केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महानआर्यमन सिंधिया मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) के निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। उनके साथ पूरी कार्यकारिणी का चुनाव भी निर्विरोध हुआ है। 29 साल के महानआर्यमन एमपीसीए के सबसे युवा अध्यक्ष हैं। एमपीसीए की वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) मंगलवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में हुई। इसमें नई कार्यकारिणी चुने जाने की घोषणा की गई। बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। इससे पहले ज्योतिरादित्य ने महानआर्यमन के साथ खजराना गणेश मंदिर में दर्शन किए। उनके साथ मंत्री तुलसीराम सिलावट भी मौजूद रहे। एजीएम के लिए ज्योतिरादित्य और महानआर्यमन सिंधिया सोमवार रात ही इंदौर पहुंच गए थे। अध्यक्ष पद पर चुने जाने पर महानआर्यमन ने कहा- मेरे एमपीसीए अध्यक्ष बनने पर पिता के साथ मां भी बहुत खुश हैं। उन्होंने मुझे ग्राउंड लेवल पर लोगों के साथ जुड़कर काम करना और अकेले कभी भी निर्णय नहीं लेना सिखाया है। बोले- एमपीसीए को नंबर वन बनाएंगे
एजीएम के बाद महानआर्यमन सिंधिया ने कहा- हम मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को आगे लेकर जाएंगे और देश में नंबर वन बनाएंगे। मेरे लिए यह बहुत भावुक समय है क्योंकि इस पद पर मेरे दादाजी माधवराव सिंधिया, मेरे पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने काम किया था और अब मुझे यह मौका मिल रहा है। हमारा विजन है कि हम ग्रामीण स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा दें। बेटियों-बहनों को मौका दें। महानआर्यमन ने कहा- माता, पिता ने तीन मूल्य सिखाए 1. साथ में काम करना है।
2. जमीन पर काम करना है
3. अकेले कभी निर्णय नहीं लेना है। टेक्नोलॉजी का उपयोग करके स्किल डेवलप करेंगे
मुझे अनुभव कम है लेकिन मेरे साथ अनुभवी टीम है। नई टीम क्रिकेट को बहुत मजबूती से आगे ले जाएगी। इंदौर में विमेंस वर्ल्ड कप के पांच मैच होने जा रहे हैं। यह दिखाता है कि आईसीसी और बीसीसीआई को एमपीसीए में कितना विश्वास है। हम ग्रामीण क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए जिला और संभाग स्तरीय क्रिकेट की समीक्षा करेंगे। वहां के दौरे भी करेंगे। क्रिकेट में टेक्नोलॉजी का उपयोग करके स्किल डेवलप करने पर काम करेंगे। मध्यप्रदेश लीग की शुरुआत की थी
महानआर्यमन पिछले तीन साल से क्रिकेट के लिए सक्रिय हैं। 2022 में ग्वालियर डिविजनल क्रिकेट एसोसिएशन (जीडीसीए) का उपाध्यक्ष नियुक्त करने के साथ ही उन्हें एमपीसीए का आजीवन सदस्य बनाया गया था। उन्होंने मध्यप्रदेश क्रिकेट लीग (एमपीएल) की शुरुआत की। वे पिछले दो साल से ग्वालियर में एमपीएल का सफल आयोजन करा रहे हैं। पिछली बार सचिव और कोषाध्यक्ष पद पर हुए थे चुनाव
एमपीसीए की पिछली कार्यकारिणी में अभिलाष खांडेकर अध्यक्ष, रमणीक सलूजा उपाध्यक्ष, सिद्धियानी पाटनी सहसचिव निर्विरोध चुने गए थे। सचिव पद पर संजीव राव ने अमिताभ विजयवर्गीय को 17 और कोषाध्यक्ष पद पर पवन जैन ने प्रेम पटेल को 78 वोटों से हराया था। मैनेजिंग कमेटी के लिए प्रशांत द्विवेदी ने 171, योगेश गोलवलकर ने 148 और मुर्तजा अली ने 137 वोट के साथ जीत दर्ज की थी। देवाशीष निलोसे को 115 और सुनील लाहोरे को 38 वोट मिले थे। ये खबर भी पढे़ं… MPCA में तीसरे सिंधिया, महानआर्यमन सबसे युवा अध्यक्ष होंगे 13 साल बाद एमपीसीए के चुनाव में सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी उतरी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महानआर्यमन सिंधिया का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय है। जानकारों का मानना है कि इसके जरिए महानआर्यमन की सियासी पारी की तैयारी की जा रही है। उनके पिता और दादा ने भी अपने सियासी करियर की ऐसे ही शुरुआत की थी। पढे़ं पूरी खबर…
