हिमाचल के मंडी में 15 जगह बादल फटने के बाद बाढ़ में बहे 5 और शव बरामद हुए हैं। यहां मौत का आंकड़ा 10 पहुंच गया है। 32 लोग अभी भी लापता हैं। प्रशासन की टीमें लगातार लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। किन्नौर में भी मंगलवार को बादल फटा था, लेकिन यहां किसी की मौत की सूचना नहीं आई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज मंडी के धर्मपुर में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। मंडी के थुनाग, जंजैहली, बगशयाड़ और करसोग के करीब 100 गांवों में पिछले 32 घंटे से लाइट नहीं है। यहां टोटली ब्लैकआउट है। इसी तरह थुनाग और जंजैहली में किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क नहीं आ रहा है। बादल फटने की वजह से यहां टावरों को भी नुकसान पहुंचा है। इसलिए प्रशासन को यहां नुकसान की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। आज कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। जबकि, शिमला, मंडी, हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर में यलो अलर्ट है। 370 लोगों को रेस्क्यू किया गया
बादल फटने और लैंडस्लाइड से 24 घरों और 12 गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। करीब 30 घोड़े, गाय और बकरियों की भी मौत हो गई है। 50 से ज्यादा गाड़ियों और बाइकों के बहने की सूचना है। बिजनी में निर्माणाधीन टनल का एक हिस्सा टूट गया, जहां कार्यरत मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। SDRF पिछले 24 घंटे में 370 लोगों को रेस्क्यू कर चुकी है। CM बोले- 500 करोड़ का नुकसान
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि बादल फटने के बाद भारी बारिश से करीब 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। प्रदेशभर में 406 से ज्यादा सड़कें और 1515 से ज्यादा बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए हैं। 171 पेयजल योजनाओं को भी बाढ़ से नुकसान पहुंचा है। अकेले मंडी जिला में 300 से ज्यादा सड़कें बंद बताई जा रही हैं। कुल्लू-धर्मशाला में फटे थे बादल
24 जून को कुल्लू में 4 जगह और धर्मशाला के खनियारा में बादल फटने से बड़ा नुकसान हो चुका है। कुल्लू में बिहाली गांव में तीन लोग फ्लैश फ्लड में बह गए थे। इनमें से अब तक एक लड़की का ही शव मिला है। उधर, खनियारा में 8 मजदूर बाढ़ की चपेट में आ गए थे। इनमें से 7 के शव बरामद हुए हैं, जबकि एक अभी भी लापता है।
हिमाचल के मंडी में 15 जगह बादल फटने के बाद बाढ़ में बहे 5 और शव बरामद हुए हैं। यहां मौत का आंकड़ा 10 पहुंच गया है। 32 लोग अभी भी लापता हैं। प्रशासन की टीमें लगातार लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। किन्नौर में भी मंगलवार को बादल फटा था, लेकिन यहां किसी की मौत की सूचना नहीं आई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज मंडी के धर्मपुर में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। मंडी के थुनाग, जंजैहली, बगशयाड़ और करसोग के करीब 100 गांवों में पिछले 32 घंटे से लाइट नहीं है। यहां टोटली ब्लैकआउट है। इसी तरह थुनाग और जंजैहली में किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क नहीं आ रहा है। बादल फटने की वजह से यहां टावरों को भी नुकसान पहुंचा है। इसलिए प्रशासन को यहां नुकसान की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। आज कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। जबकि, शिमला, मंडी, हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर में यलो अलर्ट है। 370 लोगों को रेस्क्यू किया गया
बादल फटने और लैंडस्लाइड से 24 घरों और 12 गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। करीब 30 घोड़े, गाय और बकरियों की भी मौत हो गई है। 50 से ज्यादा गाड़ियों और बाइकों के बहने की सूचना है। बिजनी में निर्माणाधीन टनल का एक हिस्सा टूट गया, जहां कार्यरत मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। SDRF पिछले 24 घंटे में 370 लोगों को रेस्क्यू कर चुकी है। CM बोले- 500 करोड़ का नुकसान
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि बादल फटने के बाद भारी बारिश से करीब 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। प्रदेशभर में 406 से ज्यादा सड़कें और 1515 से ज्यादा बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए हैं। 171 पेयजल योजनाओं को भी बाढ़ से नुकसान पहुंचा है। अकेले मंडी जिला में 300 से ज्यादा सड़कें बंद बताई जा रही हैं। कुल्लू-धर्मशाला में फटे थे बादल
24 जून को कुल्लू में 4 जगह और धर्मशाला के खनियारा में बादल फटने से बड़ा नुकसान हो चुका है। कुल्लू में बिहाली गांव में तीन लोग फ्लैश फ्लड में बह गए थे। इनमें से अब तक एक लड़की का ही शव मिला है। उधर, खनियारा में 8 मजदूर बाढ़ की चपेट में आ गए थे। इनमें से 7 के शव बरामद हुए हैं, जबकि एक अभी भी लापता है।