जम्मू में वैष्णो देवी मंदिर के ट्रैक पर लैंडस्लाइड में जान गंवाने वालों में मंदसौर जिले के दो ग्रामीण भी शामिल हैं। तीन अन्य घायल हैं। हादसे में लापता दो लोग करीब 40 घंटे की सर्चिंग के बाद गुरुवार को सुरक्षित मिल गए हैं। 26 अगस्त को दोपहर 3 बजे हुए अर्धकुमारी मंदिर से कुछ दूर इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुए हादसे में अब तक 34 लोगों की मौतों की पुष्टि हुई है। बता दें कि मंदसौर जिले में मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के भीलखेड़ी गांव से सात श्रद्धालु वैष्णो देवी दर्शन के लिए गए थे। फकीरचंद गुर्जर (50), उनकी पत्नी सोहन बाई (47), रतन बाई (65), देवीलाल (45), ममता (30), परमानंद (29) और अर्जुन (28) 23 अगस्त को पिपलिया मंडी रेलवे स्टेशन से ट्रेन द्वारा जम्मू निकले थे। इनमें से फकीरचंद और रतन बाई की भूस्खलन में मौत हो गई है। सोहन बाई, देवीलाल और ममता घायल हैं। कटरा के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। परमानंद और अर्जुन लापता थे, जो गुरुवार सुबह मिल गए। डिप्टी सीएम देवड़ा ने की थी जम्मू-कश्मीर प्रशासन से चर्चा
हादसे के बाद मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने जम्मू कश्मीर प्रशासन से चर्चा की थी। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया ‘X’ पर लिखा था- मंदसौर के दाे यात्रियों की दुखद मृत्यु का समाचार प्राप्त हुआ है। तीन यात्री घायल हैं। घटना को लेकर मंदसौर कलेक्टर एवं जम्मू कश्मीर प्रशासन से चर्चा हुई है। हम हरसंभव मदद के लिए तत्पर हैं। मैप से समझिए हादसा कहां हुआ… लैंडस्लाइड के बाद के हालात की 4 तस्वीरें… ये खबर भी पढ़ें… हिमाचल में 15 दिन से फंसे सतना के फल व्यापारी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में सतना के तीन फल व्यापारी पिछले 15 दिन से फंसे हुए हैं। कुल्लू में भारी बारिश और भूस्खलन की स्थिति है। फल व्यापारी प्रिंस गुप्ता, रोहित गुप्ता और जीतू 13 अगस्त को सेब खरीदने पतलीकूहल फल मंडी गए थे। कुछ दिनों बाद उन्हें बादल फटने और भूस्खलन की खबर मिली। जिसकी वजह से वे वहां से निकल नहीं सके। पढ़ें पूरी खबर…
जम्मू में वैष्णो देवी मंदिर के ट्रैक पर लैंडस्लाइड में जान गंवाने वालों में मंदसौर जिले के दो ग्रामीण भी शामिल हैं। तीन अन्य घायल हैं। हादसे में लापता दो लोग करीब 40 घंटे की सर्चिंग के बाद गुरुवार को सुरक्षित मिल गए हैं। 26 अगस्त को दोपहर 3 बजे हुए अर्धकुमारी मंदिर से कुछ दूर इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुए हादसे में अब तक 34 लोगों की मौतों की पुष्टि हुई है। बता दें कि मंदसौर जिले में मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के भीलखेड़ी गांव से सात श्रद्धालु वैष्णो देवी दर्शन के लिए गए थे। फकीरचंद गुर्जर (50), उनकी पत्नी सोहन बाई (47), रतन बाई (65), देवीलाल (45), ममता (30), परमानंद (29) और अर्जुन (28) 23 अगस्त को पिपलिया मंडी रेलवे स्टेशन से ट्रेन द्वारा जम्मू निकले थे। इनमें से फकीरचंद और रतन बाई की भूस्खलन में मौत हो गई है। सोहन बाई, देवीलाल और ममता घायल हैं। कटरा के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। परमानंद और अर्जुन लापता थे, जो गुरुवार सुबह मिल गए। डिप्टी सीएम देवड़ा ने की थी जम्मू-कश्मीर प्रशासन से चर्चा
हादसे के बाद मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने जम्मू कश्मीर प्रशासन से चर्चा की थी। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया ‘X’ पर लिखा था- मंदसौर के दाे यात्रियों की दुखद मृत्यु का समाचार प्राप्त हुआ है। तीन यात्री घायल हैं। घटना को लेकर मंदसौर कलेक्टर एवं जम्मू कश्मीर प्रशासन से चर्चा हुई है। हम हरसंभव मदद के लिए तत्पर हैं। मैप से समझिए हादसा कहां हुआ… लैंडस्लाइड के बाद के हालात की 4 तस्वीरें… ये खबर भी पढ़ें… हिमाचल में 15 दिन से फंसे सतना के फल व्यापारी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में सतना के तीन फल व्यापारी पिछले 15 दिन से फंसे हुए हैं। कुल्लू में भारी बारिश और भूस्खलन की स्थिति है। फल व्यापारी प्रिंस गुप्ता, रोहित गुप्ता और जीतू 13 अगस्त को सेब खरीदने पतलीकूहल फल मंडी गए थे। कुछ दिनों बाद उन्हें बादल फटने और भूस्खलन की खबर मिली। जिसकी वजह से वे वहां से निकल नहीं सके। पढ़ें पूरी खबर…