हरियाणा के भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण की टीचर मनीषा की मौत की जांच के लिए CBI टीम शनिवार को फील्ड में उतरी। टीम सबसे पहले गांव सिंघानी के उस प्ले स्कूल पहुंची, जहां मनीषा बच्चों को पढ़ाती थी और वहां स्टाफ से पूछताछ की। इसके बाद टीम उस जगह पर गई, जहां से मनीषा का शव मिला था। कुछ समय वहां रुकने के बाद टीम मनीषा के गांव ढाणी लक्ष्मण पहुंची और उसके परिवार से बातचीत की। बता दें कि CBI की टीम 3 सितंबर से भिवानी में ठहरी हुई है और उन्हें PWD रेस्ट हाउस में ठहराया गया है। टीम अब तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर केस से जुड़ी रिपोर्ट हासिल कर चुकी है। पिता बोले- एक घंटे पूछताछ की
मनीषा के पिता संजय कुमार ने बताया कि सीबीआई मेरे बयान लेकर गई है। इस दौरान 11 से लेकर 13 अगस्त तक की जानकारी ली। उनके ही बयान दर्ज किए हैं। क्योंकि उस दौरान मौजूद तो वे ही थे। करने वाला व देखने वाला मैं ही था। अन्य घर वालों से कोई पूछताछ नहीं की। सुसाइड नोट वाला कुछ नहीं बताया। अब सीबीआई वाले कार्रवाई शुरू करेंगे। जो घटना घटी व जो व्यवहार किया था, वह सब बताया था। सीबीआई वालों ने करीब एक घंटे तक पूछताछ की है। सुसाइड नोट लेट दिखाने की बात भी कही है। पहले घुमाते रहे और फिर सुसाइड नोट दिखा दिया। पुलिस कह रही है कि बॉडी को कुत्ते खा गए। हारकर हमने तो आपका (सीबीआई) का सहारा लिया है। हम नहीं मानते उनकी, इसलिए सीबीआई जांच करवाई है। सीबीआई से न्याय की उम्मीद, मैं जिंदा हो गया
संजय ने बताया कि सुसाइड नोट मिलाने के लिए कोई रिकॉर्ड नहीं लेकर गए। जिसके बाद उन्होंने सीबीआई को बताया कि सीआईए का स्टाफ तीन-चार दिन बाद आया था। जिसके बाद रजिस्टर लेकर गए थे। उसके बाद कह दिया था कि सुसाइड नोट है। अगर सुसाइड नोट होता तो पहले दिन ही दिखा देते। अगर पहले दिन ही दिखा देते तो इतना बड़ा आंदोलन नहीं होता। गुड़िया को न्याय मिलने की अब सीबीआई से उम्मीद है। सीबीआई वालो का व्यवहार काफी अच्छा था। मेरे को उन पर पूर्ण विश्वास है कि वे करके जाएंगे। जिस तरीके से आश्वासन दिया है। उससे मेरी उम्मीद बंध गई और मैं जिंदा हो गया। रेस्ट हाउस से निकल 3 स्थानों पर गई CBI टीम..
हरियाणा के भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण की टीचर मनीषा की मौत की जांच के लिए CBI टीम शनिवार को फील्ड में उतरी। टीम सबसे पहले गांव सिंघानी के उस प्ले स्कूल पहुंची, जहां मनीषा बच्चों को पढ़ाती थी और वहां स्टाफ से पूछताछ की। इसके बाद टीम उस जगह पर गई, जहां से मनीषा का शव मिला था। कुछ समय वहां रुकने के बाद टीम मनीषा के गांव ढाणी लक्ष्मण पहुंची और उसके परिवार से बातचीत की। बता दें कि CBI की टीम 3 सितंबर से भिवानी में ठहरी हुई है और उन्हें PWD रेस्ट हाउस में ठहराया गया है। टीम अब तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर केस से जुड़ी रिपोर्ट हासिल कर चुकी है। पिता बोले- एक घंटे पूछताछ की
मनीषा के पिता संजय कुमार ने बताया कि सीबीआई मेरे बयान लेकर गई है। इस दौरान 11 से लेकर 13 अगस्त तक की जानकारी ली। उनके ही बयान दर्ज किए हैं। क्योंकि उस दौरान मौजूद तो वे ही थे। करने वाला व देखने वाला मैं ही था। अन्य घर वालों से कोई पूछताछ नहीं की। सुसाइड नोट वाला कुछ नहीं बताया। अब सीबीआई वाले कार्रवाई शुरू करेंगे। जो घटना घटी व जो व्यवहार किया था, वह सब बताया था। सीबीआई वालों ने करीब एक घंटे तक पूछताछ की है। सुसाइड नोट लेट दिखाने की बात भी कही है। पहले घुमाते रहे और फिर सुसाइड नोट दिखा दिया। पुलिस कह रही है कि बॉडी को कुत्ते खा गए। हारकर हमने तो आपका (सीबीआई) का सहारा लिया है। हम नहीं मानते उनकी, इसलिए सीबीआई जांच करवाई है। सीबीआई से न्याय की उम्मीद, मैं जिंदा हो गया
संजय ने बताया कि सुसाइड नोट मिलाने के लिए कोई रिकॉर्ड नहीं लेकर गए। जिसके बाद उन्होंने सीबीआई को बताया कि सीआईए का स्टाफ तीन-चार दिन बाद आया था। जिसके बाद रजिस्टर लेकर गए थे। उसके बाद कह दिया था कि सुसाइड नोट है। अगर सुसाइड नोट होता तो पहले दिन ही दिखा देते। अगर पहले दिन ही दिखा देते तो इतना बड़ा आंदोलन नहीं होता। गुड़िया को न्याय मिलने की अब सीबीआई से उम्मीद है। सीबीआई वालो का व्यवहार काफी अच्छा था। मेरे को उन पर पूर्ण विश्वास है कि वे करके जाएंगे। जिस तरीके से आश्वासन दिया है। उससे मेरी उम्मीद बंध गई और मैं जिंदा हो गया। रेस्ट हाउस से निकल 3 स्थानों पर गई CBI टीम..