मुझे HOD रामचंद्र मूर्ति को मारने के लिए प्रो. बूदाटी वैंकटेश लू और प्रोफेसर काशिम बाबू ने वाराणसी फ्लाइट का टिकट देकर बुलाया था। इसके लिए मुझे 2 लाख कैश दिए। मैं होटल में 3 दिन तक रुका। फिर BHU के अंदर गया। इसके बाद रामचंद्र मूर्ति पर लोहे की रॉड से हमला किया। सिर और हाथ पर कई वार किए। वो बेहोश होकर गिए। हमें लगा मर गए। इसके बाद हम लोग भाग गए। ये कबूलनामा है शूटर बी. भास्कर का। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से तेलंगाना के उत्तकूर नारायणपेट से बी. भास्कर व प्रयागराज के उसके साथी प्रमोद कुमार उर्फ गणेश पासी मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। शूटर ने पुलिस पूछताछ में बताया- 25 जुलाई को तेलंगाना से मैं और मेरा दोस्त बनारस एयरपोर्ट पर उतरे। यहां लोकल में प्रमोद कुमार उर्फ गणेश पासी नामक युवक से मुलाकात हुई। इसके बाद उसने गाजीपुर से कुछ लोकल लोगों को बुलाया। फिर प्रोफेसर को खत्म करने के लिए कुछ पैसे में बात तय हुई। 26 और 27 जुलाई को BHU पहुंचकर रेकी की। 28 जुलाई को प्रोफेसर पर हमला किया। कैंपस में पिस्टल और हथियार से दहशत होती, इसलिए उसे रॉड से पीटा। पढ़िए पूरा कबूलनामा… पहले जानिए पूरा मामला… 28 जुलाई को बदमाशों को बाइक दी गई
तेलुगु विभाग के एक प्रोफेसर से विभागाध्यक्ष प्रो सीएस रामचंद्र मूर्ति की कहासुनी हुई थी। विभागाध्यक्ष की कुछ बातों से प्रोफेसर खासा नाराज थे। उन्हें सबक सिखाना चाहते थे। प्रोफेसर ने तेलंगाना निवासी अपने पूर्व शोध छात्र से संपर्क साधा और प्रो. मूर्ति पर हमले की योजना बनाई। पूर्व शोध छात्र ने प्रयागराज में रहने वाले अपने एक मित्र से संपर्क किया और विभागाध्यक्ष को पिटवाने के लिए दो बदमाशों को तलाशने के लिए कहा। 28 जुलाई की शाम BHU कैंपस के बाहर ही 2 बदमाशों को बाइक दी गई थी। बाइक सवार बदमाश बिरला हॉस्टल चौराहे के पास जाकर खड़े हो गए। इसी बीच विभागाध्यक्ष प्रो. रामचंद्र मूर्ति वहां पहुंचे। बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। स्टील की रॉड से तेलुगु विभागाध्यक्ष प्रो. सी.एस. रामचंद्र मूर्ति की बेरहमी से पिटाई की। बदमाश हाईवे से होकर भाग निकले। हमले में प्रोफेसर के दोनों हाथ में मल्टीपल फ्रैक्चर हो गए। उस समय प्रोफेसर अपनी बाइक से शाम 6:30 बजे बृज एन्क्लेव कॉलोनी स्थित अपने घर जा रहे थे। लोगों ने प्रोफेसर को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चला। दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए 3 टीमें बनाई गई थीं। अब पढ़िए शूटर ने पुलिस को क्या बताया… मई में 7 दिन के लिए आया था बी भास्कर
बी. भास्कर ने बताया- मैं 2016 में BHU के तेलुगु विभाग में तैनात प्रो. बूदाटी वेंकटेश लू के संपर्क में आया था। उस समय मैंने अपना दाखिला आन्ध्र प्रदेश सेन्ट्रल विश्व विश्वविद्यालय में कराया था। जहां प्रोफेसर वेंकटेश पढ़ा रहे थे। वहां से एक साल बाद वह BHU आ गए। मैं 2016 से 2018 तक आन्ध्र विश्वविद्यालय में पीजी में पढ़ता रहा। तेलंगाना से लगातार प्रोफेसर के संपर्क में रहता था। बीच में उन्हें HOD का