हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कल (मंगलवार को) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पेशल रिलीफ पैकेज की मांग करेंगे। राहत राशि समय पर देने का आग्रह किया जाएगा, ताकि आपदा प्रभावितों को समय पर राहत दी जा सके। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा, PM मोदी पहले आपदा से हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद धर्मशाला में हिमाचल सरकार प्रेजेंटेशन के माध्यम से पीएम को नुकसान की जानकारी देगी। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री से नियमों में परिवर्तन करके मदद की मांग की जाएगी, क्योंकि हिमाचल में आपदा से कई लोग लैंड लेस हुए हैं। ऐसे लोगों को मकान बनाने के लिए एक बीघा जमीन देने के लिए फॉरेस्ट राइट एक्ट में छूट देने का आग्रह किया जाएगा। उन्होंने कहा, इन सब मांगों को लेकर राज्य सरकार ने एक मेमोरेंडम तैयार किया है। जिसे कल प्रधानमंत्री को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैदानी राज्यों के नियम हिल स्टेट पर लागू नहीं होने चाहिए। मैदानी इलाकों में एक किलोमीटर सड़क बनाने को 75 हजार रुपए मिलते हैं, जबकि हिमाचल में 75 हजार में 10 मीटर सड़क भी नहीं बनती। इन नियमों को भी चेंज करने की मांग की जाएगी। सीएम बोले- वित्त आयोग चेयरमैन से तीसरी बार मिलने जा रहा सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री से मीटिंग के बाद वह कल दिल्ली जा रहे हैं। दिल्ली में 16वें वित्त आयोग चेयरमैन डॉ. अरविंद पनगढ़िया से मुलाकात कर हिमाचल के हकों की पैरवी करेंगे। डॉ. पनगढ़िया से वह तीसरी बार मुलाकात मिलने जा रहे हैं, ताकि वित्त आयोग के तहत हिमाचल को पूरा हक मिल सके। अप्रैल 2026 से लागू होगी अगले वित्त आयोग की सिफारिशें 1 अप्रैल 2026 से 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होगी। इन्हीं सिफारिशों के तहत राज्य को अगले पांच साल के लिए राजस्व का वितरण होगा। यदि हिमाचल सरकार को ज्यादा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) मिलती है तो 2026 के बाद अगले पांच साल आराम से निकल सकते हैं। इसमें कटौती की गई तो राज्य सरकार की आर्थिक सेहत तेजी से खराब होगी। दूसरे केंद्रीय मंत्रियों से बई भी मुलाकात संभव दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात कर राज्य के लिए ज्यादा से ज्यादा बजट लाने का प्रयास करेंगे। खासकर आपदा से बाहर निकलने को स्पेशल पैकेज की मांग मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से करेंगे। कांग्रेस हाईकमान से भी मुलाकात संभव दिल्ली के चार दिन के दौरे के दौरान सीएम सुक्खू पार्टी हाईकमान से भी मुलाकात कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नए संगठन को लेकर चर्चा कर सकते हैं। हिमाचल में सत्तारूढ़ कांग्रेस 6 महीने 3 दिन से बिना संगठन के है। प्रदेश में तीन महीने बाद कभी भी पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव का बिगुल बज सकता है। ऐसे में सीएम सुक्खू हाईकमान से कांग्रेस संगठन को जल्दी बनाने की मांग करेंगे। सीएम के दिल्ली दौरे के दृष्टिगत कांग्रेस संगठन को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। खासकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के कारण यह हलचल ज्यादा है, क्योंकि होली लॉज विरोधी एक धड़ा प्रतिभा सिंह को बदलना चाह रहा है। वहीं गुटबाजी की वजह से दूसरे किसी नेता पर सहमति नहीं बन पा रही। इससे कांग्रेस अध्यक्ष और संगठन का गठन लटका हुआ है। 2 केंद्रीय टीमें हिमाचल पहुंची वहीं PM मोदी के दौरे से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय की दो टीमें आज हिमाचल पहुंची है। एक टीम कुल्लू और दूसरी चंबा जिला में आपदा से हुए नुकसान का आंकलन कर रही है। दिल्ली लौटने के बाद दोनों टीमें अपने रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को देगी। इसके बाद राज्य को केंद्र से आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कल (मंगलवार को) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पेशल रिलीफ पैकेज की मांग करेंगे। राहत राशि समय पर देने का आग्रह किया जाएगा, ताकि आपदा प्रभावितों को समय पर राहत दी जा सके। