अहमदाबाद से लंदन जा रहे एअर इंडिया प्लेन क्रैश में मारे गए 52 ब्रिटिश नागरिकों के परिजन शवों की पहचान को लेकर गंभीर चिंता जता रहे हैं। ब्रिटेन की लीगल फर्म की स्टोन लॉ के मुताबिक, भारत से भेजे गए 12 शवों में से दो की पहचान गलत पाई गई। इस हिसाब से 40 शवों की पहचान पर संदेह जताया जा रहा है, जबकि कई शवों का अंतिम संस्कार भी हो चुका है। ब्रिटिश वकील जेम्स हीली-प्रैट ने भारत की जांच एजेंसी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो (AAIB) से अपील की है कि वे कॉकपिट रिकॉर्डिंग और फ्यूल-कटऑफ जैसे अहम सबूत परिवारों को दें। ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर और PM नरेंद्र मोदी के बीच इस मुद्दे पर हाल में हुई चर्चा के बाद DNA की प्रक्रिया में तेजी आई है। कुछ शवों के DNA से मेल खाने की पुष्टि जल्द होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, टाटा समूह द्वारा ₹500 करोड़ के मुआवजे की योजना पर भी परिजन स्पष्टता की मांग कर रहे हैं, क्योंकि भारत, इंग्लैंड और अमेरिका में कानूनी कार्यवाही में समय लगता है। परिजन ने जांच में पारदर्शिता की भी मांग की है। अहमदाबाद में 12 जून को एअर इंडिया का प्लेन क्रैश हुआ था। हादसे में 270 लोगों की जान गई थी। विमान में 242 लोग सवार थे। जिस मेडिकल हॉस्टल पर विमान गिरा था, वहां 29 लोगों की जान गई थी। जांच में ह्यूमन फैक्टर स्पेशलिस्ट भी शामिल केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने 31 जुलाई को संसद में बताया कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच में ह्यूमन फैक्टर स्पेशलिस्ट्स को भी शामिल किया गया है। ये दुर्घटनाओं और अन्य सुरक्षा संबंधी घटनाओं के कारणों का एनालिसिस करते हैं और उन्हें रोकने के लिए डिजाइन में बदलाव का सुझाव देते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जांच में सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। यह फैसला इसलिए अहम है, क्योंकि अमेरिकी मीडिया हाउस, वॉल स्ट्रीट जनरल ने 17 जुलाई को पब्लिश रिपोर्ट में आशंका जताई थी कि विमान के पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल ने दोनों इंजनों में फ्यूल सप्लाई रोकी थी। हालांकि, भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और अमेरिका के नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने रिपोर्ट को गलत बताया था। AAIB ने कहा था कि अभी जांच चल रही है और किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा। ————————————— मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… भास्कर एक्सक्लूसिव- फ्यूल में गड़बड़ी या दोनों इंजन फेल: क्या पायलट ने गलत इंजन बंद किया, 4 केस स्टडी से समझिए हादसे की थ्योरी अहमदाबाद से 12 जून को लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ने के तुरंत बाद एक हॉस्टल के ऊपर क्रैश हो गई। कुल 260 लोग मारे गए। इनमें 230 पैसेंजर और 12 क्रू मेंबर्स शामिल हैं। टेकऑफ के दो मिनट बाद ही जिस तरह प्लेन गिरा, उसकी वजह समझने के लिए दैनिक भास्कर ने बड़े विमान हादसों की पड़ताल की। इनकी जांच रिपोर्ट पढ़ी। पूरी खबर पढ़ें… अहमदाबाद विमान हादसे की जांच में 6 ब्लाइंड स्पॉट्स, पायलटों की आखिरी बातचीत की टाइमिंग बदल सकती है थ्योरी अहमदाबाद में 12 जून को टेकऑफ के महज 32 सेकेंड के भीतर क्रैश हुई एअर इंडिया की फ्लाइट बोइंग AI-171 की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भले सार्वजनिक हो चुकी हो, लेकिन इसके नतीजों ने कई तीखे सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में विमानन दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) अपनी अंतिम रिपोर्ट को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