चार्ज मिला तो बधाई भी दी। मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं, इसलिए कई बार उनके काम में इनकार नहीं करता। प्रो. बूदाटी वेंकटेश लू ने मई में फोन करके बनारस बुलाया। मैं करीब एक सप्ताह उनके पास रुका था। उनके करीबी एक असिस्टेंट प्रोफेसर कासिम बाबू से मुलाकात हुई जो कि मैसूर विश्वविद्यालय में कार्यरत थे। बनारस में आने का प्रयास कर रहे थे। वेंकटेश और कासिम बोले- रामचंद्र को खत्म कर दो
शूटर ने बताया- कासिम बाबू और प्रो. वेंकटेश ने मुझे फोन कर बताया कि प्रो. सीएस रामचन्द्र मूर्ति ने उन्हें पद से हटवाया है। उनकी शिकायत की। इसलिए कार्यमुक्त कर दिया गया। प्रो. सीएस रामचन्द्र मूर्ति खुद HOD बन गए। अब अपनी मनमानी तरीके से विभाग में काम करवा रहे हैं। वेंकटेश ने मुझसे कहा- अपमान का बदला लिया जाएगा। प्रोफेसर रामचंद्र मूर्ति को सबक सिखाया जाएगा। बातचीत के दौरान तय हुआ था कि इसके लिए हम तेलंगाना और गैर जनपद के लोगों को बुलाएंगे ताकि किसी को शक न हो और कोई पकड़ न सके। इसके बाद कासिम बाबू और प्रो. वेंकटेश ने कई बार मुझे फोन किया। कहा- प्रो. रामचन्द्र मूर्ति को खत्म करके रास्ते से हटा दो। हम लोग 25 अगस्त को फ्लाइट से निकले थे
मैंने तेलंगाना में मकलल के रहने वाले दोस्त को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद हम दोनों ने 25 अगस्त को प्रोफेसर को जान से मारने के लिए तेलंगाना से फ्लाइट पकड़ी। बनारस एयरपोर्ट पहुंचकर हम दोनों एक होटल में पहुंचे। होटल के एक रूम में एक साथ रुके। यहां लोकल में प्रमोद कुमार उर्फ गणेश पासी नामक युवक से मुलाकात हुई। इसके बाद उसने गाजीपुर से कुछ लोकल लोगों को बुलाया। जिन्हें मैं पहचानता नहीं था। जिसे कासिम और गणेश जानते थे। इसके बाद प्रोफेसर को खत्म करने के लिए 2 लाख रुपए की रकम तय हुई। 26 और 27 जुलाई को बीएचयू पहुंचकर रेकी की। 28 जुलाई को लोहे की रॉड से हमला कर दिया। प्रो. राममूर्ति को जान से मारने के लिए हम लोगों ने हमला किया था। मगर वो बच गया। BHU गेट पर प्रोफेसरों ने दिया था धरना
29 जुलाई को प्रो. सीएस रामचंद्र मूर्ति पर हमले के विरोध में प्रदर्शन भी हुआ था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सिंह द्वार को ब्लॉक कर दिया गया था। धरना-प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो प्रोफेसरों की पुलिस से भी बहस हुई थी। ACP समेत पुलिस अफसरों ने छात्रों और प्रोफेसरों को समझाकर शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया था। ————————— ये खबर भी पढ़िए…. वाराणसी में मां ने प्रेमी से बेटे का मर्डर करवाया; दोनों को आपत्तिजनक हालात में देख लिया था वाराणसी में मां ने अपने बॉयफ्रेंड से 10 साल के बेटे की हत्या करवा दी। अपहरण दिखाने के लिए रामनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। मंगलवार देर रात पुलिस ने झाड़ी से बच्चे का शव बरामद किया। बेटे का शव देखकर मां टूट गई, रोते हुए प्रेमी का नाम लेकर चिल्लाने लगी। इसके बाद पूरा मामला खुल गया। घटना रामनगर थाना क्षेत्र के मच्छरहट्टा इलाके की है। पढ़िए पूरी खबर
