मेरठ में ऑनर किलिंग की खौफनाक वारदात हुई है। यहां प्रेमी से बात करने पर नाराज मां ने नाबालिग बेटे के साथ मिलकर बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। लाश को ठिकाने लगाने के लिए मायके से लड़की के मामा, उसके बेटे और मौसी के बेटे को बुला लिया। मामा और ममेरे-मौसेरे भाई शव को चादर में लपेट कर कार से महरौली के जंगल ले गए। जहां पर मामा ने दरांती (हंसिया) से लड़की की गर्दन काटकर अलग कर दी। सिर और धड़ अलग-अलग प्लास्टिक की बोरी में भरा। मामा ने घर से 13 किमी दूर बहादुरपुर नहर में धड़ और वहां से 10 किमी दूर जानी नहर में सिर फेंक दिया। अगले दिन जब लोगों ने लाश देखी तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सिर कटी लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। मॉर्च्युरी में लड़की की सलवार की जेब में एक पर्ची मिली, जिसमें दो मोबाइल नंबर लिखे थे। इन मोबाइल नंबर से पुलिस जांच करते हुए दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव पहुंची। यहां शव की शिनाख्त आस्था उर्फ तनिष्का (17) के रूप में हुई। पुलिस लड़की के घर पहुंची तो मां ने बताया, वह बुधवार से लापता है। पुलिस को शक हुआ। मां और नाबालिग भाई को हिरासत में लेकर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो मां ने वारदात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने लड़की के मामा और ममेरे-मौसेरे भाइयों को हिरासत में ले लिया। लड़की का कटा सिर अभी तक नहीं मिल पाया है। लड़की के पिता रमेश सीआरपीएफ में छत्तीसगढ़ में तैनात हैं। मामला परतापुर थाना क्षेत्र का है। सलवार की जेब में प्रेमी का मोबाइल नंबर था
गुरुवार सुबह थाना क्षेत्र के बहादुरपुर से पूठ की तरफ जाने वाले नहर में ग्रामीणों ने लड़की की सिर कटी लाश देखी। पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया पर भी फोटो भेजे। शव की सलवार की जेब से एक पर्ची मिली। जिस पर दो मोबाइल नंबर लिखे हुए थे। पुलिस ने उन दोनों मोबाइल पर कॉल किया था तो वह नंगली गांव के अमन उर्फ गोलू के पिता और बहन का निकला। पुलिस ने अमन के पिता को लड़की की फोटो भेजी और जानकारी मांगी। मगर अमन के पिता ने लड़की को पहचानने से इनकार कर दिया। फिर पुलिस ने दूसरे नंबर पर फोन किया, ये नंबर अमन की बहन का था। इस नंबर से पुलिस की अमन से बात हुई। पुलिस ने कॉल की तो पहले तो अमन कुछ समझ नहीं पाया। पुलिस ने जब लड़की के बारे में बताया तो उसने कहा, छात्रा का नाम आस्था उर्फ तनिष्का है। वह दादरी गांव की रहने वाली है। कक्षा 12 में पढ़ती थी। मेरा उसके साथ अफेयर चल रहा था। इसी आधार पर पुलिस छात्रा के घर पहुंची और पूरे मामले का खुलासा हुआ। मां बोली- बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी, इसलिए मार डाला
पुलिस ने छात्रा की मां राकेश देवी और उसके दो नाबालिग भाई (14 और 11 साल) को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आस्था के शव की फोटो दिखाई तो पहचानने से मना कर दिया। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो मां ने जुर्म कबूल कर लिया। राकेश देवी ने बताया, मेरी बेटी आस्था अपने प्रेमी अमन के साथ शादी करने की जिद पर अड़ी थी। बुधवार को इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। हम दोनों के बीच बहस हो रही थी, तभी मेरा बड़ा बेटा बीच में बोल पड़ा। उसने मेरा पक्ष लिया तो आस्था ने उसके गाल पर तमाचे जड़ दिए। मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उसका गला दबा दिया। मेरे बेटे ने उसका मुंह दबा दिया। ताकि वह शोर न मचा पाए। करीब 10 मिनट बाद उसकी सांस रुक गई। बेटी की मौत हो जाने के बाद मैंने अपने पति को फोन कर घटना की जानकारी दी। फिर मैंने अपने मायके महरौली निवासी भाई कमल को फोन किया। भाई को घटना के बारे में बताया। रात करीब 9 बजे मेरा भाई कमल अपने बेटे मंजीत और मौसी के लड़के गौरव को साथ लेकर कार से घर पहुंचे। आस्था के शव को चादर में लपेट कर तीनों लोगों ने कार में रख लिया और ले गए। पुलिस ने मां, मामा और ममेरे भाई को जेल भेजा
