पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में जेल में बंद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की डिफॉल्ट बेल पर कल कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। वहीं इस मामले में आज हिसार पुलिस ने अपना पक्ष कोर्ट में रखा। हिसार पुलिस ने 2 केसों का हवाला देकर ज्योति की बेल का विरोध किया। पुलिस ने सीबीआई वर्सेज कपिल वधावन और दिल्ली हाईकोर्ट का इरफान वर्सेज स्टेट मामलों को कोर्ट में रखकर कहा कि इन केसों में भी डिफॉल्ट बेल नहीं दी गई थी। इस पर ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने कहा कि यह केस इन केसों से अलग है और इसमें तो पुलिस ने खुद माना है कि उनकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि वह इस पर कल फैसला देंगे। बता दें कि इससे पहले ज्योति की 25 अगस्त को कोर्ट में पेशी हुई थी और उन्हें चालान रिपोर्ट दी जानी थी, लेकिन पुलिस ने तीन बार एप्लिकेशन लगाकर चार्जशीट देने का विरोध किया। इसके बाद कोर्ट ने एप्लिकेशन पर वकील से जवाब मांगा और वकील ने डिफॉल्ट बेल लगाई, यह आरोप लगाते हुए कि पुलिस ने जांच पूरी किए बिना चार्जशीट दायर की। ज्योति को तुरंत प्रभाव से रिहा कर दिया जाए- वकील
कुमार मुकेश ने बताया कि कानून के हिसाब में 14 अगस्त को पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ जांच पूरी कर ली थी। अगर 14 अगस्त तक पुलिस जांच पूरी नहीं करती तो 15 अगस्त को ज्योति को रिहा होना था। आज तक मुझे चालान नहीं दिया गया है। आज कोर्ट में मुझे पता लगा कि अभी पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई है। आरोपी पक्ष का अधिकार बनता है कि तुरंत प्रभाव से उसे रिहा कर दिया जाए। इस तरह के मामलों में सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर हैं। अधूरी पुलिस जांच के मामले में आरोपी पक्ष का बेल का अधिकार है। जिसकी कॉपी कोर्ट में जमा कर दी गई है। कोर्ट ने इस मामले को लेकर पुलिस से जवाब मांगा। ज्योति को 15 मई को किया था गिरफ्तार
बता दें कि हिसार पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में 15 मई को गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और गोपनीय जानकारी साझा करने जैसे गंभीर आरोप हैं। पाकिस्तान और चीन की यात्रा से शक के घेरे में आई थी ज्योति
ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में तब आई जब वह पिछले साल 2024 में 2 महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन गई थी। ज्योति मल्होत्रा के यूट्यूब पर अपलोड वीडियो की डेट के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गई थी। 15 मई तक वह पाकिस्तान में ही रही। इसके बाद भारत लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून को वह चीन चली गई। 9 जुलाई तक चीन में रही और फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल में काठमांडू पहुंच गई। इससे पहले वह करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान गई तो वहां पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मिली और उनका इंटरव्यू तक किया।
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में जेल में बंद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की डिफॉल्ट बेल पर कल कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। वहीं इस मामले में आज हिसार पुलिस ने अपना पक्ष कोर्ट में रखा। हिसार पुलिस ने 2 केसों का हवाला देकर ज्योति की बेल का विरोध किया। पुलिस ने सीबीआई वर्सेज कपिल वधावन और दिल्ली हाईकोर्ट का इरफान वर्सेज स्टेट मामलों को कोर्ट में रखकर कहा कि इन केसों में भी डिफॉल्ट बेल नहीं दी गई थी। इस पर ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने कहा कि यह केस इन केसों से अलग है और इसमें तो पुलिस ने खुद माना है कि उनकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि वह इस पर कल फैसला देंगे। बता दें कि इससे पहले ज्योति की 25 अगस्त को कोर्ट में पेशी हुई थी और उन्हें चालान रिपोर्ट दी जानी थी, लेकिन पुलिस ने तीन बार एप्लिकेशन लगाकर चार्जशीट देने का विरोध किया। इसके बाद कोर्ट ने एप्लिकेशन पर वकील से जवाब मांगा और वकील ने डिफॉल्ट बेल लगाई, यह आरोप लगाते हुए कि पुलिस ने जांच पूरी किए बिना चार्जशीट दायर की। ज्योति को तुरंत प्रभाव से रिहा कर दिया जाए- वकील
कुमार मुकेश ने बताया कि कानून के हिसाब में 14 अगस्त को पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ जांच पूरी कर ली थी। अगर 14 अगस्त तक पुलिस जांच पूरी नहीं करती तो 15 अगस्त को ज्योति को रिहा होना था। आज तक मुझे चालान नहीं दिया गया है। आज कोर्ट में मुझे पता लगा कि अभी पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई है। आरोपी पक्ष का अधिकार बनता है कि तुरंत प्रभाव से उसे रिहा कर दिया जाए। इस तरह के मामलों में सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर हैं। अधूरी पुलिस जांच के मामले में आरोपी पक्ष का बेल का अधिकार है। जिसकी कॉपी कोर्ट में जमा कर दी गई है। कोर्ट ने इस मामले को लेकर पुलिस से जवाब मांगा। ज्योति को 15 मई को किया था गिरफ्तार
बता दें कि हिसार पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में 15 मई को गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और गोपनीय जानकारी साझा करने जैसे गंभीर आरोप हैं। पाकिस्तान और चीन की यात्रा से शक के घेरे में आई थी ज्योति
ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में तब आई जब वह पिछले साल 2024 में 2 महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन गई थी। ज्योति मल्होत्रा के यूट्यूब पर अपलोड वीडियो की डेट के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गई थी। 15 मई तक वह पाकिस्तान में ही रही। इसके बाद भारत लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून को वह चीन चली गई। 9 जुलाई तक चीन में रही और फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल में काठमांडू पहुंच गई। इससे पहले वह करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान गई तो वहां पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मिली और उनका इंटरव्यू तक किया।