मुझे HOD रामचंद्र मूर्ति को मारने के लिए प्रो. बूदाटी वैंकटेश लू और प्रोफेसर काशिम बाबू ने वाराणसी फ्लाइट का टिकट देकर बुलाया था। इसके लिए मुझे 2 लाख कैश दिए। मैं होटल में 3 दिन तक रुका। फिर BHU के अंदर गया। इसके बाद रामचंद्र मूर्ति पर लोहे की रॉड से हमला किया। सिर और हाथ पर कई वार किए। वो बेहोश होकर गिए। हमें लगा मर गए। इसके बाद हम लोग भाग गए। ये कबूलनामा है शूटर बी. भास्कर का। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से तेलंगाना के उत्तकूर नारायणपेट से बी. भास्कर व प्रयागराज के उसके साथी प्रमोद कुमार उर्फ गणेश पासी मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। शूटर ने पुलिस पूछताछ में बताया- 25 जुलाई को तेलंगाना से मैं और मेरा दोस्त बनारस एयरपोर्ट पर उतरे। यहां लोकल में प्रमोद कुमार उर्फ गणेश पासी नामक युवक से मुलाकात हुई। इसके बाद उसने गाजीपुर से कुछ लोकल लोगों को बुलाया। फिर प्रोफेसर को खत्म करने के लिए कुछ पैसे में बात तय हुई। 26 और 27 जुलाई को BHU पहुंचकर रेकी की। 28 जुलाई को प्रोफेसर पर हमला किया। कैंपस में पिस्टल और हथियार से दहशत होती, इसलिए उसे रॉड से पीटा। पढ़िए पूरा कबूलनामा… पहले जानिए पूरा मामला… 28 जुलाई को बदमाशों को बाइक दी गई
तेलुगु विभाग के एक प्रोफेसर से विभागाध्यक्ष प्रो सीएस रामचंद्र मूर्ति की कहासुनी हुई थी। विभागाध्यक्ष की कुछ बातों से प्रोफेसर खासा नाराज थे। उन्हें सबक सिखाना चाहते थे। प्रोफेसर ने तेलंगाना निवासी अपने पूर्व शोध छात्र से संपर्क साधा और प्रो. मूर्ति पर हमले की योजना बनाई। पूर्व शोध छात्र ने प्रयागराज में रहने वाले अपने एक मित्र से संपर्क किया और विभागाध्यक्ष को पिटवाने के लिए दो बदमाशों को तलाशने के लिए कहा। 28 जुलाई की शाम BHU कैंपस के बाहर ही 2 बदमाशों को बाइक दी गई थी। बाइक सवार बदमाश बिरला हॉस्टल चौराहे के पास जाकर खड़े हो गए। इसी बीच विभागाध्यक्ष प्रो. रामचंद्र मूर्ति वहां पहुंचे। बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। स्टील की रॉड से तेलुगु विभागाध्यक्ष प्रो. सी.एस. रामचंद्र मूर्ति की बेरहमी से पिटाई की। बदमाश हाईवे से होकर भाग निकले। हमले में प्रोफेसर के दोनों हाथ में मल्टीपल फ्रैक्चर हो गए। उस समय प्रोफेसर अपनी बाइक से शाम 6:30 बजे बृज एन्क्लेव कॉलोनी स्थित अपने घर जा रहे थे। लोगों ने प्रोफेसर को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चला। दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए 3 टीमें बनाई गई थीं। अब पढ़िए शूटर ने पुलिस को क्या बताया… मई में 7 दिन के लिए आया था बी भास्कर
बी. भास्कर ने बताया- मैं 2016 में BHU के तेलुगु विभाग में तैनात प्रो. बूदाटी वेंकटेश लू के संपर्क में आया था। उस समय मैंने अपना दाखिला आन्ध्र प्रदेश सेन्ट्रल विश्व विश्वविद्यालय में कराया था। जहां प्रोफेसर वेंकटेश पढ़ा रहे थे। वहां से एक साल बाद वह BHU आ गए। मैं 2016 से 2018 तक आन्ध्र विश्वविद्यालय में पीजी में पढ़ता रहा। तेलंगाना से लगातार प्रोफेसर के संपर्क में रहता था। बीच में उन्हें HOD का