आस्था के मामा कमल ने पूछताछ में बताया, कार से मैं अपने गांव के जंगल में अपने खेतों के पास पहुंचा। यहां मैंने पहले शराब पी। फिर दरांती से आस्था का गला काटकर सिर को धड़ से अलग कर दिया। सिर को प्लास्टिक की बोरी में पैक किया। फिर हम तीनों लोग कार से रजवाहे (नहर) के पास पहुंचे। जहां चादर में लिपटे आस्था के धड़ को फेंक दिया। फिर उसके सिर को गंग नहर में फेंककर घर आ गए। पुलिस ने आस्था की मां, मामा और ममेरे भाई को अरेस्ट कर जेल भेज दिया। जबकि उसके नाबालिग भाई को बाल सुधार गृह भेजा गया। 28 मई को प्रेमी के साथ भाई ने पकड़ा था
पुलिस पूछताछ में आस्था की मां ने बताया, 28 मई को मैं घर के बाहर गई थी। तभी आस्था से मिलने उसका प्रेमी आया था। जिसे मेरे बेटे ने देख लिया था। जब हम लोगों ने इस बारे में पूछा तो आस्था हम लोगों ने लड़ने लगी। उसे समझाया। मगर वह बोली, उसी लड़के से शादी करेगी। मैंने कहा- हम बात करेंगे। मगर वो बोली अभी करेंगे। एक दिन वह हाथों में मेहंदी लगाकर उस लड़के के साथ मंदिर भी गई थी। गंग नहर में छात्रा का सिर खोजती रही पुलिस
एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया, ममेरे भाई मंजीत उर्फ मोनू की निशानदेही पर आस्था के कटे हुए सिर की तलाश गुरुवार देर रात तक की। शुक्रवार को भी तलाश की जा रही है। पुलिस की एक टीम मोनू को साथ लेकर जानी गंग नहर के पास पहुंची। मगर सिर नहीं मिल सका था। पुलिस ने बताया, मौसेरे भाई गौरव की तलाश की जा रही है। हत्या में प्रयुक्त कार और दरांती को बरामद कर लिया गया है। एक साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
पुलिस के मुताबिक, तीन बच्चों में आस्था सबसे बड़ी थी। गांव सकौती के सूरजमल स्कूल में पढ़ रही थी। एक साल पहले फेसबुक पर उसकी दोस्ती नंगली गांव निवासी अमन से हुई थी। वह बीए की पढ़ाई कर रहा है। दोस्ती कुछ दिन बाद प्यार में बदल गई। दोनों चोरी छिपे मिलने लगे। दोनों के बीच शादी की बात हो गई। 28 मई को अमन छात्रा से मिलने उसके घर पहुंचा था। तब से आस्था का हर दिन परिवार के लोगों से झगड़ा होता रहता था। इससे परिजन गुस्से में थे। इसलिए, पूरी वारदात की। ……………….. ये खबर भी पढ़िए – लखनऊ में बच्ची से रेप का आरोपी एनकाउंटर में ढेर: मां के बगल से उठा ले गया था, रेप के बाद फेंका था लखनऊ में ढाई साल की बच्ची से दरिंदगी के आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। शुक्रवार तड़के गन्ना संस्थान के पास पुलिस ने आरोपी दीपक वर्मा को घेर लिया। पुलिस को देखते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लग गई। आलमबाग थाना पुलिस उसे नजदीकी अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कल यानी 4 जून की रात आरोपी आलमबाग मेट्रो स्टेशन के नीचे मां-बाप के साथ सो रही बच्ची का मुंह दबाकर उठा ले गया था। रात करीब ढाई बजे मेट्रो स्टेशन पर लगी लिफ्ट के दूसरी तरफ ले जाकर मासूम के साथ दरिंदगी की। बच्ची जब बेहोश हो गई तो उसे मरा समझकर फेंक कर भाग गया। पढ़ें पूरी खबर…
