दक्षिण हरियाणा यानी अहीरवाल बेल्ट में पूर्व मंत्री डॉ. अभय यादव की गिनती केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत के धुर विरोधियों में होती है। वे कई बार अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट डालकर राव इंद्रजीत को घेरते रहते हैं। चाहे वह गांव कोरियावास में 725 करोड़ रुपए की लागत से 800 बेड का मेडिकल कॉलेज का मामला हो या फिर अहीरवाल बेल्ट को लेकर हो रही राजनीति। कई मौकों पर तो अभय यादव खुलकर कह भी चुके हैं कि कुछ बड़े लोगों के लिए महानायक राव तुलाराम केवल राजनीतिक कवच हैं। जिन्हें सुविधानुसार पहनते हैं। दोनों नेताओं के बीच यह सियासी खींचतान लंबी है, लेकिन आज तक इसके पीछे की वजह सामने नहीं आई थी। मगर, अब पूर्व मंत्री अभय सिंह यादव ने इसका खुलासा किया है। पूर्व मंत्री ने एक पॉडकास्ट में कहा कि 2014 विधानसभा चुनाव में जब BJP बहुमत में आई तो विधायक दल की बैठक में CM के नाम की चर्चा होनी थी। इसी दौरान CM के नाम का प्रस्ताव रामबिलास शर्मा ने किया। अहीरवाल बेल्ट के 4 BJP विधायक राव इंद्रजीत सिंह का नाम लेकर मीटिंग में खड़े हो गए, लेकिन मैं बैठा रहा। यही वजह है कि राव इंद्रजीत सिंह मेरे से आज तक नाराज हैं। पूर्व मंत्री ने आगे बताया कि CM की घोषणा और शपथ समारोह के बाद राव इंद्रजीत सिंह के घर गया तो वहां पर राव ने मुझसे सवाल किया कि तुम दूसरे विधायकों के साथ खड़े क्यों नहीं हुए? मैंने उन्हें कहा कि मुझे आपने इसके लिए पहले नहीं बताया था। दूसरा अगर 20 विधायक भी खड़े हो जाते तो आप CM नहीं बनते, क्योंकि पार्टी का फैसला मनोहरलाल के पक्ष में था। इसके अलावा पूर्व मंत्री ने कई और भी खुलासे किए, पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. पहले राजनीति में आने को लेकर 2 अहम बातें बताईं… राव इंद्रजीत को लेकर बताई 5 खास बातें… पूर्व मंत्री ने बताए 2024 की हार के 4 बड़े फैक्टर….. कौन है डॉ. अभय सिंह यादव और राव इंद्रजीत, स्लाइड में जानिए… अभय यादव और राव इंद्रजीत की सियासी लड़ाई
सियासी सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में राव इंद्रजीत अभय सिंह का टिकट कटवाना चाहते थे। तब तो सफलता नहीं मिली, लेकिन 2024 में डॉ. अभय की हार के पीछे भी उनकी भूमिका मानी गई। नांगल चौधरी सीट से कांग्रेस कैंडिडेट मंजू चौधरी ने दावा किया था कि भाजपा के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत ने 2019 के चुनाव में नांगल चौधरी सीट पर पार्टी कैंडिडेट अभय सिंह यादव को हराने की कोशिश की थी। 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान मंजू चौधरी ने कहा था, “पिछले चुनाव में राव इंद्रजीत ने BJP उम्मीदवार अभय यादव की जगह मेरी मदद की थी। इस बार भी नांगल चौधरी सीट से BJP कैंडिडेट अभय सिंह यादव को हराने में राव इंद्रजीत मेरी मदद करेंगे।” राव इंद्रजीत कई मौके पर सीएम बनने की जता चुके इच्छा
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत कई मौकों पर सीएम बनने की इच्छा जता चुके हैं। राव इंद्रजीत सिंह ने 2014 में बीजेपी में शामिल होने के बाद दक्षिण हरियाणा के योगदान का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि दक्षिण हरियाणा ने बीजेपी को पूर्ण बहुमत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन पार्टी ने मनोहर लाल खट्टर को सीएम चुना। सितंबर 2024 में राव इंद्रजीत सिंह ने रेवाड़ी में एक बयान में कहा कि दक्षिण हरियाणा की जनता चाहती है कि वे सीएम बनें और अगर इस क्षेत्र ने बीजेपी को समर्थन न दिया होता, तो मनोहर लाल खट्टर दो बार सीएम नहीं बन पाते। हाल ही में डिनर डिप्लोमेसी की वजह से भी राज इंद्रजीत और उनकी स्वास्थ्य मंत्री बेटी आरती राव भी चर्चा में आईं थीं। —————————————— हरियाणा की राजनीति से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. गुरुग्राम मेट्रो विस्तार का भूमि पूजन, राव इंद्रजीत की दूरी:खट्टर बोले-तेजी से विकास कर रही सरकार; मुख्यमंत्री ने कहा-बजट की कमी नहीं गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि केंद्रीय आवास मंत्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ करीब 5500 करोड़ रुपए की लागत से मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक, द्वारका एक्सप्रेस वे तक जाने वाले 28.5 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर का भूमि पूजन किया, इस प्रोजेक्ट पर 27 स्टेशन बनेंगे। यह मेट्रो सेवा नए और पुराने गुरुग्राम को जोड़ेगी। (पूरी खबर पढ़ें)
