता विकास शर्मा ने अपनी शिकायत में यह भी लिखा था कि आरोपी इंस्पेक्टर की रिटायरमेंट कुछ ही महीनों में होने वाली है और वह रिटायरमेंट से पहले विदेश भी भागने की फिराक में है। ऐसे में अगर समय रहते कार्रवाई न हुई तो सरकार को करोड़ों का नुकसान होगा। मार्केट में बेचे गए गेहूं की कीमत 68 लाख आंकी
डीएफएससी करनाल अनिल कुमार के अनुसार, अप्रैल से 10 जून के बीच करीब 2427 क्विंटल गेहूं मार्केट में बेच दिया गया। जिसकी कीमत 68 लाख से ज्यादा बैठती है। जांच में सामने आया कि कई बैगों में 10 किलो तो कई में 15 किलो तक कम गेहूं था। जब 34 चट्ठों की जांच हुई तो 4902 बैग कम मिले। फंसा तो फरार हुआ, पुलिस ने शाहबाद से दबोचा आरोपी
DSP राजीव कुमार ने बताया कि डीएफएससी करनाल की शिकायत पर पुलिस ने गबन की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। आरोपी गायब हो गया था। मंगलवार को अशोक शर्मा को शाहबाद से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को 10 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। रिमांड के दौरान आरोपी से गहनता से पूछताछ की जाएगी। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में क्या-क्या खुलासे किए… विभागीय अधिकारियों की सफाई
डीएफएससी अनिल कुमार ने कहा कि कुंजपुरा सेंटर पर गबन का खुलासा सीएम फ्लाइंग की जांच के बाद हुआ। टीम ने स्टॉक चेक किया तो बैगों में कम वजन पाया गया। इसके बाद मुख्यालय की कमेटी ने भी पुष्टि कर दी कि 4902 बैग गायब हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी को पहले ही निलंबित किया जा चुका था और अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच करेगी।