अहमदाबाद प्लेन क्रैश मामले में एअर इंडिया ने पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कहा गया है कि ड्रीमलाइनर प्लेन सबसे ज्यादा सुरक्षित विमानों से एक हैं। दुनियाभर में इसकी हजार से ज्यादा फ्लाइट्स हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन ने PAC की बैठक के दौरान अपना पक्ष रखते हुए ड्रीमलाइनर पर बयान दिया है। हालांकि, बैठक एयरपोर्ट पर लेवी चार्जेस लगाने पर चर्चा के लिए थी। वहीं, मंगलवार को अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच कर रहे विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय MOCA को अपनी प्राइमरी रिपोर्ट सौंपी। AAIB अमेरिका के राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) के साथ मिलकर काम कर रहा है। 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे। सिर्फ एक यात्री इस हादसे में जिंदा बचा है। एविएशन के सेफ्टी प्रोसीजर पर सवाल रिपोर्ट के मुताबिक, PAC कमेटी में शामिल सांसदों ने सेफ्टी प्रोसिजर पर एविएशन अधिकारियों से जवाब मांगा। BCAS से तत्काल ऑडिट की मांग की। बैठक में DGCA की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। इसके साथ ही हाल के सिक्योरिटी लैप्स पर चिंता जताई। पहलगाम आतंकी हमले के बाद हवाई किराया महंगा होने को कंट्रोलर की विफलता बताया। कमेटी ने अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच के लिए बनाई कमेटी के सिलेक्शन के आधार की भी जानकारी मांगी। सवाल किया कि- विदेशी एविएशन एक्सपर्ट को जांच में शामिल किया गया, क्या उनकी राय ली गई? इस पर एअर इंडिया ने कहा- प्लेन क्रैश को लेकर हम भी चिंता में हैं। फिलहाल ऑफिशियल रिपोर्ट का इंतजार है। ये अधिकारी बैठक में मौजूद रहे मीटिंग में एअर इंडिया CEO विल्सन कैंपबेल, नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MOCA), नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के सीनियर अफसर मौजूद थे। बैठक में एअर इंडिया के अलावा इंडिगो, अकासा एयर समेत दूसरी एयरलाइन्स के सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे। अहमदाबाद विमान हादसे का फोटो-वीडियो इन्वेस्टिगेशन इसी हफ्ते न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने हादसे के फोटो-वीडियो और ऑडियो का विश्लेषण किया था। एविएशन सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट, पूर्व पायलटों, जांचकर्ताओं और ऑडियो एक्सपर्ट की मदद से किया गया, यह एनालिसिस संकेत देता है कि विमान का टेकऑफ नॉर्मल था। विमान में खराबी हवा में शुरू हुई। NYT की रिपोर्ट के मुताबिक टेकऑफ से पहले विमान ने विंग फ्लैप और स्लैट्स को खोला, रनवे की पूरी लंबाई का उपयोग कर जनरल पॉइंट से उड़ान भरी, लेकिन उड़ान के कुछ सेकेंड बाद लैंडिंग गियर पूरी तरह बंद नहीं हो पाया। चार पहलुओं पर NYT की इन्वेस्टिगेशन में क्या संकेत मिले… 1. टेकऑफ: AI 171 ने रनवे के जिस पॉइंट से उड़ान भरी थी, पिछले सात टेकऑफ भी लगभग उसी जगह से हुए थे 2. स्लैट्स,फ्लैप्सः दोनों फैली हुई स्थिति में थे, यानी टेकऑफ की शुरुआत में पायलटों ने कुछ मानक प्रक्रियाएं अपनाईं एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन में दुर्घटना जांचकर्ता रहे शॉन प्रुचनिकी कहते हैं, जलने के निशान दिखाते हैं कि स्लैट्स या तो इम्पैक्ट से पहले या जमीन पर विस्फोट के समय विस्तारित थे। पंखों के पिछले किनारों पर स्थित फ्लैप्स भी तैनात थे, भले वीडियो में स्पष्ट नहीं दिख रहे। बोइंग 787-8 विमानों में जब पायलट फ्लैप्स सक्रिय करते हैं, तो स्लैट्स अपने आप विस्तारित हो जाते हैं। 3. लैंडिंग गियर (यही दिक्कत का पहला संकेत): कॉकपिट से इन्हें समेटने की प्रक्रिया शुरू तो हुई, लेकिन यह पूरी नहीं हो सकी… आपातकालीन पावर जनरेटर सक्रिय हो गया था 4. झटका (यह बेहद असामान्य बात): विमान में झटका या साइड मूवमेंट नहीं दिखा, यानी दोनों इंजन एक साथ खराब हुए… ………………. अहमदाबाद प्लेन क्रैश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. पायलट ने 2000 से ज्यादा जानें बचाईं: कुछ सेकेंड पहले ही डाउन कर दिया था प्लेन, 3 सेकेंड की देरी से बहुत बड़ी तबाही होती अहमदाबाद में 12 जून को एअर इंडिया विमान हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या हजारों में हो सकती थी। हालांकि, कैप्टन सुमीत सभरवाल (56) की सूझबूझ की वजह से कई जानें बच गईं। सूत्रों के अनुसार, कैप्टन सुमीत काे जब ये अहसास हो गया कि वे विमान क्रैश होने से नहीं रोक सकेंगे तो उन्होंने जानबूझकर विमान को ऐसी जगह गिराया जहां नुकसान कम से कम हो। पूरी खबर पढ़ें…
