हरियाणा के यमुनानगर में 15 फीट लंबा 45 किलो का अजगर पहुंचने से हड़कंप मच गया। बाढ़ के पानी के साथ कलेसर नेशनल पार्क से बहकर यह चिक्कन-शहजादवाला गांव के आबादी क्षेत्र में पहुंच गया। ग्रामीण खेत में गए तो अजगर फुंफकारने लगा। यह देख ग्रामीणों ने अजगर देखकर शोर-शराबा कर दिया और अजगर की तरफ कंकड़-पत्थर फेंकने लगे। जिससे अजगर पॉपुलर के पेड़ पर चढ़ गया। बाद में वन विभाग की टीम ने भारी भरकम अजगर को रेस्क्यू कर कलेसर नेशनल पार्क के घने जंगल के बीच छोड़ दिया। कलेसर नेशनल पार्क से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर चिक्कन गांव है। गांव के पास से ही बरसाती नदी बहती है। जिस खेत में अजगर दिखा वो आबादी क्षेत्र से 300-400 मीटर दूर ही है। ग्रामीणों ने बताया कि इतना बड़ा और भारी-भरकम अजगर पहले नहीं देखा। जानिए कैसे एक घंटा चला अजगर का रेस्क्यू ऑपरेशन…. आमतौर पर सुस्त रहते हैं और शिकार पास आने का करते हैं इंतजार
हरियाणा के यमुनानगर में 15 फीट लंबा 45 किलो का अजगर पहुंचने से हड़कंप मच गया। बाढ़ के पानी के साथ कलेसर नेशनल पार्क से बहकर यह चिक्कन-शहजादवाला गांव के आबादी क्षेत्र में पहुंच गया। ग्रामीण खेत में गए तो अजगर फुंफकारने लगा। यह देख ग्रामीणों ने अजगर देखकर शोर-शराबा कर दिया और अजगर की तरफ कंकड़-पत्थर फेंकने लगे। जिससे अजगर पॉपुलर के पेड़ पर चढ़ गया। बाद में वन विभाग की टीम ने भारी भरकम अजगर को रेस्क्यू कर कलेसर नेशनल पार्क के घने जंगल के बीच छोड़ दिया। कलेसर नेशनल पार्क से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर चिक्कन गांव है। गांव के पास से ही बरसाती नदी बहती है। जिस खेत में अजगर दिखा वो आबादी क्षेत्र से 300-400 मीटर दूर ही है। ग्रामीणों ने बताया कि इतना बड़ा और भारी-भरकम अजगर पहले नहीं देखा। जानिए कैसे एक घंटा चला अजगर का रेस्क्यू ऑपरेशन…. आमतौर पर सुस्त रहते हैं और शिकार पास आने का करते हैं इंतजार