पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कांग्रेस सांसदों ने आज गुरुवार दिल्ली में संसद भवन परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध हाल ही में गोल्डन टेंपल को धमकियां दी जाने वाली धमकियों को लेकर था। सांसदों ने इस दौरान अज्ञात आरोपियों को पकड़ने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ये प्रोटेस्ट किया। सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार से जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की। कांग्रेस के सांसद और पीपीसीसी प्रधान अमरिंदर सिंह राजावडिंग, सुखजिंदर रंधावा, कुमारी शैलजा, धर्मवीर गांधी, शेर सिंह घुबाया, मनीष तिवारी और गुरजीत औजला ने एकजुट होकर भाग लिया। सभी नेताओं ने इस मुद्दे पर एक सुर में कहा कि गोल्डन टेंपल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था और पहचान का प्रतीक है, और इसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केवल धार्मिक नहीं, देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला सांसदों का कहना था कि यह केवल धार्मिक भावनाओं का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से अपील की कि वह मामले में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करे, ताकि समाज में असुरक्षा और आक्रोश की भावना को रोका जा सके। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे संसद के भीतर और बाहर अपना विरोध और तेज करेंगे। उन्होंने यह भी मांग की है कि केंद्र सरकार धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट नीति बनाए। अभी तक नहीं हुई आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एक संदिग्ध को सिर्फ जांच में शामिल किया गया है। सीएम भगवंत मान ने भी स्पष्ट किया कि पता कर रहे हैं कि कहां से मेल आई हैं। सारे आईपी एड्रेस मिल चुके हैं। इस स्थान की सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकते हैं। आरोपियों के काफी नजदीक पहुंच गए हैं। इससे ज्यादा नहीं बता सकता हूं। तकरीबन 10 ईमेल मिल चुकी वहीं, एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि ये सिलसिला 14 जुलाई से शुरू हुआ। तकरीबन 10 ई-मेल एसजीपीसी को मिली। सीएम भगवंत मान से इसे लेकर बातचीत हुई है। एसजीपीसी सरकार का पूरा सहयोग कर रही है। सीएम मान ने भी आश्वासन दिया है कि जब भी इस मामले में प्रोग्रेस होगी, तुरंत एसजीपीसी को भी सूचित किया जाएगा। चार पॉइंट्स में समझें पुलिस जांच में अभी तक क्या हुआ
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कांग्रेस सांसदों ने आज गुरुवार दिल्ली में संसद भवन परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध हाल ही में गोल्डन टेंपल को धमकियां दी जाने वाली धमकियों को लेकर था। सांसदों ने इस दौरान अज्ञात आरोपियों को पकड़ने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ये प्रोटेस्ट किया। सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार से जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की। कांग्रेस के सांसद और पीपीसीसी प्रधान अमरिंदर सिंह राजावडिंग, सुखजिंदर रंधावा, कुमारी शैलजा, धर्मवीर गांधी, शेर सिंह घुबाया, मनीष तिवारी और गुरजीत औजला ने एकजुट होकर भाग लिया। सभी नेताओं ने इस मुद्दे पर एक सुर में कहा कि गोल्डन टेंपल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था और पहचान का प्रतीक है, और इसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केवल धार्मिक नहीं, देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला सांसदों का कहना था कि यह केवल धार्मिक भावनाओं का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से अपील की कि वह मामले में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करे, ताकि समाज में असुरक्षा और आक्रोश की भावना को रोका जा सके। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे संसद के भीतर और बाहर अपना विरोध और तेज करेंगे। उन्होंने यह भी मांग की है कि केंद्र सरकार धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट नीति बनाए। अभी तक नहीं हुई आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एक संदिग्ध को सिर्फ जांच में शामिल किया गया है। सीएम भगवंत मान ने भी स्पष्ट किया कि पता कर रहे हैं कि कहां से मेल आई हैं। सारे आईपी एड्रेस मिल चुके हैं। इस स्थान की सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकते हैं। आरोपियों के काफी नजदीक पहुंच गए हैं। इससे ज्यादा नहीं बता सकता हूं। तकरीबन 10 ईमेल मिल चुकी वहीं, एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि ये सिलसिला 14 जुलाई से शुरू हुआ। तकरीबन 10 ई-मेल एसजीपीसी को मिली। सीएम भगवंत मान से इसे लेकर बातचीत हुई है। एसजीपीसी सरकार का पूरा सहयोग कर रही है। सीएम मान ने भी आश्वासन दिया है कि जब भी इस मामले में प्रोग्रेस होगी, तुरंत एसजीपीसी को भी सूचित किया जाएगा। चार पॉइंट्स में समझें पुलिस जांच में अभी तक क्या हुआ