चार्ज मिला तो बधाई भी दी। मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं, इसलिए कई बार उनके काम में इनकार नहीं करता। प्रो. बूदाटी वेंकटेश लू ने मई में फोन करके बनारस बुलाया। मैं करीब एक सप्ताह उनके पास रुका था। उनके करीबी एक असिस्टेंट प्रोफेसर कासिम बाबू से मुलाकात हुई जो कि मैसूर विश्वविद्यालय में कार्यरत थे। बनारस में आने का प्रयास कर रहे थे। वेंकटेश और कासिम बोले- रामचंद्र को खत्म कर दो
शूटर ने बताया- कासिम बाबू और प्रो. वेंकटेश ने मुझे फोन कर बताया कि प्रो. सीएस रामचन्द्र मूर्ति ने उन्हें पद से हटवाया है। उनकी शिकायत की। इसलिए कार्यमुक्त कर दिया गया। प्रो. सीएस रामचन्द्र मूर्ति खुद HOD बन गए। अब अपनी मनमानी तरीके से विभाग में काम करवा रहे हैं। वेंकटेश ने मुझसे कहा- अपमान का बदला लिया जाएगा। प्रोफेसर रामचंद्र मूर्ति को सबक सिखाया जाएगा। बातचीत के दौरान तय हुआ था कि इसके लिए हम तेलंगाना और गैर जनपद के लोगों को बुलाएंगे ताकि किसी को शक न हो और कोई पकड़ न सके। इसके बाद कासिम बाबू और प्रो. वेंकटेश ने कई बार मुझे फोन किया। कहा- प्रो. रामचन्द्र मूर्ति को खत्म करके रास्ते से हटा दो। हम लोग 25 अगस्त को फ्लाइट से निकले थे
मैंने तेलंगाना में मकलल के रहने वाले दोस्त को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद हम दोनों ने 25 अगस्त को प्रोफेसर को जान से मारने के लिए तेलंगाना से फ्लाइट पकड़ी। बनारस एयरपोर्ट पहुंचकर हम दोनों एक होटल में पहुंचे। होटल के एक रूम में एक साथ रुके। यहां लोकल में प्रमोद कुमार उर्फ गणेश पासी नामक युवक से मुलाकात हुई। इसके बाद उसने गाजीपुर से कुछ लोकल लोगों को बुलाया। जिन्हें मैं पहचानता नहीं था। जिसे कासिम और गणेश जानते थे। इसके बाद प्रोफेसर को खत्म करने के लिए 2 लाख रुपए की रकम तय हुई। 26 और 27 जुलाई को बीएचयू पहुंचकर रेकी की। 28 जुलाई को लोहे की रॉड से हमला कर दिया। प्रो. राममूर्ति को जान से मारने के लिए हम लोगों ने हमला किया था। मगर वो बच गया। BHU गेट पर प्रोफेसरों ने दिया था धरना
29 जुलाई को प्रो. सीएस रामचंद्र मूर्ति पर हमले के विरोध में प्रदर्शन भी हुआ था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सिंह द्वार को ब्लॉक कर दिया गया था। धरना-प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो प्रोफेसरों की पुलिस से भी बहस हुई थी। ACP समेत पुलिस अफसरों ने छात्रों और प्रोफेसरों को समझाकर शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया था। ————————— ये खबर भी पढ़िए…. वाराणसी में मां ने प्रेमी से बेटे का मर्डर करवाया; दोनों को आपत्तिजनक हालात में देख लिया था वाराणसी में मां ने अपने बॉयफ्रेंड से 10 साल के बेटे की हत्या करवा दी। अपहरण दिखाने के लिए रामनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। मंगलवार देर रात पुलिस ने झाड़ी से बच्चे का शव बरामद किया। बेटे का शव देखकर मां टूट गई, रोते हुए प्रेमी का नाम लेकर चिल्लाने लगी। इसके बाद पूरा मामला खुल गया। घटना रामनगर थाना क्षेत्र के मच्छरहट्टा इलाके की है। पढ़िए पूरी खबर