अहमदाबाद प्लेन क्रैश मामले में एअर इंडिया ने पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कहा गया है कि ड्रीमलाइनर प्लेन सबसे ज्यादा सुरक्षित विमानों से एक हैं। दुनियाभर में इसकी हजार से ज्यादा फ्लाइट्स हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन ने PAC की बैठक के दौरान अपना पक्ष रखते हुए ड्रीमलाइनर पर बयान दिया है। हालांकि, बैठक एयरपोर्ट पर लेवी चार्जेस लगाने पर चर्चा के लिए थी। वहीं, मंगलवार को अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच कर रहे विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय MOCA को अपनी प्राइमरी रिपोर्ट सौंपी। AAIB अमेरिका के राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) के साथ मिलकर काम कर रहा है। 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे। सिर्फ एक यात्री इस हादसे में जिंदा बचा है। एविएशन के सेफ्टी प्रोसीजर पर सवाल रिपोर्ट के मुताबिक, PAC कमेटी में शामिल सांसदों ने सेफ्टी प्रोसिजर पर एविएशन अधिकारियों से जवाब मांगा। BCAS से तत्काल ऑडिट की मांग की। बैठक में DGCA की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। इसके साथ ही हाल के सिक्योरिटी लैप्स पर चिंता जताई। पहलगाम आतंकी हमले के बाद हवाई किराया महंगा होने को कंट्रोलर की विफलता बताया। कमेटी ने अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच के लिए बनाई कमेटी के सिलेक्शन के आधार की भी जानकारी मांगी। सवाल किया कि- विदेशी एविएशन एक्सपर्ट को जांच में शामिल किया गया, क्या उनकी राय ली गई? इस पर एअर इंडिया ने कहा- प्लेन क्रैश को लेकर हम भी चिंता में हैं। फिलहाल ऑफिशियल रिपोर्ट का इंतजार है। ये अधिकारी बैठक में मौजूद रहे मीटिंग में एअर इंडिया CEO विल्सन कैंपबेल, नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MOCA), नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के सीनियर अफसर मौजूद थे। बैठक में एअर इंडिया के अलावा इंडिगो, अकासा एयर समेत दूसरी एयरलाइन्स के सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे। अहमदाबाद विमान हादसे का फोटो-वीडियो इन्वेस्टिगेशन इसी हफ्ते न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने हादसे के फोटो-वीडियो और ऑडियो का विश्लेषण किया था। एविएशन सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट, पूर्व पायलटों, जांचकर्ताओं और ऑडियो एक्सपर्ट की मदद से किया गया, यह एनालिसिस संकेत देता है कि विमान का टेकऑफ नॉर्मल था। विमान में खराबी हवा में शुरू हुई। NYT की रिपोर्ट के मुताबिक टेकऑफ से पहले विमान ने विंग फ्लैप और स्लैट्स को खोला, रनवे की पूरी लंबाई का उपयोग कर जनरल पॉइंट से उड़ान भरी, लेकिन उड़ान के कुछ सेकेंड बाद लैंडिंग गियर पूरी तरह बंद नहीं हो पाया। चार पहलुओं पर NYT की इन्वेस्टिगेशन में क्या संकेत मिले… 1. टेकऑफ: AI 171 ने रनवे के जिस पॉइंट से उड़ान भरी थी, पिछले सात टेकऑफ भी लगभग उसी जगह से हुए थे 2. स्लैट्स,फ्लैप्सः दोनों फैली हुई स्थिति में थे, यानी टेकऑफ की शुरुआत में पायलटों ने कुछ मानक प्रक्रियाएं अपनाईं एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन में दुर्घटना जांचकर्ता रहे शॉन प्रुचनिकी कहते हैं, जलने के निशान दिखाते हैं कि स्लैट्स या तो इम्पैक्ट से पहले या जमीन पर विस्फोट के समय विस्तारित थे। पंखों के पिछले किनारों पर स्थित फ्लैप्स भी तैनात थे, भले वीडियो में स्पष्ट नहीं दिख रहे। बोइंग 787-8 विमानों में जब पायलट फ्लैप्स सक्रिय करते हैं, तो स्लैट्स अपने आप विस्तारित हो जाते हैं। 3. लैंडिंग गियर (यही दिक्कत का पहला संकेत): कॉकपिट से इन्हें समेटने की प्रक्रिया शुरू तो हुई, लेकिन यह पूरी नहीं हो सकी… आपातकालीन पावर जनरेटर सक्रिय हो गया था 4. झटका (यह बेहद असामान्य बात): विमान में झटका या साइड मूवमेंट नहीं दिखा, यानी दोनों इंजन एक साथ खराब हुए… ………………. अहमदाबाद प्लेन क्रैश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. पायलट ने 2000 से ज्यादा जानें बचाईं: कुछ सेकेंड पहले ही डाउन कर दिया था प्लेन, 3 सेकेंड की देरी से बहुत बड़ी तबाही होती अहमदाबाद में 12 जून को एअर इंडिया विमान हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या हजारों में हो सकती थी। हालांकि, कैप्टन सुमीत सभरवाल (56) की सूझबूझ की वजह से कई जानें बच गईं। सूत्रों के अनुसार, कैप्टन सुमीत काे जब ये अहसास हो गया कि वे विमान क्रैश होने से नहीं रोक सकेंगे तो उन्होंने जानबूझकर विमान को ऐसी जगह गिराया जहां नुकसान कम से कम हो। पूरी खबर पढ़ें…