मेरठ में ऑनर किलिंग की खौफनाक वारदात हुई है। यहां प्रेमी से बात करने पर नाराज मां ने नाबालिग बेटे के साथ मिलकर बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। लाश को ठिकाने लगाने के लिए मायके से लड़की के मामा, उसके बेटे और मौसी के बेटे को बुला लिया। मामा और ममेरे-मौसेरे भाई शव को चादर में लपेट कर कार से महरौली के जंगल ले गए। जहां पर मामा ने दरांती (हंसिया) से लड़की की गर्दन काटकर अलग कर दी। सिर और धड़ अलग-अलग प्लास्टिक की बोरी में भरा। मामा ने घर से 13 किमी दूर बहादुरपुर नहर में धड़ और वहां से 10 किमी दूर जानी नहर में सिर फेंक दिया। अगले दिन जब लोगों ने लाश देखी तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सिर कटी लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। मॉर्च्युरी में लड़की की सलवार की जेब में एक पर्ची मिली, जिसमें दो मोबाइल नंबर लिखे थे। इन मोबाइल नंबर से पुलिस जांच करते हुए दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव पहुंची। यहां शव की शिनाख्त आस्था उर्फ तनिष्का (17) के रूप में हुई। पुलिस लड़की के घर पहुंची तो मां ने बताया, वह बुधवार से लापता है। पुलिस को शक हुआ। मां और नाबालिग भाई को हिरासत में लेकर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो मां ने वारदात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने लड़की के मामा और ममेरे-मौसेरे भाइयों को हिरासत में ले लिया। लड़की का कटा सिर अभी तक नहीं मिल पाया है। लड़की के पिता रमेश सीआरपीएफ में छत्तीसगढ़ में तैनात हैं। मामला परतापुर थाना क्षेत्र का है। सलवार की जेब में प्रेमी का मोबाइल नंबर था
गुरुवार सुबह थाना क्षेत्र के बहादुरपुर से पूठ की तरफ जाने वाले नहर में ग्रामीणों ने लड़की की सिर कटी लाश देखी। पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया पर भी फोटो भेजे। शव की सलवार की जेब से एक पर्ची मिली। जिस पर दो मोबाइल नंबर लिखे हुए थे। पुलिस ने उन दोनों मोबाइल पर कॉल किया था तो वह नंगली गांव के अमन उर्फ गोलू के पिता और बहन का निकला। पुलिस ने अमन के पिता को लड़की की फोटो भेजी और जानकारी मांगी। मगर अमन के पिता ने लड़की को पहचानने से इनकार कर दिया। फिर पुलिस ने दूसरे नंबर पर फोन किया, ये नंबर अमन की बहन का था। इस नंबर से पुलिस की अमन से बात हुई। पुलिस ने कॉल की तो पहले तो अमन कुछ समझ नहीं पाया। पुलिस ने जब लड़की के बारे में बताया तो उसने कहा, छात्रा का नाम आस्था उर्फ तनिष्का है। वह दादरी गांव की रहने वाली है। कक्षा 12 में पढ़ती थी। मेरा उसके साथ अफेयर चल रहा था। इसी आधार पर पुलिस छात्रा के घर पहुंची और पूरे मामले का खुलासा हुआ। मां बोली- बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी, इसलिए मार डाला
पुलिस ने छात्रा की मां राकेश देवी और उसके दो नाबालिग भाई (14 और 11 साल) को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आस्था के शव की फोटो दिखाई तो पहचानने से मना कर दिया। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो मां ने जुर्म कबूल कर लिया। राकेश देवी ने बताया, मेरी बेटी आस्था अपने प्रेमी अमन के साथ शादी करने की जिद पर अड़ी थी। बुधवार को इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। हम दोनों के बीच बहस हो रही थी, तभी मेरा बड़ा बेटा बीच में बोल पड़ा। उसने मेरा पक्ष लिया तो आस्था ने उसके गाल पर तमाचे जड़ दिए। मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उसका गला दबा दिया। मेरे बेटे ने उसका मुंह दबा दिया। ताकि वह शोर न मचा पाए। करीब 10 मिनट बाद उसकी सांस रुक गई। बेटी की मौत हो जाने के बाद मैंने अपने पति को फोन कर घटना की जानकारी दी। फिर मैंने अपने मायके महरौली निवासी भाई कमल को फोन किया। भाई को घटना के बारे में बताया। रात करीब 9 बजे मेरा भाई कमल अपने बेटे मंजीत और मौसी के लड़के गौरव को साथ लेकर कार से घर पहुंचे। आस्था के शव को चादर में लपेट कर तीनों लोगों ने कार में रख लिया और ले गए। पुलिस ने मां, मामा और ममेरे भाई को जेल भेजा