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महानआर्यमन सिंधिया मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) के निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। उनके साथ पूरी कार्यकारिणी का चुनाव भी निर्विरोध हुआ है। 29 साल के महानआर्यमन एमपीसीए के सबसे युवा अध्यक्ष हैं। एमपीसीए की वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) मंगलवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में हुई। इसमें नई कार्यकारिणी चुने जाने की घोषणा की गई। बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। इससे पहले ज्योतिरादित्य ने महानआर्यमन के साथ खजराना गणेश मंदिर में दर्शन किए। उनके साथ मंत्री तुलसीराम सिलावट भी मौजूद रहे। एजीएम के लिए ज्योतिरादित्य और महानआर्यमन सिंधिया सोमवार रात ही इंदौर पहुंच गए थे। अध्यक्ष पद पर चुने जाने पर महानआर्यमन ने कहा- मेरे एमपीसीए अध्यक्ष बनने पर पिता के साथ मां भी बहुत खुश हैं। उन्होंने मुझे ग्राउंड लेवल पर लोगों के साथ जुड़कर काम करना और अकेले कभी भी निर्णय नहीं लेना सिखाया है। बोले- एमपीसीए को नंबर वन बनाएंगे
एजीएम के बाद महानआर्यमन सिंधिया ने कहा- हम मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को आगे लेकर जाएंगे और देश में नंबर वन बनाएंगे। मेरे लिए यह बहुत भावुक समय है क्योंकि इस पद पर मेरे दादाजी माधवराव सिंधिया, मेरे पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने काम किया था और अब मुझे यह मौका मिल रहा है। हमारा विजन है कि हम ग्रामीण स्तर पर क्रिकेट को बढ़ावा दें। बेटियों-बहनों को मौका दें। महानआर्यमन ने कहा- माता, पिता ने तीन मूल्य सिखाए 1. साथ में काम करना है।
2. जमीन पर काम करना है
3. अकेले कभी निर्णय नहीं लेना है। टेक्नोलॉजी का उपयोग करके स्किल डेवलप करेंगे
मुझे अनुभव कम है लेकिन मेरे साथ अनुभवी टीम है। नई टीम क्रिकेट को बहुत मजबूती से आगे ले जाएगी। इंदौर में विमेंस वर्ल्ड कप के पांच मैच होने जा रहे हैं। यह दिखाता है कि आईसीसी और बीसीसीआई को एमपीसीए में कितना विश्वास है। हम ग्रामीण क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए जिला और संभाग स्तरीय क्रिकेट की समीक्षा करेंगे। वहां के दौरे भी करेंगे। क्रिकेट में टेक्नोलॉजी का उपयोग करके स्किल डेवलप करने पर काम करेंगे। मध्यप्रदेश लीग की शुरुआत की थी
महानआर्यमन पिछले तीन साल से क्रिकेट के लिए सक्रिय हैं। 2022 में ग्वालियर डिविजनल क्रिकेट एसोसिएशन (जीडीसीए) का उपाध्यक्ष नियुक्त करने के साथ ही उन्हें एमपीसीए का आजीवन सदस्य बनाया गया था। उन्होंने मध्यप्रदेश क्रिकेट लीग (एमपीएल) की शुरुआत की। वे पिछले दो साल से ग्वालियर में एमपीएल का सफल आयोजन करा रहे हैं। पिछली बार सचिव और कोषाध्यक्ष पद पर हुए थे चुनाव
एमपीसीए की पिछली कार्यकारिणी में अभिलाष खांडेकर अध्यक्ष, रमणीक सलूजा उपाध्यक्ष, सिद्धियानी पाटनी सहसचिव निर्विरोध चुने गए थे। सचिव पद पर संजीव राव ने अमिताभ विजयवर्गीय को 17 और कोषाध्यक्ष पद पर पवन जैन ने प्रेम पटेल को 78 वोटों से हराया था। मैनेजिंग कमेटी के लिए प्रशांत द्विवेदी ने 171, योगेश गोलवलकर ने 148 और मुर्तजा अली ने 137 वोट के साथ जीत दर्ज की थी। देवाशीष निलोसे को 115 और सुनील लाहोरे को 38 वोट मिले थे। ये खबर भी पढे़ं… MPCA में तीसरे सिंधिया, महानआर्यमन सबसे युवा अध्यक्ष होंगे 13 साल बाद एमपीसीए के चुनाव में सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी उतरी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महानआर्यमन सिंधिया का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय है। जानकारों का मानना है कि इसके जरिए महानआर्यमन की सियासी पारी की तैयारी की जा रही है। उनके पिता और दादा ने भी अपने सियासी करियर की ऐसे ही शुरुआत की थी। पढे़ं पूरी खबर…