हिमाचल प्रदेश के चंबा में मणिमहेश यात्रा पर निकले 4 श्रद्धालुओं की डेडबॉडी कुगती ट्रेक पर फंसी हुई है। इन्हें निकालने के लिए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज (गुरुवार को) डीएसपी खजाना राम की नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की है। इस दल में पुलिस, होमगार्ड, माउंटेनियरिंग दल और स्थानीय लोगों को शामिल किया गया है। स्थानीय प्रशासन 4 दिन से इन शवों को भरमौर तक लाने की कोशिश कर रहा है। मगर निरंतर हो रही बारिश और खराब मौसम इसमें बाधा उत्पन्न कर रहा है। वहीं, भरमौर में फंसे 450 श्रद्धालु चंबा पहुंच जाएंगे। इन श्रद्धालुओं को भरमौर से दुर्गेठी तक गाड़ियों में लाया गया। वहां से लगभग 14 किलोमीटर पैदल चलने के बाद फिर 20 किलोमीटर गाड़ियों में चंबा लाया जा रहा है। चंबा से सभी श्रद्धालुओं को सरकार एचआरटीसी बसों में अपने अपने गंतव्य को भेजेगी। चंबा जिला प्रशासन ने आज बीमार और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को दो चॉपर से एयर-लिफ्ट किया। दोपहर बाद मौसम खराब होने की वजह से उड़ान नहीं हो पाई। सेना के एम आई-17 हेलिकॉप्टर ने भी दोपहर के वक्त भरमौर से चंबा को उड़ान भरनी थी। मगर खराब मौसम के कारण उड़ान नहीं भर पाया। अभी भी भरमौर में लगभग 350 श्रद्धालु बताए जा रहे हैं। अब इन्हें कल लाने के प्रयास होंगे। इन श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में जगह जगह लंगर लगाए गए है। राज्य के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पिछले छह दिन से ग्राउंड जीरो पर स्वयं रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। पैदल चलकर वह चंबा से भरमौर पहुंचे हैं। आज भी जगत नेगी भरमौर में रुकेंगे। एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर नहीं पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू ने बीते कल मीडिया से बातचीत में कहा था कि एयरफोर्स से मणिमहेश में फंसे श्रद्धालुओं को रेस्क्यू करने के लिए पांच छह हेलिकॉप्टर मांगे गए है। मगर आज एयरफोर्स का कोई हेलिकॉप्टर भरमौर नहीं पहुंचा। राज्य सरकार द्वारा हायर एक चॉपर सुबह 7 बजे ही श्रद्धालुओं की निकासी में जुट गया था। भरमौर में फंसे श्रद्धालुओं को चंबा के करियां लाया जा रहा है। यहां से सरकारी बसों के माध्यम से पंजाब-कश्मीर के श्रद्धालुओं को पठानकोट भेजा जा रहा है, जबकि हिमाचल के श्रद्धालुओं को कांगड़ा के नूरपूर में ड्रॉप किया जा रहा है। एयर-लिफ्ट के अलावा दूसरा चारा नहीं बता दें कि 24 से 26 अगस्त के बीच की भारी बारिश से चंबा जिला में जान व माल दोनों को भारी नुकसान हुआ है। भरमौर से चंबा तक कई जगह सड़क का नामो निशान मिट चुका है। ऐसे में श्रद्धालुओं को एयर-लिफ्ट करने के अलावा दूसरा चारा नहीं है। 20 मणिमहेश श्रद्धालुओं की मौत मणिमहेश यात्रा के दौरान 20 से ज्यादा श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है। इनमें ज्यादातर की जान ऑक्सीजन की कमी और पत्थर लगने से गई है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा में मणिमहेश यात्रा पर निकले 4 श्रद्धालुओं की डेडबॉडी कुगती ट्रेक पर फंसी हुई है। इन्हें निकालने के लिए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज (गुरुवार को) डीएसपी खजाना राम की नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की है। इस दल में पुलिस, होमगार्ड, माउंटेनियरिंग दल और स्थानीय लोगों को शामिल किया गया है। स्थानीय प्रशासन 4 दिन से इन शवों को भरमौर तक लाने की कोशिश कर रहा है। मगर निरंतर हो रही बारिश और खराब मौसम इसमें बाधा उत्पन्न कर रहा है। वहीं, भरमौर में फंसे 450 श्रद्धालु चंबा पहुंच जाएंगे। इन श्रद्धालुओं को भरमौर से दुर्गेठी तक गाड़ियों में लाया गया। वहां से लगभग 14 किलोमीटर पैदल चलने के बाद फिर 20 किलोमीटर गाड़ियों में चंबा लाया जा रहा है। चंबा से सभी श्रद्धालुओं को सरकार एचआरटीसी बसों में अपने अपने गंतव्य को भेजेगी। चंबा जिला प्रशासन ने आज बीमार और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को दो चॉपर से एयर-लिफ्ट किया। दोपहर बाद मौसम खराब होने की वजह से उड़ान नहीं हो पाई। सेना के एम आई-17 हेलिकॉप्टर ने भी दोपहर के वक्त भरमौर से चंबा को उड़ान भरनी थी। मगर खराब मौसम के कारण उड़ान नहीं भर पाया। अभी भी भरमौर में लगभग 350 श्रद्धालु बताए जा रहे हैं। अब इन्हें कल लाने के प्रयास होंगे। इन श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में जगह जगह लंगर लगाए गए है। राज्य के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पिछले छह दिन से ग्राउंड जीरो पर स्वयं रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। पैदल चलकर वह चंबा से भरमौर पहुंचे हैं। आज भी जगत नेगी भरमौर में रुकेंगे। एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर नहीं पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू ने बीते कल मीडिया से बातचीत में कहा था कि एयरफोर्स से मणिमहेश में फंसे श्रद्धालुओं को रेस्क्यू करने के लिए पांच छह हेलिकॉप्टर मांगे गए है। मगर आज एयरफोर्स का कोई हेलिकॉप्टर भरमौर नहीं पहुंचा। राज्य सरकार द्वारा हायर एक चॉपर सुबह 7 बजे ही श्रद्धालुओं की निकासी में जुट गया था। भरमौर में फंसे श्रद्धालुओं को चंबा के करियां लाया जा रहा है। यहां से सरकारी बसों के माध्यम से पंजाब-कश्मीर के श्रद्धालुओं को पठानकोट भेजा जा रहा है, जबकि हिमाचल के श्रद्धालुओं को कांगड़ा के नूरपूर में ड्रॉप किया जा रहा है। एयर-लिफ्ट के अलावा दूसरा चारा नहीं बता दें कि 24 से 26 अगस्त के बीच की भारी बारिश से चंबा जिला में जान व माल दोनों को भारी नुकसान हुआ है। भरमौर से चंबा तक कई जगह सड़क का नामो निशान मिट चुका है। ऐसे में श्रद्धालुओं को एयर-लिफ्ट करने के अलावा दूसरा चारा नहीं है। 20 मणिमहेश श्रद्धालुओं की मौत मणिमहेश यात्रा के दौरान 20 से ज्यादा श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है। इनमें ज्यादातर की जान ऑक्सीजन की कमी और पत्थर लगने से गई है।