मध्यप्रदेश के खंडवा में शुक्रवार को ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला सामने आया है। हिंदूवादी संगठनों का आरोप है कि जुलूस में भगवा ध्वज पर काले रंग से ‘इस्लाम जिंदाबाद’ लिखा गया और तालिबानी झंडे फहराए गए। जुलूस के दौरान डीजे पर पाक आर्मी के गाने भी बजाए गए। यह भी आरोप है कि गणेश पंडालों के पास आतिशबाजी की गई और जलेबी चौक क्षेत्र के कल्लनगंज का नाम बदलकर कल्लन अली गंज बताया गया। रात में हिंदू संगठन के लोग कोतवाली थाने पहुंचे। यहां सीएसपी अभिनव बारंगे और एसडीएम बजरंग बहादुर के सामने विरोध जताया। वहीं, मुस्लिम पक्ष का कहना है कि भगवा रंग को इस्लाम में चिश्ती कलर माना जाता है। ये हमारे लिए भी पवित्र रंग है। डीजे पर गाना पाकिस्तानी कलाकार का, लेकिन गाने में कहीं भी पाकिस्तान का नाम नहीं था। ईद मिलादुन्नबी के जुलूस की तस्वीरें… ‘इंदौर में कार्रवाई, खंडवा पुलिस ने कुछ नहीं किया’
हिंदूवादी संगठन के लोगों का कहना है कि इंदौर में पुलिस ने इस तरह के झंडे-बैनर हटाकर कार्रवाई की थी, लेकिन खंडवा में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में यह सब हुआ, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। संगठनों ने मांग की कि शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कदम उठाए जाएं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
कोतवाली पुलिस ने बताया कि 2-3 अज्ञात लोगों ने ईद मिलादुन्नबी जुलूस के दौरान भगवा झंडा हाथ में लेकर उस पर काले रंग से ‘इस्लाम जिंदाबाद’ लिखकर फहराया। फरियादी अभिषेक तिवारी की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। ‘भगवा हिंदू समाज का प्रतीक’
हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक माधव झा का कहना है कि भगवा हिंदू समाज का प्रतीक है। वह मंदिरों पर फहराया जाता है। हम लोग इस ध्वज को अपनी पहचान मानते हैं। मुस्लिम समुदाय कहता है कि यह चिश्ती कलर है, लेकिन वो इससे अलग आता है। जुलूस में तालिबान का ऑफिशियल झंडा
झा ने कहा कि चार-पांच साल पहले जब हिंदू समाज के जुलूस में हरे झंडे पर जय श्री राम लिख दिया गया था, तब पुलिस प्रशासन ने उन बैनर-पोस्टर और झंडों को हटवाया था। यह कहकर कि मामला सांप्रदायिकता से जुड़ा है। रही बात तालिबानी झंडे की तो जब अफगानिस्तान में तालिबान सक्रिय हुआ तो इसी सफेद झंडे का उपयोग किया गया और अब भी करता है। तालिबान इसी को ऑफिशियल ध्वज मानता है। अब पढ़िए मुस्लिम पक्ष ने क्या कहा… गाने में कहीं भी पाकिस्तान का जिक्र नहीं
मुस्लिम पक्ष के लोगों का कहना है कि डीजे पर बजाया गाना पाकिस्तानी लेखक का है, जो पैगम्बर मोहम्मद साहब को संबोधित करते हुए वतन की देशभक्ति से जुड़ा है। उसमें कहीं भी दुश्मन देश पाकिस्तान का जिक्र नहीं है। दुनिया में कहीं भी कला और संस्कृति के लिए सरहद का बंधन नहीं है। हिंदूस्तान की सरजमीं पर बरसों से पाकिस्तान के कलाकार गाने आते हैं। इसमें धार्मिक भावना भड़काने जैसा कुछ भी नहीं है। झंडा तालिबान के झंडे से अलग था
उन्होंने कहा, तालिबान का झंडा लहराने की बात कही जा रही है तो यह भी गलत है। उस झंडे पर कलमा लिखा हुआ है। तालिबान के झंडे पर भी वही है, लेकिन जुलूस के झंडे में बॉर्डर और तलवार दर्शाई गई हैं, जो तालिबान के झंडे से अलग है। भगवा रंग इस्लाम में भी पवित्र माना जाता है