अहमदाबाद से लंदन जा रहे एअर इंडिया प्लेन क्रैश में मारे गए 52 ब्रिटिश नागरिकों के परिजन शवों की पहचान को लेकर गंभीर चिंता जता रहे हैं। ब्रिटेन की लीगल फर्म की स्टोन लॉ के मुताबिक, भारत से भेजे गए 12 शवों में से दो की पहचान गलत पाई गई। इस हिसाब से 40 शवों की पहचान पर संदेह जताया जा रहा है, जबकि कई शवों का अंतिम संस्कार भी हो चुका है। ब्रिटिश वकील जेम्स हीली-प्रैट ने भारत की जांच एजेंसी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो (AAIB) से अपील की है कि वे कॉकपिट रिकॉर्डिंग और फ्यूल-कटऑफ जैसे अहम सबूत परिवारों को दें। ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर और PM नरेंद्र मोदी के बीच इस मुद्दे पर हाल में हुई चर्चा के बाद DNA की प्रक्रिया में तेजी आई है। कुछ शवों के DNA से मेल खाने की पुष्टि जल्द होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, टाटा समूह द्वारा ₹500 करोड़ के मुआवजे की योजना पर भी परिजन स्पष्टता की मांग कर रहे हैं, क्योंकि भारत, इंग्लैंड और अमेरिका में कानूनी कार्यवाही में समय लगता है। परिजन ने जांच में पारदर्शिता की भी मांग की है। अहमदाबाद में 12 जून को एअर इंडिया का प्लेन क्रैश हुआ था। हादसे में 270 लोगों की जान गई थी। विमान में 242 लोग सवार थे। जिस मेडिकल हॉस्टल पर विमान गिरा था, वहां 29 लोगों की जान गई थी। जांच में ह्यूमन फैक्टर स्पेशलिस्ट भी शामिल केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने 31 जुलाई को संसद में बताया कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच में ह्यूमन फैक्टर स्पेशलिस्ट्स को भी शामिल किया गया है। ये दुर्घटनाओं और अन्य सुरक्षा संबंधी घटनाओं के कारणों का एनालिसिस करते हैं और उन्हें रोकने के लिए डिजाइन में बदलाव का सुझाव देते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जांच में सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। यह फैसला इसलिए अहम है, क्योंकि अमेरिकी मीडिया हाउस, वॉल स्ट्रीट जनरल ने 17 जुलाई को पब्लिश रिपोर्ट में आशंका जताई थी कि विमान के पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल ने दोनों इंजनों में फ्यूल सप्लाई रोकी थी। हालांकि, भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और अमेरिका के नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने रिपोर्ट को गलत बताया था। AAIB ने कहा था कि अभी जांच चल रही है और किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा। ————————————— मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… भास्कर एक्सक्लूसिव- फ्यूल में गड़बड़ी या दोनों इंजन फेल: क्या पायलट ने गलत इंजन बंद किया, 4 केस स्टडी से समझिए हादसे की थ्योरी अहमदाबाद से 12 जून को लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ने के तुरंत बाद एक हॉस्टल के ऊपर क्रैश हो गई। कुल 260 लोग मारे गए। इनमें 230 पैसेंजर और 12 क्रू मेंबर्स शामिल हैं। टेकऑफ के दो मिनट बाद ही जिस तरह प्लेन गिरा, उसकी वजह समझने के लिए दैनिक भास्कर ने बड़े विमान हादसों की पड़ताल की। इनकी जांच रिपोर्ट पढ़ी। पूरी खबर पढ़ें… अहमदाबाद विमान हादसे की जांच में 6 ब्लाइंड स्पॉट्स, पायलटों की आखिरी बातचीत की टाइमिंग बदल सकती है थ्योरी अहमदाबाद में 12 जून को टेकऑफ के महज 32 सेकेंड के भीतर क्रैश हुई एअर इंडिया की फ्लाइट बोइंग AI-171 की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भले सार्वजनिक हो चुकी हो, लेकिन इसके नतीजों ने कई तीखे सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में विमानन दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) अपनी अंतिम रिपोर्ट को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। पूरी खबर पढ़ें…