आस्था के मामा कमल ने पूछताछ में बताया, कार से मैं अपने गांव के जंगल में अपने खेतों के पास पहुंचा। यहां मैंने पहले शराब पी। फिर दरांती से आस्था का गला काटकर सिर को धड़ से अलग कर दिया। सिर को प्लास्टिक की बोरी में पैक किया। फिर हम तीनों लोग कार से रजवाहे (नहर) के पास पहुंचे। जहां चादर में लिपटे आस्था के धड़ को फेंक दिया। फिर उसके सिर को गंग नहर में फेंककर घर आ गए। पुलिस ने आस्था की मां, मामा और ममेरे भाई को अरेस्ट कर जेल भेज दिया। जबकि उसके नाबालिग भाई को बाल सुधार गृह भेजा गया। 28 मई को प्रेमी के साथ भाई ने पकड़ा था
पुलिस पूछताछ में आस्था की मां ने बताया, 28 मई को मैं घर के बाहर गई थी। तभी आस्था से मिलने उसका प्रेमी आया था। जिसे मेरे बेटे ने देख लिया था। जब हम लोगों ने इस बारे में पूछा तो आस्था हम लोगों ने लड़ने लगी। उसे समझाया। मगर वह बोली, उसी लड़के से शादी करेगी। मैंने कहा- हम बात करेंगे। मगर वो बोली अभी करेंगे। एक दिन वह हाथों में मेहंदी लगाकर उस लड़के के साथ मंदिर भी गई थी। गंग नहर में छात्रा का सिर खोजती रही पुलिस
एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया, ममेरे भाई मंजीत उर्फ मोनू की निशानदेही पर आस्था के कटे हुए सिर की तलाश गुरुवार देर रात तक की। शुक्रवार को भी तलाश की जा रही है। पुलिस की एक टीम मोनू को साथ लेकर जानी गंग नहर के पास पहुंची। मगर सिर नहीं मिल सका था। पुलिस ने बताया, मौसेरे भाई गौरव की तलाश की जा रही है। हत्या में प्रयुक्त कार और दरांती को बरामद कर लिया गया है। एक साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
पुलिस के मुताबिक, तीन बच्चों में आस्था सबसे बड़ी थी। गांव सकौती के सूरजमल स्कूल में पढ़ रही थी। एक साल पहले फेसबुक पर उसकी दोस्ती नंगली गांव निवासी अमन से हुई थी। वह बीए की पढ़ाई कर रहा है। दोस्ती कुछ दिन बाद प्यार में बदल गई। दोनों चोरी छिपे मिलने लगे। दोनों के बीच शादी की बात हो गई। 28 मई को अमन छात्रा से मिलने उसके घर पहुंचा था। तब से आस्था का हर दिन परिवार के लोगों से झगड़ा होता रहता था। इससे परिजन गुस्से में थे। इसलिए, पूरी वारदात की। ……………….. ये खबर भी पढ़िए – लखनऊ में बच्ची से रेप का आरोपी एनकाउंटर में ढेर: मां के बगल से उठा ले गया था, रेप के बाद फेंका था लखनऊ में ढाई साल की बच्ची से दरिंदगी के आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। शुक्रवार तड़के गन्ना संस्थान के पास पुलिस ने आरोपी दीपक वर्मा को घेर लिया। पुलिस को देखते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लग गई। आलमबाग थाना पुलिस उसे नजदीकी अस्पताल ले गई। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कल यानी 4 जून की रात आरोपी आलमबाग मेट्रो स्टेशन के नीचे मां-बाप के साथ सो रही बच्ची का मुंह दबाकर उठा ले गया था। रात करीब ढाई बजे मेट्रो स्टेशन पर लगी लिफ्ट के दूसरी तरफ ले जाकर मासूम के साथ दरिंदगी की। बच्ची जब बेहोश हो गई तो उसे मरा समझकर फेंक कर भाग गया। पढ़ें पूरी खबर…