दक्षिण हरियाणा यानी अहीरवाल बेल्ट में पूर्व मंत्री डॉ. अभय यादव की गिनती केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत के धुर विरोधियों में होती है। वे कई बार अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट डालकर राव इंद्रजीत को घेरते रहते हैं। चाहे वह गांव कोरियावास में 725 करोड़ रुपए की लागत से 800 बेड का मेडिकल कॉलेज का मामला हो या फिर अहीरवाल बेल्ट को लेकर हो रही राजनीति। कई मौकों पर तो अभय यादव खुलकर कह भी चुके हैं कि कुछ बड़े लोगों के लिए महानायक राव तुलाराम केवल राजनीतिक कवच हैं। जिन्हें सुविधानुसार पहनते हैं। दोनों नेताओं के बीच यह सियासी खींचतान लंबी है, लेकिन आज तक इसके पीछे की वजह सामने नहीं आई थी। मगर, अब पूर्व मंत्री अभय सिंह यादव ने इसका खुलासा किया है। पूर्व मंत्री ने एक पॉडकास्ट में कहा कि 2014 विधानसभा चुनाव में जब BJP बहुमत में आई तो विधायक दल की बैठक में CM के नाम की चर्चा होनी थी। इसी दौरान CM के नाम का प्रस्ताव रामबिलास शर्मा ने किया। अहीरवाल बेल्ट के 4 BJP विधायक राव इंद्रजीत सिंह का नाम लेकर मीटिंग में खड़े हो गए, लेकिन मैं बैठा रहा। यही वजह है कि राव इंद्रजीत सिंह मेरे से आज तक नाराज हैं। पूर्व मंत्री ने आगे बताया कि CM की घोषणा और शपथ समारोह के बाद राव इंद्रजीत सिंह के घर गया तो वहां पर राव ने मुझसे सवाल किया कि तुम दूसरे विधायकों के साथ खड़े क्यों नहीं हुए? मैंने उन्हें कहा कि मुझे आपने इसके लिए पहले नहीं बताया था। दूसरा अगर 20 विधायक भी खड़े हो जाते तो आप CM नहीं बनते, क्योंकि पार्टी का फैसला मनोहरलाल के पक्ष में था। इसके अलावा पूर्व मंत्री ने कई और भी खुलासे किए, पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. पहले राजनीति में आने को लेकर 2 अहम बातें बताईं… राव इंद्रजीत को लेकर बताई 5 खास बातें… पूर्व मंत्री ने बताए 2024 की हार के 4 बड़े फैक्टर….. कौन है डॉ. अभय सिंह यादव और राव इंद्रजीत, स्लाइड में जानिए… अभय यादव और राव इंद्रजीत की सियासी लड़ाई
सियासी सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में राव इंद्रजीत अभय सिंह का टिकट कटवाना चाहते थे। तब तो सफलता नहीं मिली, लेकिन 2024 में डॉ. अभय की हार के पीछे भी उनकी भूमिका मानी गई। नांगल चौधरी सीट से कांग्रेस कैंडिडेट मंजू चौधरी ने दावा किया था कि भाजपा के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत ने 2019 के चुनाव में नांगल चौधरी सीट पर पार्टी कैंडिडेट अभय सिंह यादव को हराने की कोशिश की थी। 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान मंजू चौधरी ने कहा था, “पिछले चुनाव में राव इंद्रजीत ने BJP उम्मीदवार अभय यादव की जगह मेरी मदद की थी। इस बार भी नांगल चौधरी सीट से BJP कैंडिडेट अभय सिंह यादव को हराने में राव इंद्रजीत मेरी मदद करेंगे।” राव इंद्रजीत कई मौके पर सीएम बनने की जता चुके इच्छा
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत कई मौकों पर सीएम बनने की इच्छा जता चुके हैं। राव इंद्रजीत सिंह ने 2014 में बीजेपी में शामिल होने के बाद दक्षिण हरियाणा के योगदान का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि दक्षिण हरियाणा ने बीजेपी को पूर्ण बहुमत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन पार्टी ने मनोहर लाल खट्टर को सीएम चुना। सितंबर 2024 में राव इंद्रजीत सिंह ने रेवाड़ी में एक बयान में कहा कि दक्षिण हरियाणा की जनता चाहती है कि वे सीएम बनें और अगर इस क्षेत्र ने बीजेपी को समर्थन न दिया होता, तो मनोहर लाल खट्टर दो बार सीएम नहीं बन पाते। हाल ही में डिनर डिप्लोमेसी की वजह से भी राज इंद्रजीत और उनकी स्वास्थ्य मंत्री बेटी आरती राव भी चर्चा में आईं थीं। —————————————— हरियाणा की राजनीति से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. गुरुग्राम मेट्रो विस्तार का भूमि पूजन, राव इंद्रजीत की दूरी:खट्टर बोले-तेजी से विकास कर रही सरकार; मुख्यमंत्री ने कहा-बजट की कमी नहीं गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि केंद्रीय आवास मंत्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ करीब 5500 करोड़ रुपए की लागत से मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक, द्वारका एक्सप्रेस वे तक जाने वाले 28.5 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर का भूमि पूजन किया, इस प्रोजेक्ट पर 27 स्टेशन बनेंगे। यह मेट्रो सेवा नए और पुराने गुरुग्राम को जोड़ेगी। (पूरी खबर पढ़ें)