नेपाल में भड़की हिंसा के बाद बिहार के 7 जिलों पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज की इंटरनेशनल बॉर्डर को सील कर दिया गया है। जिसके बाद बॉर्डर पर ट्रकों की 5KM लंबी लाइन लग गई है। करीब 10 हजार गाड़ियां फंसी हैं। मंगलवार को हुए जलेश्वर जेल ब्रेक में 577 कैदियों में से 576 कैदी फरार हो गए। देर रात सीतामढ़ी के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश कर रहे 10 कैदियों को SSB ने पकड़ा है। इनमें 2 भारतीय और 8 नेपाली हैं। इधर, नेपाल में हिंसा के बाद पर्यटकों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। अररिया के जोगबनी बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। किशनगंज के गलगलिया के भातगांव बॉर्डर से नेपाल आने-जाने पर रोक लगाई गई है। मधुबनी के जयनगर रेलवे स्टेशन से नेपाल के जनकपुर तक ट्रेन चलती है। नेपाल में बिगड़ते हालात और उग्र विरोध-प्रदर्शन के बाद इंडो-नेपाल रेल सेवा को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि, ‘यह सब कांग्रेस की गलती है। अराजकता इसलिए हो रही है क्योंकि कांग्रेस ने इन देशों को अलग-थलग रखा है। अगर नेपाल आज भारत का हिस्सा होता, तो नेपाल में सुख-शांति होती। “लोगों में असंतोष है, लेकिन अराजकता नहीं होनी चाहिए। मैंने कहा था कि अगर आज नेपाल भारत का हिस्सा होता, तो नेपाल भी समृद्ध होता। अगर पाकिस्तान भारत का हिस्सा होता, तो आज वह भारत के साथ समृद्ध होता। मैं स्पष्ट कर रहा हूं कि यह कांग्रेस की गलती है, जिसकी वजह से हमें यह सब झेलना पड़ रहा है।’ नेपाल से लौट रहे भारतीय नागरिक नेपाल में भड़की हिंसा के बाद वहां रह रहे भारतीय नागरिक बड़ी संख्या में भारत लौट रहे हैं। मोतिहारी के रक्सौल बॉर्डर से बुधवार की सुबह 10 बजे तक नेपाल से लोग भारत आए, लेकिन अब इस बॉर्डर को भी सील कर दिया गया है। मोतिहारी के SP स्वर्ण प्रभात ने मंगलवार की रात भारत-नेपाल सीमा का दौरा किया। सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) के जवानों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल से लौटे मजदूर श्याम कुमार ने बताया, ‘वहां सभी फैक्ट्री और कल-कारखाने बंद हैं। तीन दिनों से काम रुका हुआ है। कब काम शुरू होगा, यह किसी को नहीं पता।’ 15KM पैदल चलकर रक्सौल रेलवे स्टेशन जा रहे यात्री एक यात्री ने बताया कि वो नेपाल से 15 किलोमीटर पैदल चलकर रक्सौल रेलवे स्टेशन पहुंचा है। नेपाल में कोई सवारी नहीं मिल रही है। सुरक्षा के मद्देनजर मैत्री पुल और अन्य चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। डॉग स्क्वायड की मदद से यात्रियों के सामान की जांच की जा रही है। नेपाल बॉर्डर सटे बिहार के 7 जिलों के अपडेट जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
नेपाल में भड़की हिंसा के बाद बिहार के 7 जिलों पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज की इंटरनेशनल बॉर्डर को सील कर दिया गया है। जिसके बाद बॉर्डर पर ट्रकों की 5KM लंबी लाइन लग गई है। करीब 10 हजार गाड़ियां फंसी हैं। मंगलवार को हुए जलेश्वर जेल ब्रेक में 577 कैदियों में से 576 कैदी फरार हो गए। देर रात सीतामढ़ी के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश कर रहे 10 कैदियों को SSB ने पकड़ा है। इनमें 2 भारतीय और 8 नेपाली हैं। इधर, नेपाल में हिंसा के बाद पर्यटकों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। अररिया के जोगबनी बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। किशनगंज के गलगलिया के भातगांव बॉर्डर से नेपाल आने-जाने पर रोक लगाई गई है। मधुबनी के जयनगर रेलवे स्टेशन से नेपाल के जनकपुर तक ट्रेन चलती है। नेपाल में बिगड़ते हालात और उग्र विरोध-प्रदर्शन के बाद इंडो-नेपाल रेल सेवा को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि, ‘यह सब कांग्रेस की गलती है। अराजकता इसलिए हो रही है क्योंकि कांग्रेस ने इन देशों को अलग-थलग रखा है। अगर नेपाल आज भारत का हिस्सा होता, तो नेपाल में सुख-शांति होती। “लोगों में असंतोष है, लेकिन अराजकता नहीं होनी चाहिए। मैंने कहा था कि अगर आज नेपाल भारत का हिस्सा होता, तो नेपाल भी समृद्ध होता। अगर पाकिस्तान भारत का हिस्सा होता, तो आज वह भारत के साथ समृद्ध होता। मैं स्पष्ट कर रहा हूं कि यह कांग्रेस की गलती है, जिसकी वजह से हमें यह सब झेलना पड़ रहा है।’ नेपाल से लौट रहे भारतीय नागरिक नेपाल में भड़की हिंसा के बाद वहां रह रहे भारतीय नागरिक बड़ी संख्या में भारत लौट रहे हैं। मोतिहारी के रक्सौल बॉर्डर से बुधवार की सुबह 10 बजे तक नेपाल से लोग भारत आए, लेकिन अब इस बॉर्डर को भी सील कर दिया गया है। मोतिहारी के SP स्वर्ण प्रभात ने मंगलवार की रात भारत-नेपाल सीमा का दौरा किया। सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) के जवानों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल से लौटे मजदूर श्याम कुमार ने बताया, ‘वहां सभी फैक्ट्री और कल-कारखाने बंद हैं। तीन दिनों से काम रुका हुआ है। कब काम शुरू होगा, यह किसी को नहीं पता।’ 15KM पैदल चलकर रक्सौल रेलवे स्टेशन जा रहे यात्री एक यात्री ने बताया कि वो नेपाल से 15 किलोमीटर पैदल चलकर रक्सौल रेलवे स्टेशन पहुंचा है। नेपाल में कोई सवारी नहीं मिल रही है। सुरक्षा के मद्देनजर मैत्री पुल और अन्य चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। डॉग स्क्वायड की मदद से यात्रियों के सामान की जांच की जा रही है। नेपाल बॉर्डर सटे बिहार के 7 जिलों के अपडेट जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….