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि भगवा ध्वज को लेकर मुद्दा बनाया जा रहा है, लेकिन इस्लाम में इसे चिश्ती कलर माना जाता है। पूरे अजमेर में इसी कलर के झंडे लगे हुए हैं। ख्वाजा गरीब नवाज इसी चिश्ती कलर की पगड़ी पहनते थे। आज भी मुस्लिम समुदाय में चिश्ती रंग की पगड़ियां पहनी जाती हैं। यह तो अच्छा है कि सभी धर्म उस कलर को पवित्र मानते हैं। इस पर किसी का कॉपीराइट नहीं है। उन्होंने कहा कि कल्लनगंज का नाम बदलने का आरोप है, उस क्षेत्र को कोई कल्लनगंज कहता है और कोई कल्याणगंज। मुस्लिम समुदाय के लोग कल्लन अली गंज कहते हैं क्योंकि वहां कल्लन अली बाबा नाम के बाबा हुआ करते थे, जिनकी दरगाह भी है।
ये भी पढ़ें… बाइक रैली में ‘सर तन से जुदा’ के नारे सागर में एक बाइक रैली में ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगे। गुरुवार को रैली के दौरान हुई नारेबाजी का वीडियो शुक्रवार को सामने आया। जिसके बाद हिंदू संगठन ने कोतवाली थाने में शिकायत की। हिंदू संगठन ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। पढ़ें पूरी खबर… जबलपुर में गणेश पंडाल के पास मांस का टुकड़ा मिला जबलपुर के आधारताल थाना क्षेत्र में एक गणेश पंडाल के पास मांस और कचरा फेंकने के आरोप में पुलिस ने एक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं दो अन्य की तलाश की जा रही है। पुलिस ने मामले में विस्तार से जांच शुरू कर दी है। इस घटना से स्थानीय हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। पढ़ें पूरी खबर…
मध्यप्रदेश के खंडवा में शुक्रवार को ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला सामने आया है। हिंदूवादी संगठनों का आरोप है कि जुलूस में भगवा ध्वज पर काले रंग से ‘इस्लाम जिंदाबाद’ लिखा गया और तालिबानी झंडे फहराए गए। जुलूस के दौरान डीजे पर पाक आर्मी के गाने भी बजाए गए। यह भी आरोप है कि गणेश पंडालों के पास आतिशबाजी की गई और जलेबी चौक क्षेत्र के कल्लनगंज का नाम बदलकर कल्लन अली गंज बताया गया। रात में हिंदू संगठन के लोग कोतवाली थाने पहुंचे। यहां सीएसपी अभिनव बारंगे और एसडीएम बजरंग बहादुर के सामने विरोध जताया। वहीं, मुस्लिम पक्ष का कहना है कि भगवा रंग को इस्लाम में चिश्ती कलर माना जाता है। ये हमारे लिए भी पवित्र रंग है। डीजे पर गाना पाकिस्तानी कलाकार का, लेकिन गाने में कहीं भी पाकिस्तान का नाम नहीं था। ईद मिलादुन्नबी के जुलूस की तस्वीरें… ‘इंदौर में कार्रवाई, खंडवा पुलिस ने कुछ नहीं किया’
हिंदूवादी संगठन के लोगों का कहना है कि इंदौर में पुलिस ने इस तरह के झंडे-बैनर हटाकर कार्रवाई की थी, लेकिन खंडवा में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में यह सब हुआ, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। संगठनों ने मांग की कि शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कदम उठाए जाएं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
कोतवाली पुलिस ने बताया कि 2-3 अज्ञात लोगों ने ईद मिलादुन्नबी जुलूस के दौरान भगवा झंडा हाथ में लेकर उस पर काले रंग से ‘इस्लाम जिंदाबाद’ लिखकर फहराया। फरियादी अभिषेक तिवारी की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। ‘भगवा हिंदू समाज का प्रतीक’
हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक माधव झा का कहना है कि भगवा हिंदू समाज का प्रतीक है। वह मंदिरों पर फहराया जाता है। हम लोग इस ध्वज को अपनी पहचान मानते हैं। मुस्लिम समुदाय कहता है कि यह चिश्ती कलर है, लेकिन वो इससे अलग आता है। जुलूस में तालिबान का ऑफिशियल झंडा
झा ने कहा कि चार-पांच साल पहले जब हिंदू समाज के जुलूस में हरे झंडे पर जय श्री राम लिख दिया गया था, तब पुलिस प्रशासन ने उन बैनर-पोस्टर और झंडों को हटवाया था। यह कहकर कि मामला सांप्रदायिकता से जुड़ा है। रही बात तालिबानी झंडे की तो जब अफगानिस्तान में तालिबान सक्रिय हुआ तो इसी सफेद झंडे का उपयोग किया गया और अब भी करता है। तालिबान इसी को ऑफिशियल ध्वज मानता है। अब पढ़िए मुस्लिम पक्ष ने क्या कहा… गाने में कहीं भी पाकिस्तान का जिक्र नहीं
मुस्लिम पक्ष के लोगों का कहना है कि डीजे पर बजाया गाना पाकिस्तानी लेखक का है, जो पैगम्बर मोहम्मद साहब को संबोधित करते हुए वतन की देशभक्ति से जुड़ा है। उसमें कहीं भी दुश्मन देश पाकिस्तान का जिक्र नहीं है। दुनिया में कहीं भी कला और संस्कृति के लिए सरहद का बंधन नहीं है। हिंदूस्तान की सरजमीं पर बरसों से पाकिस्तान के कलाकार गाने आते हैं। इसमें धार्मिक भावना भड़काने जैसा कुछ भी नहीं है। झंडा तालिबान के झंडे से अलग था
उन्होंने कहा, तालिबान का झंडा लहराने की बात कही जा रही है तो यह भी गलत है। उस झंडे पर कलमा लिखा हुआ है। तालिबान के झंडे पर भी वही है, लेकिन जुलूस के झंडे में बॉर्डर और तलवार दर्शाई गई हैं, जो तालिबान के झंडे से अलग है। भगवा रंग इस्लाम में भी पवित्र माना जाता है
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि भगवा ध्वज को लेकर मुद्दा बनाया जा रहा है, लेकिन इस्लाम में इसे चिश्ती कलर माना जाता है। पूरे अजमेर में इसी कलर के झंडे लगे हुए हैं। ख्वाजा गरीब नवाज इसी चिश्ती कलर की पगड़ी पहनते थे। आज भी मुस्लिम समुदाय में चिश्ती रंग की पगड़ियां पहनी जाती हैं। यह तो अच्छा है कि सभी धर्म उस कलर को पवित्र मानते हैं। इस पर किसी का कॉपीराइट नहीं है। उन्होंने कहा कि कल्लनगंज का नाम बदलने का आरोप है, उस क्षेत्र को कोई कल्लनगंज कहता है और कोई कल्याणगंज। मुस्लिम समुदाय के लोग कल्लन अली गंज कहते हैं क्योंकि वहां कल्लन अली बाबा नाम के बाबा हुआ करते थे, जिनकी दरगाह भी है।
ये भी पढ़ें… बाइक रैली में ‘सर तन से जुदा’ के नारे सागर में एक बाइक रैली में ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगे। गुरुवार को रैली के दौरान हुई नारेबाजी का वीडियो शुक्रवार को सामने आया। जिसके बाद हिंदू संगठन ने कोतवाली थाने में शिकायत की। हिंदू संगठन ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। पढ़ें पूरी खबर… जबलपुर में गणेश पंडाल के पास मांस का टुकड़ा मिला जबलपुर के आधारताल थाना क्षेत्र में एक गणेश पंडाल के पास मांस और कचरा फेंकने के आरोप में पुलिस ने एक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं दो अन्य की तलाश की जा रही है। पुलिस ने मामले में विस्तार से जांच शुरू कर दी है। इस घटना से स्थानीय हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। पढ़ें पूरी खबर…