कपूरथला में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मदद के लिए एक विशेष नाव का निर्माण करवाया है। यह नाव अपनी अनूठी क्षमताओं के कारण राहत कार्य में अहम भूमिका निभा रही है। इस नाव की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 25 टन भार वहन क्षमता है। पिछले दो दिनों में इस नाव ने पांच ट्रैक्टर और एक कार को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। नाव का संचालन स्वयं संत सीचेवाल करते हैं। स्थानीय राजमिस्त्री ने किया निर्माण
नाव के निर्माता वरिंदर सिंह खडूर ने बताया कि यह उनका पहला बड़ा नाव निर्माण का अनुभव है। वे पहले केवल छोटी नावों की मरम्मत किया करते थे। नाव का डिजाइन संत सीचेवाल ने खुद दिया था। पानी में स्थिर रहती है नाव
इस नाव की खासियत यह है कि पूरा भार लेने के बाद भी यह एक फुट से अधिक पानी में नहीं डूबती। इसकी लंबाई और चौड़ाई इसे पानी में स्थिर बनाए रखती है। इसे साधारण नाव के इंजन से भी आसानी से चलाया जा सकता है। उम्मीद से ज्यादा साबित हुई क्षमता
निर्माता ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने इसकी क्षमता 5–7 टन अनुमानित की थी। लेकिन परीक्षण के दौरान यह 25 टन तक भार उठाने में सक्षम साबित हुई। यह नाव अब बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी राहत का साधन बनकर सामने आई है।
कपूरथला में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मदद के लिए एक विशेष नाव का निर्माण करवाया है। यह नाव अपनी अनूठी क्षमताओं के कारण राहत कार्य में अहम भूमिका निभा रही है। इस नाव की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 25 टन भार वहन क्षमता है। पिछले दो दिनों में इस नाव ने पांच ट्रैक्टर और एक कार को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। नाव का संचालन स्वयं संत सीचेवाल करते हैं। स्थानीय राजमिस्त्री ने किया निर्माण
नाव के निर्माता वरिंदर सिंह खडूर ने बताया कि यह उनका पहला बड़ा नाव निर्माण का अनुभव है। वे पहले केवल छोटी नावों की मरम्मत किया करते थे। नाव का डिजाइन संत सीचेवाल ने खुद दिया था। पानी में स्थिर रहती है नाव
इस नाव की खासियत यह है कि पूरा भार लेने के बाद भी यह एक फुट से अधिक पानी में नहीं डूबती। इसकी लंबाई और चौड़ाई इसे पानी में स्थिर बनाए रखती है। इसे साधारण नाव के इंजन से भी आसानी से चलाया जा सकता है। उम्मीद से ज्यादा साबित हुई क्षमता
निर्माता ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने इसकी क्षमता 5–7 टन अनुमानित की थी। लेकिन परीक्षण के दौरान यह 25 टन तक भार उठाने में सक्षम साबित हुई। यह नाव अब बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी राहत का साधन बनकर सामने आई है।