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा, PM मोदी पहले आपदा से हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद धर्मशाला में हिमाचल सरकार प्रेजेंटेशन के माध्यम से पीएम को नुकसान की जानकारी देगी। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री से नियमों में परिवर्तन करके मदद की मांग की जाएगी, क्योंकि हिमाचल में आपदा से कई लोग लैंड लेस हुए हैं। ऐसे लोगों को मकान बनाने के लिए एक बीघा जमीन देने के लिए फॉरेस्ट राइट एक्ट में छूट देने का आग्रह किया जाएगा। उन्होंने कहा, इन सब मांगों को लेकर राज्य सरकार ने एक मेमोरेंडम तैयार किया है। जिसे कल प्रधानमंत्री को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैदानी राज्यों के नियम हिल स्टेट पर लागू नहीं होने चाहिए। मैदानी इलाकों में एक किलोमीटर सड़क बनाने को 75 हजार रुपए मिलते हैं, जबकि हिमाचल में 75 हजार में 10 मीटर सड़क भी नहीं बनती। इन नियमों को भी चेंज करने की मांग की जाएगी। सीएम बोले- वित्त आयोग चेयरमैन से तीसरी बार मिलने जा रहा सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री से मीटिंग के बाद वह कल दिल्ली जा रहे हैं। दिल्ली में 16वें वित्त आयोग चेयरमैन डॉ. अरविंद पनगढ़िया से मुलाकात कर हिमाचल के हकों की पैरवी करेंगे। डॉ. पनगढ़िया से वह तीसरी बार मुलाकात मिलने जा रहे हैं, ताकि वित्त आयोग के तहत हिमाचल को पूरा हक मिल सके। अप्रैल 2026 से लागू होगी अगले वित्त आयोग की सिफारिशें 1 अप्रैल 2026 से 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होगी। इन्हीं सिफारिशों के तहत राज्य को अगले पांच साल के लिए राजस्व का वितरण होगा। यदि हिमाचल सरकार को ज्यादा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) मिलती है तो 2026 के बाद अगले पांच साल आराम से निकल सकते हैं। इसमें कटौती की गई तो राज्य सरकार की आर्थिक सेहत तेजी से खराब होगी। दूसरे केंद्रीय मंत्रियों से बई भी मुलाकात संभव दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात कर राज्य के लिए ज्यादा से ज्यादा बजट लाने का प्रयास करेंगे। खासकर आपदा से बाहर निकलने को स्पेशल पैकेज की मांग मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से करेंगे। कांग्रेस हाईकमान से भी मुलाकात संभव दिल्ली के चार दिन के दौरे के दौरान सीएम सुक्खू पार्टी हाईकमान से भी मुलाकात कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नए संगठन को लेकर चर्चा कर सकते हैं। हिमाचल में सत्तारूढ़ कांग्रेस 6 महीने 3 दिन से बिना संगठन के है। प्रदेश में तीन महीने बाद कभी भी पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव का बिगुल बज सकता है। ऐसे में सीएम सुक्खू हाईकमान से कांग्रेस संगठन को जल्दी बनाने की मांग करेंगे। सीएम के दिल्ली दौरे के दृष्टिगत कांग्रेस संगठन को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। खासकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के कारण यह हलचल ज्यादा है, क्योंकि होली लॉज विरोधी एक धड़ा प्रतिभा सिंह को बदलना चाह रहा है। वहीं गुटबाजी की वजह से दूसरे किसी नेता पर सहमति नहीं बन पा रही। इससे कांग्रेस अध्यक्ष और संगठन का गठन लटका हुआ है। 2 केंद्रीय टीमें हिमाचल पहुंची वहीं PM मोदी के दौरे से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय की दो टीमें आज हिमाचल पहुंची है। एक टीम कुल्लू और दूसरी चंबा जिला में आपदा से हुए नुकसान का आंकलन कर रही है। दिल्ली लौटने के बाद दोनों टीमें अपने रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को देगी। इसके बाद राज्य को केंद्र से आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।