NEET-UG 2025 की 4 मई को हुई परीक्षा में बिजली कटौती का शिकार हुए स्टूडेंट्स को सुप्रीम कोर्ट ने काउंसलिंग में शामिल होने की अस्थायी अनुमति देने से इनकार कर दिया है। बुधवार (23 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस पीएस नरसिम्हा और एएस चंदुरकर की बेंच ने याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता स्टूडेंट नव्या नायक और एस साई प्रिया के वकील ने कहा कि काउंसलिंग के लिए एक अधिसूचना जारी की गई है। इसमें बिजली कटौती प्रभावित स्टूडेंट्स को भी भाग लेने के लिए अस्थायी अनुमति मिलनी चाहिए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। याचिका पर अब शुक्रवार को सुनवाई होगी। साथ ही 51 अन्य स्टूडेंट्स की याचिका पर भी इसी दिन सुनवाई होगी। HC के फैसले को छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी
NEET UG के एग्जाम के दौरान बिजली गुल होने के मामले में 14 जुलाई को एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 75 से ज्यादा प्रभावित स्टूडेंट्स की दोबारा परीक्षा कराने संबंधी याचिकाएं खारिज कर दीं थी। हाईकोर्ट ने परीक्षा कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA की रिट अपील मंजूर करते हुए अपना फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट द्वारा NTA की रिट अपील मंजूर करने के बाद उसी दिन शाम को ऑर्डर वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया था। इसके बाद शाम 6 बजे NTA ने उन 75 स्टूडेंट्स, जिनके रिजल्ट पर स्टे था, उसे घोषित कर दिया। इसकी सूचना हर स्टूडेंट को उनके मेल पर दी गई। 16 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट उन उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हुआ, जो परीक्षा में शामिल हुए थे और कुछ केंद्रों में जिन्हें बिजली कटौती का सामना करना पड़ा था। दोबारा परीक्षा की अनुमति नहीं, लाखों प्रभावित होंगे
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दोनों याचिकाओं में से एक में दोबारा परीक्षा कराने की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे परीक्षा देने वाले लाखों छात्र प्रभावित होंगे। यह खबर भी पढ़ें…
एमपी के 75 छात्रों के लिए दोबारा होगी NEET-UG परीक्षा इंदौर के 75 स्टूडेंट के लिए दोबारा NEET-UG की परीक्षा कराई जाएगी। इंदौर हाईकोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को दोबारा परीक्षा कराने और जल्द रिजल्ट जारी करने के आदेश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
NEET-UG 2025 की 4 मई को हुई परीक्षा में बिजली कटौती का शिकार हुए स्टूडेंट्स को सुप्रीम कोर्ट ने काउंसलिंग में शामिल होने की अस्थायी अनुमति देने से इनकार कर दिया है। बुधवार (23 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस पीएस नरसिम्हा और एएस चंदुरकर की बेंच ने याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता स्टूडेंट नव्या नायक और एस साई प्रिया के वकील ने कहा कि काउंसलिंग के लिए एक अधिसूचना जारी की गई है। इसमें बिजली कटौती प्रभावित स्टूडेंट्स को भी भाग लेने के लिए अस्थायी अनुमति मिलनी चाहिए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। याचिका पर अब शुक्रवार को सुनवाई होगी। साथ ही 51 अन्य स्टूडेंट्स की याचिका पर भी इसी दिन सुनवाई होगी। HC के फैसले को छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी
NEET UG के एग्जाम के दौरान बिजली गुल होने के मामले में 14 जुलाई को एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 75 से ज्यादा प्रभावित स्टूडेंट्स की दोबारा परीक्षा कराने संबंधी याचिकाएं खारिज कर दीं थी। हाईकोर्ट ने परीक्षा कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA की रिट अपील मंजूर करते हुए अपना फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट द्वारा NTA की रिट अपील मंजूर करने के बाद उसी दिन शाम को ऑर्डर वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया था। इसके बाद शाम 6 बजे NTA ने उन 75 स्टूडेंट्स, जिनके रिजल्ट पर स्टे था, उसे घोषित कर दिया। इसकी सूचना हर स्टूडेंट को उनके मेल पर दी गई। 16 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट उन उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हुआ, जो परीक्षा में शामिल हुए थे और कुछ केंद्रों में जिन्हें बिजली कटौती का सामना करना पड़ा था। दोबारा परीक्षा की अनुमति नहीं, लाखों प्रभावित होंगे
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दोनों याचिकाओं में से एक में दोबारा परीक्षा कराने की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे परीक्षा देने वाले लाखों छात्र प्रभावित होंगे। यह खबर भी पढ़ें…
एमपी के 75 छात्रों के लिए दोबारा होगी NEET-UG परीक्षा इंदौर के 75 स्टूडेंट के लिए दोबारा NEET-UG की परीक्षा कराई जाएगी। इंदौर हाईकोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को दोबारा परीक्षा कराने और जल्द रिजल्ट जारी करने के आदेश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…